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चेक अनादर| बिना शिकायतकर्ता की सहमति 138 एनआई एक्ट के तहत पुनरीक्षण चरण में समझौता नहीं हो सकता : कलकत्ता हाईकोर्ट
चेक अनादर| बिना शिकायतकर्ता की सहमति 138 एनआई एक्ट के तहत पुनरीक्षण चरण में समझौता नहीं हो सकता : कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा है कि सीआरपीसी की धारा 320 का उल्लंघन करते हुए, निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट ("एनआई अधिनियम") की धारा 138 के तहत अपराधों पर शिकायतकर्ता की सहमति के बिना समझौता नहीं किया जा सकता है।दो आपराधिक पुनरीक्षणों को खारिज करते हुए जस्टिस सुभेंदु सामंत की एकल पीठ ने कहा:यह स्पष्ट है कि इस हाईकोर्ट के समक्ष आपराधिक पुनरीक्षण के चरण में समझौते की प्रार्थना शिकायतकर्ता की सहमति के बिना संभव नहीं है। याचिकाकर्ता को मजिस्ट्रेट या अपीलीय अदालत के समक्ष प्रस्ताव रखने से किसी ने नहीं...

आय से अधिक संपत्ति : हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी आशीष कपूर को अंतरिम जमानत दी, संपत्ति घोषित करने का निर्देश दिया
आय से अधिक संपत्ति : हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी आशीष कपूर को अंतरिम जमानत दी, संपत्ति घोषित करने का निर्देश दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इस साल पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी आशीष कपूर के खिलाफ शुरू किए गए आय से अधिक संपत्ति के मामले में उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। कपूर हिरासत में बलात्कार, यातना और जबरन वसूली के आरोपों सहित कई एफआईआर में आरोपी हैं।जस्टिस अनूप चितकारा ने हालांकि कहा कि इस स्तर पर कपूर के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड को जमानत से इनकार करने के कारक के रूप में सख्ती से नहीं माना जा रहा है।पीठ ने कहा," आरोपों की प्रकृति और इस मामले के विशिष्ट अन्य कारकों के प्रथम दृष्टया विश्लेषण के साथ-साथ...

दिल्ली हाईकोर्ट ने समझौते के बाद पति के खिलाफ पत्नी की एफआईआर रद्द की, दिल्ली के ग्रीन कवर में योगदान देने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने समझौते के बाद पति के खिलाफ पत्नी की एफआईआर रद्द की, दिल्ली के ग्रीन कवर में योगदान देने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति से उसकी पत्नी द्वारा और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करते हुए राष्ट्रीय राजधानी के "हरित आवरण" के लिए योगदान देने को कहा है। तलाक के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया था। जस्टिस सौरभ बनर्जी ने पति से दो सप्ताह के भीतर दिल्ली के पांच पुलिस स्टेशनों को 500 मिलीलीटर "पौधों के लिए जैविक कवकनाशी" उपलब्ध कराने को कहा।अदालत ने कहा, " यह अदालत याचिकाकर्ता नंबर 1 द्वारा दिल्ली शहर में हरित आवरण फैलाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए...

बाद में बरी कर दिए गए दोषी कर्मचारी के निलंबन की अवधि को वरिष्ठता और निर्वाह भत्ते के लिए गिना जाएगा, लेकिन बकाया वेतन के लिए नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
बाद में बरी कर दिए गए दोषी कर्मचारी के निलंबन की अवधि को वरिष्ठता और निर्वाह भत्ते के लिए गिना जाएगा, लेकिन बकाया वेतन के लिए नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि जिस अवधि में किसी कर्मचारी को निलंबित किया जाता है, उसे सभी प्रयोजनों और उद्देश्यों के लिए "ड्यूटी में नहीं बिताई गई" अवधि के रूप में नहीं माना जा सकता है। अदालत ने कहा कि इस अवधि को केवल बकाया वेतन के प्रयोजनों के लिए "ड्यूटी में नहीं बिताई गई" अवधि के रूप में माना जा सकता है, न कि वरिष्ठता और पदोन्नति के प्रयोजनों के लिए।अदालत ने यह भी कहा कि एक कर्मचारी जिसे निलंबित कर दिया गया है और आपराधिक कार्यवाही में दोषी ठहराए जाने पर सेवाओं से बर्खास्त कर दिया गया...

धारा 34(2) POCSO एक्ट अनिवार्य, पीड़िता की उम्र का मुद्दा उठाए जाने पर ट्रायल कोर्ट उसे निर्धारित करने के लिए बाध्य: पटना हाईकोर्ट
धारा 34(2) POCSO एक्ट अनिवार्य, पीड़िता की उम्र का मुद्दा उठाए जाने पर ट्रायल कोर्ट उसे निर्धारित करने के लिए बाध्य: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने पीड़ित की उम्र निर्धारित करने में ट्रायल कोर्ट की विफलता के कारण एक नाबालिग के खिलाफ यौन अपराध से जुड़े एक मामले में दोषसिद्धि को पलट दिया। कोर्ट ने समक्ष यह मुद्दा आरोपी ने उठाया था।कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि पीड़िता की उम्र का पता लगाना ट्रायल कोर्ट का कर्तव्य है, खासकर जब इसे यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्यवाही ‌के दरमियान चुनौती दी गई हो।जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह और जस्टिस नवनीत कुमार पांडे की खंडपीठ ने कहा, “POCSO एक्ट, 2012 की...

वाहन जब्ती: मालिक द्वारा पुलिस अधिकारियों पर रिश्वत दरें तय करने का आरोप लगाने वाली रिकॉर्डिंग पेश करने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले को सीआईडी को ट्रांसफर किया
वाहन जब्ती: मालिक द्वारा पुलिस अधिकारियों पर 'रिश्वत दरें तय करने' का आरोप लगाने वाली रिकॉर्डिंग पेश करने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले को सीआईडी को ट्रांसफर किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा माल वाहक की कथित अवैध जब्ती से संबंधित मामले को राज्य के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को ट्रांसफर कर दिया, जब अदालत में एक क्लिप चलाई गई, जिसमें पुलिस अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग दिखाई गई। ट्रक चालकों को उत्तरी दिनाजपुर के कुछ पुलिस स्टेशनों से गुजरने की अनुमति दी जाए।जिस याचिकाकर्ता का ट्रक पुलिस अधिकारियों द्वारा जब्त कर लिया गया था, उसने उपरोक्त रिकॉर्डिंग को रिकॉर्ड पर रखा। इस रिकॉर्डिंग में आरोप लगाया गया कि पुलिस अधिकारी उससे...

NEET-PG 2023: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्वालीफाइंग परसेंटाइल को घटाकर शून्य करने को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
NEET-PG 2023: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्वालीफाइंग परसेंटाइल को घटाकर शून्य करने को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने एनईईटी-पीजी 2023 परीक्षा में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए योग्यता प्रतिशत (Qualifying Percentile) को घटाकर सभी श्रेणियों में 'शून्य' यानी शून्य से 40 अंक कम करने के खिलाफ विभिन्न डॉक्टर उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है।जस्टिस पुरुषइंद्र कुमार कौरव ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी से जवाब मांगा।यह याचिका तीन एमबीबीएस डॉक्टरों द्वारा दायर की गई है जिन्होंने 05 मार्च को एनईईटी पीजी परीक्षा दी...

पति द्वारा भुगतान न किए जाने के बावजूद पत्नी अपने दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए काम कर रही है, भरण-पोषण कम करने का कोई आधार नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट
पति द्वारा भुगतान न किए जाने के बावजूद पत्नी अपने दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए काम कर रही है, भरण-पोषण कम करने का कोई आधार नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई पत्नी आर्थिक तंगी के कारण अपने और बच्चे के दैनिक खर्चों की पूर्ति के लिए काम करना शुरू कर देती है तो यह उसके पति द्वारा उसे दिए जाने वाले गुजारा भत्ते को कम करने का आधार नहीं है। अदालत ने पति की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें पारिवारिक अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें पत्नी को 8,000 रु. नाबालिग बच्चे के लिए 3,000रुपये के मासिक भरण-पोषण को संशोधित करने से इनकार कर दिया गया था।अदालत ने कहा,“ भले ही अंतरिम भरण-पोषण मंजूर कर लिया गया हो, अपीलकर्ता...

ज्ञानवापी स्वामित्व विवाद| इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई टालने की मस्जिद समिति की याचिका खारिज की, सुनवाई 4 अक्टूबर को होगी
ज्ञानवापी स्वामित्व विवाद| इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई टालने की मस्जिद समिति की याचिका खारिज की, सुनवाई 4 अक्टूबर को होगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद की प्रबंधकार‌िणी कमेटी अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की ओर से ज्ञानवापी-काशी काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी भूमि स्वामित्व विवाद मामलों में सुनवाई टालने के लिए दायर आवेदन को खारिज कर दिया है। आवेदन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के समक्ष लंबित है। 18 सितंबर को दायर आवेदन में प्रार्थना की गई कि सुनवाई तब तक न की जाए, जब तक जिस आवेदन पर चीफ जस्टिस ने सिंगल जज से स्वामित्व विवाद के मामलों को वापस लेने के लिए 11 अगस्त को एक प्रशासनिक आदेश पारित किया...

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्मों को दिव्यांगों के अनुकूल बनाने की याचिका पर सुनवाई बाधित वादियों के लिए सांकेतिक भाषा दुभाषिया की सेवाएं लीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्मों को दिव्यांगों के अनुकूल बनाने की याचिका पर सुनवाई बाधित वादियों के लिए सांकेतिक भाषा दुभाषिया की सेवाएं लीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने पहली बार मंगलवार को श्रवण बाधित वादी के लाभ के लिए सांकेतिक भाषा दुभाषिया की सेवाएं लीं, जिन्होंने दृष्टि और श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए फिल्मों को अनुकूल बनाने के लिए याचिका दायर की है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार, रजिस्ट्रार जनरल ने अदालत में शारीरिक रूप से मौजूद वादी की सुविधा के लिए अदालती कार्यवाही की व्याख्या के लिए सेवाएं लीं।श्रवणबाधित तीन अन्य समान स्थिति वाले व्यक्तियों के लिए एक अन्य सांकेतिक भाषा दुभाषिया भी अदालत में मौजूद था, जो...

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध केवल लोक सेवकों के अलावा सार्वजनिक कर्तव्य का निर्वहन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी लागू किया जा सकता है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध केवल लोक सेवकों के अलावा सार्वजनिक कर्तव्य का निर्वहन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी लागू किया जा सकता है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने मंगलवार को माना कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 2 (सी) के तहत "लोक सेवक" शब्द की व्यापक व्याख्या सार्वजनिक कर्तव्य प्रदान करने वाले समाज में भ्रष्टाचार के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए आवश्यक है।जस्टिस वसीम सादिक नर्गल ने यह भी स्पष्ट किया कि परिभाषा को ऐसी व्याख्या द्वारा सीमित करना अनुचित होगा जो क़ानून की भावना के विरुद्ध होगा।उन्होंने कहा,“भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए इस क़ानून के प्रावधानों की व्यापक व्याख्या करने की आवश्यकता है। इस अधिनियम...

एक अच्छा निर्णय अच्छी वकालत का परिणाम है: जस्टिस सोमयाजुलु ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से विदाई ली
'एक अच्छा निर्णय अच्छी वकालत का परिणाम है': जस्टिस सोमयाजुलु ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से विदाई ली

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की कानूनी बिरादरी सोमवार को जस्टिस डी.वी.एस.एस सोमयाजुलु को उनकी सेवानिवृत्ति पर अंतिम विदाई देने के लिए एकत्र हुई।आंध्र प्रदेश के चीफ जस्टिस, जज धीरज सिंह ठाकुर ने उन्हें एक अच्छे न्यायाधीश के आंतरिक गुण विनम्रता, ज्ञान और त्वरित समझ वाला व्यक्ति बताया। पारिवारिक विरासत उनके व्यक्तित्व में झलकती है। उन्होंने अपने तौर-तरीकों से इसे कई मामलों में बेहतर बनाया है।"चीफ जस्टिस ने आगे कहा,"उनके समृद्ध अनुभव और ज्ञान ने कानून के विकास में बहुत योगदान दिया है। उनके द्वारा दिए गए...

उन्हें इस उम्र में सिविल कोर्ट नहीं भेजा जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने बेटे और बहू द्वारा कथित तौर पर घर से निकाले गए माता-पिता को राहत दी
"उन्हें इस उम्र में सिविल कोर्ट नहीं भेजा जा सकता": कलकत्ता हाईकोर्ट ने बेटे और बहू द्वारा कथित तौर पर घर से निकाले गए माता-पिता को राहत दी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने जोड़े द्वारा दायर रिट याचिका स्वीकार कर ली। इस जोड़े ने दावा किया था कि उन्हें उनके बेटे और बहू (प्रतिवादी) ने उनके घर से बाहर निकाल दिया है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि संपत्ति पर उनका अधिकार और हित है और प्रतिवादी काफी समय से उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं, डरा रहे हैं। यहां तक कि उन पर हमला भी कर रहे हैं। अंततः उन्हें घर से बाहर निकाल दिया।जस्टिस जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने याचिकाकर्ताओं को उनके घर में बहाल करने में कहा,ऐसा प्रतीत होता है कि हालांकि याचिकाकर्ता नंबर 2...

एमवी एक्ट | अवार्ड पर रोक लग सकती है, भले ही पहली अपील में देरी की माफी का आवेदन लंबित हो : बॉम्बे हाईकोर्ट
एमवी एक्ट | अवार्ड पर रोक लग सकती है, भले ही पहली अपील में देरी की माफी का आवेदन लंबित हो : बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के तहत पारित किसी अवार्ड पर अंतरिम रोक लगाई जा सकती है, भले ही ऐसे अवार्ड के खिलाफ पहली अपील दायर करने में देरी की माफी के लिए अपीलकर्ताओं का आवेदन लंबित हो।जस्टिस अभय आहूजा ने कहा, "प्रस्तावित प्रथम अपील में एमवी अधिनियम के तहत पारित फैसले और अवार्ड पर रोक लगाने के आवेदन पर एक- पक्षीय अंतरिम/अंतरिम रोक के लिए विचार किया जा सकता है, भले ही देरी की माफी का आवेदन लंबित हो।"अदालत तीन बीमा कंपनियों और एक व्यक्ति द्वारा अलग-अलग प्रथम...

वकीलों का मेंटर हेल्थ महत्वपूर्ण, वर्क-लाइफ बैलेंस बर्नआउट से बचने के लिए आवश्यक: जस्टिस दीपंकर दत्ता
वकीलों का मेंटर हेल्थ महत्वपूर्ण, वर्क-लाइफ बैलेंस बर्नआउट से बचने के लिए आवश्यक: जस्टिस दीपंकर दत्ता

सुप्रीम कोर्ट के जज, जस्टिस दीपांकर दत्ता ने अंतर्राष्ट्रीय वकीलों के सम्मेलन इंटर-आइआ, 2023 में बोलते हुए समान अवसरों तक पहुंच के बारे में बात की। उन्होंने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कानूनी बिरादरी की जिम्मेदारी है कि कानूनी पेशा सभी के लिए समावेशी और टिकाऊ बना रहे।उन्होंने कहा,“यह आश्चर्यजनक है कि अवसरों और उनके साथ समस्याओं के स्पेक्ट्रम को अदालत और शहर से अलग -अलग कैसे किया जाता है। भारतीय कानूनी पेशेवर इस दुविधा में अकेला नहीं है, हम सभी हैं। लेकिन निश्चित है कि ये मुद्दे भारत के...

सर्विस रजिस्टर में नाम न होने पर भी मां मृत बेटे के पेंशन लाभों में हिस्सा लेने की हकदार है : मद्रास हाईकोर्ट
सर्विस रजिस्टर में नाम न होने पर भी मां मृत बेटे के पेंशन लाभों में हिस्सा लेने की हकदार है : मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने मृत बेटे के सेवांत लाभ और पेंशन लाभ में हिस्सेदारी की मांग कर रही एक मां की मदद के लिए आगे आते हुए कहा कि मां एक वरिष्ठ नागरिक और कानूनी उत्तराधिकारियों में से एक होने के नाते जीवन काल और पेंशन लाभ में हिस्सेदारी की हकदार है। हालांकि भूतपूर्व सैनिक कल्याण निदेशक ने प्रस्तुत किया कि मृतक ने अपनी पत्नी को तमिलनाडु पेंशन नियमों के नियम 48 के तहत मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ और ग्रेच्युटी प्राप्त करने के लिए नामांकित किया था, जिससे मां किसी भी हिस्से का दावा करने की हकदार नहीं है।...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पड़ोसियों के बीच समझौते के बाद एफआईआर रद्द की, आरोपी को 40 दिनों तक हनुमान मंदिर में सेवा करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने पड़ोसियों के बीच समझौते के बाद एफआईआर रद्द की, आरोपी को 40 दिनों तक हनुमान मंदिर में सेवा करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पड़ोसियों के बीच समझौते के बाद दर्ज की गई एफआईआर को रद्द कर दिया और आरोपी को 40 दिनों के लिए कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में सामाजिक सेवा करने को कहा। जस्टिस ज्योति सिंह ने राजा नामक आरोपी द्वारा दायर की गई याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (एक महिला की गरिमा का हनन करना) और POCSO अधिनियम की धारा 12 (यौन उत्पीड़न के लिए सजा) के तहत 2018 में दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी।अदालत ने कहा कि मामला पड़ोसियों के बीच...

परिवीक्षा अवधि के बाद सेवा में बने रहने का मतलब स्वचालित पुष्टिकरण नहीं, जब तक कि स्पष्ट रूप से या असाधारण मामले में यह प्रदान न किया गया हो: कर्नाटक हाईकोर्ट
परिवीक्षा अवधि के बाद सेवा में बने रहने का मतलब स्वचालित पुष्टिकरण नहीं, जब तक कि स्पष्ट रूप से या असाधारण मामले में यह प्रदान न किया गया हो: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना है कि परिवीक्षा पर नियुक्त व्यक्ति पुष्टि के स्पष्ट आदेश जारी होने के बाद ही स्थायी कर्मचारी बनता है।चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की खंडपीठ ने एक महिला द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया, जिसकी परिवीक्षा अवधि पूरी होने पर सिविल जज, विराजपेट की अदालत में स्टेनोग्राफर के पद पर पुष्टि नहीं की गई थी।पीठ ने कहा,"केवल परिवीक्षा अवधि की समाप्ति के बाद सेवा में बने रहने से, एक सिविल सेवक स्वचालित रूप से सेवा के स्थायी सदस्य का दर्जा प्राप्त नहीं कर लेता...

मालेगांव विस्फोट के आरोपी ने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत सवालों की एडवांस कॉपी मांगी, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सुबह की पेशी से छूट मांगी
मालेगांव विस्फोट के आरोपी ने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत सवालों की एडवांस कॉपी मांगी, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सुबह की पेशी से छूट मांगी

भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में सोमवार को विशेष एनआईए अदालत में पेश हुईं और अन्य आरोपी व्यक्तियों के साथ सीआरपीसी की धारा 313 के तहत न्यायाधीश द्वारा तैयार किए गए प्रश्नों की अग्रिम कॉपी मांगीं। सीआरपीसी की धारा 313 किसी आपराधिक मुकदमे के दौरान आरोपी के खिलाफ सवाल तय करने और आरोपी के खिलाफ सबूतों के आधार पर स्पष्टीकरण मांगने की न्यायाधीश की शक्ति से संबंधित है।विशेष न्यायाधीश एके लाहोटी ने बचाव पक्ष से पूछा ,“जब मैं ड्राफ्ट दिखा रहा था तो आरोपी मौजूद क्यों नहीं...

गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत के बावजूद लगभग 3 साल तक गलत तरीके से जेल में रखे गए युवक को एक लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया
गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत के बावजूद लगभग 3 साल तक गलत तरीके से जेल में रखे गए युवक को एक लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया

गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात राज्य को एक ऐसे व्यक्ति को मुआवजा देने का निर्देश दिया है, जिसे सितंबर 2020 में उसकी सजा को निलंबित करने और वापस जमानत देने के अदालत के आदेश के बावजूद लगभग तीन साल तक अन्यायपूर्ण तरीके से जेल में रखा गया था। अदालत ने राज्य को आवेदक को मुआवजे के रूप में एक लाख रुपये देने का आदेश दिया और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) से देरी से रिहाई के ऐसे ही मामलों की पहचान करने का आग्रह किया जाए।जस्टिस एएस सुपेहिया और जस्टिस एमआर मेंगडे ने कहा, “आवेदक की दुर्दशा को ध्यान में...