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महाराष्ट्र में लापता लड़कियों और महिलाओं पर याचिका: हाईकोर्ट ने राज्य को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया
महाराष्ट्र राज्य में लापता लड़कियों और महिलाओं के मुद्दे पर बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई।PIL में महाराष्ट्र में लापता लड़कियों और महिलाओं की खतरनाक संख्या पर चिंता जताई गई। लापता लोगों का पता लगाने के लिए राज्य अधिकारियों की ओर से निष्क्रियता का आरोप लगाया गया।याचिकाकर्ता ने 14.03.2023 को भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी पर भरोसा किया। इस डेटा के अनुसार 2019 से 2021 तक महाराष्ट्र में 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लापता होने के 1,00,842...
शिकायतों के बावजूद आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल की SIT जांच रेजिडेंट डॉक्टर की मौत के बाद ही क्यों शुरू की गई? कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार से पूछा कि आरजी कर कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष की विशेष जांच टीम (SIT) जांच अस्पताल में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर की बलात्कार-हत्या की घटना के बाद ही क्यों शुरू की गई।जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की एकल पीठ आरजी कर के पूर्व उप अधीक्षक अख्तर अली की याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें घोष पर शवों के कुप्रबंधन, धन के दुरुपयोग और खुले बाजार में बायोमेडिकल अपशिष्ट बेचने आदि का आरोप लगाया गया था।याचिका पर विचार करते हुए न्यायालय इस प्राथमिक प्रश्न...
SSP को NDPS मामलों में जांच की निगरानी करने का निर्देश दें, 6 महीने बीत जाने के बाद भी गिरफ्तार न किए गए आरोपियों की संख्या पर हलफनामा पेश करें: हाईकोर्ट ने पंजाब DGP को निर्देश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया कि वे पंजाब के सभी SSP को विभिन्न पुलिस थानों में NDPS Act के प्रावधानों के तहत दर्ज मामलों की जांच की प्रगति की निगरानी करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।जस्टिस एन.एस. शेखावत ने DGP पंजाब को निर्देश दिया कि वे पंजाब राज्य के सभी पुलिस थानों में NDPS Act के प्रावधानों के तहत दर्ज सभी मामलों का हलफनामा दाखिल करें, जहां छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। साथ ही उन्हें यह भी...
बदलापुर स्कूल यौन उत्पीड़न: जांच में चूक पर हैरान बॉम्बे हाईकोर्ट, कहा- पुलिस ने अपनी भूमिका नहीं निभाई
ठाणे के बदलापुर में स्कूल में दो नाबालिग किंडरगार्टन लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न के संबंध में स्वतः संज्ञान से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज करने में देरी पर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने बदलापुर पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कई खामियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उसने अपनी भूमिका उस तरह नहीं निभाई जैसी उसे निभानी चाहिए थी।पीड़ितों की उम्र (क्रमशः 4 वर्ष और 3 वर्ष) को ध्यान में रखते हुए जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की...
झारखंड हाईकोर्ट ने देवघर के पूर्व डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ BJP सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दर्ज FIR खारिज की
झारखंड हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह देवघर के पूर्व डिप्टी कमिश्नर मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज की, जिसे गोड्डा से BJP सांसद निशिकांत दुबे ने दर्ज कराया था। 31 अगस्त, 2022 को दिल्ली में जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज की गई एफआईआर में भजंत्री पर देशद्रोह और सरकारी गोपनीयता अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। बाद में इसे देवघर के कुंडा पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया।भजंत्री के खिलाफ आरोपों में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 353, 448, 201, 506 और 124-ए के साथ-साथ आधिकारिक...
तलाक की प्रतीक्षा कर रही महिला MTP Act के तहत प्रेग्नेंसी टर्मिनेट करा सकती है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
यह देखते हुए कि तलाकशुदा और तलाक की प्रतीक्षा कर रही महिला की स्थिति अलग नहीं है, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महिला को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट (MTP Act) के तहत प्रेग्नेंसी टर्मिनेट कराने की अनुमति दी।MTP Act दो रजिस्टर्ड डॉक्टर द्वारा 20 सप्ताह तक की प्रेग्नेंसी टर्मिनेट कराने की अनुमति देता है।हालांकि 20 सप्ताह से 24 सप्ताह से अधिक की अवधि में केवल कुछ श्रेणियों की महिलाओं को ही प्रेग्नेंसी टर्मिनेट कराने की अनुमति है, जिनमें तलाकशुदा या विधवा महिलाएं भी शामिल हैं।न्यायालय ने...
Lawrence Bishnoi Jail Interview Row: SIT द्वारा इंटरव्यू राजस्थान जेल से आयोजित किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने राजस्थान एजी को पेश होने का निर्देश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लॉरेंस बिश्नोई के जेल से इंटरव्यू के वीडियो पर लिए गए स्वत: संज्ञान में लिए गए मामले में राजस्थान को प्रतिवादी बनाया। राजस्थान के एडवोकेट जनरल (एजी) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया।यह घटनाक्रम पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) द्वारा यह खुलासा किए जाने के बाद सामने आया कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का पहला इंटरव्यू अपराध और अपराधियों का महिमामंडन करते हुए तब लिया गया था, जब वह पंजाब के खरड़ में अपराध जांच एजेंसी...
न्यायालय गुजारा भत्ता निर्धारित करने के लिए केवल पक्षकारों के वेतन पैकेज को नहीं देख सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि गुजारा भत्ता निर्धारित करने के लिए केवल वेतन पैकेज पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। गुजारा भत्ता राशि निर्धारित करते समय विवाह की अवधि, अलगाव की अवधि, पक्षों का पुनर्विवाह और आगे की वित्तीय ज़िम्मेदारियों जैसी अन्य परिस्थितियों पर भी विचार किया जाना चाहिए।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस डोनाडी रमेश की खंडपीठ ने कहा,“सभी मानवीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पैसा हमेशा कम पड़ सकता है। न्यायालय गुजारा भत्ता की राशि निर्धारित करने के लिए केवल पक्षों के वेतन पैकेज को नहीं...
महिलाओं को कार्यबल में भागीदारी से वंचित नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला अधिकारी के ट्रांसफर रद्द किया, जिससे वह ऑटिस्टिक बच्चे की देखभाल कर सके
गोवा में बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि वह महिलाओं को कार्यबल के सदस्य के रूप में उनकी उचित भागीदारी से वंचित नहीं कर सकता। इसलिए राज्य प्रशासन को आदेश दिया कि वह पोंडा शहर से महिला पुलिस अधिकारी को किसी अन्य स्थान पर ट्रांसफर न करे, क्योंकि उसके नाबालिग बेटे ऑटिस्टिक बच्चे को उसकी विशेष देखभाल और सहायता की आवश्यकता है।जस्टिस मकरंद कार्णिक और जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस की खंडपीठ ने 13 अगस्त को आदेश पारित किया, जिसमें 14 फरवरी 2024 का आदेश रद्द कर दिया गया, जिसके तहत याचिकाकर्ता पुलिस...
शवों का कुप्रबंधन, बायोमेडिकल कचरे को फिर से बेचना: आरजी कर के पूर्व उप-अधीक्षक ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व उप-अधीक्षक अख्तर अली ने पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसमें पूर्व प्रिंसिपल द्वारा गंभीर अवैधानिकताएं किए जाने का आरोप लगाया गया।अपनी याचिका में अली ने आरोप लगाया कि घोष ने शवों का कुप्रबंधन, बायोवेस्ट को खुले बाजार में फिर से बेचना, सार्वजनिक धन का दुरुपयोग आदि जैसे गंभीर अवैधानिक कार्य शुरू किए।अली ने कहा कि इन सभी के बारे में पश्चिम बंगाल के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के समक्ष शिकायत की गई, लेकिन प्रो. (डॉ.)...
डॉ. नरेंद्र दाभोलकर के परिवार ने उनकी हत्या के मामले में पांच में से तीन आरोपियों को बरी करने के विशेष न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया
मारे गए तर्कवादी डॉ. नरेंद्र दाभोलकर के परिवार के सदस्यों ने 20 अगस्त 2013 को पुणे में उनकी हत्या के लिए पांच आरोपियों में से केवल दो को दोषी ठहराने वाले विशेष न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने अपील स्वीकार की और मामले के मुख्य आरोपी वीरेंद्रसिंह तावड़े, सचिन अंदुरे, शरद कलास्कर, एडवोकेट संजीव पुनालेकर और विक्रम भावे को नोटिस भी जारी किए जो कथित तौर पर दक्षिणपंथी समूहों - सनातन संस्था और हिंदू...
दिल्ली हाईकोर्ट ने BharatPe और अशनीर ग्रोवर के बीच रोजगार समझौते के विवाद को आर्बिट्रेशन के लिए भेजा
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को BharatPe के पूर्व प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर और फिनटेक कंपनी के बीच अगस्त 2021 में उनके बीच हुए रोजगार समझौते से संबंधित विवाद को आर्बिट्रेशन के लिए भेज दिया।जस्टिस सी हरि शंकर ने विवाद को सुलझाने के लिए एकमात्र मध्यस्थ की नियुक्ति का आदेश पारित किया।BharatPe द्वारा दायर याचिका में यह आदेश पारित किया गया, जिसमें एकमात्र मध्यस्थ की नियुक्ति की मांग की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि ग्रोवर ने सोशल मीडिया पर फिनटेक कंपनी की गोपनीय जानकारी का खुलासा किया, जिससे रोजगार...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व आरजी कर प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष की मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने मांग वाली याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष की याचिका पर मीडिया आउटलेट्स को समाचार प्रसारित करने से रोकने का आदेश जारी करने से इनकार किया। पूर्व प्रिंसिपल ने मीडिया ट्रायल का आरोप लगाया है।जस्टिस शम्पा सरकार की एकल पीठ ने घोष की याचिका अस्वीकार करते हुए मीडिया को एनिमेटेड नाटकीयता से बचने और व्यक्ति राय के बजाय वस्तुनिष्ठ समाचार प्रकाशित करने की चेतावनी दी।कोर्ट ने कहा,"मीडिया यह सुनिश्चित करता है कि व्यक्ति (नागरिक समाज के सदस्य) राष्ट्रीय महत्व के मामले में भाग लें। इस मामले में घटना ने...
केवल कभी-कभार होने वाला दुर्व्यवहार या उत्पीड़न आत्महत्या के लिए उकसाने के बराबर नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ग्वालियर ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत लगाए गए आरोप खारिज करते हुए कहा कि केवल कभी-कभार होने वाला उत्पीड़न या दुर्व्यवहार आत्महत्या के लिए उकसाने के बराबर नहीं है।जस्टिस संजीव एस. कलगांवकर की एकल पीठ ने कहा कि उकसाने का अपराध बनने के लिए उकसाने या उकसाने का स्पष्ट और जानबूझकर किया गया कार्य होना चाहिए।अदालत ने गंगुला मोहन रेड्डी बनाम आंध्र प्रदेश राज्य, अमलेंदु पाल @ झंटू बनाम पश्चिम बंगाल राज्य, हुकुम सिंह यादव बनाम मध्य प्रदेश राज्य सहित सुप्रीम कोर्ट के...
RG Kar Hospital Rape-Murder: कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका ने पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ राज्य सरकार की SIT जांच को दिखावा बताया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर के बलात्कार और हत्या की घटना पर मामले की सुनवाई की।इस घटना के बाद 14 अगस्त को घटना के विरोध में एक रात अस्पताल में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई।इससे पहले हाईकोर्ट ने बलात्कार और हत्या की जांच CBI को सौंप दी थी। इसके बाद मामले को सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने स्वतः संज्ञान में लिया, जिसने अस्पताल की सुरक्षा CISF कर्मियों द्वारा करने का आदेश दिया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि...
कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु कम करने के लिए पंजाब सहकारी समितियों के कृषि नियमों में संशोधन को राज्य विधानसभा के समक्ष पेश किया जाना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रजिस्ट्रार द्वारा पंजाब राज्य सहकारी कृषि सेवा सोसायटी सेवा नियमों में किए गए संशोधन, जिसने कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से घटाकर 58 वर्ष कर दी है, को राज्य विधानमंडल के समक्ष पेश करने की आवश्यकता है। विधानसभा। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा, "परिणामस्वरूप, संबंधित प्रतिवादी, यदि संभव हो तो, अधिनियम की धारा 85 (3) के अनुपालन के लिए उक्त नियमों को राज्य विधान सभा के समक्ष रखने पर विचार कर सकता है। 1961...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गायों के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह गायों के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी थी।आरोपी-हरिकिशन को जून 2023 में IPC की धारा 377 के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तार किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसे गायों के साथ अप्राकृतिक कृत्य करते देखा गया।उसने हाईकोर्ट के समक्ष वर्तमान दूसरी जमानत याचिका दायर की, जिसमें उसके वकील ने तर्क दिया कि वह निर्दोष है और उसे वर्तमान अपराध में झूठा फंसाया गया।यह भी तर्क दिया गया कि इंफॉर्मेंट ने अपने समर्थक के साथ मिलकर आवेदक के खिलाफ दो...
पावर ऑफ अटॉर्नी धारक, जो ट्रस्ट का प्रबंधक भी है, वह ट्रस्टी है, ट्रस्ट की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि ट्रस्ट का पावर ऑफ अटॉर्नी धारक जो ट्रस्ट का प्रबंधक भी है, वह ट्रस्टी की हैसियत रखता है। इसलिए वह ट्रस्ट की ओर से गवाही देने के साथ-साथ साक्ष्य भी प्रस्तुत कर सकता है।जस्टिस रेखा बोराणा की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता ट्रस्ट- रामनिवास धाम ट्रस्ट द्वारा अपने पावर ऑफ अटॉर्नी धारक पारसमल पीपाड़ा के माध्यम से भीलवाड़ा के किराया न्यायाधिकरण के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें प्रतिवादी द्वारा दायर आवेदन को केवल आंशिक रूप से स्वीकार...
'फादर' 'मौलाना' या 'कर्मकांडी' जो किसी को जबरन धर्मांतरित करता है, वह यूपी धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत उत्तरदायी होगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी धर्म का व्यक्ति और चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए जैसे कि फादर, कर्मकांडी, मौलवी या मुल्ला, आदि, वह यूपी धर्मांतरण विरोधी अधिनियम (UP 'Anti Conversion' Act) के तहत उत्तरदायी होगा, यदि वह किसी व्यक्ति को बलपूर्वक, गलत बयानी, धोखाधड़ी, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती और प्रलोभन देकर धर्मांतरित करता है।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने मौलाना (धार्मिक पुजारी) को जमानत देने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की, जिस पर पीड़िता को जबरन इस्लाम में परिवर्तित करने और मुस्लिम...
सांस की गंध के आधार पर किसी व्यक्ति पर मादक पदार्थ के सेवन का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने माना कि किसी व्यक्ति पर इस आधार पर मादक पदार्थ के सेवन का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता कि जांच अधिकारी ने उसकी सांस से पदार्थ की गंध महसूस की है।न्यायालय ने कहा कि यदि इसकी अनुमति दी जाती है तो ऐसी स्थिति उत्पन्न होगी जहां जांच अधिकारी किसी भी व्यक्ति पर मादक पदार्थ और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) के तहत आरोपी के रूप में मुकदमा चला सकता है। यह ध्यान दिया गया कि संवेदी धारणा व्यक्तिपरक होती है, इसलिए किसी पदार्थ की पहचान करने के लिए उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।जस्टिस...



















