मुख्य सुर्खियां

NALSAR विवाद के बीच BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने लॉ स्टूडेंट्स से मांगी माफ़ी
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने NALSAR के स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ जारी किए गए अपने निर्देशों की आलोचना के बाद लॉ स्टूडेंट्स से माफ़ी मांगी।स्वतंत्रता दिवस पर जारी एक पत्र में मिश्रा ने खेद व्यक्त किया कि अगर इस विवाद से जुड़ी उनकी किसी बात या उनके द्वारा जारी किसी संदेश से लॉ स्टूडेंट्स की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका अफ़सोस है।मिश्रा ने पत्र में कहा,"अगर मौजूदा विवाद से जुड़ी किसी भी चीज़, मेरी किसी बात या पत्र से हमारे लॉ स्टूडेंट्स की भावनाएं आहत हुई हैं, तो...

हमीरपुर में 'जेन अल्फा' का प्रदर्शन: स्कूल तक सड़क न होने के विरोध में स्टूडेंट्स ने निकाला 5 किमी लंबा मार्च, हाईकोर्ट ने लिया स्वत:संज्ञान
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के चंदूपुर गांव के 200 से ज़्यादा 'जेन अल्फा' स्टूडेंट्स की मुश्किलों पर छपी अख़बार की रिपोर्ट का स्वत:संज्ञान लिया। इन स्टूडेंट्स को स्कूल तक सड़क न होने के कारण अपने माता-पिता के साथ मिलकर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन करने के लिए 5 किलोमीटर पैदल मार्च निकाला था।चीफ़ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की बेंच ने 12 अगस्त, 2026 को 'दैनिक जागरण' में छपी उस रिपोर्ट पर ध्यान दिया, जिसमें हमीरपुर के...

NALSAR मामला: NLSIU स्टूडेंट ने BCI आदेशों के लिए की माफी की मांग, दीक्षांत समारोह में मनन कुमार मिश्रा को बुलाने का विरोध किया
एक कड़े बयान में NLSIU बैंगलोर के 2026 में ग्रेजुएट होने वाले बैच और 120 से ज़्यादा पूर्व छात्रों ने NALSAR, हैदराबाद के पास होने वाले छात्रों के बैच के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) की कार्रवाई (जिसे अब वापस ले लिया गया) की निंदा की। साथ ही उन्होंने BCI से NALSAR के छात्रों और फैकल्टी समुदाय से "बिना शर्त माफ़ी" मांगने की मांग की।इस बयान पर 128 NLSIU पूर्व छात्रों, 2026 में ग्रेजुएट होने वाले बैच के 165 छात्रों और BALLB (ऑनर्स), LLB (ऑनर्स), LLM और MPP कोर्स सहित विभिन्न प्रोग्राम के 409...

केवल भक्ति से देवता की ओर से मुकदमा करने का अधिकार नहीं मिलता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी गिफ्ट डीड (दान-पत्र) में सिर्फ़ यह शर्त हो कि भविष्य में संपत्ति पर मूर्ति स्थापित की जाएगी और कोई मूर्ति कभी स्थापित या प्रतिष्ठित नहीं की जाती है, तो कोई 'ज्यूरिस्टिक पर्सन' (कानूनी व्यक्ति) अस्तित्व में नहीं आता, जिसके नाम पर संपत्ति हो सके, और देवता में आस्था रखने वाले लोगों को देवता की ओर से मुकदमा करने का कोई कानूनी अधिकार (लोकस स्टैंडी) नहीं होता।जस्टिस अनिल कुमार-X ने कहा,“हालांकि, वादियों ने खुद अपनी अर्जी में माना है कि उक्त गिफ्ट डीड के तहत विवादित...

बची हुई बिक्री की रकम न चुकाना अपने आप में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि किसी एग्रीमेंट के तहत बिक्री की बची हुई रकम न चुकाना अपने आप में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता, जब तक कि वादा करते समय बेईमानी या धोखाधड़ी का इरादा न रहा हो।जस्टिस आलोक कुमार पांडे की सिंगल जज बेंच ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई पार्टी बाद में अपना वादा पूरा नहीं कर पाई, ऐसा इरादा नहीं माना जा सकता।यह मामला ज़मीन के एक सौदे से जुड़ा था, जिसमें शिकायतकर्ता ने ज़मीन खरीदने के लिए आरोपी के साथ एक एग्रीमेंट किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने बाद में पूरी ज़मीन अपने नाम रजिस्टर...

NEET-UG 2026: नतीजे घोषित होने के बाद उम्मीदवार EWS आरक्षण का दावा नहीं कर सकते: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि जिन उम्मीदवारों ने NEET-UG 2026 के लिए जनरल अनरिजर्व्ड या OBC-NCL कैटेगरी के तहत आवेदन किया, वे नतीजे घोषित होने और काउंसलिंग शुरू होने के बाद इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) कैटेगरी के तहत आरक्षण का दावा नहीं कर सकते।जस्टिस अमृता सिन्हा ने कहा कि काउंसलिंग के चरण में उम्मीदवारों को अपनी कैटेगरी बदलने की अनुमति देने से ऑल-इंडिया मेरिट लिस्ट प्रभावित होगी और उन उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने NEET आवेदन जमा करते समय अपना EWS स्टेटस बताया था।कोर्ट आठ NEET-UG 2026...

'स्वयंभू ईश्वर' रामपाल के दामाद को 4 साल बाद मिली UAPA मामले में ज़मानत, हाईकोर्ट ने माना- सभी ज़रूरी गवाहों से पूछताछ हो चुकी है
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद को भगवान बताने वाले रामपाल के दामाद संजय उर्फ़ फौजी को रेगुलर ज़मानत दी। यह मामला नवंबर 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम में हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा जारी गिरफ़्तारी वारंट को लागू करने के दौरान 111 पुलिसकर्मी घायल हो गए।जस्टिस राजेश भारद्वाज और जस्टिस दीपक मनचंदा की डिवीज़न बेंच ने गौर किया कि अपीलकर्ता 12.08.2026 तक चार साल और इक्कीस दिन जेल में बिता चुका था। साथ ही अभियोजन पक्ष ने उन सभी 49 ज़रूरी गवाहों से पूछताछ कर ली थी, जिनके बारे में...

SCBA की अपील: एडवोकेट जनरल अमित कुमार के खिलाफ पारित प्रस्ताव वापस ले मेघालय बार एसोसिएशन
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने मेघालय हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और शिलांग बार एसोसिएशन से अपील की कि वह मेघालय के एडवोकेट जनरल अमित कुमार को हटाने के लिए लाए गए अपने संयुक्त प्रस्ताव पर फिर से विचार करें और उसे वापस ले लें।14 अगस्त के एक प्रस्ताव में SCBA ने कहा कि उसने कुमार के खिलाफ मेघालय स्थित दो बार एसोसिएशन द्वारा कथित तौर पर पारित संयुक्त प्रस्ताव का संज्ञान लिया। SCBA ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के बारे में कोर्ट में एडवोकेट जनरल का बयान, बार के एक सीनियर सदस्य के खिलाफ एक महिला लॉ...

उमर और शरजील रिहाई के नारे लगाने के आरोपी पूर्व TISS छात्र को हाईकोर्ट ने दी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (14 अगस्त) को TISS के पूर्व छात्र कामाख्या प्रसाद दास को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। उन पर "उमर खालिद और शरजील इमाम को रिहा करने" के लिए नारे लगाने का आरोप है।जस्टिस प्रफुल्ल खुबालकर ने दास की अग्रिम ज़मानत की याचिका पर 31 अगस्त को सुनवाई करने पर सहमति जताई और इस बीच उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी।गौरतलब है कि पिछले हफ्ते मुंबई की एक अदालत ने दास और एक अन्य छात्र अभिस्वरूप पॉल की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की। इन दोनों को जीएन साईबाबा को श्रद्धांजलि देने के...

NALSAR स्टूडेंट्स के ख़िलाफ़ BCI के आदेशों की 400 पूर्व छात्रों ने की निंदा
नेशनल एकेडमी ऑफ़ लीगल स्टडीज़ एंड रिसर्च (NALSAR) के 441 पूर्व छात्रों ने बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को खुला पत्र लिखा। यह पत्र BCI द्वारा जारी उन निर्देशों के विरोध में है (जिन्हें बाद में वापस ले लिया गया था) जिनमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के कारण NALSAR यूनिवर्सिटी के छात्रों के एनरोलमेंट (पंजीकरण) को रोकने की बात कही गई थी।पत्र में कहा गया कि भले ही "एनरोलमेंट पर रोक और जांच की मांग" और रिपोर्ट को "जनता के दबाव" के कारण जल्द ही वापस...

विरोध के बाद BCI चेयरमैन ने NALSAR 2026 बैच के खिलाफ जांच रोकी
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद के 2026 बैच के खिलाफ सभी कार्यवाही रोकने का फैसला किया। इस फैसले से उस विवाद का अंत हो गया, जो यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की भागीदारी पर कुछ छात्रों की आपत्तियों के कारण शुरू हुआ था।मिश्रा ने देर रात एक पोस्ट में इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सीनियर वकीलों, बार के सदस्यों, कानून के छात्रों और आम जनता से मिली प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद काउंसिल...

BREAKING| 'सभी स्टूडेंट एनरोल कर सकते हैं': BCI ने वापस लिया NALSAR 2026 के ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट पर रोक वाला चेयरमैन का निर्देश
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) ने चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा का वह पुराने निर्देश वापस ले लिया, जिसमें स्टेट बार काउंसिल्स को NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ के 2026 के ग्रेजुएट्स को एडवोकेट के तौर पर एनरोल करने से रोका गया था। BCI काउंसिल ने पाया कि ज़्यादातर छात्र बेगुनाह थे और यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की भागीदारी का विरोध करने वाले कैंपेन में शामिल होने का उनका कोई इरादा नहीं था।काउंसिल ने मामले पर चर्चा के बाद चेयरमैन के 13 अगस्त के निर्देश में बदलाव...

BREAKING| CJI के ख़िलाफ़ कैंपेन का मामला: NALSAR के स्टूडेंट्स को वकील के तौर पर एनलोरमेंट करने से BCI चेयरमैन का इनकार
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के चेयरमैन ने सभी स्टेट बार काउंसिल्स को निर्देश दिया कि वह NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ, हैदराबाद से 2026 में ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को अगले आदेश तक एडवोकेट के तौर पर एनरोल न करें। साथ ही उन्होंने यूनिवर्सिटी से उन लोगों के बारे में एक फैक्ट-बेस्ड रिपोर्ट मांगी, जो यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की भागीदारी का विरोध करने वाले कैंपेन में शामिल थे।BCI चेयरमैन ने NALSAR के वाइस-चांसलर और सभी स्टेट बार काउंसिल्स को भेजे गए...

NALSAR छात्रों के एनरोलमेंट पर रोक लगाने वाले BCI चीफ के आदेश का बार काउंसिल मेंबर ने किया विरोध
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के एक सदस्य ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के उस फ़ैसले का कड़ा विरोध किया, जिसमें स्टेट बार काउंसिल्स को NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ के उन छात्रों का एनरोलमेंट करने से रोका गया, जिन्होंने 2026 में अपनी लॉ डिग्री हासिल की थी। उन्होंने इस आदेश को "साफ़ तौर पर मनमाना" और ग्रेजुएट्स के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।BCI चेयरमैन को लिखे एक पत्र में बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ़ केरल दोनों के सदस्य एडवोकेट एन. मनोज कुमार ने 13 अगस्त को BCI चेयरमैन द्वारा...

खनिजों पर राज्य सरकारों के कर लगाने की शक्ति पर रोक, संसद ने पारित किया MMDR संशोधन विधेयक
संसद ने Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill, 2026 को मंजूरी दे दी है। राज्यसभा ने गुरुवार को विधेयक पारित किया, जबकि लोकसभा ने इसे एक दिन पहले मंजूरी दी थी। विधेयक का उद्देश्य खनन क्षेत्र में कर और शुल्क व्यवस्था को अधिक एकरूप और पूर्वानुमान योग्य बनाना है।राज्यों के कर लगाने के अधिकार पर बड़ी रोकविधेयक में नई Section 9D जोड़ी गई है। इसके तहत राज्य सरकारें खनिज अधिकारों (Mineral Rights) या खनिज वाली भूमि (Mineral-Bearing Lands) पर खनिज की मात्रा, कीमत, देय रॉयल्टी या...

शराब नीति मामले में 500 पन्नों के आदेश को समझे बिना 4 घंटे में अपील: केजरीवाल-सिसोदिया ने CBI की याचिका खारिज करने की मांग की
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में उन्हें आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका खारिज करने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।दोनों नेताओं ने CBI की आपराधिक पुनर्विचार याचिका में अपना जवाब दाखिल किया। यह याचिका जस्टिस मनोज जैन की एकल पीठ के समक्ष लंबित है। केजरीवाल और सिसोदिया ने शुरुआत में ही याचिका की सुनवाई योग्य होने पर आपत्ति जताई है।उनका कहना है कि निचली...

PM Modi पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में अगरतला मेयर को राहत नहीं, हाईकोर्ट का FIR रद्द करने से इनकार
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अगरतला के मेयर के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां करने के मामले में कंटेंट क्रिएटर माधबी बिस्वास के खिलाफ दर्ज दो FIR रद्द करने से इनकार किया।हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया उनकी टिप्पणियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरुपयोग जैसी प्रतीत होती हैं और मामले में आगे की जांच की आवश्यकता है।जस्टिस डॉ. टी. अमरनाथ गौड़ और जस्टिस एस. दत्ता पुरकायस्थ की खंडपीठ ने कहा कि जांच अधिकारी ने बिस्वास का मोबाइल फोन जब्त कर सामग्री...

सरकारी अस्पताल में 400 वेंटिलेटर और 910 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बिना इस्तेमाल के पड़े: दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- 'काफी चौंकाने वाली बात'
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी के 26 सरकारी अस्पतालों में बड़ी मात्रा में मेडिकल इक्विपमेंट के बिना इस्तेमाल के पड़े होने की बात कही, जिसमें अकेले गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में 400 वेंटिलेटर और 910 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर शामिल हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने पाया कि कई अस्पताल टेक्निकल स्टाफ, एक्सेसरीज़ या मुख्य इक्विपमेंट की कमी के कारण इक्विपमेंट का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे।बेंच ने कहा कि दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट जैसे कुछ अस्पतालों में बिना इस्तेमाल...

वोटर लिस्ट में जीवनसाथी का नाम होना वैध हिंदू विवाह का सबूत नहीं: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट में जीवनसाथी के तौर पर किसी व्यक्ति का नाम होने से ही वैध हिंदू विवाह साबित नहीं होता। जहां विवाह पर ही विवाद हो, वहां दावा करने वाले पक्ष को यह साबित करना होगा कि विवाह हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 7 के तहत ज़रूरी रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ संपन्न हुआ था।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की डिवीजन बेंच ने एक महिला की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। महिला ने फैमिली कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील की थी, जिसमें कहा गया कि वह प्रतिवादी की...

आगे बढ़ें और ऐसे कमर्शियल विवादों को खत्म करें: SBI द्वारा एसेट ज़ब्त करने के खिलाफ विजय माल्या की 2020 की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट
बुधवार (12 अगस्त) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि पूर्व शराब कारोबारी विजय माल्या और बैंकों के कंसोर्टियम के बीच चल रहे कमर्शियल विवादों को खत्म किया जाना चाहिए, और इसमें शामिल पक्षों को 'आगे बढ़ना' चाहिए, वरना इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।सिंगल-जज जस्टिस मिलिंद जाधव माल्या द्वारा 2020 में दायर अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उन्होंने मुंबई की स्पेशल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व...
