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मद्रास हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में COVID-19 ड्यूटी के लिए डॉक्टरों की भर्ती में प्रोत्साहन अंक देने को बरकरार रखा
मद्रास हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में COVID-19 ड्यूटी के लिए डॉक्टरों की भर्ती में प्रोत्साहन अंक देने को बरकरार रखा

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में सरकारी अस्पतालों में COVID​​-19 ड्यूटी में लगे पेशवर डॉक्टर और पीजी डॉक्टरों के लिए प्रोत्साहन अंक देने के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने यह भी देखा कि "खेल के दौरान खेल के नियमों को नहीं बदलने" के सामान्य नियम पर COVID-19 परिदृश्य को देखते हुए अलग विचार की आवश्यकता है और यह मेडिकल अधिकारियों को प्रोत्साहन अंक देने के रास्ते में नहीं आ सकता है, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डाली।चीफ जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस भरत चक्रवर्ती की खंडपीठ असिस्टेंट सर्जन (सामान्य)...

क्या सीडब्ल्यूसी द्वारा यौन पीड़ितों को स्थानीय भाषा में जन्म लेने वाले बच्चों के सरेंडर के बारे में सूचित करने की कोई प्रक्रिया है? दिल्ली हाईकोर्ट विचार करेगा
क्या सीडब्ल्यूसी द्वारा यौन पीड़ितों को स्थानीय भाषा में 'जन्म लेने वाले बच्चों के सरेंडर' के बारे में सूचित करने की कोई प्रक्रिया है? दिल्ली हाईकोर्ट विचार करेगा

दिल्ली हाईकोर्ट इस सवाल पर विचार करेगा कि क्या बाल कल्याण समिति को यौन उत्पीड़न के पीड़ितों को उन बच्चों, जो पैदा हुए हैं और बाद में उन्हें गोद लेने के लिए दिया जाना है, के संरेडर के प्रावधानों को स्थानीय या बोली जाने वाली भाषा में सूचित किया जाना चाहिए।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने POCSO मामले में आरोपी एक व्यक्ति द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए वकील कुमुद लता दास को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया। मामले में आरोपी ने एक नाबालिग लड़की से सहमति से शादी की थी और एक बच्चा पैदा हुआ था जिसे...

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने राज्य बार काउंसिल के लिए चुनाव प्रक्रिया पर लगाई थी रोक, वकील ने केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने राज्य बार काउंसिल के लिए चुनाव प्रक्रिया पर लगाई थी रोक, वकील ने केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की ओर से जारी एक आदेश के खिलाफ एक वकील ने केरल हाईकोर्ट से संपर्क किया है। आदेश के तहत नई बार काउंसिल का गठन करने के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू करने से स्टेट बार काउंसिलों को रोक दिया गया है, जबकि मौजूदा बार काउंसिल का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। जस्टिस देवन रामचंद्रन ने इस मामले में बीसीआई और बार काउंसिल ऑफ केरल (बीसीके) की प्रतिक्रिया मांगी है।बीसीआई ने बीसीआई सर्टीफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस (वेरिफ‌िकेशल) रूल्स, 2015 को बोगस प्रमाणपत्रों और नॉन-प्रैक्टिसिंग...

ऑनलाइन एफआईआर पंजीकरण पर तौर -तरीके राज्यों को छोड़ दिया जाए: नई आपराधिक प्रक्रिया संहिता बिल पर संसदीय समिति ने कहा
ऑनलाइन एफआईआर पंजीकरण पर तौर -तरीके राज्यों को छोड़ दिया जाए: नई आपराधिक प्रक्रिया संहिता बिल पर संसदीय समिति ने कहा

गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक (बीएनएसएस विधेयक, 2023) की समीक्षा करते हुए एफआईआर के ऑनलाइन पंजीकरण की अनुमति देने के सकारात्मक प्रभाव को स्वीकार किया।इसमें कहा गया है कि बीएनएसएस विधेयक में धारा 173 में प्रावधान है कि संज्ञेय अपराधों के लिए अधिकार क्षेत्र पर किसी भी रोक के बिना जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से दी जा सकती है। ऐसी सूचना इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त होने पर पुलिस अधिकारी को पहली सूचना देने के तीन दिन के भीतर उस पर...

आईएसआईएस आतंकवादियों से जुड़े होने का दावा करके केवल धमकी देना यूएपीए अपराध नहीं है: मद्रास हाईकोर्ट
आईएसआईएस आतंकवादियों से जुड़े होने का दावा करके केवल धमकी देना यूएपीए अपराध नहीं है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत एक आरोपी को जमानत देते हुए हाल ही में कहा कि केवल आईएसआईएस आतंकवादी से जुड़े होने का दावा करके किसी व्यक्ति को धमकी देना यह मानने का आधार नहीं होगा कि वह व्यक्ति आतंकवादी संगठन का समर्थन कर रहा था। अदालत ने कहा कि हालांकि ऐसी धमकियां अपराध होंगी, लेकिन यह गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत अपराध नहीं है।जस्टिस एसएस सुंदर और जस्टिस सुंदर मोहन की पीठ ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश की गई सामग्री आतंकवादी संगठन का समर्थन करने...

सरकार को अनाज बेचने वाले किसानों को धान रसीद शीट में उधारकर्ता के रूप में नहीं दिखाया जा सकता, उनकी क्रेडिट रेटिंग प्रभावित नहीं हो सकती: केरल हाईकोर्ट
सरकार को अनाज बेचने वाले किसानों को धान रसीद शीट में उधारकर्ता के रूप में नहीं दिखाया जा सकता, उनकी क्रेडिट रेटिंग प्रभावित नहीं हो सकती: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने माना कि जो किसान त्रिपक्षीय समझौते के तहत सप्लाईको (केरल राज्य नागरिक आपूर्ति निगम) के माध्यम से केरल सरकार को अपना धान बेचते हैं, उन्हें उधारकर्ता नहीं माना जा सकता है। इसमें कहा गया है कि त्रिपक्षीय समझौते के तहत, सप्लाईको को किसानों को भुगतान करने के लिए बैंक से ऋण प्राप्त करना होता है, इसलिए सप्लाईको कर्जदार है, किसान नहीं।जस्टिस देवन रामचंद्रन ने स्पष्ट किया कि धान खरीद योजना के तहत धान प्राप्ति पत्र में किसानों को कर्जदार के रूप में नहीं दिखाया जा सकता है और उनकी क्रेडिट...

दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर आठ सप्ताह के भीतर नीति बनाएं, अन्यथा संयुक्त सचिव को पेश होना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा
दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर आठ सप्ताह के भीतर नीति बनाएं, अन्यथा संयुक्त सचिव को पेश होना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार को ड्रग्स और मेड‌िसिन की ऑनलाइन बिक्री को रेगुलेट करने के लिए आठ सप्ताह के भीतर नीति बनाने का निर्देश दिया।कार्यवाहक चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस मिनी पुष्करणा की खंडपीठ ने कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर नीति नहीं बनाई गई तो संबंधित संयुक्त सचिव को सुनवाई की अगली तारीख पर अदालत में उपस्थित रहना होगा।अदालत ने मामले को 04 मार्च, 2024 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा, “यदि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर नीति आठ सप्ताह के भीतर नहीं बनाई जाती है तो संबंध‌ित...

पुलिस हिरासत में मरने वाले युवक के परिवार ने वीडियो-ग्राफ़्ड पोस्टमॉर्टम के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, हिरासत में यातना का आरोप लगाया
पुलिस हिरासत में मरने वाले युवक के परिवार ने वीडियो-ग्राफ़्ड पोस्टमॉर्टम के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, हिरासत में यातना का आरोप लगाया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को वकील की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें युवक की हिरासत में मौत में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। उक्त युवक को कोलकाता पुलिस ने पूछताछ के लिए एम्हर्स्ट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में बुलाया था।चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम और जस्टिस हिरणमय भट्टाचार्य की खंडपीठ को बताया गया कि युवक को पूछताछ के लिए बुलाए जाने के कुछ घंटों के भीतर, उसके परिवार को सूचित किया गया कि पुलिस स्टेशन में उसकी मृत्यु हो गई।कहा गया,“मिलॉर्ड्स, शव पुलिस के पास है, परिवार पुलिस द्वारा यातना का दावा करता है। वे...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उपस्थिति में कमी के कारण परीक्षा देने से वंचित मैनेजमेंट स्टूडेंट अंतरिम राहत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उपस्थिति में कमी के कारण परीक्षा देने से वंचित मैनेजमेंट स्टूडेंट अंतरिम राहत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिवाली की छुट्टियों के दौरान आयोजित विशेष सुनवाई में बुधवार (15 नवंबर) को मैनेजमेंट स्टूडेंट को एमिटी यूनिवर्सिटी में गुरुवार (16 नवंबर) को होने वाली पूरक परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी।उक्त स्टूडेंट का मामला यह था कि उपस्थिति कम होने के कारण यूनिवर्सिटी ने उसे परीक्षा में बैठाने से इनकार कर दिया था।चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर की पीठ ने बुधवार को मामले को उठाने के लिए रजिस्ट्री के समक्ष तत्काल उल्लेख किए जाने के बाद मामले को उठाया। इसे दोपहर 3:30 बजे उनके आवास पर लिया गया...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएए विरोध प्रदर्शनों के वीडियो, पुलिस व्हाट्सएप ग्रुप की चैट की मांग करने वाली देवांगना कलिता की याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएए विरोध प्रदर्शनों के वीडियो, पुलिस व्हाट्सएप ग्रुप की चैट की मांग करने वाली देवांगना कलिता की याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को देवांगना कलिता द्वारा दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया। उक्त याचिकाओं में सीएए-एनआरसी विरोध प्रदर्शन के कुछ वीडियो और उनके खिलाफ यूएपीए मामले सहित दो दिल्ली दंगों के मामलों में पुलिस अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप की चैट की मांग की गई, जिसमें इस हिंसा के पीछे एक बड़ी साजिश का आरोप लगाया गया।जस्टिस अमित बंसल ने दिल्ली पुलिस को याचिकाओं पर स्टेटस रिपोर्ट या जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले को 17 जनवरी, 2024 को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।इसके अलावा,...

सतर्कता जांच का लंबित रहना किसी व्यक्ति की विदेश यात्रा में बाधा नहीं बन सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
सतर्कता जांच का लंबित रहना किसी व्यक्ति की विदेश यात्रा में बाधा नहीं बन सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सतर्कता जांच का लंबित रहना किसी व्यक्ति की विदेश यात्रा में बाधा नहीं बन सकता।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने भ्रष्टाचार के एक मामले में आरोपी महिला को अपने हनीमून के लिए 29 नवंबर से 14 दिसंबर तक विदेश यात्रा करने की राहत देते हुए यह टिप्पणी की।अदालत ने कहा,“विचार के लिए जो छोटा मुद्दा उठता है वह यह है कि जब सतर्कता जांच लंबित हो तो क्या याचिकाकर्ता को विदेश यात्रा करने से रोका जा सकता है या नहीं। इस अदालत की राय है कि सतर्कता जांच याचिकाकर्ता के विदेश यात्रा में बाधा नहीं...

ए एंड सी एक्ट की धारा 9 के तहत याचिका में अवार्ड के प्रवर्तन को विफल नहीं किया गया है तो अदालत बैंक गारंटी के लिए जोर नहीं देगी: दिल्ली हाईकोर्ट
ए एंड सी एक्ट की धारा 9 के तहत याचिका में अवार्ड के प्रवर्तन को विफल नहीं किया गया है तो अदालत बैंक गारंटी के लिए जोर नहीं देगी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि ए एंड सी एक्ट (A&C Act) की धारा 9 के तहत शक्तियों का प्रयोग करने वाला न्यायालय आर्बिट्रेशन की कार्यवाही लंबित होने तक किसी पक्ष के दावों को सुरक्षित करने के लिए बैंक गारंटी (बीजी) प्रस्तुत करने का आदेश नहीं देगा, जब तक कि यह न दिखाया जाए कि आदेश देने वाला पक्ष अलग हो रहा है। इसकी संपत्तियां या ऐसे तरीके से कार्य करना जो आर्बिट्रेशन अवार्ड के प्रवर्तन को विफल कर देगा।जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने कहा कि एक्ट की धारा 9 के तहत दावों को सुरक्षित...

स्ट्रीट एनिमल्स को खाना खिलाने के संबंध में दिशानिर्देशों का व्यापक प्रचार करें: कर्नाटक हाईकोर्ट
स्ट्रीट एनिमल्स को खाना खिलाने के संबंध में दिशानिर्देशों का व्यापक प्रचार करें: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार को सड़क पर जानवरों को खिलाने और ‌विवादों के समाधान के संबंध में दिशानिर्देशों का व्यापक प्रचार करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की खंडपीठ ने 31-12-2022 के दिशानिर्देशों का जिक्र करते हुए कहा, “हमें यह बताना होगा कि सड़क पर जानवरों को खिलाने और विवादों के समाधान के संबंध में दिशानिर्देश, निवासियों की पर्याप्‍त भागीदारी को संदर्भित करते हैं और ऐसा लगता है कि अधिकांश नागरिकों के साथ-साथ निवासियों को भी ऐसे...

मधु की लिंचिंग सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक ताने-बाने पर धब्बा: केरल हाईकोर्ट ने 12 दोषियों की सजा निलंबित करने से इनकार किया
'मधु की लिंचिंग सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक ताने-बाने पर धब्बा': केरल हाईकोर्ट ने 12 दोषियों की सजा निलंबित करने से इनकार किया

फरवरी 2018 में केरल के अट्टापडी में एक किराने की दुकान से चावल चुराने के आरोप में मानसिक रूप से विक्षिप्त आदिवासी युवक मधु की बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में केरल हाइकोर्ट ने आज 13 दोषियों में से 12 दोषियों की सजा को निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी।खंडपीठ में जस्टिस पीबी सुरेश कुमार और जस्टिस पीजी अजितकुमार ने मृतक को सड़क पर नग्न घुमाने और उसे अपमानित करने के कृत्य की प्रकृति पर विचार करते हुए, आरोपी संख्या 2, 3, 5 से 10 और 12 से 15 तक की सजा के निलंबन को खारिज कर दिया। कोर्ट ने...

पति द्वारा ससुर से नौकरी की व्यवस्था करने के लिए धन का अनुरोध और पुनर्भुगतान का आश्वासन दहेज की मांग नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट
पति द्वारा ससुर से नौकरी की व्यवस्था करने के लिए धन का अनुरोध और पुनर्भुगतान का आश्वासन 'दहेज की मांग' नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने माना कि पति द्वारा अपने लिए नौकरी की व्यवस्था करने के लिए अपने ससुराल वालों से धन की मांग, जिसे उसने चुकाने का आश्वासन दिया था, दहेज निषेध अधिनियम धारा 2 के अनुसार 'दहेज' की मांग नहीं होगी। जस्टिस संगम कुमार साहू की एकल पीठ एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक व्यक्ति पर दहेज की मांग के संबंध में अपनी पत्नी की हत्या करने का आरोप लगाया गया था और तदनुसार, उस पर आईपीसी की धारा 302/498 ए/304 बी और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत आरोप लगाया गया था।ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता...

बिल्ट सूट एग्रीमेंट जो संपत्ति पर अधिकार नहीं बनाता है, उस पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 के अनुच्छेद 5(जे) के तहत मुहर लगाई जाएगी: मद्रास हाईकोर्ट
बिल्ट सूट एग्रीमेंट जो संपत्ति पर अधिकार नहीं बनाता है, उस पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 के अनुच्छेद 5(जे) के तहत मुहर लगाई जाएगी: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि जब एक बिल्ट सूट एग्रीमेंट संपत्ति पर कोई निहित अधिकार प्रदान नहीं करता है या संपत्ति का कब्ज़ा नहीं देता है, तो दस्तावेज़ पर भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 की अनुसूची 1 के अनुच्छेद 5 (जे) के तहत मुहर लगाई जाएगी, न कि अधिनियम के अनुच्छेद 5(i) के तहत।जस्टिस अब्दुल कुद्दोज़ ने भारतीय खाद्य निगम और अन्य बनाम बाबूलाल अग्रवाल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा किया और कहा कि जब अनुबंध के निष्पादन के समय कोई कब्ज़ा, अधिकार या शीर्षक पारित नहीं किया गया था, तो अनुबंध...

लापरवाही से गाड़ी चलाने से मौत: कर्नाटक हाईकोर्ट ने युवक को 6 महीने की जेल की सजा दी, बढ़ती दुर्घटनाओं पर जताई चिंता
लापरवाही से गाड़ी चलाने से मौत: कर्नाटक हाईकोर्ट ने युवक को 6 महीने की जेल की सजा दी, बढ़ती दुर्घटनाओं पर जताई चिंता

कर्नाटक हाईकोर्ट ने तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण एक पैदल यात्री की मौत के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304-ए के तहत एक युवक को दी गई छह महीने की कैद की सजा की पुष्टि की है।जस्टिस वेंकटेश नाइक टी की एकल न्यायाधीश पीठ ने हनुमंतरायप्पा द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया, जो अपराध के समय 21 वर्ष का था।गुरु बसवराज @ बेनी सेटप्पा बनाम कर्नाटक राज्य 2012 (8) एससीसी 734 और पंजाब राज्य बनाम सौरभ बख्शी 2015 (5) एससीसी 182 के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला...

आईपीसी की धारा 304-ए के तहत अपराध के लिए न्यूनतम 6 महीने की कैद जरूरी: कर्नाटक हाईकोर्ट
आईपीसी की धारा 304-ए के तहत अपराध के लिए न्यूनतम 6 महीने की कैद जरूरी: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक युवक को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304-ए के तहत दंडनीय अपराध के लिए ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने पर छह महीने की कैद की सजा की पुष्टि की।जस्टिस वेंकटेश नाइक टी की एकल न्यायाधीश पीठ ने हनुमंतरायप्पा द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी, जो अपराध के समय 21 वर्ष का था।पीठ ने कहा,“आईपीसी की धारा 304ए के तहत दंडनीय अपराध के लिए कम से कम छह महीने की कारावास की आवश्यकता है।”इसके अलावा यह देखा गया,“यह न्यायालय लगातार दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि देख रहा है,...

एमवी एक्ट की धारा 147 | मालगाड़ी में माल चढ़ाने/उतारने वाला कर्मचारी भी मृत्यु और चोट के मामले में पॉलिसी का लाभ पाने का हकदार: केरल हाईकोर्ट
एमवी एक्ट की धारा 147 | मालगाड़ी में माल चढ़ाने/उतारने वाला कर्मचारी भी मृत्यु और चोट के मामले में पॉलिसी का लाभ पाने का हकदार: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को व्यवस्था दी कि टिपर लॉरी के मालिक के लोडिंग और अनलोडिंग कर्मचारी को भी मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (MV Act, 1988) की धारा 147(1) के पहले प्रावधान के खंड (सी) के तहत उल्लिखित कर्मचारियों की श्रेणियों के दायरे में कवर किया जाएगा।एमवी एक्ट की धारा 147 पॉलिसी की आवश्यकताओं और दायित्व की सीमाओं को निर्धारित करती है।परंतुक (i) के खंड (सी) में कहा गया कि पॉलिसी द्वारा बीमित व्यक्ति के कर्मचारी की उसके रोजगार के दौरान या उससे होने वाली मृत्यु के संबंध में किसी पॉलिसी को दायित्व...

पिछली शादी को खत्म किए बिना लिव-इन रिलेशनशिप द्विविवाह के समान हो सकता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पिछली शादी को खत्म किए बिना लिव-इन रिलेशनशिप द्विविवाह के समान हो सकता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पहले पति या पत्नी से शादी खत्म किए बिना किसी अन्य महिला/पुरुष के साथ रहना भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 494, 495 के तहत द्विविवाह (Bigamy) का अपराध हो सकता है।जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा,"...अपने पूर्व पति या पत्नी से तलाक की कोई वैध डिक्री प्राप्त किए बिना और अपनी पिछली शादी के अस्तित्व के दौरान, याचिकाकर्ता नंबर 2 याचिकाकर्ता नंबर 1 के साथ वासनापूर्ण और व्यभिचारी जीवन जी रहा है, जो आईपीसी की धारा 494/495 के तहत दंडनीय अपराध हो सकता है, क्योंकि ऐसा...