मुख्य सुर्खियां
'मांस की अनिधिकृत बिक्री की संभावना के आधार पर मांस की दुकान के लिए एनओसी देने से इनकार नहीं किया जा सकता': इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मांस की अनिधिकृत बिक्री की संभावना खुदरा मांस की दुकान के लिए 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' (एनओसी) देने से इनकार करने का कोई आधार नहीं।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनीष कुमार की खंडपीठ ने पुलिस सुपरिटेंडेंट, अंबेडकर नगर, को खुदरा मांस की दुकान खोलने के लिए एनओसी देने के लिए मोहम्मद शकील द्वारा दायर आवेदन पर पुनर्विचार करने और नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया।मूलतः मांस की दुकान खोलने के लिए याचिकाकर्ता का आवेदन इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि पुलिस द्वारा अनुकूल रिपोर्ट...
एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण उन राज्यों तक ही सीमित नहीं, जहां पीड़ितों को एससी/एसटी के रूप में मान्यता दी जाती है, यह जहां भी अपराध होता है वहां लागू होता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (अत्याचार निवारण अधिनियम) के तहत अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति (SC/ST Act) के सदस्यों की सुरक्षा उन राज्यों तक सीमित नहीं की जा सकती, जहां पर उनको आधिकारिक तौर पर SC/ST के रूप में मान्यता प्राप्त है जस्टिस रेवती मोहिते डेरे, जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस एनजे जमादार की फुल बेंच ने कहा कि भले ही किसी राज्य में किसी समुदाय को एससी या एसटी के रूप में मान्यता नहीं दी गई हो, फिर भी अगर वहां उनके खिलाफ...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 73 वर्षीय रिटायर्ड नर्स को पेंशन के लिए 15 साल तक मुकदमा चलाने के लिए कोल्हापुर नगर निगम पर 25 हजार जुर्माना लगाया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कोल्हापुर नगर निगम पर 73 वर्षीय रिटायर्ड स्टाफ नर्स को उसकी पेंशन और पेंशन लाभ के लिए 15 साल तक मुकदमा चलाने के लिए 25,000/- रुपये का जुर्माना लगाया गया।जस्टिस संदीप वी मार्ने ने कोल्हापुर नगर निगम के आयुक्त द्वारा 2008 में रिटायर हुई स्टाफ नर्स शशिकला विजय भोरे को देय पेंशन राशि जमा करने के औद्योगिक न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली रिट याचिका खारिज कर दी।"यह न्यायालय याचिकाकर्ता - नगर निगम, जो सार्वजनिक निकाय और आदर्श नियोक्ता है, उसके आचरण पर ध्यान देता...
उड़ीसा हाईकोर्ट के आदेश के बाद पति ने कुछ ही घंटों में पत्नी, बेटी का 8 महीने का भरण-पोषण बकाया चुकाया
उड़ीसा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक पति को पत्नी और नाबालिग बेटी को आठ महीने की बकाया भरण-पोषण राशि का भुगतान करने का आदेश दिया और ऐसा न करने पर उसे कानून की प्रक्रिया के अनुसार हिरासत में लेने की चेतावनी दी।जस्टिस संगम कुमार साहू की सिंगल बेंच ने एक आपराधिक विविध याचिका पर ये फैसला दिया। मामले में याचिकाकर्ता पत्नी और बेटी हैं।फैमिली कोर्ट जज-सेकंड, कटक की अदालत ने पांच जनवरी 2023 को विपरीत पक्ष यानि पति को सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पहली और दूसरी याचिकाकर्ताओं को क्रमशः 4,000 रुपये और 3,000...
आरोपी व्यक्तियों के बीच रिकॉर्ड की गई टेलीफोनिक बातचीत अवैध रूप से प्राप्त की गई हो तो भी साक्ष्य के रूप में स्वीकार्यः इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एक फैसले में कहा कि भले ही दो आरोपी व्यक्तियों के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत अवैध रूप से सहेजी गई हो, इससे ऐसे आरोपियों के खिलाफ रिकॉर्ड की गई बातचीत की साक्ष्य के रूप में स्वीकार्यता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में एक आरोपी (महंत प्रसाद राम त्रिपाठी) को आरोप मुक्त करने से इनकार करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली एक पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।मामले में...
न्यायालय किसी दस्तावेज़ को साक्ष्य के रूप में लेने से केवल इसलिए इनकार नहीं कर सकता क्योंकि वह कमजोर फोटोस्टेट कॉपी या कथित तौर पर मनगढ़ंत है : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि ट्रायल कोर्ट का ऐसा आदेश जिसमें कुछ दस्तावेजों को केवल यह कहकर रिकॉर्ड पर लेने से इनकार किया गया हो कि वे फोटोस्टेट हैं या दस्तावेजों को केवल यह कहकर रिकॉर्ड पर लेने से इनकार किया गया हो कि अभियोजन पक्ष द्वारा उन पर कमजोर दस्तावेज़ या मनगढ़ंत दस्तावेज़ होने का आरोप लगाया गया है, न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। जस्टिस डॉ. वीआरके कृपा सागर ने कहा, "इन दस्तावेजों की सामग्री की सच्चाई या अन्यथा यह एक ऐसा मामला है जिसका निर्णय मुकदमे में किया जाना चाहिए, न...
अवैध विवाह के बच्चों का हिंदू संयुक्त परिवार की संपत्ति में अपने माता-पिता के हिस्से पर अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में शुक्रवार को कहा कि अमान्य/शून्य विवाह से पैदा हुए बच्चे अपने मृत माता-पिता की संपत्ति में हिस्सा पाने के हकदार हैं, जो उन्हें हिंदू सहदायिक संपत्ति के काल्पनिक विभाजन पर आवंटित किया गया होगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह फैसला केवल हिंदू मिताक्षरा कानून द्वारा शासित हिंदू संयुक्त परिवार की संपत्तियों पर लागू है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली 3-जजों की पीठ रेवनासिद्दप्पा बनाम मल्लिकार्जुन (2011) मामले में दो-जजों की पीठ के फैसले के...
लिव इन रिलेशन स्थिरता प्रदान नहीं कर सकते, ऐसे रिश्ते से बाहर आने के बाद एक महिला के लिए पति ढूंढना मुश्किल: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप से बाहर आने के बाद एक महिला के लिए शादी के लिए पुरुष साथी ढूंढना बहुत मुश्किल होता है।कोर्ट ने यह टिप्पणी अपनी लिव-इन पार्टनर से बलात्कार के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत देते हुए की।यह देखते हुए कि ऐसे संबंधों पर भारत में सामाजिक सहमति नहीं होती है, जिसमें मुख्य रूप से मध्यम वर्ग शामिल है, पीठ ने कहा कि ऐसा मध्यम वर्ग ऐसी अलग महिलाओं को सामान्य रूप से नहीं देखता है।"वे ऐसे रिश्ते से बाहर आने वाली महिला को सामान्य व्यक्ति नहीं मानते हैं। अपवाद...
'ऐसे मामलों में मां का साक्ष्य सबसे अच्छा साक्ष्य': कलकत्ता हाईकोर्ट ने तीन साल की बच्ची के साथ अप्राकृतिक अपराध के दोषी की सजा बरकरार रखी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तीन वर्षीय बच्चे के साथ अप्राकृतिक अपराध (आईपीसी की धारा 377 के तहत) करने के आरोपी एक व्यक्ति की अपील को खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष ने इस मामले में उचित संदेह से परे उसके अपराध को स्थापित कर दिया। जस्टिस शंपा दत्त (पॉल) ने कहा कि ऐसे मामलों में बच्चे की मां द्वारा दिया गया साक्ष्य 'सर्वोत्तम साक्ष्य माना जाना चाहिए।बेंच ने कहा,"इस तरह के मामले में एक मां की गवाही अदालत के सामने सबसे अच्छी गवाही है। अपने तीन साल के कोमल असहाय बच्चे के लिए मां के दिल में...
हर मौसम में पार्टनर बदलना स्थिर समाज की पहचान नहीं, भारत में विवाह संस्था को नष्ट करने के लिए व्यवस्थित डिजाइन काम कर रहा है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि भारत में विवाह की संस्था को नष्ट करने के लिए एक व्यवस्थित डिजाइन काम कर रहा है और फिल्में और टीवी धारावाहिक इसमें योगदान दे रहे हैं।कोर्ट ने यह टिप्पणी अपनी लिव-इन पार्टनर से बलात्कार के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत देते हुए की।कोर्ट ने यह मानते हुए कि "हर मौसम में साथी बदलने" की क्रूर अवधारणा को "स्थिर और स्वस्थ" समाज की पहचान नहीं माना जा सकता है, जोर देकर कहा कि विवाह संस्था किसी व्यक्ति को जो सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करती है, उसकी उम्मीद लिव-इन-रिलेशनशिप...
व्यापमं मामले जैसी कोई साजिश नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर स्थित यूनिवर्सिटी द्वारा बी.टेक में एडमिशन रद्द करने का आदेश रद्द किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मदन मोहन मालवीय टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, गोरखपुर द्वारा जारी उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कथित तौर पर फर्जी तरीके से एडमिशन लेने के आरोप में 67 दूसरे और लास्ट ईयर के बी.टेक स्टूडेंट के एडमिशन रद्द कर दिए गए।जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की एकल पीठ ने व्यापम मामले से समानताएं निकालने से इनकार कर दिया, जहां सुप्रीम कोर्ट ने धोखाधड़ी के स्थापित उदाहरण पाते हुए न केवल उन लोगों के एडमिशन रद्द कर दिए, जिन्होंने अपना कोर्स पूरा कर लिया, बल्कि उन लोगों के भी एडमिशन रद्द कर दिए, जो...
सबूतों की चैन गायब: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 10 साल की कैद के दोषी व्यक्ति को बरी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित तौर पर 520 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ रखने के लिए एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी कर दिया। कोर्ट ने उक्त आदेश यह देखते हुए दिया कि अभियोजन में कमी आत्मविश्वास को प्रेरित नहीं करती है।जस्टिस अरुण मोंगा ने साक्ष्यों में कमियों की ओर इशारा करते हुए कहा,“अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों में कमियां और विसंगतियां विश्वास को प्रेरित नहीं करतीं, जैसा कि पिछले पैराग्राफ में पहले ही चर्चा की जा चुकी है। यहां महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक अभियोजन पक्ष...
सीआरपीसी की धारा 438(4) | यदि आरोप प्रथम दृष्टया झूठे हों तो कुछ बलात्कार अपराधों के लिए अग्रिम जमानत देने पर रोक नहीं होगी: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने माना कि यदि ऐसे अपराध प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री से नहीं बने हैं, या आरोप झूठे प्रतीत होते हैं तो कुछ बलात्कार अपराधों के लिए अग्रिम जमानत देने पर रोक, जैसा कि सीआरपीसी की धारा 438 (4) के तहत दर्शाया गया है, लागू नहीं होगी।सीआरपीसी की धारा 438(4) और धारा 376(3), 376 एबी, 376 डीए, और धारा 376 डीबी के तहत दंडनीय अपराधों में कथित रूप से शामिल आरोपी को अग्रिम जमानत पर रोक लगाती है।जस्टिस ज़ियाद रहमान ए.ए. की एकल पीठ ने कहा कि केवल इसलिए कि धारा 376 (3), 376 एबी, 376 डीए...
दिल्ली हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार को POCSO आरोपी को जमानत देने का गैर-तर्कसंगत आदेश पारित करने के लिए ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार (विजिलेंस) को POCSO आरोपी को जमानत देने का "गैर-तर्कसंगत" आदेश पारित करने के लिए ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया है। जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा, “इस न्यायालय के रजिस्ट्रार(विजिलेंस) को संबंधित न्यायाधीश से प्रशासनिक पक्ष पर स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया है कि गैर-तर्कसंगत आदेश पारित करने के कारणों के बारे में संबंधित माननीय निरीक्षण न्यायाधीश समिति के समक्ष एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट रखी जाएगी।"अदालत ने उस व्यक्ति को...
मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट तमिलनाडु सरकार के कर्मचारियों पर लागू नहीं, तीसरे बच्चे के लिए कोई लीव नहीं, भले ही पहले दो बच्चे सेवा में शामिल होने से पहले पैदा हुए हों: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि राज्य में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी तमिलनाडु सरकार के मौलिक नियमों द्वारा शासित होते हैं, न कि मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961 के द्वारा। अदालत ने इस प्रकार कहा कि ऐसे कर्मचारी तीसरे के लिए भी मैटरनिटी लीव नहीं मांग सकते। जब राज्य की नीति इसे प्रतिबंधित करती है तो बच्चे को एक अधिकार के रूप में माना जाता है।जस्टिस एन सतीश कुमार ने निम्नानुसार कहा,“...वर्तमान मामले के तथ्य यह हैं कि याचिकाकर्ता के तीन जैविक बच्चे हैं। जब राज्य की नीति और मौलिक नियम तीसरे बच्चे के...
दिल्ली हाईकोर्ट ने नौ YouTube Channels को एमबीए चाय वाले के खिलाफ 'अपमानजनक' कंटेंट वाली वीडियो हटाने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने नौ YouTube Channels को कैफे सीरीज एमबीए चाय वाला और उसके संस्थापक प्रफुल्ल बिल्लोरे के खिलाफ कुछ "अपमानजनक वीडियो" हटाने का निर्देश दिया।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने वीडियो देखा और कहा कि YouTube Channels द्वारा "एमबीए फ्रॉड वाला" और कई अन्य अपमानजनक अभिव्यक्तियों का उपयोग किया गया।अदालत ने कहा,“अदालत की राय में प्रतिवादी नंबर 1 से 9 तक अपनी स्थिति का बचाव करने या वीडियो के उक्त प्रकाशन को उचित ठहराने के लिए आगे नहीं आए। ऐसी परिस्थितियों में प्रतिवादी नंबर 1 से 9 तक को निर्देश...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 13 वर्षीय बलात्कार पीड़िता की 26 सप्ताह की गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की याचिका स्वीकार की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में 13 वर्षीय बलात्कार पीड़िता की 26 सप्ताह की गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की याचिका को स्वीकार कर लिया।कोर्ट ने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), पुरबा मेदनीपुर को उसकी छोटी बहन और उसे सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि पीड़ित बच्चियों को उनके प्रवासी मजदूर माता-पिता ने छोड़ दिया था।नाबालिग की याचिका को स्वीकार करते हुए जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य की एकल पीठ ने सीडब्ल्यूसी को पीड़िता को एसएसकेएम अस्पताल, कलकत्ता जाने में सहायता...
दरगाह को कथित तौर पर मंदिर में बदलने के खिलाफ जनहित याचिका में गुजरात हाईकोर्ट ने कहा, 'यहां मुस्लिम-हिंदू को मत लाओ, यह एक जनहित याचिका है'
अहमदाबाद के बाहरी इलाके में 600 साल पुरानी पीर इमाम शाह बावा दरगाह को कथित रूप से हिंदू धार्मिक स्थल में परिवर्तित करने के खिलाफ एक मुस्लिम संगठन की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को याचिकाकर्ता के वकील को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने उनसे 'अदालत में हिंदू-मुसलमान को न लाने' के लिए कहा।सुनवाई के दौरान, जब याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को सूचित किया कि वह एक ऐसे ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो मुस्लिम समुदाय के हितों का समर्थन करता है, तो चीफ जस्टिस सुनीता...
मद्रास हाईकोर्ट ने पेरियार के खिलाफ ट्वीट पर भाजपा नेता एच राजा खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार किया
मद्रास हाईकोर्ट ने ईवी रामासामी, के करुणानिधि, कनिमोझी करुणानिधि, हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के अधिकारियों और उनकी पत्नियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने के आरोपी भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय सचिव एच राजा के खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना और नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणियां करना राजा की आदत रही है।जस्टिस आनंद वेंकटेश ने कहा कि जब सत्ता में कोई व्यक्ति कोई बात कहता है तो उसे बोले गए अपने प्रत्येक शब्द के प्रति सावधान...
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के पूर्व सीएम पनीरसेल्वम को डिस्चार्ज करने के 2012 के आदेश पर सवाल उठाए; कहा-डीवीएसी सरकार का गंदा काम कर रही थी
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के ओ पनीरसेल्वम को आरोपमुक्त करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले पर स्वतः संज्ञान लेकर संशोधन किया है। मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस आनंद वेंकटेश की पीठ ने चीफ जूडिशल मजिस्ट्रेट/स्पेशल जज, शिवगंगई की ओर से आय से अधिक संपत्ति के मामले में ओ पनीरसेल्वम और उनके परिवार को डिस्चार्ज करने के आदेश पर आपत्ति व्यक्त की।उल्लेखनीय है कि डिस्चार्ज का आदेश एक दशक पहले तीन दिसंबर, 2012 को पारित किया गया था। जस्टिस वेंकटेश इससे पहले टीएन मंत्रियों के पोनमुडी,...




















