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हमीरपुर में जेन अल्फा का प्रदर्शन: स्कूल तक सड़क न होने के विरोध में स्टूडेंट्स ने निकाला 5 किमी लंबा मार्च, हाईकोर्ट ने लिया स्वत:संज्ञान

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के चंदूपुर गांव के 200 से ज़्यादा 'जेन अल्फा' स्टूडेंट्स की मुश्किलों पर छपी अख़बार की रिपोर्ट का स्वत:संज्ञान लिया। इन स्टूडेंट्स को स्कूल तक सड़क न होने के कारण अपने माता-पिता के साथ मिलकर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन करने के लिए 5 किलोमीटर पैदल मार्च निकाला था।चीफ़ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की बेंच ने 12 अगस्त, 2026 को 'दैनिक जागरण' में छपी उस रिपोर्ट पर ध्यान दिया, जिसमें हमीरपुर के...

केवल भक्ति से देवता की ओर से मुकदमा करने का अधिकार नहीं मिलता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी गिफ्ट डीड (दान-पत्र) में सिर्फ़ यह शर्त हो कि भविष्य में संपत्ति पर मूर्ति स्थापित की जाएगी और कोई मूर्ति कभी स्थापित या प्रतिष्ठित नहीं की जाती है, तो कोई 'ज्यूरिस्टिक पर्सन' (कानूनी व्यक्ति) अस्तित्व में नहीं आता, जिसके नाम पर संपत्ति हो सके, और देवता में आस्था रखने वाले लोगों को देवता की ओर से मुकदमा करने का कोई कानूनी अधिकार (लोकस स्टैंडी) नहीं होता।जस्टिस अनिल कुमार-X ने कहा,“हालांकि, वादियों ने खुद अपनी अर्जी में माना है कि उक्त गिफ्ट डीड के तहत विवादित...

बची हुई बिक्री की रकम न चुकाना अपने आप में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि किसी एग्रीमेंट के तहत बिक्री की बची हुई रकम न चुकाना अपने आप में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता, जब तक कि वादा करते समय बेईमानी या धोखाधड़ी का इरादा न रहा हो।जस्टिस आलोक कुमार पांडे की सिंगल जज बेंच ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई पार्टी बाद में अपना वादा पूरा नहीं कर पाई, ऐसा इरादा नहीं माना जा सकता।यह मामला ज़मीन के एक सौदे से जुड़ा था, जिसमें शिकायतकर्ता ने ज़मीन खरीदने के लिए आरोपी के साथ एक एग्रीमेंट किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने बाद में पूरी ज़मीन अपने नाम रजिस्टर...

स्वयंभू ईश्वर रामपाल के दामाद को 4 साल बाद मिली UAPA मामले में ज़मानत, हाईकोर्ट ने माना- सभी ज़रूरी गवाहों से पूछताछ हो चुकी है

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद को भगवान बताने वाले रामपाल के दामाद संजय उर्फ़ फौजी को रेगुलर ज़मानत दी। यह मामला नवंबर 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम में हुई हिंसा से जुड़ा है, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा जारी गिरफ़्तारी वारंट को लागू करने के दौरान 111 पुलिसकर्मी घायल हो गए।जस्टिस राजेश भारद्वाज और जस्टिस दीपक मनचंदा की डिवीज़न बेंच ने गौर किया कि अपीलकर्ता 12.08.2026 तक चार साल और इक्कीस दिन जेल में बिता चुका था। साथ ही अभियोजन पक्ष ने उन सभी 49 ज़रूरी गवाहों से पूछताछ कर ली थी, जिनके बारे में...

SCBA की अपील: एडवोकेट जनरल अमित कुमार के खिलाफ पारित प्रस्ताव वापस ले मेघालय बार एसोसिएशन

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने मेघालय हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और शिलांग बार एसोसिएशन से अपील की कि वह मेघालय के एडवोकेट जनरल अमित कुमार को हटाने के लिए लाए गए अपने संयुक्त प्रस्ताव पर फिर से विचार करें और उसे वापस ले लें।14 अगस्त के एक प्रस्ताव में SCBA ने कहा कि उसने कुमार के खिलाफ मेघालय स्थित दो बार एसोसिएशन द्वारा कथित तौर पर पारित संयुक्त प्रस्ताव का संज्ञान लिया। SCBA ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के बारे में कोर्ट में एडवोकेट जनरल का बयान, बार के एक सीनियर सदस्य के खिलाफ एक महिला लॉ...

उमर और शरजील रिहाई के नारे लगाने के आरोपी पूर्व TISS छात्र को हाईकोर्ट ने दी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (14 अगस्त) को TISS के पूर्व छात्र कामाख्या प्रसाद दास को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। उन पर "उमर खालिद और शरजील इमाम को रिहा करने" के लिए नारे लगाने का आरोप है।जस्टिस प्रफुल्ल खुबालकर ने दास की अग्रिम ज़मानत की याचिका पर 31 अगस्त को सुनवाई करने पर सहमति जताई और इस बीच उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी।गौरतलब है कि पिछले हफ्ते मुंबई की एक अदालत ने दास और एक अन्य छात्र अभिस्वरूप पॉल की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की। इन दोनों को जीएन साईबाबा को श्रद्धांजलि देने के...

BREAKING| सभी स्टूडेंट एनरोल कर सकते हैं: BCI ने वापस लिया NALSAR 2026 के ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट पर रोक वाला चेयरमैन का निर्देश

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) ने चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा का वह पुराने निर्देश वापस ले लिया, जिसमें स्टेट बार काउंसिल्स को NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ के 2026 के ग्रेजुएट्स को एडवोकेट के तौर पर एनरोल करने से रोका गया था। BCI काउंसिल ने पाया कि ज़्यादातर छात्र बेगुनाह थे और यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की भागीदारी का विरोध करने वाले कैंपेन में शामिल होने का उनका कोई इरादा नहीं था।काउंसिल ने मामले पर चर्चा के बाद चेयरमैन के 13 अगस्त के निर्देश में बदलाव...

BREAKING| CJI के ख़िलाफ़ कैंपेन का मामला: NALSAR के स्टूडेंट्स को वकील के तौर पर एनलोरमेंट करने से BCI चेयरमैन का इनकार

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के चेयरमैन ने सभी स्टेट बार काउंसिल्स को निर्देश दिया कि वह NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ, हैदराबाद से 2026 में ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को अगले आदेश तक एडवोकेट के तौर पर एनरोल न करें। साथ ही उन्होंने यूनिवर्सिटी से उन लोगों के बारे में एक फैक्ट-बेस्ड रिपोर्ट मांगी, जो यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत की भागीदारी का विरोध करने वाले कैंपेन में शामिल थे।BCI चेयरमैन ने NALSAR के वाइस-चांसलर और सभी स्टेट बार काउंसिल्स को भेजे गए...

शराब नीति मामले में 500 पन्नों के आदेश को समझे बिना 4 घंटे में अपील: केजरीवाल-सिसोदिया ने CBI की याचिका खारिज करने की मांग की

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में उन्हें आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका खारिज करने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।दोनों नेताओं ने CBI की आपराधिक पुनर्विचार याचिका में अपना जवाब दाखिल किया। यह याचिका जस्टिस मनोज जैन की एकल पीठ के समक्ष लंबित है। केजरीवाल और सिसोदिया ने शुरुआत में ही याचिका की सुनवाई योग्य होने पर आपत्ति जताई है।उनका कहना है कि निचली...

PM Modi पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में अगरतला मेयर को राहत नहीं, हाईकोर्ट का FIR रद्द करने से इनकार

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अगरतला के मेयर के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां करने के मामले में कंटेंट क्रिएटर माधबी बिस्वास के खिलाफ दर्ज दो FIR रद्द करने से इनकार किया।हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया उनकी टिप्पणियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरुपयोग जैसी प्रतीत होती हैं और मामले में आगे की जांच की आवश्यकता है।जस्टिस डॉ. टी. अमरनाथ गौड़ और जस्टिस एस. दत्ता पुरकायस्थ की खंडपीठ ने कहा कि जांच अधिकारी ने बिस्वास का मोबाइल फोन जब्त कर सामग्री...

सरकारी अस्पताल में 400 वेंटिलेटर और 910 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बिना इस्तेमाल के पड़े: दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- काफी चौंकाने वाली बात

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी के 26 सरकारी अस्पतालों में बड़ी मात्रा में मेडिकल इक्विपमेंट के बिना इस्तेमाल के पड़े होने की बात कही, जिसमें अकेले गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में 400 वेंटिलेटर और 910 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर शामिल हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने पाया कि कई अस्पताल टेक्निकल स्टाफ, एक्सेसरीज़ या मुख्य इक्विपमेंट की कमी के कारण इक्विपमेंट का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे।बेंच ने कहा कि दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट जैसे कुछ अस्पतालों में बिना इस्तेमाल...

वोटर लिस्ट में जीवनसाथी का नाम होना वैध हिंदू विवाह का सबूत नहीं: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट में जीवनसाथी के तौर पर किसी व्यक्ति का नाम होने से ही वैध हिंदू विवाह साबित नहीं होता। जहां विवाह पर ही विवाद हो, वहां दावा करने वाले पक्ष को यह साबित करना होगा कि विवाह हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 7 के तहत ज़रूरी रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ संपन्न हुआ था।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की डिवीजन बेंच ने एक महिला की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। महिला ने फैमिली कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील की थी, जिसमें कहा गया कि वह प्रतिवादी की...

आगे बढ़ें और ऐसे कमर्शियल विवादों को खत्म करें: SBI द्वारा एसेट ज़ब्त करने के खिलाफ विजय माल्या की 2020 की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट

बुधवार (12 अगस्त) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि पूर्व शराब कारोबारी विजय माल्या और बैंकों के कंसोर्टियम के बीच चल रहे कमर्शियल विवादों को खत्म किया जाना चाहिए, और इसमें शामिल पक्षों को 'आगे बढ़ना' चाहिए, वरना इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।सिंगल-जज जस्टिस मिलिंद जाधव माल्या द्वारा 2020 में दायर अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उन्होंने मुंबई की स्पेशल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व...