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सुप्रीम कोर्ट ने रैनबैक्सी के खिलाफ अपील खारिज की [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
27 Oct 2017 9:48 AM GMT
सुप्रीम कोर्ट ने रैनबैक्सी के खिलाफ अपील खारिज की [आर्डर पढ़े]
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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्र, न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने सोमवार को रैनबैक्सी लेबोरेटरीज (सन फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड) के खिलाफ वर्ष 2013 में दायर एक याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने सेन्ट्रल ड्रग स्टैण्डर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता की शिकायत की जांच करे और किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर क़ानून के तहत उचित कारर्वाई करे।

 हालांकि, बेंच ने स्पष्ट किया कि याचिका में जो बातें कही गई हैं उस पर वह कोई टिपण्णी नहीं कर रहा है।

अपनी याचिका में एडवोकेट मनोहर लाल शर्मा ने कोर्ट से रैनबैक्सी के निर्माण दवा उत्पादन लाइसेंस आंकड़ों में फर्जीवाड़ा करने और अमरीका में मिलावट वाले उत्पादों को बेचने के आरोप में रद्द करने की मांग की थी। यह याचिका इस आशय की रिपोर्ट आने के बाद दायर की गई थी कि यूएस फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने रैनबैक्सी  पर 500 मिलियन डॉलर का जुर्माना किया है क्योंकि उसे “मिलावट” वाली दवा बनाने और उसे बेचते हुए पाया गया है।

शर्मा ने आरोप लगाया कि जुर्माना लगाने के यूएसएफडीए के निर्णय के बाद केंद्र सरकार ने इस कंपनी को दवा बनाने से रोकने या इसकी दवा को प्रतिबंधित करने का कदम नहीं उठाया है।

शर्मा ने अपनी याचिका में कोर्ट से आग्रह किया था कि वह प्रतिवादी नंबर 4 (सीबीआई) को जांच का निर्देश दे और रैनबैक्सी के सभी पूर्व और वर्तमान निदेशकों को आईपीसी की धारा (ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट, 1940 की धारा 27A और 18 के साथ) 326, 327,320,420 और 120 B के तहत दंडित करे।

शर्मा ने कोर्ट से यह भी आग्रह किया था कि वह प्रतिवादी नंबर 2 (भारत सरकार) को निर्देश दे कि वह रैनबैक्सी  और उसके समूह की अन्य कंपनियों की दवा बनाने का लाइसेंस रद्द कर दे। वर्ष 2016 में शर्मा की याचिका को इसलिए खारिज कर दिया गया था क्योंकि वह सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित नहीं थे। पर बाद में इसको दुबारा बहाल करने के उनके आवेदन पर इस मामले को बहाल किया गया।


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