मुख्य सुर्खियां
एमवी एक्ट की धारा 147 | मालगाड़ी में माल चढ़ाने/उतारने वाला कर्मचारी भी मृत्यु और चोट के मामले में पॉलिसी का लाभ पाने का हकदार: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को व्यवस्था दी कि टिपर लॉरी के मालिक के लोडिंग और अनलोडिंग कर्मचारी को भी मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (MV Act, 1988) की धारा 147(1) के पहले प्रावधान के खंड (सी) के तहत उल्लिखित कर्मचारियों की श्रेणियों के दायरे में कवर किया जाएगा।एमवी एक्ट की धारा 147 पॉलिसी की आवश्यकताओं और दायित्व की सीमाओं को निर्धारित करती है।परंतुक (i) के खंड (सी) में कहा गया कि पॉलिसी द्वारा बीमित व्यक्ति के कर्मचारी की उसके रोजगार के दौरान या उससे होने वाली मृत्यु के संबंध में किसी पॉलिसी को दायित्व...
पिछली शादी को खत्म किए बिना लिव-इन रिलेशनशिप द्विविवाह के समान हो सकता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पहले पति या पत्नी से शादी खत्म किए बिना किसी अन्य महिला/पुरुष के साथ रहना भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 494, 495 के तहत द्विविवाह (Bigamy) का अपराध हो सकता है।जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा,"...अपने पूर्व पति या पत्नी से तलाक की कोई वैध डिक्री प्राप्त किए बिना और अपनी पिछली शादी के अस्तित्व के दौरान, याचिकाकर्ता नंबर 2 याचिकाकर्ता नंबर 1 के साथ वासनापूर्ण और व्यभिचारी जीवन जी रहा है, जो आईपीसी की धारा 494/495 के तहत दंडनीय अपराध हो सकता है, क्योंकि ऐसा...
बिहार स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए 'सितारा योजना' शुरू की
जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह, जेएडी-1, पटना हाईकोर्ट-सह-कार्यकारी अध्यक्ष, बिहार स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी (BSLSA) के नेतृत्व में पहली बार "ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के एकीकरण और उनके पुनर्वास और न्याय तक पहुंच प्रदान करने की योजना), 2023 की योजना 'सितारा' का अनावरण किया गया।"इस योजना का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के समग्र कल्याण के लिए पहल करते हुए ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 और ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) नियम, 2020 के उचित कार्यान्वयन की निगरानी करना...
UAPA Act | अगर कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं तो सिर्फ इसलिए जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता कि आरोप गंभीर हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़े गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA Act) के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को जमानत दे दी। कोर्ट ने यह यह देखते हुए उक्त व्यक्ति को जमानत दी कि पाकिस्तान के साथ संबंधों के आधार पर कथित तौर पर कुछ आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की योजना बनाने के मामले में प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता है।एक्टिंग चीफ जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस मनीषा बत्रा की खंडपीठ ने कहा,"अपीलकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रथम दृष्टया ऐसा कोई मामला नहीं बनाया जा सकता है, जिससे...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आवारा कुत्ते के काटने पर प्रत्येक दांत के निशान पर 10 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया, समस्या पर अंकुश लगाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में आवारा या जंगली जानवरों के खतरे की घटनाओं से संबंधित दर्ज मामलों से शीघ्रता से निपटने के लिए पुलिस को कई निर्देश जारी किए।आवारा कुत्ते के काटने के मामले में न्यायालय ने प्रति दांत के निशान के लिए न्यूनतम 10,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया, और जहां त्वचा से मांस खींच लिया गया है, वहां यह न्यूनतम 20,000 रुपये प्रति "0.2 सेमी" घाव होगा।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राज्य प्राथमिक रूप से मुआवजे का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होगा। उसे...
धारा 19 एसएएम एक्ट, 1956 | विधवा महिला ससुर से भरण-पोषण का दावा कब कर सकती है, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बताया
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हिंदू हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 19 के अधिदेश का विश्लेषण करते हुए कहा है कि एक विधवा महिला अपने ससुर से इस सीमा तक भरण-पोषण का दावा कर सकती है वह अपनी कमाई या अन्य संपत्ति से अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ है या, जहां उसकी अपनी कोई संपत्ति नहीं है, वह अपने पति या अपने पिता या मां की संपत्ति से भरण-पोषण प्राप्त करने में असमर्थ है।जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस दीपक कुमार तिवारी की पीठ ने एक व्यक्ति (धन्ना साहू) द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए यह...
'जन्म लेने वाली बच्चियों सहित सभी बच्चियों के लिए ख़तरा', केरल कोर्ट ने 5 साल की बच्ची से बलात्कार-हत्या के दोषी को मौत की सज़ा सुनाई
केरल की एक अदालत ने मंगलवार को अलुवा में एक नाबालिग लड़की के साथ क्रूर बलात्कार और हत्या के लिए दोषी ठहराए गए 28 वर्षीय असफाक आलम को मौत की सजा सुनाते हुए कहा, "जिस तरह पांच साल की बच्ची को शराब के नशे में धुत कर अपहरण किया गया, बार-बार बलात्कार किया गया, प्रकृति की व्यवस्था के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाया गया और बच्चे की हत्या कर दी गई और शव को नष्ट करने और छुपाने के लिए आरोपियों ने जो तरीका अपनाया, उससे अभियुक्त के व्यवहार और उसकी पूर्व-निर्धारित कार्रवाई में अपमानजनक आपराधिकता की बातें सामने...
परिसीमन अधिनियम | पार्टी 'पर्याप्त कारण' दिखाने के बावजूद अधिकार के तौर पर माफ़ी में देरी करने की हकदार नहीं है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में इस आधार पर पुनर्विचार याचिका दायर करने में 288 दिनों की देरी को माफ करने से इनकार कर दिया कि पावर ऑफ अटॉर्नी धारक निर्धारित समय के भीतर इसे दाखिल नहीं कर सका, क्योंकि वह अस्थमा का पुराना रोगी है और बीमारी का इलाज करा रहा है।परिसीमा अधिनियम की धारा 5 का अवलोकन करते हुए, जो कुछ परिस्थितियों में निर्धारित अवधि के विस्तार का प्रावधान करती है, जस्टिस के बाबू की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"सीमा अधिनियम की धारा 5 में निहित अभिव्यक्ति "पर्याप्त कारण" मामले की परिस्थितियों के...
नई आपराधिक प्रक्रिया संहिता में डिजिटल साक्ष्य की सुरक्षित कस्टडी सुनिश्चित करने के लिए प्रावधान की आवश्यकता है: संसदीय पैनल
भारतीय साक्ष्य विधेयक और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता - जो भारतीय साक्ष्य अधिनियम और आपराधिक प्रक्रिया संहिता को बदलने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पेश की गई है- में डिजिटल साक्ष्य की प्रामाणिकता और अखंडता की रक्षा के लिए कोई प्रावधान नहीं है। यह गृह मामलों पर संसद की स्थायी समिति संबंधित विभाग ने अवलोकन किया है।भारतीय साक्ष्य विधेयक (बीएसबी) में उचित हिरासत से उत्पादित इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल रिकॉर्ड को प्राथमिक साक्ष्य (स्पष्टीकरण 5 से खंड 57) के रूप में मानने का प्रावधान है।यह देखा गया कि विधेयक...
आदेश 20 नियम 16 सीपीसी | खाते के हर मुकदमे में प्रारंभिक डिक्री पारित करना अनिवार्य नहीं: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के आदेश 20 नियम 16 के आवेदन को स्पष्ट करते हुए फैसला सुनाया है कि न्यायालय को खातों प्रत्येक मुकदमे में अंतिम डिक्री से पहले प्रारंभिक डिक्री पारित करना अनिवार्य नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि इसके बजाय, निर्णय प्रत्येक मामले के अद्वितीय तथ्यों और परिस्थितियों पर निर्भर करता है। संहिता का आदेश 20 नियम 16 एक प्रिंसिपल और एक एजेंट के बीच खातों के मुकदमों या अन्य मुकदमों से संबंधित है जहां खाता लेकर किसी भी पार्टी को या उससे...
विदेश में लिंग परिवर्तन कराने वाले व्यक्तियों के लिए नए पासपोर्ट के लिए नीति विकसित करने के लिए समय चाहिए: विदेश मंत्रालय ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
विदेश मंत्रालय ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि उन्हें विदेश में लिंग परिवर्तन के लिए चिकित्सा प्रक्रियाओं से गुजरने वाले लोगों की पहचान सत्यापित करने के लिए नए पासपोर्ट जारी करने पर एक नई नीति विकसित करने के सुझाव की पूरी तरह से जांच करने के लिए समय चाहिए, क्योकि ऐसी सर्जरी के बाद बॉयोमैट्रिक्स में बदलाव नहीं आता।अदालत को सूचित किया गया है कि गृह मंत्रालय के आव्रजन ब्यूरो (बीओआई) ने विदेश मंत्रालय को सुझाव दिया है कि चूंकि लिंग परिवर्तन के लिए ऐसी चिकित्सा प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद...
डेली डायरी रिपोर्ट में उन 'विशिष्ट गतिविधियों' का विवरण होना चाहिए, जिनके लिए निवारक हिरासत आवश्यक है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट, 1988 की धारा 3 के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ हिरासत आदेश को रद्द करते हुए, विस्तृत और पर्याप्त आधारों की अपरिहार्यता पर जोर दिया, विशेष रूप से डेली डायरी रिपोर्ट (डीडीआर) के संदर्भ में ऐसी अपरिहार्यता पर जोर दिया।जस्टिस रजनेश ओसवाल ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को अनुमति देते हुए, कहा कि ऐसे दस्तावेजों के भीतर आवश्यक विवरणों की अनुपस्थिति उन्हें निवारक हिरासत आदेश की वैधता को बनाए रखने के लिए अपर्याप्त बनाती है।वकील रजनेश सिंह परिहार के...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'झूठे' कास्ट सर्टिफिकेट पर भाजपा विधायक जजपाल सिंह को अयोग्य ठहराने की याचिका खारिज की, चुनाव याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में भाजपा विधायक जजपाल सिंह के खिलाफ दायर चुनाव याचिका खारिज कर दी, जिसमें कास्ट सर्टिफिकेट में गड़बड़ी और उनके खिलाफ लंबित आपराधिक मामले को छिपाने का आरोप लगाया गया।2018 में अशोकनगर निर्वाचन क्षेत्र में आरक्षित सीट सिंह से हारने के बाद भाजपा नेता लड्डूराम कोरी ने रिट याचिका दायर की, जब सिंह कांग्रेस में थे। मार्च 2020 में सिंह भाजपा में चले गए और उपचुनाव जीत गए।जस्टिस सुनीता यादव की एकल न्यायाधीश पीठ ने अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद निष्कर्ष निकाला कि मौजूदा...
एमवी एक्ट | न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत मृतक की आय का आकलन कर मुआवजा निर्धारित करने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत मुआवजे की गणना करते समय आश्रितों के लिए उचित मुआवजे का आकलन करने के लिए मृतक या घायल की आय का आकलन करने में कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता।आमतौर पर, वेतन प्रमाणपत्र के अभाव में मोटर दुर्घटना दावा मामलों में मृतक की अनुमानित आय निर्धारित करने के लिए 'न्यूनतम वेतन अधिसूचना' पर विचार किया जा सकता है।जस्टिस अमरजोत भट्टी ने मोटर वाहन न्यायाधिकरण के आदेशों को चुनौती देने के खिलाफ यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा...
स्टाफरूम में 'जातिसूचक' गाली देना SC/ST Act के तहत अपराध नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में व्यक्ति को स्कूल स्टाफरूम में 'जातिसूचक' गाली देने के आरोपी के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दिया।जस्टिस विशाल धगट की एकल-न्यायाधीश पीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता को दी गई गालियां 'सार्वजनिक स्थान' पर नहीं कही गईं।अदालत ने आगे कहा,इसलिए याचिकाकर्ताओं को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 [SC/ST (POA)Act] के तहत अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता।अदालत ने अपने आदेश में कहा,“इन अधिनियमों में दी गई उपरोक्त परिभाषाओं को पढ़ने पर...
सीआरपीसी की धारा 306(4) | यदि अपराधी क्षमादान की शर्तों का पालन करता है तो उसे सुनवाई पूरी होने से पहले जमानत दी जा सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जिस सरकारी गवाह ने माफी की सभी शर्तों का पालन किया है और अभियोजन पक्ष के पक्ष में गवाह के रूप में गवाही दी है तो उसे मुकदमे के अंत तक कैद में रहने की जरूरत नहीं है। वह जमानत का हकदार होगा, खासकर लंबी सुनवाई के मामले में।जस्टिस एमएस कार्णिक ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 306(4) के तहत मुकदमे के समापन से पहले किसी अनुमोदक को रिहा करने पर रोक को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निहित व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ सामंजस्यपूर्ण रूप से समझा जाना चाहिए।उन्होंने कहा,"मेरी राय में अब जब...
अनुच्छेद 233(2) | बार से जिला जज के रूप में भर्ती से पहले वकील के रूप में 7 साल की निरंतर प्रैक्टिस 'तुरंत' होनी चाहिए: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने माना कि बार से जिला न्यायाधीश के कैडर में सीधी भर्ती के लिए आवेदन जमा करने से पहले व्यक्ति को 'तत्काल' सात साल तक लगातार वकील के रूप में प्रैक्टिस करनी चाहिए।जस्टिस देबब्रत दाश और जस्टिस गौरीशंकर सतपथी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अतीत में एक समय में वकील के रूप में केवल सात वर्ष (या अधिक) का अनुभव किसी व्यक्ति को तब तक ऐसी भर्ती प्रक्रिया के योग्य नहीं बना देगा जब तक कि वह पद पर बैठने से ठीक पहले अभ्यास में न रहा हो।याचिकाकर्ता तृप्ति मायी पात्रा ने खुद को ओडिशा स्टेट बार...
सरकार औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश के तहत केवल नॉन-शेड्यूल्ड फॉर्मूलेशन की एमआरपी की 'निगरानी' कर सकती है, इसे तय या संशोधित नहीं कर सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की एक डिविजन बेंच ने हाल ही में माना कि सरकार के पास केवल नॉन-शेड्यूल्ड फॉर्मूलेशन के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) की "निगरानी" करने की शक्ति है, न कि इसे तय करने या संशोधित करने की। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि इस सीमा से अधिक एमआरपी में वृद्धि होती है, तो परिणाम पैरा 20 में ही निर्धारित हैं।यह निर्णय फार्मास्युटिकल कंपनियों द्वारा दायर एलपीए के एक बैच में पारित किया गया, जो ड्रग्स (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 (डीपीसीओ 2013) के पैरा 20 की व्याख्या पर सवाल उठाता है, जो गैर-अनुसूचित...
भारतीय न्याय संहिता आईपीसी की 'कॉपी-पेस्ट, बेकार की कवायद: पी चिदंबरम
संसद सदस्य और सीनियर एडवोकेट पी चिदंबरम ने गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति को सौंपे गए अपने असहमति नोट में कहा कि भारतीय दंड संहिता को बदलने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए तीन विधेयक "काफी हद तक मौजूदा कानूनों की नकल" हैं।उन्होंने कहा कि इन तीन विधेयकों को लागू करना एक "बेकार की कवायद होगी जिसके कई अवांछनीय परिणाम होंगे।"उन्होंने कहा, "विधेयकों ने जो कुछ किया है वह कुछ संशोधन भर है (कुछ स्वीकार्य, कुछ स्वीकार्य नहीं), मौजूदा कानूनों की धाराओं को फिर से व्यवस्थित किया गया है और विभिन्न...
जजों को रिश्वत देने के आरोप में वकील सैबी जोस किडंगूर के खिलाफ कोई मामला नहीं मिला: पुलिस ने केरल हाईकोर्ट को बताया
केरल हाईकोर्ट को सोमवार को राज्य सरकार द्वारा सूचित किया गया कि वह वकील सैबी जोस किदांगूर के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों को हटा देगी।वकील सैबी पर हाईकोर्ट के जजों को रिश्वत देने के बहाने ग्राहकों से पैसे इकट्ठा करने का आरोप लगाया गया था। वकील ने अपने खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने और आगे की सभी कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7(1) और भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत अपराध...



















