मुख्य सुर्खियां
पीआईएल वास्तविक नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने बांग्लादेश के अवैध अप्रवासियों को भारतीय मतदाता सूची में शामिल करने का दावा करने वाली याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित भारतीय मतदाता सूची में उत्तर 24 परगना के बागदाह में रहने वाले बांग्लादेश के कुछ कथित 'अवैध अप्रवासियों' को शामिल करने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी।चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम और जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा:“यह वास्तविक जनहित याचिका नहीं है, क्योंकि याचिकाकर्ता के पास अचल संपत्ति के संबंध में प्राइवेट उत्तरदाताओं के खिलाफ कुछ निजी शिकायतें हैं, जो आपराधिक मामले का विषय है और जो लंबित है।...
कारावास के दौरान दोषी की सामाजिक जड़ें ख़त्म होने नहीं दे सकते: कर्नाटक हाईकोर्ट ने बेटी के निकाह में शामिल होने के लिए दोषी को फर्लो पर रिहा किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि "आम तौर पर हर मुस्लिम विवाह में कुछ अनुष्ठान शामिल होते हैं, जो माता-पिता की भागीदारी के साथ किए जाते हैं," दोषी अब्दुल रहमान को अपनी बेटी के निकाह में शामिल होने के लिए फर्लो दे दी। रहमान की यह फर्लो कल यानी 2 सितंबर से निर्धारित थी।जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की पीठ ने टिप्पणी की कि छिटपुट रूप से ही सही दोषी को नागरिक समाज के संपर्क में रहना पड़ता है, ताकि जब वह जेल में बंद हो तो उसकी सामाजिक जड़ें सूख न जाएं।जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की पीठ ने आगे कहा,"अन्यथा, जब...
पहली पत्नी की मृत्यु के बाद पति की दूसरी शादी, उसे पहली पत्नी से हुए बच्चे का स्वाभाविक अभिभावक होने से अयोग्य नहीं ठहराती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि पहली पत्नी की मृत्यु के बाद पिता की दूसरी शादी, उसे पहली पत्नी से हुए बच्चे का प्राकृतिक अभिभावक बने रहने से वंचित नहीं करती है।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने कहा कि वित्तीय स्थित में असमानता भी किसी बच्चे की कस्टडी प्राकृतिक माता-पिता को देने से इनकार करने के लिए एक प्रासंगिक कारक नहीं हो सकती है।मामले में एक नाबालिक लड़के के नाना-नानी ने पहले फैमिली कोर्ट में यह अपील की थी कि उन्हें लड़के का स्थायी अभिभावक नियुक्त करने के साथ-साथ...
आधार कार्ड न होने पर किसी भी नागरिक के वैधानिक अधिकारों से इनकार नहीं किया जा सकता: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने दोहराया कि आधार कार्ड न होने पर किसी भी भारतीय नागरिक को उसके वैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता।जस्टिस सुरेपल्ली नंदा ने अमीना बेगम द्वारा दायर याचिका पर पारित आदेश में यह टिप्पणी की। इस याचिका में राजस्व अधिकारियों को उनके पक्ष में पट्टा पासबुक कम-टाइटल डीड (patta passbook-cum-title Deed) जारी करने का निर्देश देने की प्रार्थना की गई थी।कोर्ट ने कहा,"इस न्यायालय का मानना है कि याचिकाकर्ता को वर्तमान रिट याचिका में मांगी गई राहत से इस आधार पर इनकार नहीं किया जा सकता...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रविवार की रात की सुनवाई में सरयू एक्सप्रेस में ऑन-ड्यूटी महिला पुलिसकर्मी पर क्रूर हमले का स्वत: संज्ञान लिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30-31 अगस्त की मध्यरात्रि को सरयू एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ('एक्स') पर हुए क्रूर हमले का स्वत: संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर के रविवार के एक व्हाट्सएप संदेश के आधार पर मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की पीठ रविवार, 3 सितंबर को रात 8:00 बजे मुख्य न्यायाधीश के आवास पर सुनवाई के लिए बैठी।पीठ को सूचित किया गया कि पुलिसकर्मी को लहूलुहान अवस्था में पाया गया था, वह खून से लथपथ थी, उसके चेहरे पर गहरा घाव था...
भर्ती घोटाला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने सांसद अभिषेक बनर्जी की आपराधिक मामले खारिज करने की मांग वाली याचिका पर फैसला टाला
कलकत्ता हाईकोर्ट ने नगरपालिका और शिक्षक-भर्ती घोटाले में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले खारिज करने की मांग को लेकर सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर याचिका पर अपना फैसला टाल दिया। प्रस्तुत मामले में संभावित उम्मीदवारों को पैसों के बदले सरकारी नौकरी की पेशकश की गई थी।जस्टिस तीर्थंकर घोष की एकल पीठ के समक्ष बनर्जी ने दलील दी थी कि वर्तमान मामले में निष्कर्ष पर पहुँचने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी पर अनिधिकृत रूप से छापा मारा...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (28 अगस्त, 2023 से 01 अगस्त, 2023) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।जब मृतक अति-संवेदनशील हो तो आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पर मुकदमा चलाना सुरक्षित नहीं: दिल्ली हाईकोर्टदिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जब मृतक अति-संवेदनशील हो तो आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध के लिए किसी आरोपी पर मुकदमा चलाना सुरक्षित नहीं होगा। जस्टिस सुधीर कुमार जैन ने कहा कि भारतीय दंड संहिता,...
जब मृतक अति-संवेदनशील हो तो आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पर मुकदमा चलाना सुरक्षित नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जब मृतक अति-संवेदनशील हो तो आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध के लिए किसी आरोपी पर मुकदमा चलाना सुरक्षित नहीं होगा।जस्टिस सुधीर कुमार जैन ने कहा कि भारतीय दंड संहिता, 1860 (आईपीसी) की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध गठित करने के लिए मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए आरोपी का उकसाना और इरादा होना चाहिए।अदालत ने कहा,“यह सुझाव देने के लिए ठोस सबूत होने चाहिए कि आरोपी ने मृतक के प्रति अपने कृत्य से उकसाने, उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने का इरादा किया।...
ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण | एएसआई ने सर्वे रिपोर्ट जमा करने के लिए 8 सप्ताह का और समय मांगा
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने ज्ञानवापी सर्वेक्षण संबंधित रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 8 सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। उन्हें 2 सितंबर तक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करना था, हालांकि एएसआई ने वाराणसी कोर्ट के समक्ष आवेदन दायर कर अतिरिक्त समय की मांग की।आवेदन में एएसआई की ओर से पेश वकील ने कहा है कि सर्वेक्षण में कुछ और समय लगने की उम्मीद है, क्योंकि तहखाने में फर्श समेत संरचना के चारों ओर कचरा, मिट्टी और बहुत सारा मलबा पड़ा हुआ है, जिनसे संरचना की मूल विशेषताएं ढंकी हुई हैं। एएसआई को उन्हें साफ...
असम के सभी पुलिस स्टेशनों में अब फंक्शनल सीसीटीवी कैमरे हैं: राज्य ने गुवाहाटी हाईकोर्ट से कहा
असम सरकार ने बुधवार को गुवाहाटी हाईकोर्ट को सूचित किया कि असम राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम पूरा हो चुका है और कैमरे काम कर रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश संदीप मेहता और जस्टिस सुस्मिता फुकन खौंड की खंडपीठ को आगे बताया गया कि पुलिस स्टेशनों की रिकॉर्डिंग स्टोरेज क्षमता 01 महीने है और सेंट्रल सर्वर के लिए यह 01 वर्ष है।गौरतलब है कि 16 जून को असम सरकार ने कोर्ट को सूचित किया था कि फेज़- I में 100 पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी लगाए गए हैं और फेज़- II में, 197 पुलिस स्टेशनों में...
पति के परिवार के सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न या बलात्कार का झूठा आरोप लगाना बेहद क्रूरता का कार्य: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि पति के रिश्तेदारों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न या बलात्कार के झूठे आरोप लगाना बेहद क्रूरता का कार्य है। कोर्ट ने कहा, ऐसे कार्य के लिए किसी भी प्रकार की माफी नहीं हो सकती है।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए ये टिप्पणी की। फैमिली कोर्ट ने अपने आदेश में एक पति को हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 (1) (आईए) के तहत क्रूरता के आधार पर पत्नी से तलाक का हकदार माना था।पत्नी की अपील को खारिज करते...
मणिपुर हिंसा- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सीबीआई मामलों की सुनवाई के लिए अदालतों को नामित किया
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 25 अगस्त को जारी निर्देशों के बाद गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मणिपुर में जातीय हिंसा से संबंधित मामलों की सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए अदालतों को नामित करने वाली एक अधिसूचना जारी की। ऑनलाइन मोड में जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को ट्रांसफर किए गए मामलों के संबंध में मामलों से निपटने के लिए निम्नलिखित न्यायालयों को नामित किया गया है।1. विशेष न्यायाधीश, सीबीआई और एनआईए, असम और2. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कामरूप (मेट्रो), गुवाहाटी के साथ-साथ अतिरिक्त मुख्य...
'हिरासत में मौत सभ्य राज्य पर कलंक': मेघालय हाईकार्ट ने राज्य में हिरासत में होने वाली मौतों के लिए दंडात्मक मुआवजे की मात्रा 10 से 15 लाख रुपये तक तय की
मेघालय हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह पुलिस हिरासत में 'अप्राकृतिक' मौत के मामले में लिए मुआवजे की मात्रा तय की। मुआवजे की मात्रा पीड़ितों की उम्र के आधार पर तय की गई है, जो उसके निकटतम रिश्तेदार को दी जाएगी। कोर्ट ने आदेश में कहा, हिरासत में मौत सभ्य राज्य के लिए "कलंक" है और यह "पूरी तरह से अस्वीकार्य" है।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस एचएस थांगख्यू की पीठ ने मेघालय सरकार को आदेश दिया कि यदि मृत्यु की तारीख पर पीड़ित की उम्र 30 वर्ष से कम होगी तो उसके निकटतम रिश्तेदार को 15 लाख रुपये का भुगतान...
AIBE को कई भाषाओं में आयोजित किया जा सकता है, CLAT अनुवाद की जटिलता के कारण संभव नहीं: कंसोर्टियम ऑफ NLUs ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया
कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि AIBE का आसानी से अनुवाद किया जा सकता है और कई भाषाओं में आयोजित किया जा सकता है, जबकि CLAT परीक्षा में अनुवाद की बहुत अधिक समस्याएं मौजूद हैं। यह कहते हुए कि दोनों परीक्षाओं के बीच बुनियादी अंतर हैं, कंसोर्टियम ने कहा है कि CLAT 2024, जो दिसंबर में होना है, उसके लिए इस स्तर पर "पूरी तरह से नया प्रारूप" पेश करना संभव नहीं है क्योंकि यह उन सभी उम्मीदवारों को, जिन्होंने इस वर्ष के लिए अपनी तैयारी पहले ही शुरू कर दी है, को गंभीर...
पार्टनर का शोषण करना, उसका दुख कम करने की कोशिश न करना आईपीसी की धारा 306 के तहत अपराध हो सकता है : कोर्ट ने प्रत्यूषा बनर्जी आत्महत्या मामले में बॉयफ्रेंड को बरी करने से इनकार किया
मुंबई के एक सेशन कोर्ट ने 2016 में अभिनेत्री प्रत्यूषा बनर्जी को आत्महत्या को उकसाने के आरोपी इवेंट प्लानर राहुल राज सिंह को आरोपमुक्त करने से इनकार करते हुए कहा कि अपने साथी का इस हद तक शोषण करना कि उसको जीने की इच्छा न करे और उसकी तकलीफ कम करने के लिए कोई कदम न उठाना, आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध हो सकता है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसजे अंसारी ने प्रथम दृष्टया पाया कि बनर्जी के लिव-इन पार्टनर सिंह ने उसके जीवन को " जीते जी नरक" बना दिया और कहा जा सकता है कि उसने जानबूझकर उसे आत्महत्या के...
'यौन इरादे का कोई संकेत नहीं': केरल हाईकोर्ट ने शीलभंग के लिए नाबालिग का हाथ पकड़ने के आरोपी युवक को अग्रिम जमानत दी
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 21 वर्षीय लड़के को अग्रिम जमानत दे दी। इस लड़के पर 15 वर्षीय लड़की का शीलभंग करने के इरादे से उसका हाथ पकड़ने का आरोप है।याचिकाकर्ता-अभियुक्त के खिलाफ अभियोजन पक्ष का मामला यह है कि वह मामले के दूसरे आरोपी के साथ बाइक पर आया और उसने नाबालिग लड़की का शीलभंग करने के इरादे से उसका हाथ पकड़ लिया। दोनों लड़कों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 और सपठित पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 7, 8 और धारा 16 के तहत मामला दर्ज किया गया।जस्टिस कौसर एडप्पागाथ ने कहा कि प्रथम...
अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों का उल्लंघन: पटना हाईकोर्ट ने शिक्षकों की नियुक्ति के लिए चयन समिति के "अनुमोदन" की आवश्यकता वाला संशोधन खारिज किया
पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि बिहार राज्य में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को अब नियुक्ति, पदोन्नति, बर्खास्तगी, सेवामुक्ति, सेवा से निष्कासन और सेवा समाप्ति या शिक्षकों की पदावनति से संबंधित मामलों में "अनुमोदन" लेने के बजाय केवल अपने संबंधित यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन से परामर्श करने की आवश्यकता होगी।अदालत का फैसला बिहार राज्य यूनिवर्सिटी (संशोधन) एक्ट, 2013 की धारा 4(5) को चुनौती देने वाले दो रिट आवेदनों के जवाब में आया। उक्त आवेदनों में बिहार राज्य यूनिवर्सिटी एक्ट, 1976...
यूपी 'धर्मांतरण विरोधी' कानून का कोई अनुपालन नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'विवाहित' अंतर-धार्मिक जोड़े की सुरक्षा याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को अंतर-धार्मिक जोड़े (जो दूर के ममेरे भाई-बहन हैं) द्वारा दायर सुरक्षा याचिका खारिज कर दी। उक्त जोड़े ने कथित तौर पर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार एक-दूसरे से शादी की है।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता नं. 1/लड़की, जो जन्म से मुस्लिम है, उसने खुद को हिंदू धर्म में परिवर्तित करने से पहले यूपी गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम 2021 (UP Prohibition of Unlawful Conversion of Religion Act 2021) की धारा 8 और 9 का पालन नहीं किया। इस मामले में जबकि याचिकाकर्ता नंबर 1 मुस्लिम...
अपने कृत्यों के बदले कुछ सामाजिक भलाई करें: कलकत्ता हाईकोर्ट ने वृक्षारोपण का आदेश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में अपने अवमानना क्षेत्राधिकार (Contempt Jurisdiction) का उपयोग करते हुए न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने वालों को सामाज की भलाई में योगदान करने का निर्देश दिया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने अवमाननाकर्ताओं को बंगाल में सतत ग्रामीण विकास और गांवों की समृद्धि को आगे बढ़ाने में उपयोग के लिए प्रत्येक ग्राम समृद्धि फाउंडेशन को 25,000 रुपये के जुर्माने का भुगतान करने के साथ-साथ "दस फल देने वाले पेड़" लगाने का निर्देश दिया।जटिस शेखर बी सराफ की एकल पीठ ने कहा," अवमाननाकर्ताओं ने...
एमएस धोनी विश्व ख्याति प्राप्त क्रिकेटर, मीडिया को ऐसी हस्तियों के खिलाफ आरोप लगाने से पहले सच्चाई का पता लगाना चाहिए : मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने पक्षकारों के बीच चल रहे मानहानि के मुकदमे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर एमएस धोनी द्वारा की गई पूछताछ को चुनौती देने से इनकार करने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ ज़ी मीडिया की अपील को खारिज करते हुए कहा कि समाचार चैनलों को समाचार रिपोर्ट प्रसारित करने में सतर्क रहना चहिए। जस्टिस आर महादेवन और जस्टिस मोहम्मद शफीक की खंडपीठ ने कहा,“ पहला प्रतिवादी विश्व ख्याति प्राप्त क्रिकेटर और एक समर्पित व्यक्ति है और उन्होंने ईमानदारी और समर्पण के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के उच्चतम स्तर...



















