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'जानवरों की दुर्दशा के प्रति असंवेदनशीलता से स्तब्ध' केरल हाईकोर्ट ने टस्कर 'एरीकोम्बन' के ट्रांसफर में हस्तक्षेप से इनकार किया
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को जंगली टस्कर 'अरीकोम्बन' को परम्बिकुलम टाइगर रिजर्व में ट्रांसफर करने के अपने पहले के निर्देश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इस संबंध में विधायक के बाबू ने मानव बस्तियों में प्रवेश करने के बारे में हाथी के प्रस्तावित स्थल के पास निवासियों की आशंकाओं का हवाला देते हुए याचिका दायर की थी।अदालत ने 5 अप्रैल को एक्सपर्ट कमेटी की सलाह पर हाथी को शांत करने और रेडियो कॉलर के साथ परम्बिकुलम टाइगर रिजर्व में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया, क्योंकि अनयिरंगल क्षेत्र के...
अनपढ़ POCSO अपराधियों के मामले में यह नियम लागू करना कि कानून की अज्ञानता कोई बहाना नहीं, अन्यायपूर्ण : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में POCSO अधिनियम के सख्त प्रावधानों को लागू करने के बाद होने वाली विनाशकारी जमीनी वास्तविकताओं को उजागर करने के लिए भारत के लोगों, विशेष रूप से मध्य प्रदेश में साक्षरता दर की एक गंभीर तस्वीर पेश की। जस्टिस अतुल श्रीधरन की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा कि निरक्षरता इतनी अधिक है कि लोग POCSO अधिनियम के कठोर प्रावधानों को पढ़ने या समझने में असमर्थ हैं और इस तरह, जब सरकार अपने लोगों की निरक्षरता को नियंत्रित करने में विफल रही है तो इसे लागू करना अन्यायपूर्ण है। इसके...
सिर पर मैला ढोने पर रोक : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों के साथ बैठक बुलाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव से जल्द से जल्द हाथ से मैला ढोने वालों के रोजगार को रोकने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने के लिए सामाजिक न्याय के प्रभारी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों के साथ बैठक बुलाने को कहा। । जस्टिस रवींद्र भट और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ ने एमिकस क्यूरी और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को भी निर्देश दिया कि वे अदालत को बैठक के लिए संभावित 'चर्चा बिंदु' बताएं। न्यायालय देश में...
मराठी रैपर राजेश मुंगसे पर एकनाथ शिंदे सरकार के खिलाफ 'अपमानजनक सॉन्ग' पर मामला दर्ज, 25 अप्रैल तक गिरफ्तारी से सुरक्षा
कल्याण कोर्ट ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ एक कथित अपमानजनक गाने के लिए मराठी रैपर राजेश मुंगसे को 25 अप्रैल तक गिरफ्तारी से संरक्षण दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरजी वाघमारे ने मुंगसे की अग्रिम जमानत अर्जी पर महाराष्ट्र पुलिस से जवाब मांगा।युवसेना कोर कमेटी के सदस्य स्नेहल कांबले ने शिवाजी नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई कि मुंगसे का गाना भाजपा-शिवसेना सरकार का अपमान करता है।राजेश मुंगसे के खिलाफ आईपीसी की धारा 501 (मानहानिकारक के रूप में जाना जाने वाला प्रिंटिंग...
सुप्रीम कोर्ट ने LGBTQIA+ समुदाय और लैंगिकता संवेदीकरण को शामिल करने के लिए कदम उठाए
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के निर्देश के तहत सुप्रीम कोर्ट परिसर के भीतर LGBTQIA+ समुदाय को शामिल करने की दिशा में कदम उठा रहा है। न्यायालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मुख्य भवन के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त भवन परिसर में विभिन्न स्थानों पर नौ सार्वभौमिक विश्राम कक्ष बनाए जा रहे हैं। इस साल की शुरुआत में लॉन्च किए गए ऑनलाइन अपीयरेंस पोर्टल को भी जेंडर न्यूट्रल बनाया गया है।सीनियर एडवोकेट डॉ मेनका गुरुस्वामी को लिंग संवेदीकरण और आंतरिक शिकायत...
लोक सेवक के खिलाफ भ्रष्ट आचरण के आरोप को दुर्भावना साबित किए बिना मानहानिकारक नहीं माना जा सकता: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि प्रत्येक नागरिक को सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के उन कृत्यों पर टिप्पणी करने का अधिकार है, जो देश के नागरिक के रूप में उससे संबंधित हैं, बशर्ते कि वह टिप्पणी द्वेष और बदनामी के आवरण ना ओढ़े हो।जस्टिस जावेद इकबाल वानी ने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित शिकायत और उससे होने वाली कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी।इस...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विधि आयोग से पॉक्सो एक्ट में संशोधन का सुझाव देने का आग्रह किया, कहा- विवाह जैसे मामलों में जेल की सजा के बजाय सुधारात्मक उपायों की अनुमति दी जाए
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत एक अभियुक्त की जमानत अर्जी पर निर्णय करते हुए भारत के विधि आयोग से अनुरोध किया कि वह अधिनियम में उपयुक्त संशोधन का सुझाव दे ताकि विशेष पॉक्सो जज दोषियों को कारावास की सजा के बजाय सुधारात्मक तरीके लागू कर सकें, खासकर तब जब अभियुक्त और पीड़िता ने शादी कर ली हो।जस्टिस अतुल श्रीधरन की एकल न्यायाधीश पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि अधिनियम 'बलात्कार' (सहमति के बिना) और 'वैधानिक बलात्कार' (सहमति के साथ किया गया रेप,...
ईद और परशुराम जयंती से पहले, गुजरात हाईकोर्ट में जनहित याचिका में धार्मिक जुलूसों के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग
गुजरात हाईकोर्ट में 22 अप्रैल को ईद और परशुराम जयंती के आगामी त्योहारों से पहले एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें राज्य में हिंसा की किसी भी घटना को रोकने के लिए धार्मिक जुलूसों के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की गई है। यह जनहित याचिका 36 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता अज़जखान हामिदखान पठान द्वारा दायर की गई है, जिसमें गुजरात सरकार के साथ-साथ गुजरात पुलिस पर किसी भी सार्वजनिक रैली और धार्मिक जुलूस, त्योहार के समय उचित सुरक्षा प्रदान नहीं करने में निष्क्रियता का आरोप लगाया गया है।मामले को...
एनडीपीएस मामले में दोषी ठहराया गया व्यक्ति 17 साल बाद बरी, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 50 का पालन न करना बरी होने के लिए पर्याप्त
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 2005 में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बरी करते हुए कहा कि अधिनियम की धारा 50 का पालन न करने से बरी होने के लिए पर्याप्त मामला बनता है।जस्टिस आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि,"अपीलकर्ता को उसके कानूनी अधिकार (राजपत्रित अधिकारी या मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तलाशी लेने) के बारे में सूचित नहीं किया गया था, इसलिए अधिनियम, 1985 की धारा 50 का पालन न करना बरी होने के लिए पर्याप्त मामला बनाता है।"विशेष सत्र न्यायाधीश, चंपावत द्वारा 2005 में अभियुक्तों को दोषसिद्धि के...
सुप्रीम कोर्ट के एक और जज ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद की सुनवाई से खुद को अलग किया
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश कर्नाटक के रहने वाले जस्टिस अरविंद कुमार ने बुधवार को महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों के बीच सीमा विवाद से संबंधित मुकदमे की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।जस्टिस एसके कौल, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस अरविंद कुमार की खंडपीठ के समक्ष यह मामला सूचीबद्ध किया गया था ।सीनियर एडवोकेट सीएस वैद्यनाथन ने इस मामले का उल्लेख किया और पीठ को अवगत कराया कि अतीत में दो राज्यों (महाराष्ट्र और कर्नाटक) के कुछ न्यायाधीशों ने स्वयं सुनवाई से इनकार कर दिया था।खंडपीठ ने वर्तमान...
राज्यसभा सांसद सुशील मोदी द्वारा दायर मानहानि मामले में पटना कोर्ट ने राहुल गांधी को 25 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया
पटना कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी द्वारा दायर मानहानि मामले में बुधवार को अदालत में पेश होने में विफल रहने के बाद 25 अप्रैल को पेश होने का एक और मौका दिया है। एसीजेएम सह विशेष न्यायाधीश, एमपी/एमएलए कोर्ट आदि देव ने यह आदेश गांधी के वकील अंशुल कुमार द्वारा अदालत को सूचित किए जाने के बाद पारित किया कि उनकी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह अदालत के 18 मार्च के आदेश के अनुसार पेश नहीं हो सके।एमपी मोदी ने 2019 में गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (मानहानि) की...
मानहानि का मामला | अपील दायर करने के लिए कांग्रेस नेताओं को लाना राहुल गांधी का दबाव बनाने का 'अपरिपक्व कार्य': सूरत कोर्ट में पूर्णेश मोदी ने कहा
गुजरात की सूरत कोर्ट में मानहानी मामले में दायर राहुल गांधी की अपील पर शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी ने आज अपना जवाब दाखिल किया। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा अपील दायर करते समय कांग्रेस के कई नेताओं को लाने को उनका कोर्ट पर दबाव बनाने का 'अपरिपक्व कृत्य' बताया।उल्लेखनीय है कि मोदी सरनेम टिप्पणी मामले में मानहानि के दोषी करार दिए गए राहुल गांधी ने सूरत की कोर्ट में अपील दायर की है, पूर्णेश मोदी ने उसी पर जवाब दायर किया है।भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने सत्र अदालत के समक्ष दायर अपने जवाब में कहा कि...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट दोहराया-सीआरपीसी की धारा 391 के तहत अतिरिक्त साक्ष्य के प्रावधान का विवेकपूर्ण उपयोग करें; प्रच्छन्न री-ट्रायल के खिलाफ चेतावनी दी
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया है कि सीआरपीसी की धारा 391 के तहत शक्तियों का प्रयोग विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए, न कि केवल पूछने के लिए, और अतिरिक्त साक्ष्य मामले को फिर से ट्रायल करने या आरोपों को बदलने का तरीका नहीं होना चाहिए।जस्टिस ज्योत्सना रेवल दुआ ने कहा,"आरोपी व्यक्तियों (प्रतिवादी संख्या 2 और 3) के बरी होने के पूरे 13 साल बाद ट्रायल समाप्त हो गया है। आवेदन में की गई प्रार्थना को अनुमति देने से अभियुक्तों के लिए बहुत पूर्वाग्रह पैदा होगा, क्योंकि यह वास्तव में फिर से मुकदमा...
[एससी/एसटी एक्ट] विशेष न्यायालय द्वारा जमानत अस्वीकृति के खिलाफ वैधानिक अपील दायर की जा सकती है, सीआरपीसी की धारा 438 और 439 के तहत हाईकोर्ट का रुख नहीं कर सकते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर स्थित पीठ ने बुधवार को कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत एक अपराध में हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 438 (गिरफ्तारी की आशंकाग्रस्त व्यक्ति को जमानत देने का निर्देश) या 439 (जमानत के संबंध में हाईकोर्ट या सत्र न्यायालय की विशेष शक्तियां) के तहत दायर आवेदनों पर विचार नहीं कर सकता है।अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 14ए (2) (अपील) के निहित रूप से हाईकोर्ट की उस शक्ति को छीन लेती है।न्यायालय ने तर्क दिया कि...
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने परफॉर्मेंस आधारित इंसेनटिव से आयुष डॉक्टरों को बाहर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज की
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में एमबीबीएस डॉक्टरों को दिए जाने वाले परफॉर्मेंस आधारित इंसेनटिव देने से आयुष डॉक्टरों को बाहर करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने से इनकार कर दिया। अवमानना याचिका हाईकोर्ट के 2014 के एक फैसले पर आधारित थी जिसमें कहा गया था कि आयुष डॉक्टर और एमबीबीएस डॉक्टर समान भूमिका निभाते हैं और उनका सामान्य उद्देश्य मरीजों का इलाज करना है, इसलिए उनके वेतनमान में असमानता नहीं हो सकती।...
आबकारी नीति : दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विजय नायर की जमानत याचिका पर ईडी से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी की आबकारी नीति 2021-22 के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में आम आदमी पार्टी के संचार प्रभारी विजय नायर द्वारा दायर जमानत याचिका पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा। जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने नायर की याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले को 19 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।एडवोकेट समुद्र सारंगी के माध्यम से दायर अपनी याचिका में नायर ने प्रस्तुत किया है कि उनकी "राजनीतिक संबद्धता" के कारण उन्हें पीड़ित किया जा रहा है और जांच एजेंसियों...
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने पर विचार करने की याचिका पर केंद्र, दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने पर विचार करने के लिए दिशा-निर्देश मांगने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा। बार काउंसिल ऑफ दिल्ली की ओर से पेश एडवोकेट केसी मित्तल ने जस्टिस प्रतिभा एम सिंह को बताया कि एडवोकेट बॉडी और सभी जिला अदालतों के बार संघों की समन्वय समिति एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में हैं।मित्तल ने प्रस्तुत किया कि बीसीडी और समन्वय समिति उपराज्यपाल वीके सक्सेना, मुख्यमंत्री...
‘अपने संशोधित उपनियमों के अपडेट के लिए AIADMK के प्रतिनिधित्व पर 10 दिन के भीतर निर्णय लें’: दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने भारत के चुनाव आयोग को संवैधानिक निकाय के रिकॉर्ड के साथ अपने संशोधित उपनियमों को अपडेट करने के लिए अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के प्रतिनिधित्व पर 10 दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया।ईसीआई का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव से कहा कि आयोग 10 दिनों के भीतर अभ्यावेदन पर विचार करेगा।अदालत ने राजनीतिक दल और उसके अंतरिम महासचिव थिरु के पलानीस्वामी द्वारा ईसीआई के प्रतिनिधित्व पर विचार करने और 11 जुलाई, 2022...
पेश होने के बाद भी परित्याग के आरोपों का खंडन नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने तलाक के फैसले के खिलाफ पत्नी की अपील खारिज की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर एक महिला की याचिका को रद्द कर दिया। फैमिली कोर्ट ने परित्याग के आधार पर तलाक की अनुमति दी और पत्नी याचिका में पति की ओर से दिए गए बयानों का भी जवाब नहीं दे पाई।जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विजयकुमार ए पाटिल की खंडपीठ ने कहा, "यह सामान्य कानून है कि यदि किसी गवाह से दूसरे पक्ष जिरह नहीं करता तो उसकी गवाही को स्वीकार कर लिया गया माना जाता है।"फैमिली कोर्ट ने 18 सिंतंबर 2016 के आदेश के जरिए हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13(1)(आईबी) के तहत...
सर्विस चार्ज पर उपभोक्ताओं को गुमराह करने के लिए अंतरिम स्टे का उपयोग न करें : दिल्ली हाईकोर्ट ने होटल, रेस्तरां से कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के दिशानिर्देशों पर रोक लगाने वाला उसका अंतरिम आदेश, जो होटल और रेस्तरां को बिल पर डिफ़ॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज लगाने से रोकता है, वह इस तरह मेन्यू कार्ड पर या डिस्प्ले बोर्ड नहीं दिखाया जाएगा जिससे उपभोक्ता गुमराह हों कि सर्विस चार्ज अदालत द्वारा अनुमोदित किया गया है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह की बेंच फेडरेशन ऑफ होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया और नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा सीसीपीए के...



















