मुख्य सुर्खियां
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल के एससी, एचसी जजमेंट के हिंदी अनुवाद तक पहुंचने के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आम जनता के लिए कोर्ट के जजमेंट हिंदी अनुवाद तक पहुंच प्राप्त करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर की अध्यक्षता में पोर्टल को शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया । पोर्टल पर यहां पहुंचा जा सकता है: https://elegalix.allahadahighcourt.in/elegalix/translation/vernaculer.html इस साल मार्च में हाई कोर्ट ने हिंदी भाषा में अनुवादित फैसले प्रकाशित करना शुरू किया था। जस्टिस प्रितिंकर दिवाकर द्वारा हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप...
गिरफ्तारी के अधिकार पर पुलिस को चेक लिस्ट दें, आईपीसी की धारा 498ए के तहत कोई ऑटोमैटिक गिरफ्तारी नहीं होगी: कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किए
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना में मोहम्मद असफाक आलम बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसरण में पुलिस अधिकारियों द्वारा गिरफ्तारी से संबंधित पश्चिम बंगाल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की सभी आपराधिक अदालतों के लिए दिशानिर्देश तैयार किए गए।इसमें कहा गया,"उपरोक्त फैसले में माननीय सुप्रीम कोर्ट का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस अधिकारी अनावश्यक रूप से आरोपी को गिरफ्तार न करें और मजिस्ट्रेट लापरवाही से और ऑटोमैटिक तरीके से...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स वाइस प्रेसिडेंट के खिलाफ यौन उत्पीड़न की एफआईआर रद्द कर दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस को शिकायतकर्ता के बयान में सुधार को देखते हुए बीमा कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स वाइस प्रेसिडेंट (एचआर) के खिलाफ यौन उत्पीड़न की एफआईआर रद्द कर दी।जस्टिस एएस गडकरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने हरियाणा राज्य और अन्य बनाम भजन लाल और अन्य का फैसला में दिशानिर्देश 6 और 7 का हवाला दिया।दिशानिर्देशों के अनुसार जहां संहिता या संबंधित अधिनियम में पीड़ित पक्ष की शिकायत के प्रभावी निवारण के लिए विशिष्ट प्रावधान है, वहां एफआईआर रद्द की जा सकती है, या यदि अदालत को लगता है कि एफआईआर...
आपराधिक धमकी | बिना इरादे के केवल शब्दों की अभिव्यक्ति आईपीसी की धारा 506 लगाने के लिए अपर्याप्त: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक फैसले में माना कि केवल शब्दों की अभिव्यक्ति, जिसमें शिकायतकर्ता को परेशान करने का इरादा ना हो, उससे कोई कार्य कराना या किसी कार्य को न करने देना, आपराधिक धमकी के दायरे में लाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा, जैसा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत निर्धारित है। जस्टिस वेंकटेश नाइक टी की एकल न्यायाधीश पीठ ने इस प्रकार आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड, 1860 की धारा 34 सहपठित धारा 448, 504 और 506 के तहत दंडनीय अपराधों का संज्ञान लेते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द कर...
सीआरपीसी की धारा 438 | अग्रिम जमानत याचिका आरोप पत्र दाखिल होने के बाद भी सुनवाई योग्य होगी: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 2:1 के बहुमत से माना कि सीआरपीसी की धारा 438 के तहत 'अग्रिम जमानत' के लिए आवेदन पर आरोप-पत्र प्रस्तुत करने के बाद भी विचार किया जा सकता है।चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस मनोज कुमार तिवारी ने अपनी सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि विधायिका ने उस चरण के संबंध में कोई प्रतिबंध नहीं लगाया, जिस स्तर तक अग्रिम जमानत के लिए आवेदन पर विचार किया जा सकता है।उन्होंने कहा,"...अग्रिम जमानत के लिए आवेदन को केवल इसलिए सुनवाई योग्य नहीं माना जा सकता, क्योंकि आरोपी व्यक्ति के खिलाफ आरोप पत्र...
'फासीवादी भाजपा' का नारा लगाना कोई अपराध नहीं: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने यह कहते हुए कि 'फासीवादी भाजपा मुर्दाबाद' का नारा लगाना कोई अपराध नहीं है, तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में तेलंगाना की राज्यपाल पुडुचेरी की उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन की उपस्थिति में विमान में भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार लोइस सोफिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी।जस्टिस पी धनबल ने कहा कि सोफिया ने केवल "फासीवादी भाजपा" का नारा लगाया और ये शब्द कोई अपराध नहीं है और प्रकृति में तुच्छ हैं। इसके अलावा, अदालत ने कहा कि भारतीय दंड संहिता...
आम चुनाव कराने में राज्य चुनाव आयोग की कोई भूमिका नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट में ईवीएम, वीवीपीएटी की 'प्रथम स्तर की जांच' पर दायर जनहित याचिका पर ईसीआई ने कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 2024 के लोकसभा चुनावों में उपयोग के लिए राष्ट्रीय राजधानी के ग्यारह जिला कार्यालयों में ईवीएम और वीवीपीएटी की "प्रथम स्तरीय जांच" के दौरान राज्य चुनाव आयोग के आचरण के खिलाफ जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।यह याचिका दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार द्वारा दायर की गई, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की इकाई है।जनहित याचिका एडवोकेट अल्जो के. जोसेफ और सुनील कुमार के माध्यम से दायर की गई। इसमें आरोप लगाया गया कि प्रथम स्तरीय जांच...
'गंभीर संवैधानिक मुद्दे': दिल्ली हाईकोर्ट ने जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका में एजी वेंकटरमणी से सहायता मांगी
दिल्ली हाईकोर्ट ने अदालत में वर्तमान में कार्यरत 50 जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका में भारत के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी से सहायता मांगी।जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मिनी पुष्करणा की खंडपीठ ने कहा कि उक्त याचिका हाईकोर्ट के सेवारत कर्मचारियों द्वारा दायर की गई है। इस याचिका में गंभीर संवैधानिक और प्रशासनिक मुद्दा उठाए गए हैं। इसलिए मामले में एमिक्स क्यूरी के रूप में वेंकटरमणी की सहायता का अनुरोध किया गया है।याचिकाकर्ता-कर्मचारियों की ओर से पेश वकील ने कहा कि जूनियर...
दिल्ली दंगे: अदालत ने आरोपी की संलिप्तता के बारे में 'मनगढ़ंत बयान' देने पर दिल्ली पुलिस की खिंचाई की, आरोपी को बरी किया
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में व्यक्ति को बरी करते हुए दंगा और बर्बरता करने वाली भीड़ में उसकी संलिप्तता के बारे में "मनगढ़ंत बयान" देने पर दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी और एक कांस्टेबल की आलोचना की।कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने पारित एक आदेश में कहा कि हालांकि अभियोजन पक्ष ने दंगे और बर्बरता की घटना को स्थापित किया, लेकिन यह किसी भी उचित संदेह से परे गैरकानूनी सभा में जावेद की उपस्थिति को साबित करने में विफल...
पत्नी के परिजनों का पति से अपने मां-बाप को छोड़ने, और "घर जमाई" बनने का आग्रह करना क्रूरता जैसाः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि पत्नी के परिजनों को पति से अपने मां-बाप को छोड़ने, और "घर जमाई" बनने का आग्रह करना क्रूरता जैसा है।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत क्रूरता और परित्याग के आधार पर एक जोड़े को तलाक की अनुमति दी। दोनों ने 2001 में विवाह किया था और एक साल बाद अलग रहना शुरू कर दिया।अदालत ने फैसले में कहा कि किसी जोड़े को एक-दूसरे के साथ से वंचित किया जाना, यह साबित करता है कि शादी कायम नहीं रह सकती और वैवाहिक...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रिट याचिका से निपटने में लापरवाही के लिए वकील पर जुर्माना लगाया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कानूनी मामलों में लापरवाही से निपटने के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक वकील को 10,000/- रुपये का जुर्माना देने का निर्देश दिया, क्योंकि वकील ने खुद द्वारा दायर एक रिट याचिका से निपटने में लापरवाही बरती। अदालत का यह आदेश 2003 में तत्कालीन सहायक सीमा शुल्क आयुक्त (एमपी) द्वारा दायर एक रिट याचिका के निपटारे पर अदालत के असंतोष के मद्देनजर आया, जिसे 2014 में प्रोसेस फीस के भुगतान से संबंधित एक अनिवार्य आदेश का पालन करने में विफल रहने के कारण खारिज कर दिया गया था।उल्लेखनीय है...
रोजमर्रा के कामकाज में एक गृहणी का योगदान अतुलनीय और गहन प्रशंसायोग्यः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि दैनिक जीवन में एक गृहिणी का योगदान "अतुलनीय और गहन प्रशंसा के योग्य है।" हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एक महिला की अपील को अनुमति दी, जिसमें उसने अपनी पति की मृत्यु के बाद उसे दिए गए मुआवजे की राशि को बढ़ाने की मांग की थी।जस्टिस संजय वशिष्ठ की बेंच ने कहा,"एक गृहिणी के कंधों पर असंख्य जिम्मेदारियां होती हैं, जिसमें विविध प्रकार के कार्य शामिल होते हैं। घरेलू कामकाज को मैनेज करने से लेकर रिश्तों को पोषित करने और सौहार्दपूर्ण माहौल को बनाए रखने तक, उनकी भूमिका...
आप किसी को प्रार्थना करने से कैसे रोक सकते हैं? चर्च को अवैध रूप से सील करने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट में कौशांबी जिले में स्थित एक चर्च को कथित तौर पर सील करने के खिलाफ एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य से पूछा कि वह किसी को प्रार्थना करने के अधिकार का पालन करने से कैसे रोक सकता है।मुख्य न्यायाधीश ने राज्य से पूछा, "आप किसी को प्रार्थना करने से कैसे रोक सकते हैं?"याचिकाकर्ता आश्रय चैरिटेबल ट्रस्ट और उसके प्रबंध ट्रस्टी ने दावा किया कि उन्होंने उन भक्तों के हित में...
समलैंगिक बेटी को उसकी इच्छा के अनुसार स्वीकार करने के लिए माता-पिता की काउंसलिंग करें: दिल्ली हाईकोर्ट ने आश्रय गृह को निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में एक आश्रय गृह को 22 वर्षीय समलैंगिक महिला के माता-पिता को कम से कम वैकल्पिक दिनों में उनकी बेटी को "उसकी इच्छा के अनुसार" स्वीकार करने के लिए माता पिता की काउंसलिंग करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने आश्रय गृह के निदेशक को महिला को रहने के लिए स्वीकार करने, उसे भोजन और आश्रय सहित आवश्यक सुविधाएं देने और उसे काउंसलिंग सेशन देने का भी आदेश दिया।अदालत ने महिला के साथी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण...
अनुच्छेद 20 | 2018 संशोधन से पहले 16 वर्ष से कम उम्र की महिला के साथ बलात्कार के लिए आईपीसी की धारा 376(3) के तहत कोई दोषसिद्धि नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपनी नाबालिग सौतेली बेटी के साथ बलात्कार करने के लिए एक व्यक्ति को दी गई सजा को बरकरार रखा है। हालांकि ट्रायल कोर्ट द्वारा उस दी गई 20 साल की सजा को संशोधित करके 10 साल कैद में बदल दिया है। जस्टिस के नटराजन की सिंगल जज बेंच ने 45 वर्षीय अब्दुल खादर उर्फ रफीक द्वारा दायर अपील को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया, जिसे 2015 में किए गए अपराध के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (3) के तहत 20 साल की सजा सुनाई गई थी।पीठ ने कहा,“यह उल्लेखनीय है कि संशोधित आईपीसी धारा 376(3) जोड़कर...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आठ साल से सजा काट रहे व्यक्ति को आईपीसी की धारा 306 के तहत आरोप से बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को उस व्यक्ति को बरी कर दिया, जिसे निचली अदालत ने आईपीसी की धारा 306 के तहत दोषी ठहराया था और पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में 8 साल की कैद की सजा सुनाई थी। रिकॉर्ड पर सबूतों का विश्लेषण करने के बाद, अदालत ने कहा कि आरोपी की ओर से कुछ और प्रत्यक्ष कार्य, भले ही अप्रत्यक्ष हो, की आवश्यकता है ताकि उसके कृत्यों या आचरण को 'उकसाने' शब्द के अर्थ में लाया जा सके और इसलिए, वह बरी होने का हकदार है।हालांकि बरी होने का फैसला दर्ज करने से पहले, जस्टिस ज्योत्सना...
गर्भवती कामकाजी महिलाएं मातृत्व लाभ की हकदार, उन्हें केवल रोजगार की प्रकृति के कारण रोका नहीं जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि गर्भवती कामकाजी महिलाएं मातृत्व लाभ की हकदार हैं और उनके रोजगार की प्रकृति के कारण उन्हें मातृत्व लाभ अधिनियम, 2017 के तहत राहत से वंचित नहीं किया जा सकता है। जस्टिस चंद्र धारी सिंह ने फैसला सुनाया, "अधिनियम की भाषा या इसके प्रावधानों में ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह बताता हो कि एक कामकाजी गर्भवती महिला को उनके रोजगार की प्रकृति के कारण राहत पाने से रोका जाएगा।"अदालत ने कहा कि मातृत्व लाभ केवल नियोक्ता और कर्मचारी के बीच वैधानिक अधिकार या संविदात्मक संबंध से उत्पन्न नहीं...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित तौर पर दो रिश्तेदारों को आग लगाकर मारने के लिए मौत की सजा पाने वाले व्यक्ति को बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में अपनी सास और साले को जलाकर मारने के आरोपी एक व्यक्ति की मौत की सजा को रद्द कर दिया क्योंकि अदालत ने कहा कि उसका अपराध उचित संदेह से परे स्थापित नहीं हो सका। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस सैयद आफताब हुसैन रिजवी की पीठ ने कहा,“ हम मामले के तथ्यों में पाते हैं कि निचली अदालत ने गवाहों की गवाही की सावधानीपूर्वक जांच नहीं की है और अभियोजन पक्ष के मामले को उसके आधार पर स्वीकार कर लिया है। मृत्यु पूर्व बयान के मूल्यांकन के संबंध में कानून को भी वर्तमान मामले के...
'नेशन वांट्स टू नो' टैगलाइन: टाइम्स ग्रुप ने रिपब्लिक टीवी, अर्नब गोस्वामी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग वाली याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से वापस ली
टाइम्स ग्रुप ने "नेशन वांट्स टू नो" टैगलाइन के उपयोग पर 2020 में पारित आदेश का उल्लंघन करने के लिए रिपब्लिक टीवी और उसके प्रबंध निदेशक अर्नब गोस्वामी के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग वाली अपनी याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से वापस ले ली। जस्टिस सी हरि शंकर के समक्ष टाइम्स नाउ समाचार चैनल के मालिक टाइम्स ग्रुप की प्रमुख कंपनी बेनेट कोलमैन द्वारा 2017 में दायर एक मुकदमे में आवेदन बुधवार को सूचीबद्ध किया गया था, जिसमें रिपब्लिक टीवी और गोस्वामी द्वारा अपने ट्रेडमार्क 'न्यूज...
उड़ीसा हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने बिना कारण बताए पासपोर्ट नवीनीकरण पर उसके फैसले को रद्द करने पर डिवीजन बेंच की आलोचना की
एक विवादास्पद घटनाक्रम में उड़ीसा हाईकोर्ट की सिंगल बेंच, जिसमें जस्टिस विश्वनाथ रथ शामिल थे, उस तरीके की आलोचना की और उसे अस्वीकार कर दिया, जिसमें बेंच की ओर से दिए गए पिछले आदेश को डिविजन बेंच ने मिसाल नहीं माना। डिविजन बेंच में उड़ीसा हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस डॉ एस मुरलीधर और जस्टिस गौरीशंकर शतपथी शामिल थे।डिवीजन बेंच की ओर से पारित संक्षिप्त आदेश पर निराशा व्यक्त करते हुए, जस्टिस रथ ने कहा,“…इस कोर्ट ने अपनी 28 वर्षों की प्रैक्टिस और 9 वर्षों के जजशिप में ऐसा नहीं देखा है कि कभी...


















