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अगर अविवाहित मुस्लिम बेटी सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की हकदार नहीं है तो फैमिली कोर्ट मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत दावे पर विचार कर सकता है : केरल हाईकोर्ट
अगर अविवाहित मुस्लिम बेटी सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की हकदार नहीं है तो फैमिली कोर्ट मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत दावे पर विचार कर सकता है : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि अगर सीआरपीसी की धारा 125 के तहत एक अविवाहित मुस्लिम बेटी (जिसने वयस्कता प्राप्त कर ली है) द्वारा किए गए भरण-पोषण का दावा वैध नहीं है, तो वही दावा मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत किया जा सकता है और फैमिली कोर्ट कार्यवाही की बहुलता को रोकने के लिए इस पर विचार कर सकता है।जस्टिस अलेक्जेंडर थॉमस और जस्टिस जियाद रहमान की खंडपीठ ने कहा किः ‘‘हम मानते हैं कि एक बालिग अविवाहित मुस्लिम बेटी के लिए, जो किसी भी शारीरिक या मानसिक असामान्यता या चोट से पीड़ित नहीं है, जैसा कि...

अदालतों की रक्षा करना आपका कर्तव्य है, जिला न्यायपालिका मां के समान है : कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम ने वकीलों से कहा
अदालतों की रक्षा करना आपका कर्तव्य है, जिला न्यायपालिका मां के समान है : कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम ने वकीलों से कहा

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (एसीजे) टीएस शिवगणनाम ने शनिवार को अलीपुरद्वार जिले में नए अदालत परिसर के शिलान्यास समारोह में बोलते हुए कहा कि अदालतों, न्यायाधीशों और वादियों की रक्षा करना बार के सदस्यों का कर्तव्य है। जलपाईगुड़ी जिले से अलीपुरद्वार जिले में न्यायपालिका के विभाजन के बाद नए अलीपुरद्वार जिला न्यायालय परिसर के लिए एक नया न्यायालय भवन बनाया जाना तय है।अलीपुरद्वार जिले को 2014 में पश्चिम बंगाल के 20वें जिला बनाया गया था।एसीजे ने आगे कहा कि बार और न्यायपालिका के सदस्यों को यह सुनिश्चित...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
धारा 11 सीपीसी | पार्टी अपने खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्षों को अपने पक्ष में तय किए गए मुकदमे में चुनौती नहीं दे सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में कहा था कि कोई पक्ष निचली अदालत द्वारा उनके पक्ष में दिए गए मुकदमे में उनके खिलाफ दर्ज किए गए प्रतिकूल निष्कर्षों को चुनौती नहीं दे सकता है।जस्टिस प्रणय वर्मा की पीठ ने आगे कहा कि पार्टी के खिलाफ इस तरह के निष्कर्ष बाद के मुकदमे में Res Judicata के रूप में काम नहीं करेंगे-Res Judicata की प्रयोज्यता की प्राथमिक आवश्यकता यह है कि उठाए गए मुद्दे को सुना जाना चाहिए और अंत में न्यायालय द्वारा पूर्व मुकदमे में निर्णय लिया जाना चाहिए। अंत में निर्णय का...

दोषी कर्मचारी के खिलाफ जांच रिपोर्ट ठोस साक्ष्य पर आधारित होनी चाहिए: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सीआरपीएफ कर्मी की बहाली को बरकरार रखा
दोषी कर्मचारी के खिलाफ जांच रिपोर्ट ठोस साक्ष्य पर आधारित होनी चाहिए: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सीआरपीएफ कर्मी की बहाली को बरकरार रखा

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में एक एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा, जिसने इस आधार पर सीआरपीएफ कर्मियों की बर्खास्तगी को खारिज कर दिया कि जांच अधिकारी के निष्कर्ष किसी भी ठोस सबूत पर आधारित नहीं थे और उक्त कर्मियों को बचाव का अवसर नहीं दिया गया था।चीफ जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस पार्थिव ज्योति सैकिया की खंडपीठ ने कहा:"कमांडेंट ने 30.09.2008 के आदेश के तहत जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों को बिना किसी महत्वपूर्ण चर्चा के स्वीकार कर लिया और अपराधी अधिकारी (डीओ) द्वारा की गई स्वीकारोक्तियों पर भी भरोसा...

गैंगस्टर एक्ट केस : यूपी कोर्ट ने बसपा सांसद अफजल अंसारी को दोषी ठहराया और चार साल की सजा, लोकसभा सदस्यता होगी समाप्त
गैंगस्टर एक्ट केस : यूपी कोर्ट ने बसपा सांसद अफजल अंसारी को दोषी ठहराया और चार साल की सजा, लोकसभा सदस्यता होगी समाप्त

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से बसपा सांसद, पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी को शनिवार को गैंगस्टर एक्ट मामले में दोषी ठहराया गया और चार साल की जेल की सजा सुनाई गई। गाजीपुर के सांसद/विधायक कोर्ट ने अपने भाई मुख्तार अंसारी के साथ मामले में दोषी ठहराए जाने के कुछ ही पलों बाद सजा सुनाई। अब, अनुच्छेद 102 सहपठित जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 (3) में निहित प्रावधानों के आधार पर अंसारी लोकसभा के सदस्य होने के लिए अयोग्य हैं।वर्ष 1996 में विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी नंदकिशोर...

मानहानि का मामला : यदि दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगी तो राजनीतिक करियर के 8 साल खो देंगे: राहुल गांधी के लिए गुजरात हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट अभिषेक सिंघवी ने कहा
मानहानि का मामला : यदि दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगी तो राजनीतिक करियर के 8 साल खो देंगे': राहुल गांधी के लिए गुजरात हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट अभिषेक सिंघवी ने कहा

कांग्रेस नेता और अयोग्य सांसद राहुल गांधी की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका में गुजरात हाईकोर्ट के समक्ष पेश होते हुए सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने शनिवार को तर्क दिया कि दोषसिद्धि पर रोक न लगाने पर राहुल गांधी के लिए अपरिवर्तनीय परिणाम होंगे और वह उस अवधि के लिए अयोग्य हो जाएंगे जिसे वस्तुतः अर्ध-स्थायी अवधि कहा जा सकता है। सीनियर एडवोकेट सिघवी ने दृढ़ता से तर्क दिया कि कथित अपराध में नैतिक अधमता का तत्व शामिल नहीं था, यह एक संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-गंभीर अपराध था और इसलिए दोषसिद्धि को...

गलत निर्णय के लिए जज पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तभी की जा सकती है, जब बाहरी बातों के ठोस सबूत हों: पटना हाईकोर्ट
गलत निर्णय के लिए जज पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तभी की जा सकती है, जब बाहरी बातों के "ठोस सबूत" हों: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा,"एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ एक गलत आदेश के लिए विभागीय करना न्यायपालिका की किसी बिमारी, या किसी सरकारी विभाग की किसी समस्या का इलाज नहीं हो सकता। वास्तव में, लापरवाह कार्यवाही केवल न्यायपालिका के मनोबल को कम करती है।”पटना हाईकोर्ट ने एक महिला न्यायिक अधिकारी को बरी के फैसले को पारित करने में 'लापरवाही' बरतने के आरोपों में राहते देते हुए उक्त टिप्पणी की।जस्टिस आशुतोष कुमार और जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ ने महिला न्यायिक अधिकारी को दी...

गैंगस्टर एक्ट मामले में यूपी कोर्ट ने पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को दोषी ठहराया, 10 साल की सजा सुनाई, 5 लाख का जुर्माना भी लगाया
गैंगस्टर एक्ट मामले में यूपी कोर्ट ने पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को दोषी ठहराया, 10 साल की सजा सुनाई, 5 लाख का जुर्माना भी लगाया

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में सांसद/विधायक कोर्ट ने आज गैंगस्टर एक्ट मामले में पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया। उन्हें 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। उन पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।अंसारी पर साल 1996 में विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी नंदकिशोर रूंगटा के अपहरण और वर्ष 2005 में भारतीय जनता पार्टी के विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में शामिल होने के आरोप में गैंगस्टर अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पिछले साल दिसंबर में भी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की एक अदालत...

जब समझौते में ब्याज का प्रावधान नहीं तो मध्यस्थ पूर्व-अवार्ड ब्याज नहीं दे सकता : दिल्ली हाईकोर्ट
जब समझौते में ब्याज का प्रावधान नहीं तो मध्यस्थ पूर्व-अवार्ड ब्याज नहीं दे सकता : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने दोहराया है कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 ( ए एंड सी अधिनियम) की धारा 31(7)(ए ) के तहत पूर्व-अवार्ड ब्याज देने के लिए मध्यस्थ ट्रिब्यूनलों की शक्तियों पर पक्षकारों के बीच समझौते की प्रधानता होगी ।जस्टिस चंद्र धारी सिंह की पीठ ने कहा कि चूंकि पक्षकारों के बीच समझौते में विशेष रूप से प्रावधान किया गया था कि अनुबंध के तहत अर्जित राशि पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा, इसने मध्यस्थ की शक्ति को विचलित करने और अपनी ब्याज दर देने की शक्ति को छीन लिया।यह देखते हुए कि मध्यस्थ ट्रिब्यूनल...

दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनव बिंद्रा, एमएम सोमाया को स्पोर्ट्स फेडेरेशन को धन के संवितरण की देखरेख के लिए कमेटी में नियुक्त किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनव बिंद्रा, एमएम सोमाया को स्पोर्ट्स फेडेरेशन को धन के संवितरण की देखरेख के लिए कमेटी में नियुक्त किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने विभिन्न स्पोर्ट्स फेडेरेशन को केंद्र सरकार द्वारा जारी धन के संवितरण की देखरेख के लिए गठित समिति में दो खिलाड़ियों को शामिल किया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि धन का इस्तेमाल केवल 23 सितंबर से 08 अक्टूबर तक चीन में होने वाले आगामी एशियाई खेलों में खिलाड़ियों की बेहतरी और प्रशिक्षण के लिए ही किया जाए। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की एक खंडपीठ ने निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और फील्ड हॉकी खिलाड़ी एमएम सोमाया को समिति के सदस्यों के रूप में...

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्ति आयु समानता के लिए को-ऑपरेटिव सोसाइटी के कर्मचारियों की याचिका खारिज की
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्ति आयु समानता के लिए को-ऑपरेटिव सोसाइटी के कर्मचारियों की याचिका खारिज की

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के बराबर सेवानिवृत्ति की आयु की मांग करने वाली को-ऑपरेटिव सोसाइटी के कर्मचारियों की याचिका बुधवार को खारिज कर दी।जस्टिस संजय धर ने कहा कि को-ऑपरेटिव सोसाइटी अपने स्वयं के नियमों और विनियमों द्वारा शासित स्वायत्त संस्थाएं हैं, इसलिए उनके कर्मचारी सरकार के कर्मचारियों के साथ सेवा शर्तों में समानता की मांग नहीं कर सकते, जब तक कि निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित न हो।पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसके तहत याचिकाकर्ताओं ने एसआरओ 233 द्वारा जारी...

केरल कोर्ट ने नाबालिग रोगी के यौन शोषण के आरोपी क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट को सजा सुनाई
केरल कोर्ट ने नाबालिग रोगी के यौन शोषण के आरोपी क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट को सजा सुनाई

केरल की एक अदालत ने एक 13 वर्षीय लड़के के यौन उत्पीड़न के लिए क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है, जो उसके द्वारा चलाए जा रहे कन्सल्टिंग रूम सेंटर में उससे कन्सल्टिंग रूम करता था।आरोपी डॉ. गिरीश के. के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत यह दूसरा ऐसा मामला है, जिसमें उसे दोषी ठहराया गया। पिछले साल कोर्ट ने गिरीश को काउंसलिंग सेशन के दौरान एक और नाबालिग लड़के के साथ दुर्व्यवहार के लिए छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी और साथ ही 1 लाख...

JEE Mains | मिनिमम 75% एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया साउंड पॉलिसी डिसीजन, नो थर्ड सेशन ऑफ मेन्स 2023 एग्जाम इन मई: बॉम्बे हाईकोर्ट में एनटीए ने कहा
JEE Mains | मिनिमम 75% एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया साउंड पॉलिसी डिसीजन, नो थर्ड सेशन ऑफ मेन्स 2023 एग्जाम इन मई: बॉम्बे हाईकोर्ट में एनटीए ने कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनएटी) ने बताया कि एनआईटी, आईआईआईटी, सीएफटीआई/जीएफटीआई में एडमिशन के लिए कक्षा 12 के बोर्ड एग्जाम में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंकों का पात्रता मानदं अच्छा, सुविचारित नीतिगत निर्णय है।एनटीए के निदेशक विनोद कुमार साहू ने दायर हलफनामे में कहा,"यह सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया जाता है कि एनआईटी अन्य सीएफटीआई / जीएफटीआई में एडमिशन के लिए संबंधित बोर्ड द्वारा आयोजित कक्षा 12/योग्यता परीक्षा में न्यूनतम 75% अंक हासिल करने या कक्षा 12 परीक्षा में शीर्ष 20 प्रतिशत में...

फिरौती का पत्र साबित नहीं हुआ; अपहृत बच्चे को गुप्त रूप से और गलत तरीके से कैद में रखा गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 364ए के तहत सजा को धारा 365 आईपीसी में बदला
'फिरौती का पत्र साबित नहीं हुआ; अपहृत बच्चे को गुप्त रूप से और गलत तरीके से कैद में रखा गया': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 364ए के तहत सजा को धारा 365 आईपीसी में बदला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में फिरौती के लिए अपहरण (आईपीसी की धारा 364ए) के मामले में 11 साल के लड़के का अपहरण करने वाले दो लोगों की सजा को गुप्त रूप से और गलत तरीके से एक व्यक्ति को बंधक बनाने के इरादे से अपहरण (धारा 365 आईपीसी) में बदल दिया है। इस आधार पर कि बच्चे के पिता को फिरौती के लिए भेजा गया कथित पत्र अभियोजन पक्ष द्वारा साबित नहीं हुआ। रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए, चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस नलिन कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता के बेटे के...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने रामनवमी हिंसा मामले को एनआईए को ट्रांसफर किया, कहा-रैलियों, धार्मिक समारोहों में अक्सर विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जा रहा है
कलकत्ता हाईकोर्ट ने रामनवमी हिंसा मामले को एनआईए को ट्रांसफर किया, कहा-रैलियों, धार्मिक समारोहों में अक्सर विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जा रहा है

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले महीने पश्चिम बंगाल में रामनवमी पर हुई हिंसा की घटनाओं की जांच एनआईए को ट्रांसफर कर दी है। कोर्ट ने फैसले में कहा, रैलियों और धार्मिक समारोहों में विस्फोटक पदार्थों का उपयोग और बम फेंकना नियमित विशेषताएं बन गई हैं। कार्यवाहक चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम और जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की पीठ ने कहा कि बंगाल में अप्रैल 2021 से कम से कम बारह ऐसी हिंसक घटनाएं हुई हैं, जिनमें हथियार, गोला-बारूद और बम का इस्तेमाल किया गया, जिससे जीवन और सार्वजनिक संपत्तियों का भारी क्षति हुई...

सुप्रीम कोर्ट में पेश मेरे टीवी इंटरव्यू की ट्रांसक्रिप्शन कॉपी मुझे आधी रात तक उपलब्ध कराएं: जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट में पेश मेरे टीवी इंटरव्यू की ट्रांसक्रिप्शन कॉपी मुझे आधी रात तक उपलब्ध कराएं': जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को निर्देश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने आज सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को निर्देश दिया कि वह आधी रात तक उन्हें उनके द्वारा मीडिया में दिए गए साक्षात्कार की ट्रांसक्रिप्ट कॉपी उपलब्ध कराएं, जिसे सुप्रीमकोर्ट के समक्ष रखा गया था।जिसके बाद चीफ जस्टिस ऑफ इंड‌िया के नेतृत्व वाली बेंच ने कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस को राज्य में प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले (जिसकी सुनवाई वर्तमान में जस्टिस गंगोपाध्याय के कोर्ट में सुनवाई हो रही है) से संबंधित मामले को किसी और जज को सौंपने...

शराब नीति: दिल्ली कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार किया
शराब नीति: दिल्ली कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार किया

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राष्ट्रीय राजधानी की 2021-22 की आबकारी नीति के कार्यान्वयन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने यह आदेश सुनाया। सीनियर एडवोकेट दयान कृष्णन ने सिसोदिया का प्रतिनिधित्व किया जबकि जोहेब हुसैन ने प्रवर्तन निदेशालय का प्रतिनिधित्व किया।सिसोदिया फिलहाल सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं।उन्हें...