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फीस में मनमानी बढ़ोतरी और किताबों की सप्लाई में गड़बड़ी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूल अधिकारियों के खिलाफ FIR रद्द करने से किया इनकार
फीस में मनमानी बढ़ोतरी और किताबों की सप्लाई में गड़बड़ी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूल अधिकारियों के खिलाफ FIR रद्द करने से किया इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के उन प्राइवेट स्कूलों के अधिकारियों के खिलाफ FIR रद्द करने से इनकार किया, जिन पर फीस में भारी बढ़ोतरी करने और अभिभावकों को चुनिंदा विक्रेताओं से नकली या डुप्लीकेट ISBN वाली किताबें ज़्यादा कीमतों पर खरीदने के लिए मजबूर करने का आरोप है।जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने यह टिप्पणी की:"इस तरह का बर्ताव, जब किताबों और स्टेशनरी पर मिलने वाले भारी मुनाफे और सप्लाई के खास तरीके के साथ मिलाकर देखा जाता है तो यह एक सोची-समझी साज़िश की ओर इशारा करता है। इसका मकसद अभिभावकों को...

रुकावट दूर करने के लिए प्रमोशन देने वाली सरकारी नीति को समान रूप से लागू किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
रुकावट दूर करने के लिए प्रमोशन देने वाली सरकारी नीति को समान रूप से लागू किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

रेवेन्यू बोर्ड में काम करने वाले टेलीफ़ोन ऑपरेटरों को सिविल सेक्रेटेरिएट में लोअर डिवीज़न असिस्टेंट के पद पर प्रमोट करने के मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि रुकावट दूर करने के लिए प्रमोशन देने वाली सरकारी नीति को एक समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।यूपी रेवेन्यू बोर्ड मिनिस्टीरियल सर्विस रूल्स, 1983 रेवेन्यू बोर्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की सेवा शर्तों को नियंत्रित करते हैं। हालांकि, इनमें टेलीफ़ोन ऑपरेटरों का पद शामिल नहीं है, जिसे 1986 में मंज़ूरी दी गई। चूंकि...

माँ की मृत्यु के बाद पिता ही स्वाभाविक अभिभावक होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार की
माँ की मृत्यु के बाद पिता ही स्वाभाविक अभिभावक होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि माँ की मृत्यु के बाद पिता ही स्वाभाविक अभिभावक होता है और आमतौर पर नाबालिग के कल्याण की देखभाल करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति होता है।जस्टिस संदीप जैन की पीठ ने इस प्रकार एक पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas corpus) याचिका स्वीकार की और 13 महीने के बच्चे के ननिहाल पक्ष के रिश्तेदारों को निर्देश दिया कि वे बच्चे की कस्टडी याचिकाकर्ता को सौंप दें।याचिकाकर्ता-पिता का पक्ष यह था कि उसकी पत्नी (बच्चे की माँ) की मृत्यु पिछले साल फरवरी में हो गई, और तब...

पहली मैटरनिटी लीव के 2 साल के अंदर दूसरी मैटरनिटी लीव पर कोई रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
पहली मैटरनिटी लीव के 2 साल के अंदर दूसरी मैटरनिटी लीव पर कोई रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि पहली मैटरनिटी लीव के 2 साल के अंदर किसी महिला द्वारा दूसरी मैटरनिटी लीव मांगने पर कोई रोक नहीं है।इलाहाबाद हाईकोर्ट के पिछले फैसले, 'अनुपम यादव और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य' पर भरोसा करते हुए जस्टिस करुणेश सिंह पवार ने कहा,"अनुपम यादव (उपर्युक्त) मामले में जैसा कि फैसले को पढ़ने से साफ पता चलता है, किसी कर्मचारी के लिए पहली मैटरनिटी लीव मिलने के दो साल के अंदर दूसरी मैटरनिटी लीव का लाभ मांगने पर कोई रोक नहीं है।"याचिकाकर्ता ने अपनी दूसरी मैटरनिटी लीव...

सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी, RTI Act के तहत इसका खुलासा करने से छूट: बॉम्बे हाईकोर्ट
सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी, RTI Act के तहत इसका खुलासा करने से छूट: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी होती है, जिसे सूचना का अधिकार (RTI Act) के तहत सार्वजनिक करने से छूट मिली हुई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी जानकारी को सार्वजनिक करने का आदेश तब तक नहीं दिया जा सकता, जब तक कि संबंधित अथॉरिटी इस बात से संतुष्ट न हो जाए कि व्यापक जनहित के लिए ऐसा करना ज़रूरी है।जस्टिस आबासाहेब डी. शिंदे एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में राज्य सूचना आयोग के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के सर्विस रिकॉर्ड को सार्वजनिक...

TCS नासिक केस: धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपी को अंतरिम अग्रिम जमानत से इनकार
TCS नासिक केस: धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपी को अंतरिम अग्रिम जमानत से इनकार

नासिक सेशन कोर्ट ने TCS BPO प्रकरण में धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में नामित आरोपी दानिश एजाज शेख को अंतरिम अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि है और उसकी रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है।एडिशनल सेशन जज वी.वी. कठारे ने अपने आदेश में कहा कि FIR के अनुसार आरोपी ने जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से शिकायतकर्ता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई।अदालत ने टिप्पणी की, “रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से ऐसे कृत्य किए जिनसे...

कबड्डी मैच में सट्टेबाजी के आरोप: बेंगलुरु कोर्ट ने गृह मंत्री परमेश्वर के खिलाफ जांच के दिए आदेश
कबड्डी मैच में सट्टेबाजी के आरोप: बेंगलुरु कोर्ट ने गृह मंत्री परमेश्वर के खिलाफ जांच के दिए आदेश

बेंगलुरु कोर्ट ने कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर और तुमकुर की उपायुक्त शुभा कल्याण के खिलाफ कथित अवैध सट्टेबाजी मामले में पुलिस जांच के आदेश दिए । यह आदेश एक निजी शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को पारित किया गया।अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के.एन. शिवकुमार ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला जांच के योग्य प्रतीत होता है। अदालत ने शिकायत के साथ संलग्न दस्तावेजों और अखबारों में प्रकाशित खबरों का उल्लेख करते हुए कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच जरूरी है।अदालत ने...

आम आदमी कहां जाए? हाईकोर्ट ने अवैध फेरीवालों के मुद्दे पर एक-दूसरे पर ज़िम्मेदारी डालने के लिए BMC और पुलिस को फटकारा
"आम आदमी कहां जाए?" हाईकोर्ट ने अवैध फेरीवालों के मुद्दे पर एक-दूसरे पर ज़िम्मेदारी डालने के लिए BMC और पुलिस को फटकारा

बॉम्बे हाईकोर्ट में अवैध फेरीवालों के मुद्दे पर सुनवाई मंगलवार (21 अप्रैल) को एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई, जब कोर्ट ने दो वकीलों को तुरंत CST रेलवे स्टेशन से लेकर हाईकोर्ट तक के इलाके का मुआयना करने के लिए भेजा।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाटा की डिवीज़न बेंच ने उपनगरीय गोरेगांव के BJP पार्षद हर्ष पटेल की शिकायत पर संज्ञान लिया। हर्ष पटेल ने बताया कि नागरिक निकाय अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहा है, जिसके चलते वे सभी सार्वजनिक जगहों, यहाँ तक कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर भी अपनी...

पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित, गुवाहाटी हाईकोर्ट में दोनों पक्षकारों की जोरदार बहस
पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित, गुवाहाटी हाईकोर्ट में दोनों पक्षकारों की जोरदार बहस

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज FIR से जुड़ा है, जिसमें कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए ।जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की पीठ ने दोनों पक्षकारों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री...

हेट स्पीच याचिकाएं: असम CM पर आरोप- नोटिस के बाद भी भड़काऊ बयान जारी, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
हेट स्पीच याचिकाएं: असम CM पर आरोप- नोटिस के बाद भी भड़काऊ बयान जारी, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

गुवाहाटी हाईकोर्ट में दायर हेट स्पीच से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने अदालत के नोटिस के बाद भी कथित तौर पर भड़काऊ बयान देना जारी रखा है। कोर्ट ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय दे दिया।चीफ जस्टिस अशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 28 मई के लिए तय की है और निर्देश दिया है कि तब तक सभी प्रतिवादी अपना हलफनामा दाखिल करें।सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट...

मृतक के रिश्तेदार का कोर्ट स्टाफ़ या वकील के तौर पर मौजूद होना, आपराधिक मुक़दमे को ट्रांसफ़र करने का आधार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मृतक के रिश्तेदार का कोर्ट स्टाफ़ या वकील के तौर पर मौजूद होना, आपराधिक मुक़दमे को ट्रांसफ़र करने का आधार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऐसे आदेश को सही ठहराया, जिसमें मजिस्ट्रेट कोर्ट से आपराधिक मुक़दमे को ट्रांसफ़र करने से मना किया गया था। इसकी वजह सिर्फ़ यह थी कि मृतक का बेटा मजिस्ट्रेट के मिनिस्ट्रियल स्टाफ़ में है और दूसरा बेटा प्रैक्टिसिंग वकील थाहैजस्टिस हिमांशु जोशी ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि मृतक का कोई रिश्तेदार मिनिस्ट्रियल पद पर काम कर रहा है, यह मान लेना सही नहीं है कि पीठासीन अधिकारी (जज) प्रभावित होंगे।बेंच ने कहा:"एक कोर्ट रीडर, जो कि मिनिस्ट्रियल स्टाफ़ का हिस्सा होता है, उसकी फ़ैसला लेने...

विदेशी अदालत का आदेश अंतिम नहीं, बच्चों का हित सर्वोपरि: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अमेरिका का कस्टडी आदेश मानने से किया इनकार
विदेशी अदालत का आदेश अंतिम नहीं, बच्चों का हित सर्वोपरि: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अमेरिका का कस्टडी आदेश मानने से किया इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि बच्चों की भलाई किसी भी विदेशी अदालत के आदेश से ऊपर है। कोर्ट ने अमेरिका के टेक्सास की अदालत द्वारा दिए गए कस्टडी आदेश को भारत में लागू करने से इनकार किया।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि विदेशी अदालत का आदेश एक प्रासंगिक पहलू हो सकता है लेकिन यह अंतिम और बाध्यकारी नहीं है खासकर जब मामला बच्चों के हित से जुड़ा हो।कोर्ट ने कहा,“कोर्टों के पारस्परिक सम्मान का सिद्धांत महत्वपूर्ण है, लेकिन यह बच्चों के...

देश विरोधी नैरेटिव फैलाने के कारण लगाई गई 4PM चैनल पर रोक: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
देश विरोधी नैरेटिव फैलाने के कारण लगाई गई 4PM चैनल पर रोक: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा

दिल्ली हाइकोर्ट में केंद्र सरकार ने 4PM नामक यूट्यूब चैनल पर लगाई गई रोक का बचाव करते हुए कहा कि यह मंच देश विरोधी प्रचार और एकतरफा नैरेटिव फैलाने में लिप्त था। सरकार ने कहा कि चैनल की सामग्री भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक पाई गई।सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से दाखिल जवाब में कहा गया कि इस चैनल पर लगातार ऐसी सामग्री प्रसारित की जा रही थी, जो कल्पनाओं, षड्यंत्र सिद्धांतों और भ्रामक तथ्यों पर आधारित थी। सरकार के अनुसार इन वीडियो में भारत की विदेश नीति, रक्षा,...

अंतरदेशीय गोद लेने में NOC देना जरूरी, केवल सपोर्ट लेटर से काम नहीं चलेगा: दिल्ली हाईकोर्ट
अंतरदेशीय गोद लेने में 'NOC' देना जरूरी, केवल सपोर्ट लेटर से काम नहीं चलेगा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि अंतरदेशीय गोद लेने के मामलों में केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कारा को विदेशी मंजूरियां सुनिश्चित कर अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करना अनिवार्य है केवल सपोर्ट लेटर देकर दायित्व पूरा नहीं किया जा सकता।जस्टिस सचिन दत्ता ने यह आदेश उस याचिका पर दिया, जिसमें दत्तक माता-पिता ने अपने बच्चे को कनाडा ले जाने के लिए NOC की मांग की थी। दंपत्ति ने हिंदू दत्तक और भरण-पोषण...

गौवध जीवन की सामान्य गति को बाधित करता है, स्वतः ही हिंसक प्रतिक्रियाएं भड़काती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NSA के तहत हिरासत को सही ठहराया
गौवध 'जीवन की सामान्य गति' को बाधित करता है, स्वतः ही हिंसक प्रतिक्रियाएं भड़काती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NSA के तहत हिरासत को सही ठहराया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), 1980 के तहत व्यक्ति की हिरासत को सही ठहराया। इस व्यक्ति पर 2025 में होली के समय के आसपास जंगल में एक गाय और दो बछड़ों की हत्या करने का आरोप है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस संजीव कुमार की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि गाय की हत्या स्वतः ही तीव्र भावनाएं और हिंसक प्रतिक्रियाएं भड़काती है, क्योंकि इससे समाज के एक बड़े वर्ग की धार्मिक भावनाओं को स्पष्ट रूप से ठेस पहुंचती है।कोर्ट ने आगे कहा कि ऐसे कृत्य के समाज में तत्काल और व्यापक परिणाम...

BREAKING | अरविंद केजरीवाल के मामले की सुनवाई से नहीं हटेंगी जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा, याचिका खारिज
BREAKING | अरविंद केजरीवाल के मामले की सुनवाई से नहीं हटेंगी जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा, याचिका खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों द्वारा दायर उन अर्जियों को खारिज किया, जिनमें शराब नीति मामले की सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग की गई थी।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी की कि सिर्फ इसलिए कि उनके बच्चे केंद्र सरकार के पैनल वकील हैं, यह नहीं माना जा सकता कि उनके मन में केजरीवाल के प्रति कोई पूर्वाग्रह है।जज ने आगे कहा कि किसी राजनेता को न्यायिक क्षमता का आकलन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।"किसी जज की क्षमता का...

व्यभिचार साबित करने के लिए DNA टेस्ट का आदेश आम तौर पर नहीं दिया जा सकता, बच्चे की वैधता की धारणा ही मान्य होनी चाहिए: उत्तराखंड हाईकोर्ट
व्यभिचार साबित करने के लिए DNA टेस्ट का आदेश आम तौर पर नहीं दिया जा सकता, बच्चे की वैधता की धारणा ही मान्य होनी चाहिए: उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि व्यभिचार के आरोपों को साबित करने के लिए किसी बच्चे के DNA टेस्ट का आदेश आम तौर पर नहीं दिया जा सकता, खासकर तब जब साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 के तहत बच्चे की वैधता की कानूनी धारणा को चुनौती देने के लिए कोई दलीलें या सबूत मौजूद न हों।कोर्ट ने टिप्पणी की कि बिना किसी ठोस आधार के ऐसे टेस्ट की अनुमति देना एक वैध विवाह से जन्मे बच्चे को प्राप्त कानूनी सुरक्षा को कमज़ोर करेगा और बच्चे की गरिमा और निजता में अनावश्यक दखल माना जाएगा। इसी आधार पर कोर्ट ने वैवाहिक...

RSS प्रमुख मोहन भागवत की Z+ सुरक्षा पर टैक्सपेयर्स के पैसे के गलत इस्तेमाल का दावा करने वाली PIL खारिज
RSS प्रमुख मोहन भागवत की Z+ सुरक्षा पर टैक्सपेयर्स के पैसे के गलत इस्तेमाल का दावा करने वाली PIL खारिज

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक PIL खारिज की, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को दी गई Z Plus सुरक्षा पर सवाल उठाए गए और टैक्स देने वालों के पैसे की वसूली की मांग की गई। PIL में दावा किया गया कि RSS एक "गैर-पंजीकृत" संगठन है।नागपुर पीठ में बैठे चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने खुद को एक कार्यकर्ता बताने वाले ललन किशोर सिंह द्वारा दायर PIL खारिज की।इस खबर की पुष्टि करते हुए महाराष्ट्र के सरकारी वकील (नागपुर पीठ) देवेंद्र चौहान ने कहा कि चीफ जस्टिस की पीठ ने...