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पति के परिवार के सदस्यों को परेशान करने के लिए आईपीसी की धारा 498ए का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है: गुजरात हाईकोर्ट ने 86 वर्षीय महिला के खिलाफ एफआईआर रद्द की
पति के परिवार के सदस्यों को परेशान करने के लिए आईपीसी की धारा 498ए का 'बड़े पैमाने पर दुरुपयोग' किया जा रहा है: गुजरात हाईकोर्ट ने 86 वर्षीय महिला के खिलाफ एफआईआर रद्द की

गुजरात हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि पति के परिवार के सदस्यों को परेशान करने के लिए शिकायतकर्ताओं द्वारा आईपीसी की धारा 498ए का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है, एक वृद्ध महिला के खिलाफ एफआईआर को रद्द कर दिया है। ज‌स्टिस संदीप एन. भट्ट ने कहा कि एफआईआर से 86 वर्षीय बुजुर्ग को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा और आगे की कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी गई तो कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा।पीठ ने कहा, अदालत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपराधिक अभियोजन का इस्तेमाल उत्पीड़न के साधन के...

[धारा 55 एनडीपीएस एक्ट] अभियोजन प्रतिबंधित सामग्री की सुरक्षित कस्टडी साबित करने के लिए बाध्य, अनुपालन ना हो तो आरोपी बरी होगा: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
[धारा 55 एनडीपीएस एक्ट] अभियोजन प्रतिबंधित सामग्री की 'सुरक्षित कस्टडी' साबित करने के लिए बाध्य, अनुपालन ना हो तो आरोपी बरी होगा: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख ‌हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 55 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए,कहा कि यह प्रावधान प्रतिबंधित सामग्री के साथ छेड़छाड़ के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए विशेष रूप से पेश किया गया है। यह प्रतिबंधित पदार्थ को तुरंत पुलिस स्टेशनों के सुरक्षित भंडारण में स्थानांतरित करने और उसे फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) को समय पर अग्रेषित करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर बल देता है।यह साबित करने का दाय‌ित्व अभियोजन पक्ष पर है कि इन महत्वपूर्ण कदमों का पालन किया गया था और...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा रद्द की; कोर्ट ने कहा- प्रत्यक्षदर्शी का कथन विरोधाभासी, इसके समर्थन में सहायक सामग्री दी जानी चाहिए

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में हत्या के आरोप में दोषी ठहराए गए और आजीवन कारावास की सजा पाने वाले तीन युवकों को बरी कर दिया। कोर्ट ने माना कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के साक्ष्य में भौतिक विरोधाभास थे और अभियोजन पक्ष किसी भी अन्य सामग्री के साथ उनके साक्ष्य की पुष्टि करने में विफल रहा।जस्टिस के सोमशेखर और जस्टिस राजेश राय के की खंडपीठ ने केआर पुष्पेश, पीवी विनय और केआर मूली को बरी कर दिया, जिन्हें नौशीर की हत्या के लिए आजीवन साधारण कारावास की सजा सुनाई गई थी।मामला,अभियोजन पक्ष के अनुसार,...

कैबिनेट से हटाने के लिए राज्यपाल द्वारा कोई विशेष आदेश नहीं दिया गया, कोर्ट कैसे आदेश पारित कर सकता है: मद्रास हाईकोर्ट ने सेंथिल बालाजी को बिना पोर्टफोलियो के मंत्री का दर्जा दिए जाने पर कहा
'कैबिनेट से हटाने के लिए राज्यपाल द्वारा कोई विशेष आदेश नहीं दिया गया, कोर्ट कैसे आदेश पारित कर सकता है': मद्रास हाईकोर्ट ने सेंथिल बालाजी को बिना पोर्टफोलियो के मंत्री का दर्जा दिए जाने पर कहा

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को सवाल किया कि वह संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत बिना विभाग के मंत्री के रूप में सेंथिल बालाजी के बने रहने के खिलाफ कोई आदेश कैसे पारित कर सकता, जबकि राज्यपाल द्वारा ऐसा कोई विशेष निर्देश नहीं दिया गया।अदालत ने कहा,“हम इस परिदृश्य में केवल अनुच्छेद 226 के तहत पूछ रहे हैं कि जब राज्यपाल द्वारा कोई विशिष्ट आदेश नहीं है तो अदालत आदेश कैसे पारित कर सकती है। राज्यपाल ने उन्हें कैबिनेट में मंत्री के तौर पर शामिल किया है। अब उनका विभाग छीन लिया गया है। लेकिन उन्हें कैबिनेट से...

गिरफ्तारी के 17 साल बाद, बॉम्बे हाईकोर्ट ने औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामले में दोषी को जमानत दी, कहा- प्रथम दृष्टया कोई सबूत नहीं है कि उसने बांग्लादेश का दौरा किया या धन प्राप्त किया
गिरफ्तारी के 17 साल बाद, बॉम्बे हाईकोर्ट ने औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामले में दोषी को जमानत दी, कहा- प्रथम दृष्टया कोई सबूत नहीं है कि उसने बांग्लादेश का दौरा किया या धन प्राप्त किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 के औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामले में दोषी अफ़रोज़ खान की सजा को निलंबित कर दिया है और उसे जमानत दे दी है। अफ़रोज़ खान कथित तौर पर बांग्लादेश गया था और आतंकवादी गतिविधि के लिए धन लाया था।जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस गौरी गोडसे की खंडपीठ ने कहा कि दो सह-आरोपियों द्वारा कबूल किए गए बयान, जो उनकी सजा का आधार थे, प्रथम दृष्टया यह नहीं दिखाते कि उन्होंने वास्तव में बांग्लादेश का दौरा किया था।कोर्ट ने कहा,“उपर्युक्त बयानों में से कोई भी जहां आवेदक का संदर्भ है, प्रथम...

पटना हाईकोर्ट ने लाइब्रेरियन की नियुक्ति रद्द की, कहा- महिला उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की याचिका का कोई मतलब नहीं है जब अन्य की योग्यता पर विचार नहीं किया गया
पटना हाईकोर्ट ने लाइब्रेरियन की नियुक्ति रद्द की, कहा- महिला उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की याचिका का कोई मतलब नहीं है जब अन्य की योग्यता पर विचार नहीं किया गया

भर्ती विज्ञापन में एक खंड की व्याख्या करते हुए जिसमें कहा गया था कि महिला उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, पटना हाईकोर्ट ने कहा कि महिला उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की याचिका का कोई मतलब नहीं होगा जब अन्य उम्मीदवारों की योग्यता पर बिल्कुल भी विचार नहीं किया गया है। ऐसी महिला अभ्यर्थी को सीधे नियुक्त किया गया है।अदालत ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान में लाइब्रेरियन के पद पर एक महिला उम्मीदवार की नियुक्ति और नियमितीकरण को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की।अदालत ने ललित...

संदिग्ध परिस्थितियों के बीच वसीयत की प्रामाणिकता स्थापित करने का दायित्व प्रस्तावक पर है: त्रिपुरा हाईकोर्ट
संदिग्ध परिस्थितियों के बीच वसीयत की प्रामाणिकता स्थापित करने का दायित्व प्रस्तावक पर है: त्रिपुरा हाईकोर्ट

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि वसीयत के निष्पादन को साबित करने की जिम्मेदारी, साथ ही इसकी वैधता के आसपास किसी भी संदेह को दूर करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से वसीयत पेश करने वाले व्यक्ति पर है। प्रस्तावक को वसीयत के उचित निष्पादन का प्रदर्शन करना चाहिए और इसके निर्माण के बारे में किसी भी संदेह को दृढ़ता से दूर करना चाहिए।जस्टिस टी अमरनाथ गौड़ ने कहा,“किसी वसीयत के निष्पादन को साबित करने और साथ ही ऐसी वसीयत के निष्पादन से जुड़ी संदिग्ध परिस्थितियों का साबित करने के लिए सबूत...

चुनावी हिंसा: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मतदाताओं की जनहित याचिका और संभावित उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिका में समानता पाई, कहा- यह प्रथम दृष्टया सेट अप
चुनावी हिंसा: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मतदाताओं की जनहित याचिका और संभावित उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिका में समानता पाई, कहा- यह प्रथम दृष्टया सेट अप

कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शिवगणमन और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने सोमवार को इस तथ्य पर असहमति जताई कि "स्वतंत्र मतदाताओं" द्वारा दायर जनहित याचिका राजनीति से प्रेरित हो सकती है।मतदाताओं ने शिकायत की थी कि उनके ब्लॉक से सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन ने प्रतिद्वंद्वी "भावी उम्मीदवारों" के नामांकन को रोक दिया, जिससे उनका चुनने का अधिकार छीन लिया गया।उपरोक्त "संभावित उम्मीदवारों" द्वारा दायर इसी प्रकार की याचिका, जिसमें कैनिंग- I ब्लॉक से नामांकन दाखिल करने से...

मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने एचसी बार एसोसिएशन को बिना भेदभाव के सदस्यता देने के निर्देश देने वाले आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई से खुद को अलग किया
मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने एचसी बार एसोसिएशन को बिना भेदभाव के सदस्यता देने के निर्देश देने वाले आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई से खुद को अलग किया

मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसवी गंगापुरवाला ने सोमवार को मद्रास बार एसोसिएशन को बिना किसी भेदभाव के सदस्यता देने के निर्देश देने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।एकल न्यायाधीश ने एसोसिएशन के उपनियमों की आलोचना की थी जो सामान्य वकील के लिए एसोसिएशन का सदस्य बनना मुश्किल बनाते हैं। अदालत ने एसोसिएशन को सीनियर वकील हाथी जी राजेंद्रन को 2012 में उनके बेटे को सीनियर वकील द्वारा पीने का पानी देने से इनकार करने के लिए मुआवजे के रूप में पांच लाख रुपये का भुगतान...

[मोटर दुर्घटना] उपचार करने वाले या विकलांगता का आकलन करने वाले डॉक्टर की जांच के बिना दावेदार विकलांगता प्रमाणपत्र पर भरोसा नहीं कर सकता: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
[मोटर दुर्घटना] उपचार करने वाले या विकलांगता का आकलन करने वाले डॉक्टर की जांच के बिना दावेदार विकलांगता प्रमाणपत्र पर भरोसा नहीं कर सकता: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड हाईकोर्ट ने हाल ही में मोटर दुर्घटना दावों में उचित मुआवजा निर्धारित करने के लिए विकलांगता और आय का आकलन करने में सटीक चिकित्सा साक्ष्य की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है। जस्टिस संजय धर की पीठ ने कहा,"किसी घायल/दावेदार की विकलांगता की प्रकृति और उसकी कमाई क्षमता पर इसके प्रभाव का पता लगाने के लिए, ट्रिब्यूनल को उस डॉक्टर के साक्ष्य को रिकॉर्ड करने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा, जिसने घायल का इलाज किया है या जिसने उसकी स्थायी विकलांगता का आकलन किया है। मात्र...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उनकी कथित आरएसएस/भाजपा-पाकिस्तान के जासूस वाली टिप्पणी पर मानहानि शिकायत में राहत देने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उनकी कथित 'आरएसएस/भाजपा-पाकिस्तान के जासूस' वाली टिप्पणी पर मानहानि शिकायत में राहत देने से इनकार किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एमपी/एमएलए कोर्ट, ग्वालियर के उस आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसमें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी कि भाजपा/आरएसएस के लोग पाकिस्तान के जासूस हैं, के लिए दायर मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लिया गया था।संक्षेप में मामलाप्रतिवादी/अवधेश सिंह द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, ग्वालियर के समक्ष भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 के तहत निजी शिकायत दायर की गई, जिसमें कहा गया कि वह पेशे से वकील हैं और...

जजों को शॉल और अन्य उपहार देना बंद करें; फेवर के लिए उनके आवासों पर न जाएं: मद्रास हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों से कहा
जजों को शॉल और अन्य उपहार देना बंद करें; फेवर के लिए उनके आवासों पर न जाएं: मद्रास हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों से कहा

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु राज्य न्यायिक सेवा और पुडुचेरी न्यायिक सेवा के न्यायिक अधिकारियों को कई निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने एक परिपत्र में न्यायिक अधिकारियों से न्यायाधीशों से मुलाकात के दरमियान उन्हें शॉल और अन्य स्मृति चिन्ह भेंट करने की प्रथा से परहेज करने को कहा है। अधिकारियों को पदोन्नति या स्थानांतरण जैसे किसी भी लाभ के अनुरोध के लिए न्यायाधीशों के आवास पर नहीं जाने का भी निर्देश दिया गया है। रजिस्ट्रार जनरल ( प्रभारी) के माध्यम से जारी पर‌िपत्र में कहा गया है, "न्यायिक अधिकारी...

वैवाहिक घर में महिला का सुसाइड करना अपने आप में पति, ससुराल वालों को उत्पीड़न, उकसावे के लिए उत्तरदायी नहीं बनाता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
वैवाहिक घर में महिला का सुसाइड करना अपने आप में पति, ससुराल वालों को उत्पीड़न, उकसावे के लिए उत्तरदायी नहीं बनाता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा एक मामला आय़ा। कोर्ट ने मामले में आरोपियों को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा। और कहा कि वैवाहिक घर में एक महिला का सुसाइड करना अपने आप में उसके ससुराल वालों और पति को उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए उत्तरदायी नहीं बनाता है।केस के मुताबिक, साल 2002 में वैवाहिक घर में महिला ने आत्महत्या कर ली थी। महिला के पिता ने आरोप लगाया कि सुसराल वाले दहेज की मांग करते थे और महिला का उत्पीड़न करते थे। इसलिए उसने आत्महत्या कर ली। हालांकि...

कलकत्ता हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव रोकने, पश्चिम बंगाल में आपातकाल की घोषणा की मांग वाली याचिका दायर
कलकत्ता हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव रोकने, पश्चिम बंगाल में आपातकाल की घोषणा की मांग वाली याचिका दायर

पश्चिम बंगाल में आगामी पंचायत चुनावों के बीच कथित हिंसा के मद्देनजर, कलकत्ता हाईकोर्ट में आज एक तत्काल याचिका दायर की गई। याचिका में राज्य में आपातकाल की घोषणा करने और 8 जुलाई को होने वाले चुनावों को रोकने की मांग की गई है।संविधान का अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति को राज्य में आपातकाल घोषित करने का अधिकार देता है। अगर राज्य के राज्यपाल से रिपोर्ट प्राप्त होने पर या अन्यथा, वह संतुष्ट हैं कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें भारतीय संविधान के प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार राज्य को नहीं चला पा रही...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक्सीडेंट में घायल होने के कारण 13 साल के अंतराल के बाद एमबीबीएस कोर्स फिर से शुरू करने की मांग वाली याचिका खारिज की
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक्सीडेंट में घायल होने के कारण 13 साल के अंतराल के बाद एमबीबीएस कोर्स फिर से शुरू करने की मांग वाली याचिका खारिज की

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में उस व्यक्ति द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी, जिसने 2009-2010 में गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन लिया था, लेकिन अपनी लंबी बीमारी के कारण क्लासेस में भाग नहीं ले सका और परीक्षा में शामिल नहीं हो सका। याचिकाकर्ता 13 साल से अधिक के अंतराल के बाद अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करना चाहता है।जस्टिस लानुसुंगकुम जमीर ने कहा कि अदालत याचिकाकर्ता को अगले या तत्काल सेमेस्टर के लिए एमबीबीएस कोर्स के फर्स्ट ईयर में एडमिशन की अनुमति नहीं दे सकती। अदालत ने कहा कि...

सेफ सेक्स एजुकेशन समय की मांग’: केरल हाईकोर्ट ने सरकार को इस मुद्दे के समाधान के लिए समिति गठित करने का सुझाव दिया
'सेफ सेक्स एजुकेशन समय की मांग’: केरल हाईकोर्ट ने सरकार को इस मुद्दे के समाधान के लिए समिति गठित करने का सुझाव दिया

युवाओं के बीच उचित 'सुरक्षित यौन शिक्षा' की आवश्यकता पर जोर देते हुए केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सरकार को एक समिति गठित करने और स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रमों में 'सुरक्षित यौन शिक्षा' शुरू करने पर विचार करने का सुझाव दिया। कोर्ट ने मुख्य सचिव को इस संबंध में उचित कार्रवाई करने को कहा।अदालत ने ये टिप्पणी एक पिता की याचिका पर विचार करते हुए की। जिसमें याचिकाकर्ता के बेटे द्वारा गर्भवती की शिकायतकर्ता (नाबालिग लड़की) के गर्भ को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की मांग की थी। जस्टिस पी वी...

मूल्यांकन आदेश किसी मृत निर्धारिती के कानूनी उत्तराधिकारियों में से केवल एक के खिलाफ निर्देशित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 करोड़ के मूल्यांकन आदेश को रद्द किया
मूल्यांकन आदेश किसी मृत निर्धारिती के कानूनी उत्तराधिकारियों में से केवल एक के खिलाफ निर्देशित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 करोड़ के मूल्यांकन आदेश को रद्द किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि मूल्यांकन आदेश किसी मृत निर्धारिती के कानूनी उत्तराधिकारियों में से केवल एक के खिलाफ निर्देशित नहीं किया जा सकता है।जस्टिस राजीव शकधर और जस्टिस गिरीश कठपालिया की खंडपीठ ने आयकर विभाग द्वारा 10 करोड़ रुपये के मूल्यांकन आदेश को रद्द कर दिया है। केवल इस आधार पर कि यह मृत करदाता के कानूनी उत्तराधिकारियों में से केवल एक के खिलाफ पारित किया गया था, न कि सभी कानूनी उत्तराधिकारियों के खिलाफ।याचिकाकर्ता मृत निर्धारिती, कुलदीप कोहली के कानूनी उत्तराधिकारी हैं। याचिकाकर्ता को उसकी...

पीएमएलए ईडी को गिरफ्तारी के लिए सीआरपीएफ की सहायता लेने का अधिकार नहीं देता, इसकी उपस्थिति ही हिरासत प्रक्रिया का उल्लंघन करती है: मद्रास हाईकोर्ट में मंत्री सेंथिल बालाजी की पत्नी ने कहा
पीएमएलए ईडी को गिरफ्तारी के लिए सीआरपीएफ की सहायता लेने का अधिकार नहीं देता, इसकी उपस्थिति ही हिरासत प्रक्रिया का उल्लंघन करती है: मद्रास हाईकोर्ट में मंत्री सेंथिल बालाजी की पत्नी ने कहा

मद्रास हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के समर्थन में दायर अतिरिक्त हलफनामे में उनकी पत्नी मेगाला ने प्रस्तुत किया कि धन शोधन निवारण अधिनियम या पीएमएलए प्रवर्तन निदेशालय को सीआरपीसी की सहायता लेने का अधिकार नहीं देता है, न ही यह सीआरपीएफ के लिए निर्धारित कर्तव्यों के अंतर्गत है।मेगाला ने तर्क दिया कि भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची I में प्रविष्टि 2A और सूची II में प्रविष्टि 1 के...

गुवाहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट को रंगमहल में शिफ्ट करने के विरोध में राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र लिखा
गुवाहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट को रंगमहल में शिफ्ट करने के विरोध में राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र लिखा

गुवाहाटी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (जीएचसीबीए) ने हाईकोर्ट को गुवाहाटी से ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर कामरूप (ग्रामीण) जिले के रंगमहल में शिफ्ट करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ 27 जून को विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया।जीएचसीबीए ने 16 जून को भारत के राष्ट्रपति को मेमोरेंडम भी सौंपा है, जिसमें हाईकोर्ट को शिफ्ट करने के फैसले को रद्द करने और अपनी गहरी पीड़ा और नाराजगी व्यक्त करने की मांग की गई।मेमोरेंडम के अनुसार, 23 मई को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में गुवाहाटी हाईकोर्ट के...

गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात यूनिवर्सिटी से संबद्ध लॉ कॉलेजों में एडमिशन पर 28 जून तक रोक लगाई
गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात यूनिवर्सिटी से संबद्ध लॉ कॉलेजों में एडमिशन पर 28 जून तक रोक लगाई

गुजरात हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा हाल ही में इन संस्थानों की मान्यता रद्द करने के जवाब में शहर और गांधीनगर के आठ सरकारी अनुदान प्राप्त लॉ कॉलेजों में एडमिशन पर रोक लगा दी।जस्टिस निखिल कारियल ने तीन अनुदान प्राप्त लॉ कॉलेजों द्वारा दायर याचिकाओं पर आदेश पारित किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि बीसीआई ने अनिवार्य निरीक्षण किए बिना उन्हें मान्यता प्राप्त लॉ कॉलेजों की सूची से हटा दिया।प्रतिवादियों को 28 जून के लिए नोटिस जारी करते हुए अदालत ने कहा,"सुनवाई की अगली तारीख तक गुजरात...