मुख्य सुर्खियां

POSH Act के तहत एम्प्लॉयर अपनी खुद की अपीलीय अथॉरिटी नहीं बना सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि POSH Act की धारा 18 और POSH नियमों के नियम 11 को मिलाकर पढ़ने पर एम्प्लॉयर को अपीलीय अथॉरिटी बनाने या गठित करने का कोई अधिकार या अधिकार-क्षेत्र नहीं मिलता है। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि सरकारी संस्थानों को नियमों की व्याख्या करते समय सावधान रहना चाहिए, क्योंकि गलत व्याख्या से अव्यवस्था फैल सकती है।जस्टिस जी. एस. कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की डिवीजन बेंच अशोक उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने 'कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और...

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर सरकारी आदेश को चुनौती नहीं दे सकते, वे राज्य के पदानुक्रमित फ़ैसले से बंधे हैं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रेटर विशाखापत्तनम म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GVMC) और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर की उन याचिकाओं को खारिज किया, जिनमें 'रयोतवारी पट्टा' अधिकार देने वाले सरकारी आदेश (GO) को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि कानूनी कर्तव्यों को निभाने के लिए सरकार द्वारा नियुक्त डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, सरकार के ही रिविजनल आदेश के खिलाफ रिट याचिका दायर नहीं कर सकते। [2026 LiveLaw (AP) 194]जस्टिस सुमति जगदम ने रूप चंद बनाम पंजाब राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा,"कानूनी...

सेम-सेक्स पार्टनर रिलेशनशिप में रह सकते हैं तो उन्हें एक-दूसरे के लिए मेडिकल सहमति देने का विकल्प क्यों नहीं दिया जा सकता? दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सवाल किया कि अगर सेम-सेक्स पार्टनर को रिलेशनशिप में रहने और साथ रहने का अधिकार है तो उन्हें एक-दूसरे के लिए मेडिकल सहमति देने के विकल्प से क्यों वंचित किया जाना चाहिए।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह टिप्पणी तब की जब उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि एक साल बीत जाने के बाद भी उस याचिका का जवाब क्यों नहीं दिया गया, जिसमें मरीज के नॉन-हेटरोसेक्सुअल पार्टनर को उनका मेडिकल प्रतिनिधि मानने और मेडिकल स्थितियों में सहमति देने के लिए गाइडलाइंस बनाने की मांग की गई।यह याचिका...

Prayagraj Waterlogging | हाईकोर्ट ने प्रभावित इलाकों में पंप लगाने का आदेश दिया, पानी निकालने के लिए 24 घंटे की समय-सीमा तय की
प्रयागराज में लगातार बारिश के कारण जलभराव की गंभीर समस्या पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज प्रयागराज नगर निगम को निर्देश दिया कि वे ज़मीन पर पर्याप्त वॉटर पंप लगाएं ताकि शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या को अगले 24 घंटों के भीतर दूर किया जा सके।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने प्रयागराज में जलभराव और नागरिक सुविधाओं की विफलता से संबंधित स्वतः संज्ञान कार्यवाही की सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किए।कोर्ट...

बिहार शिक्षक ट्रांसफर नियम: सरकारी नौकरी में पति-पत्नी को एक ही जगह पोस्टिंग में प्राथमिकता - पटना हाई कोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि बिहार राज्य शिक्षक ट्रांसफर नियम, 2026 में खास तौर पर उन मामलों में ट्रांसफर में प्राथमिकता देने का प्रावधान है जहाँ पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं। कोर्ट ने दो महिला शिक्षकों की उस अर्ज़ी पर विचार करने का निर्देश दिया है, जिसमें उन्होंने पटना सदर शहरी क्षेत्र में पोस्टिंग की मांग की थी, जहाँ उनके पति काम करते हैं।जस्टिस हरीश कुमार की सिंगल बेंच ने ज़िला स्थापना समिति को निर्देश दिया कि वे 2026 के नियमों के तहत याचिकाकर्ताओं के ट्रांसफर के अनुरोधों पर विचार करें और...

PMLA के तहत ED की ECIR, तलाशी या ज़ब्ती को चुनौती देने वाली सिविल रिट पर हाईकोर्ट सुनवाई कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत सिविल रिट याचिका पर सुनवाई की जा सकती है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 (PMLA) की धारा 17(1) के तहत तलाशी और ज़ब्ती सहित उससे जुड़ी कार्यवाही को चुनौती दी गई हो।जस्टिस अनीश दयाल ने कहा कि ECIR, ED का आंतरिक प्रशासनिक दस्तावेज़ होने के बावजूद, हाई कोर्ट द्वारा न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है।कोर्ट ने कहा,"इस कोर्ट को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा शुरू की...

झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं-13वीं JPSC परीक्षाओं के ज़रिए की गई नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के फ़ैसले पर लगाई रोक
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार (20 अगस्त) को एक अंतरिम आदेश में राज्य सरकार के उन आदेशों पर रोक लगाई, जिनके तहत 11वीं से 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षाओं के ज़रिए की गई नियुक्तियों को रद्द किया गया।गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में JPSC परीक्षाओं के आयोजन में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के कई हफ़्तों तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद इन परीक्षाओं को रद्द कर दिया था।हाईकोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें नियुक्तियां रद्द करने वाले राज्य सरकार के...

सिलेक्शन प्रोसेस शुरू होने के बाद मेडिकल फैकल्टी पोस्ट के लिए इंटरव्यू में कम-से-कम मार्क्स की शर्त नहीं जोड़ी जा सकती: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) के उस फैसले को रद्द किया, जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए इंटरव्यू स्टेज में कम से कम क्वालिफाइंग मार्क्स की शर्त जोड़ी गई। कोर्ट ने कहा कि भर्ती करने वाली अथॉरिटी सिलेक्शन प्रोसेस शुरू होने के बाद एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में बदलाव नहीं कर सकती, खासकर तब जब शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स की लिस्ट पहले ही पब्लिश हो चुकी हो।बदलाव के समय और असर पर सवाल उठाते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने कहा कि...

तिब्बती प्रवासी की नागरिकता अर्ज़ी की छह हफ़्ते में जांच करें देहरादून डीएम: हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) को निर्देश दिया कि वह भारत आए तिब्बती मूल के एक व्यक्ति की नागरिकता अर्ज़ी की जांच करें और "अगर सब कुछ सही पाया जाता है", तो इसे छह हफ़्ते के भीतर केंद्र सरकार के सक्षम अधिकारी को भेज दें। कोर्ट ने नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6(i) के तहत याचिकाकर्ता की अर्ज़ी पर कार्रवाई करने और उसे आगे भेजने के निर्देश की मांग वाली रिट याचिका का निपटारा किया।जस्टिस मनोज कुमार तिवारी की सिंगल बेंच ने देहरादून के ज़िला मजिस्ट्रेट के ख़िलाफ़...

नकदी विवाद में पूर्व जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज हो: CJAR
न्यायिक जवाबदेही और सुधार के लिए अभियान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू करने की मांग की। संगठन ने यह मांग लोकसभा की जांच समिति की उस रिपोर्ट के बाद की, जिसमें सरकारी आवास पर आग लगने की घटना के दौरान मिली बेहिसाब नकदी से जुड़े तीनों आरोपों को जस्टिस वर्मा के खिलाफ साबित माना गया।जस्टिस वर्मा ने अप्रैल 2026 में इस्तीफा दे दिया था। इसके बावजूद CJAR ने जांच समिति की रिपोर्ट को सदन में पेश किए जाने के फैसले का समर्थन किया। संगठन का कहना है...

Livelaw Hindi पर अपने विचार और लेख प्रकाशित करें
क्या आपके पास कानून, न्यायपालिका, संविधान, विधि सुधार या समसामयिक कानूनी मुद्दों से जुड़े विचार हैं?हिंदी लाइव लॉ पर अपने लेख भेजें और अपने विचारों को देशभर के पाठकों तक पहुंचाएं।यदि आप कानून से जुड़े विषयों पर लिखते हैं और अपने विचार साझा करना चाहते हैं, तो अपना लेख हमें भेजें:columns.hindi@livelaw.inअपने विचार लिखें। हमारे साथ साझा करें।

यौन उत्पीड़न का आरोप: लंदन में भारतीय वकील विजय अग्रवाल गिरफ्तार
'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' की रिपोर्ट के अनुसार, लंदन में वकील विजय अग्रवाल को यौन उत्पीड़न के आरोपों में गिरफ्तार किया गया।खबरों के मुताबिक, यह क्रिमिनल लॉयर, जो भगोड़े बिज़नेसमैन मेहुल चोकसी का केस लड़ रहे हैं, उन पर दो महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के चार मामलों में केस दर्ज किया गया और उन्हें लंदन के एक आलीशान टाउनहाउस से गिरफ्तार किया गया।बताया जा रहा है कि अग्रवाल पर 'सेक्सुअल ऑफेंसेज़ एक्ट 2003' की धारा 3 के तहत आरोप लगाए गए।इस प्रावधान के अनुसार, कोई व्यक्ति तब यौन उत्पीड़न करता है, जब वह...

Prayagraj Waterlogging | हाईकोर्ट का म्युनिसिपल कमिश्नर और DM को निर्देश: निचले इलाकों से बारिश का पानी पंप करके निकाला जाए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को प्रयागराज के म्युनिसिपल कमिश्नर और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जमा बारिश का पानी मोरी गेट, दारागंज के रास्ते पंप करके निकाला जाए।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने प्रयागराज में जल-जमाव से जुड़ी एक स्वतः संज्ञान (suo motu) याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार के स्थानीय निकाय निदेशक (Director, Local Bodies) को भी निर्देश दिया कि वे...

लेबर कोर्ट के फैसले का पालन न करना आपराधिक अपराध: एमपी हाईकोर्ट ने देर से नौकरी पर बहाल करने की अवधि के लिए वेतन का आदेश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि लेबर कोर्ट के फैसले में तय समय-सीमा का पालन न करना 'इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट, 1947' की धारा 29 के तहत एक आपराधिक अपराध है। [2026 LiveLaw (MP) 332]जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने गौर किया कि लेबर कोर्ट ने कर्मचारी को एक महीने के भीतर नौकरी पर बहाल करने का निर्देश दिया, जिसमें एमपी रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने देरी की। अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के बजाय, एग्जीक्यूटिंग कोर्ट ने कार्यवाही बंद की।एग्जीक्यूटिंग कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए बेंच ने...

निष्पक्ष सुनवाई के लिए कॉल रिकॉर्ड ज़रूरी हों तो सिर्फ़ पीड़ित की प्राइवेसी के लिए उन्हें देने से मना नहीं किया जा सकता: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर-लोकेशन की जानकारी मांगने वाली अर्ज़ी को "सिर्फ़ पीड़ित के प्राइवेसी के अधिकार के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता, जब ये रिकॉर्ड मामले के सही फ़ैसले के लिए शुरुआती तौर पर ज़रूरी हों"।जस्टिस आलोक महरा ने कहा कि हालांकि आर्टिकल 21 के तहत आरोपी का निष्पक्ष सुनवाई और जांच का अधिकार और पीड़ित का प्राइवेसी का अधिकार, दोनों ही संवैधानिक रूप से सुरक्षित हैं। फिर भी ट्रायल कोर्ट को "इन दोनों अधिकारों के बीच संतुलन बनाना होगा" और ऐसा करने के लिए...

कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की, दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा
दिल्ली कोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड में कथित अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज दिग विनय सिंह ने आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद यह आदेश दिया।जज ने जैन की उस अर्जी को भी खारिज किया, जिसमें उनकी गिरफ्तारी को गैर-कानूनी घोषित करने की मांग की गई।AAP की पिछली दिल्ली सरकार में जल मंत्री रहे जैन को कल दिल्ली पुलिस की एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने गिरफ्तार किया था। यह मामला...

पति का दावा- शादी के समय वह नशे में था: दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की तलाक की अर्ज़ी
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की शादी खत्म करने की अपील खारिज की। व्यक्ति का दावा था कि उसकी शादी अमान्य है, क्योंकि 2008 में शादी की रस्में निभाते समय वह किसी नशीली दवा (सेडेटिव) के असर में था।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीजन बेंच ने कहा कि पति का दावा ज़्यादा से ज़्यादा हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 12(1)(c) के तहत आ सकता है। यह धारा कहती है कि अगर शादी के लिए सहमति ज़बरदस्ती या धोखाधड़ी से ली गई हो, तो शादी को 'वॉयडएबल' (रद्द करने योग्य) माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में धोखाधड़ी...

Electronic Evidence | दिल्ली हाईकोर्ट ने कानूनी सहायता पाने वालों के लिए मुफ़्त फ़ोरेंसिक मदद की मांग वाली PIL पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक PIL पर नोटिस जारी किया। इस PIL में कानूनी सहायता पाने के हकदार लोगों को मुफ़्त फ़ोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद देने के लिए एक सिस्टम बनाने की मांग की गई, ताकि वे 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023' (BSA) की धारा 63 के तहत इलेक्ट्रॉनिक-सबूत सर्टिफ़िकेशन की ज़रूरतों को पूरा कर सकें।चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने नेशनल लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी (NALSA) और केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय से जवाब मांगा।ज़ीशान अख़लाक और अमन भिड़े द्वारा...

NEET-UG 2026: NTA ने पेश की ओरिजिनल OMR शीट, सिग्नेचर की पुष्टि के बाद हाईकोर्ट ने खारिज की OMR में गड़बड़ी से जुड़ी याचिका
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने NEET UG कैंडिडेट की एक याचिका खारिज की। इस याचिका में कैंडिडेट ने अपनी ओरिजिनल फिजिकल OMR आंसर शीट की तुलना ऑफिशियल पोर्टल पर अपलोड की गई स्कैन की हुई OMR शीट से करने की मांग की थी। यह याचिका तब खारिज की गई, जब कैंडिडेट ने पुष्टि की कि NTA की ओर से पेश की गई ओरिजिनल OMR शीट वास्तव में उसी की थी। [2026 LiveLaw (MP) 330]कैंडिडेट का मुख्य मुद्दा यह था कि "क्या फिजिकल OMR शीट और ERP के रेफरेंस कॉलम में रेस्पॉन्डेंट्स द्वारा अपलोड की गई डिजिटल OMR शीट एक जैसी हैं या नहीं"।...

NALSAR छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर माफी देर से आई, BCI चेयरमैन को इस्तीफा देना चाहिए: बॉम्बे बार एसोसिएशन
बॉम्बे बार एसोसिएशन ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की ओर से NALSAR विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। एसोसिएशन ने कहा कि 15 अगस्त को आई उनकी माफी काफी देर से आई और इसे वास्तविक पश्चाताप नहीं माना जा सकता। एसोसिएशन के अनुसार अपने पद पर बने रहने के बजाय उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।18 अगस्त को जारी पत्र में एसोसिएशन ने कहा कि 13 अगस्त को NALSAR के वर्ष 2026 के ग्रेजुएट छात्रों के खिलाफ जारी पत्र BCI के चेयरमैन के पद का दुरुपयोग था।...
