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पहली पत्नी पति की दूसरी शादी को शून्य घोषित करने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 11 के तहत आवेदन दायर कर सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
पहली पत्नी पति की दूसरी शादी को शून्य घोषित करने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 11 के तहत आवेदन दायर कर सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने पति की दूसरी शादी को शून्य घोषित करने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 11 (शून्य विवाह) के तहत आवेदन दायर करने के पहली पत्नी के अधिकार को बरकरार रखा है। जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने पारिवारिक न्यायालय अधिनियम, 1984 और हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की सामंजस्यपूर्ण व्याख्या पर कहा,“ अगर पहली पत्नी को हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 11 के तहत उपाय मांगने से वंचित किया जाता है तो यह अधिनियम के मूल उद्देश्य और इरादे को विफल कर देगा। ऐसे...

बच्चे की गवाही के साक्ष्य की कोई पुष्टि नहीं, रिकॉर्ड पर कोई मेडिकल साक्ष्य नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पॉक्सो दोषसिद्धि को खारिज किया
'बच्चे की गवाही के साक्ष्य की कोई पुष्टि नहीं, रिकॉर्ड पर कोई मेडिकल साक्ष्य नहीं': गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पॉक्सो दोषसिद्धि को खारिज किया

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में 2014 के पॉक्सो मामले में दोषसिद्धि को रद्द कर दिया, जहां पीड़िता के मामा पर पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट का आरोप लगाया गया था। ट्रायल कोर्ट ने दिसंबर 2018 में दोषी को सात साल कैद की सजा सुनाई थी। ज‌स्टिस मालाश्री नंदी ने कहा कि पीड़िता की मां ने कथित तौर पर पीड़ित लड़की द्वारा दी गई जानकारी पर एफआईआर दर्ज की और अदालत के समक्ष गवाही दी और अभियोजन पक्ष का कोई अन्य गवाह नहीं था जो बाल गवाह के बयान का समर्थन कर सके।कोर्ट ने कहा, "रिकॉर्ड पर मौजूद मेडिकल सबूतों से...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
कर्नाटक मोटर वाहन नियम | जब्त वाहन को छोड़ने के लिए सिक्योरिटी की राशि मनमाने ढंग से तय नहीं की जा सकती: हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कर्नाटक मोटर वाहन नियमों के नियम 232-जी के तहत जब्त किए गए वाहन को मालिक की अंतरिम कस्टडी में छोड़ने के लिए राशि जमा करने की मांग करते समय, न्यायालय को वाहन के संभावित मूल्य को ध्यान में रखना होगा। वाहन और सिक्योरिटी की राशि बिना किसी आधार के मनमाने ढंग से तय नहीं की जा सकती।याचिकाकर्ता मुस्तफा रसूलनवा ने अपने ट्रैक्टर की रिहाई के लिए सीआरपीसी की धारा 457 के तहत दिए गए आवेदन पर पारित ट्रायल कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।...

यह हद से आगे जा रहा है: कलकत्ता हाईकोर्ट ने भाजपा नेताओं के आवास के टीएमसी के नियोजित घेराव पर रोक लगाई
'यह हद से आगे जा रहा है': कलकत्ता हाईकोर्ट ने भाजपा नेताओं के आवास के टीएमसी के नियोजित "घेराव" पर रोक लगाई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित किया, जिसमें टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी सहित अन्य पदाधिकारियों को पश्चिम बंगाल में सभी भाजपा नेताओं के आवासों का पूर्व नियोजित "घेराव" करने से रोक दिया गया।चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम और जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने ऐसी सभाओं को सार्वजनिक हित के लिए हानिकारक के रूप में वर्गीकृत करते हुए टिप्पणी की:आप जनता या कार्यालय जाने वालों के बारे में चिंतित नहीं हैं... यदि मान लें कि...

जिन पर राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी, उन्हें ही यह तय करना चाहिए कि क्या निवारक कार्रवाइयां आवश्यक हैं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने हिरासत आदेश को बरकरार रखा
जिन पर राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी, उन्हें ही यह तय करना चाहिए कि क्या निवारक कार्रवाइयां आवश्यक हैं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने हिरासत आदेश को बरकरार रखा

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने हाल ही में किसी व्यक्ति के प्र‌िवेंटिव डिटेंशन (निवारक हिरासत) का आदेश देने के लिए हिरासत में लेने वाले प्राधिकारी द्वारा व्यक्तिपरक संतुष्टि प्राप्त करने के तरीके पर गौर करने के अपने सीमित दायरे पर जोर दिया। ज‌स्टिस एमए चौधरी ने कहा, “अदालतें इस सवाल पर भी गौर नहीं करतीं कि हिरासत के आधार में उल्लिखित तथ्य सही हैं या गलत। नियम का कारण यह है कि इसे तय करने के लिए अदालतों को सबूत लेने पड़ सकते हैं और यह निवारक हिरासत के कानून की नीति नहीं है। यह मामला सलाहकार बोर्ड...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ईद पर कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने से रोकने की जनहित याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ईद पर कथित तौर पर "भड़काऊ भाषण" देने से रोकने की जनहित याचिका खारिज की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (निजी प्रतिवादी) के खिलाफ ईद-उ-फितर के अवसर पर "रेड रोड रीलिजियस कांग्रेस" में अगले साल कथित रूप से "भड़काऊ भाषण" देने से रोकने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका खारिज कर दी।चीफ जस्टिस टी.एस. शिवगणनम और जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की:“इसी तरह का मामला पहले भी आया... हमने सुनवाई नहीं की... और यह पहले ही खत्म हो चुका है। अब क्या करें? हमें निजी प्रतिवादी के खिलाफ निषेधाज्ञा जारी करनी चाहिए? याचिकाकर्ता कौन...

मुर्शिदाबाद कोर्ट ने 11 साल की चचेरी बहन से बलात्कार के आरोपी बच्चे को वयस्क मानकर मुकदमा चलाया, 12 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई
मुर्शिदाबाद कोर्ट ने 11 साल की चचेरी बहन से बलात्कार के आरोपी 'बच्चे' को 'वयस्क' मानकर मुकदमा चलाया, 12 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई

मुर्शिदाबाद उपमंडल बाल न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने हाल ही में "कानून का उल्लंघन करने वाले एक बच्चे" (सीसीएल) को पॉक्सो अधिनियम की धारा 5 और 6 के तहत बलात्कार के अपराध के लिए 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस 11 वर्षीय बच्‍ची के साथ दुष्कर्म को दोषी माना गया, जो उसकी चचेरी बहन और पड़ोसी है। नाबालिग लड़की द्वारा झेली गई यातनाओं, जो कि उसके बड़े भाई ने ही उसे दी, के संबंध में विभिन्न टिप्पणियां करते हुए, अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया कि बचाव पक्ष सीसीएल की बेगुनाही साबित...

दुर्भावनापूर्ण इरादे वाले पक्षकार एनआई एक्ट के मामलों में हाईकोर्ट को एकमात्र विकल्प मानते हैं; मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की शक्तियां छीन नहीं सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
दुर्भावनापूर्ण इरादे वाले पक्षकार एनआई एक्ट के मामलों में हाईकोर्ट को एकमात्र विकल्प मानते हैं; मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की शक्तियां छीन नहीं सकते: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि एनआई एक्ट के कई मामलों में याचिकाकर्ता गलत इरादे से और मुकदमे को लंबा खींचने के लिए झूठी और तुच्छ दलीलें देते हैं और हाईकोर्ट को ही अपना एकमात्र विकल्प मानते हैं। अदालत ने कहा, "इस पर, हाईकोर्ट को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के स्थान पर कदम उठाने और पहले उनके बचाव की जांच करने और उन्हें दोषमुक्त करने के लिए बाध्य किया जाता है।"अदालत ने कहा कि वास्तविक बचाव वाले याचिकाकर्ता भी एनआई एक्ट के तहत कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने के बजाय अधिनियम और...

विवादास्पद POCSO जजमेंट देने वाली बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्व जज ने पेंशन की मांग को लेकर याचिका दायर
विवादास्पद POCSO जजमेंट देने वाली बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्व जज ने पेंशन की मांग को लेकर याचिका दायर

बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्व एडिशनल जज पुष्पा गनेडीवाला ने हाईकोर्ट के जज के लिए लागू पेंशन के लिए हाईकोर्ट की नागपुर पीठ का रुख किया है।स्कीन-टू-स्कीन टच जजमेंट लिखने के लिए बदनाम गनेडीवाला ने बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में स्थायी नियुक्ति से इनकार किए जाने के बाद इस्तीफा दे दिया।उसने हाईकोर्ट (मूल पक्ष) रजिस्ट्रार के 2 नवंबर, 2022 के संचार को चुनौती दी है जिसमें कहा गया है कि वो हाईकोर्ट जज की पेंशन और अन्य लाभों के लिए अयोग्य है।गनेडीवाला ने तर्क दिया है कि वो पेंशन की हकदार है, भले ही...

दिल्ली हाईकोर्ट लापता बच्चों के मामलों में दिल्ली पुलिस को दिशानिर्देश जारी करने पर विचार करेगा
दिल्ली हाईकोर्ट लापता बच्चों के मामलों में दिल्ली पुलिस को दिशानिर्देश जारी करने पर विचार करेगा

दिल्ली हाईकोर्ट लापता बच्चों के मामलों में दिल्ली पुलिस के लिए विभिन्न निर्देश और दिशानिर्देश जारी करने पर विचार करने के लिए तैयार है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा उस पिता की याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जो अपनी नाबालिग बेटी का पता लगाने में दिल्ली पुलिस द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया में खामियों से व्यथित है। उसकी लगभग 16 साल की बेटी 10 जुलाई को लापता हो गई और अगले दिन उसने कालिंदी कुंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363 के तहत दर्ज कराई गई।उन्होंने अदालत को...

फेसबुक सेक्सुअल हैरेसमेंट: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आरोपी को आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की शर्त के रूप में 50 पेड़ लगाने का आदेश दिया
फेसबुक सेक्सुअल हैरेसमेंट: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आरोपी को आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की शर्त के रूप में 50 पेड़ लगाने का आदेश दिया

Facebook Sexual Harassment- उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सेक्सुअल हैरेसमेंट मामले में एक अजीबोगरीब आदेश दिया। हाईकोर्ट ने फेसबुक पर एक महिला का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी को उसके खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही को इस शर्त पर रद्द करने का आदेश दिया कि वो 50 पेड़ लगाए।जस्टिस शरद कुमार शर्मा की सिंगल बेंच ने आरोपी को राहत देते हुए कहा,"आरोपी को सबक लेना चाहिए कि भविष्य में वो इस तरह के अपराधों में शामिल नहीं होगा और उसे ये सोचना चाहिए कि फ्रेंडली फ्रेंडशिप की पवित्रता को कैसे स्वीकार किया जाए।"आइए पहले पूरा...

बर्थ सर्टिफिकेट के लिए आवेदन में कोई धर्म नहीं, कोई जाति नहीं घोषित करने का विकल्प उपलब्ध कराएं: तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
बर्थ सर्टिफिकेट के लिए आवेदन में 'कोई धर्म नहीं', 'कोई जाति नहीं' घोषित करने का विकल्प उपलब्ध कराएं: तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा

तेलंगाना हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि प्रणाली को समय और नागरिकों की बदलती आवश्यकताओं के साथ विकसित करना होगा, राज्य सरकार को बर्थ सर्टिफिकेट के लिए आवेदन में 'कोई धर्म नहीं' और 'कोई जाति नहीं' कॉलम उपलब्ध कराने का आदेश दिया।जस्टिस ललिता कन्नेगांती ने अपने बच्चे के लिए "गैर धार्मिक और बिना किसी जाति के" पहचान की मांग करने वाले जोड़े की याचिका पर फैसले में कहा कि याचिकाकर्ताओं को किसी भी धर्म का पालन न करने या उसे स्वीकार न करने का पूरा अधिकार है और ऐसा अधिकार भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 में...

एनएफएसए के तहत खाद्य सुरक्षा भत्ते पर निर्णय के लिए सभी लंबित राशन कार्ड आवेदनों का सर्वेक्षण करें: हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया
एनएफएसए के तहत खाद्य सुरक्षा भत्ते पर निर्णय के लिए सभी लंबित राशन कार्ड आवेदनों का सर्वेक्षण करें: हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को राशन कार्ड के लिए लंबित सभी आवेदनों का सर्वेक्षण करने और यह तय करने का निर्देश दिया कि क्या व्यक्ति खाद्य सुरक्षा भत्ता प्राप्त करने के हकदार होंगे।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने दिल्ली सरकार को इस प्रक्रिया को "यथासंभव शीघ्रता से" पूरा करने का निर्देश दिया और इस पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी।अदालत ने कहा,"इसलिए राज्य सरकार को सभी लंबित आवेदनों का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया जाता है, जिससे यह देखा जा सके कि वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 8 के तहत भत्ता प्राप्त करने...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सजा समीक्षा बोर्ड को 23 साल जेल में बिताने वाले व्यक्ति की सजा माफी की याचिका पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सजा समीक्षा बोर्ड को 23 साल जेल में बिताने वाले व्यक्ति की सजा माफी की याचिका पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में पश्चिम बंगाल राज्य सजा समीक्षा बोर्ड (Sentence Review Board) को उस याचिकाकर्ता की याचिका पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया, जिसने सजा में छूट के लिए 23 साल जेल में बिताए। कोर्ट ने आदेश यह देखते हुए दिया कि जिस बोर्ड ने याचिका पर विचार किया, वह न केवल अनुचित तरीके से गठित किया गया, बल्कि कैदियों की शीघ्र रिहाई पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के दिशानिर्देशों पर विचार करने में भी विफल रहा।जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य की एकल पीठ ने यह पाते हुए कि न केवल बोर्ड...

प्रवेश के बाद के चरण में देरी के आधार पर याचिका को खारिज करना स्पष्ट कानूनी त्रुटि नहीं कि पुनर्विचार आवश्यक हो : जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
प्रवेश के बाद के चरण में देरी के आधार पर याचिका को खारिज करना स्पष्ट 'कानूनी त्रुटि' नहीं कि पुनर्विचार आवश्यक हो : जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा है कि प्रवेश के बाद के चरण में कमियों के आधार पर किसी याचिका को खारिज करना कानून की स्पष्ट त्रुटि के समान नहीं है, और इसलिए, अदालत पुनर्विचार की अपनी शक्ति का उपयोग नहीं कर सकती है। चीफ जस्टिस एन कोटिस्वर सिंह और जस्टिस जावेद इकबाल वानी ने कहा,“रिट याचिका के स्वीकार होने के बाद अदालत द्वारा देरी के सवाल पर विचार नहीं किया जा सकता था और किसी भी तरह से यह नहीं कहा जा सकता था कि याचिकाकर्ता के पास समीक्षाधीन फैसले/आदेश पर पुनर्विचार के लिए आधार उपलब्ध है। यह आधार...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने बालासोर एसपी को मोहर्रम ताजिया जुलूस पर लगाए गए प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करने को कहा
उड़ीसा हाईकोर्ट ने बालासोर एसपी को मोहर्रम ताजिया जुलूस पर लगाए गए प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करने को कहा

उड़ीसा हाईकोर्ट ने बालासोर के पुलिस अधीक्षक को संभावित कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बालासोर जिले के कुछ स्थानों पर मोहर्रम ताजिया जुलूस के अवलोकन पर लगाए गए प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। एसपी, बालासोर द्वारा 26.07.2023 को पारित एक आदेश में कुछ नियमों और शर्तों के तहत केवल कुछ चयनित सड़कों मोहर्रम ताजिया जुलूस को ले जाने की अनुमति दी गई थी। परंपरागत रूप से ताजिया महोत्सव बिद्याधरपुर, मंगलपुर और बड़ीबाजार गांवों के अंतर्गत 7 मुस्लिम बस्तियों में मनाया जाता...

अपर्याप्त मुद्रांकित समझौता केवल स्टाम्प अधिनियम के विरुद्ध, यह अवॉर्ड को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता: दिल्ली ‌हाईकोर्ट
अपर्याप्त मुद्रांकित समझौता केवल स्टाम्प अधिनियम के विरुद्ध, यह अवॉर्ड को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता: दिल्ली ‌हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि मेसर्स एनएन ग्लोबल मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटेड बनाम मेसर्स इंडो यूनिक फ्लेम लिमिटेड और अन्य, 2023 एससीसी ऑनलाइन एससी 495 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संदर्भ में यह माना गया है कि एक ऐसा समझौता, जिसमें मध्यस्थता खंड शामिल है मगर जिस पर ठीक से मुहर नहीं लगी है, उसे साक्ष्य में स्वीकार नहीं किया जा सकता है, हालांकि, एक बार समझौते को मध्यस्थ द्वारा साक्ष्य के रूप में स्वीकार कर लिया गया है, जिसने उक्त समझौते पर भरोसा करके एक अवॉर्ड पारित किया है, तो इस आधार...

मद्रास हाईकोर्ट के जज ने पुझल जेल का निरीक्षण किया, राज्य से कैदियों को वैवाहिक अधिकार प्रदान करने पर विचार करने का अनुरोध किया
मद्रास हाईकोर्ट के जज ने पुझल जेल का निरीक्षण किया, राज्य से कैदियों को वैवाहिक अधिकार प्रदान करने पर विचार करने का अनुरोध किया

मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने हाल ही में पुझल जेल में औचक निरीक्षण किया और उसके बाद अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसके बाद, जज ने जेल के बेहतर प्रबंधन के लिए कई निर्देश जारी किए। उल्‍लेखनीय है कि जस्टिस सुब्रमण्यम तिरुवल्लूर जिले के पोर्टफोलियो जज भी हैं। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से पंजाब और हरियाणा राज्य में लागू की गई योजना के समान कैदियों के लिए वैवाहिक अधिकार की योजना लागू करने पर विचार करने का अनुरोध किया।जज ने कहा, "तमिलनाडु सरकार से कैदियों को 'दाम्पत्य अधिकार'...

स्कूल शिक्षक का स्थानांतरण जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने WBSSC अधिनियम के तहत प्रावधान बरकरार रखा
स्कूल शिक्षक का स्थानांतरण जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने WBSSC अधिनियम के तहत प्रावधान बरकरार रखा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग अधिनियम, 1997 (1997 अधिनियम) की धारा 10 सी की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जिसे वर्ष 2017 में संशोधन के ज़रिये से पेश किया गया, जो शिक्षक को एक स्कूल से दूसरे स्कूल में स्थानांतरित करने में सक्षम बनाता है।जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस प्रसेनजीत विश्वास की खंडपीठ को संवैधानिक वैधता के सामान्य प्रश्न पर निर्णय लेने का काम सौंपा गया, जो विभिन्न पीठों के समक्ष लंबित कई रिट याचिकाओं में उत्पन्न हुआ।उपरोक्त प्रावधान के तहत राज्य द्वारा उनके कथित "अवैध...