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यूपी गुंडा एक्ट का इस्तेमाल दमन के हथियार के तौर पर नहीं होना चाहिए: हाईकोर्ट ने 2 आपराधिक मामलों के आधार पर शुरू की गई कार्यवाही रद्द की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को जिला अधिकारियों के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें एक व्यक्ति को यूपी कंट्रोल ऑफ़ गुंडाज़ एक्ट, 1970 के तहत 'गुंडा' घोषित किया गया था। कोर्ट ने कहा कि इस एक्ट का इस्तेमाल बेगुनाह लोगों को 'दबाने के हथियार' के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने कहा कि यह एक्ट 'गुंडों' को नियंत्रित करने और दबाने का "शक्तिशाली हथियार" है। इसका इस्तेमाल "बहुत स्पष्ट मामलों में, जैसे 'सार्वजनिक अव्यवस्था' या 'सार्वजनिक व्यवस्था' बनाए रखने के लिए बहुत सोच-समझकर"...

पैसे न देने पर इलाज से इनकार करने का आरोप: हाईकोर्ट ने सरकारी डॉक्टर के खिलाफ क्रिमिनल केस रद्द करने से किया इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उस डॉक्टर की याचिका खारिज की, जिसमें एक मृत महिला के पति की शिकायत पर संज्ञान लेने वाले आदेश को चुनौती दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मरीज की गंभीर हालत की जानकारी होने के बावजूद डॉक्टर ने मेडिकल मदद नहीं दी और इसके बजाय पैसे की मांग की। [2026 LiveLaw (MP) 259]ऐसा करते हुए कोर्ट ने कहा कि "प्रथम दृष्टया मामला" (prima facie case) बनता है और क्या डॉक्टर ने वास्तव में इलाज से इनकार किया और पैसे की मांग की, और क्या ऐसे व्यवहार का मृत महिला की मौत से कोई संबंध था, इन...

UP Goondas Act | अपीलीय अथॉरिटी ज़िला मजिस्ट्रेट को नए फ़ैसले के लिए मामले वापस नहीं भेज सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि यूपी कंट्रोल ऑफ़ गुंडाज़ एक्ट, 1970 की धारा 6 के तहत काम करने वाली अपीलीय अथॉरिटी के पास मामले को ज़िला मजिस्ट्रेट के पास मेरिट के आधार पर नए सिरे से फ़ैसला करने के लिए वापस भेजने का कानूनी अधिकार नहीं है।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने कहा कि कानून अपीलीय अथॉरिटी को या तो "आदेश की पुष्टि करने (बदलाव के साथ या बिना बदलाव के) या उसे रद्द करने" का अधिकार देता है।कोर्ट अनिल चौधरी की रिट याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें अलीगढ़ डिवीज़न के कमिश्नर के दिसंबर 2025 के...

नाबालिग की फ़ोटो मॉर्फ़ करने का मामला: हाईकोर्ट ने आरोपी पर लगाया 3 साल के लिए सोशल मीडिया बैन

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक युवक पर 3 साल के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर रोक लगाई। उस पर आरोप है कि उसने एक नाबालिग की फ़ोटो मॉर्फ़ कीं और उसे बदनाम करने के इरादे से सोशल मीडिया पर अपलोड कीं।उसके ख़िलाफ़ BNS, POCSO Act और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई।ज़मानत की अर्ज़ी देने वाले युवक ने दलील दी कि वह अप्रैल 2026 से कस्टडी में है। उसने कहा कि अगर कोर्ट को लगता है कि उसने प्लेटफ़ॉर्म का गलत इस्तेमाल किया तो वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करने का वचन देने को...

उल्लंघन करने वाला कंटेंट हटाया जाए: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिकेटर अभिषेक शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स मामले में जारी किया समन

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह एक अंतरिम आदेश जारी करेगा, जिसमें क्रिकेटर अभिषेक शर्मा के व्यक्तित्व और उनकी छवि का गलत इस्तेमाल करने वाली कई आपत्तिजनक पोस्ट और लिंक को हटाने का निर्देश दिया जाएगा।जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि वह शर्मा द्वारा अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दायर मामले में अंतरिम आदेश जारी करेंगी।क्रिकेटर की ओर से पेश वकील ने कहा कि एक अतिरिक्त हलफनामा दायर किया गया, जिसमें उन URL की जानकारी है जिन्हें अभी हटाया जाना बाकी है।उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ पोस्ट...

पालतू कुत्ते हेनरी से मिलने के अधिकार की मांग: महुआ मोइत्रा की याचिका पर अगले हफ़्ते फैसला करेगा दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह अगले हफ़्ते तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व पार्टनर वकील जय अनंत देहाद्रई के बीच 'हेनरी' (एक रॉटवाइलर कुत्ता) की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद पर सुनवाई करेगा।जस्टिस जसमीत सिंह ने देहाद्रई के वकील, सीनियर एडवोकेट पर्सिवल बिलिमोरिया से पूछा कि क्या वह मोइत्रा को उस पालतू कुत्ते से मिलने का अधिकार देने के लिए सहमत हैं, जो अभी देहाद्रई की कस्टडी में है।बिलिमोरिया ने कोर्ट को बताया कि ऐसी व्यवस्था संभव नहीं है।उन्होंने कहा,"इसके पीछे कुत्ते के...

नेशनल लीगल एकेडमी की योजना: सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद राज्य बार काउंसिल की अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं का ऑडिट करेगी BCI

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) ने अगले हफ़्ते एक बैठक बुलाने का प्रस्ताव दिया है। इस बैठक में विशेषज्ञ समितियां बनाई जाएंगी, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करेंगी। इन निर्देशों में अनुशासनात्मक शक्तियों की प्रभावशीलता और विश्वसनीयता का परफ़ॉर्मेंस ऑडिट करना और नतीजों के आधार पर ज़रूरी सुधार और सुधारात्मक उपाय लागू करना शामिल है।बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने फ़ैसले में कहा कि हालांकि कोई बैंक लापरवाही होने पर किसी वकील को अपने पैनल से हटा सकता है, लेकिन ऐसी कार्रवाई की सार्वजनिक...

प्राइवेसी का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस प्रीति जिंटा की AI से बनी तस्वीरें, डीपफेक और मॉर्फ्ड तस्वीरें हटाने का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (8 जुलाई) को एक अंतरिम आदेश में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा की डीपफेक इमेज, AI और सुपरइम्पोज़्ड विज़ुअल्स और मॉर्फ्ड तस्वीरों समेत आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया।सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने जिंटा की याचिका पर यह आदेश पारित किया।जज ने कहा कि एक्ट्रेस द्वारा बताई गई सामग्री, जैसे डीपफेक इमेज, AI और सुपरइम्पोज़्ड विज़ुअल्स और मॉर्फ्ड तस्वीरें, उनके नैतिक, पब्लिसिटी और पर्सनैलिटी अधिकारों का उल्लंघन करती हैं।जज ने माना कि उक्त कंटेंट उनकी प्राइवेसी के अधिकारों का भी...

ससुराल में पत्नी की अस्वाभाविक मौत पर पति और परिजनों को देना होगा जवाब, चुप्पी भी बन सकती है दोष साबित करने की कड़ी : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी महिला की ससुराल में घर के भीतर अस्वाभाविक परिस्थितियों में मृत्यु होती है और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत श्रृंखला आरोपियों की ओर संकेत करती है तो भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 के तहत घर में मौजूद लोगों की जिम्मेदारी है कि वे उसकी मौत की परिस्थितियों का संतोषजनक स्पष्टीकरण दें। यदि वे ऐसा नहीं कर पाते तो यह उनके खिलाफ परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन जाती है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए...

अंडे फेंकने और आरोपियों की सार्वजनिक परेड की प्रवृत्ति बंद होनी चाहिए : कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास को अलीपुर अदालत परिसर में कथित अंडे फेंके जाने की घटना से जुड़े मामले में अंतरिम राहत देते हुए कहा कि आरोपियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और उन पर अंडे फेंकने जैसी प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए।जस्टिस सौगत भट्टाचार्य अरूप विश्वास की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी।यह FIR उस घटना के बाद दर्ज की गई थी जब एक अन्य मामले में अदालत में पेशी के दौरान उन पर कथित रूप से अंडे फेंके गए।अरूप...

पुणे कोर्ट में बोले सावरकर के प्रपौत्र: सावरकर को दया याचिका दायर करने के कारण माफीवीर या ब्रिटिश एजेंट कहा जाता है या नहीं, यह पक्का नहीं कह सकता

पुणे की स्पेशल MP/MLA कोर्ट में अपने हालिया बयान में सत्याकी सावरकर ने कहा कि उन्हें ठीक से नहीं पता कि उनके प्रपितामह (दादाजी के भाई) और दक्षिणपंथी विचारक विनायक सावरकर को कुछ लोग 'माफीवीर' या 'ब्रिटिश एजेंट' क्यों कहते हैं। चूंकि यह बहस का विषय है, इसलिए उन्होंने उन्हें इन नामों से बुलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मानहानि का कोई मामला दर्ज नहीं किया।सत्याकी से उस आपराधिक मानहानि मामले में जिरह (क्रॉस-एग्जामिनेशन) की जा रही है, जो उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ लंदन में भाषण...

भीमा कोरेगांव केस: आरोपी महेश राउत ने इलाज के लिए केरल जाने की इजाज़त के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्ज़ी दी

भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले के आरोपियों में से एक महेश राउत ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्ज़ी देकर केरल में आयुर्वेदिक इलाज के लिए जाने की इजाज़त मांगी। इससे पहले, इस साल जनवरी में एक स्पेशल NIA कोर्ट ने उनकी ऐसी ही अर्ज़ी खारिज की थी।राउत ने शहर की स्पेशल NIA कोर्ट के 21 जनवरी, 2026 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें 29 जनवरी से 7 फरवरी तक केरल के पूनथोट्टम आयुर्वेदाश्रम जाने की उनकी अर्ज़ी खारिज कर दी गई। वह अपने रूमेटाइड आर्थराइटिस और सोग्रेन सिंड्रोम के इलाज के लिए आयुर्वेदिक आश्रम जाना चाहते...

Breaking | दिल्ली दंगों मामले में कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की

दिल्ली कोर्ट ने शनिवार को उमर खालिद और शरजील इमाम की ज़मानत अर्ज़ियों को खारिज किया। ये अर्ज़ियां 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे एक बड़ी साज़िश के मामले में दायर की गई थीं, जो UAPA के तहत दर्ज किया गया था।कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने दोनों आरोपियों की ज़मानत अर्ज़ियों को खारिज कर दिया।इससे पहले आज, खालिद की ओर से पेश होते हुए सीनियर वकील त्रिदीप पेस ने उन घटनाओं का ज़िक्र किया जिनकी वजह से यह ज़मानत अर्ज़ी दायर करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने खालिद...

सलमान खान के खिलाफ वारंट जारी करने पर NCDRC की जिला आयोग को फटकार, कहा- शैडो मार्केटिंग और भ्रामक विज्ञापन में अंतर समझने की भी कोशिश नहीं की

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने राजश्री पान मसाला के कथित भ्रामक विज्ञापन मामले में अभिनेता सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट और अन्य आदेश जारी करने पर जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आयोग ने कहा कि जिला आयोग ने भ्रामक विज्ञापन (Misleading Advertisement) और शैडो मार्केटिंग (Shadow Marketing) के बीच अंतर समझने का न्यूनतम प्रयास भी नहीं किया।जस्टिस ए.पी. साही और सदस्य भरतकुमार पंड्या की पीठ ने कहा कि जिला आयोग ने ऐसे आदेश पारित किए मानो सलमान खान और...

Delhi Riots: बड़ी साज़िश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिकाओं पर कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली कोर्ट ने शनिवार (4 जुलाई) को UAPA के तहत दर्ज 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में 'बड़ी साज़िश' के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिकाओं पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया।कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा,"मैं आज ही आदेश देने की कोशिश करूंगा। अगर आज नहीं हो पाया तो सोमवार को आदेश दिया जाएगा।" खालिद की ओर से पेश हुए सीनियर वकील त्रिदीप पेस ने मौजूदा ज़मानत याचिका तक की घटनाओं का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम...

केतन अग्रवाल मर्डर केस: पुणे कोर्ट ने मंगेतर और उसके बॉयफ्रेंड को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा

पुणे कोर्ट ने शुक्रवार (3 जुलाई) को दिवंगत केतन अग्रवाल की मंगेतर और उसके बॉयफ्रेंड को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन दोनों पर केतन को लोहगढ़ किले से एक गहरी खाई में धकेलने का आरोप है।PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को आज (शुक्रवार) ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास ए.एम. विभूते के सामने पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।23 जून को अदालत ने दोनों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। इसके बाद उनकी पुलिस हिरासत को आज तक के लिए बढ़ा...