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गूगल इंडिया की अपील खारिज, करोड़ों का कर चुकाने का आदेश [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
27 Oct 2017 2:39 PM GMT
गूगल इंडिया की अपील खारिज, करोड़ों का कर चुकाने का आदेश [आर्डर पढ़े]
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आईटीएटी ने आकलन वर्ष 2007-08 से 2012-13 के लिए गूगल इंडिया के छह अपील को निरस्त कर दिया और उस पर करोड़ों रुपए की कर देनदारी तय की है। मामला यह था कि गूगल आयरलैंड लिमिटेड को विज्ञापन से मिली 1457 करोड़ रुपए की राशि भेजने पर गूगल इंडिया को स्रोत पर कर वसूलने का अधिकार था या नहीं। गूगल आयरलैंड ने गूगल इंडिया को ऐडवर्ड्स प्रोग्राम्स का नॉन-एक्सक्लूसिव अधिकृत वितरक नियुक्त किया था। फिर, गूगल इंडिया ने गूगल आयरलैंड के साथ एक समझौता किया जिसके तहत उसे भारत के विज्ञापनदाताओं को एडवरटाइजर्स प्रोग्राम के तहत ऑनलाइन विज्ञापन की दुबारा बिक्री कर सकती थी।

जब यह पाया गया कि गूगल इंडिया बिना कर की राशि काटे ही गूगल आयरलैंड के खाते में पैसे भेज रही है तो आयकर अधिनियम की धारा 195 के अनुरूप कार्य नहीं करने के कारण उसके खिलाफ धारा 201 के तहत कारर्वाई शुरू की गई। धारा 195 के अनुसार, भुगतान करने वाले के लिए यह जरूरी है कि वह स्रोत पर कर वसूले अगर वह किसी अनिवासी को राशि का भुगतान कर रहा है। इसके बाद उसने गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर यह पूछा कि गूगल आयरलैंड को भेजी गई राशि पर कर नहीं वसूलने की वजह से क्यों न उसको करदाता माना जाए।

गूगल इंडिया ने कहा कि गूगल की बौद्धिक संपदा का कोई अधिकार उसे गूगल आयरलैंड से स्थानांतरित नहीं किया गया और गूगल इंडिया सिर्फ विज्ञापनों को दुबारा बेच रही थी। गूगल इंडिया ने आगे यह भी कहा कि वह डबल टैक्सेशन अवॉयडेंस अग्रीमेंट के तहत रोयल्टी जैसी कोई राशि नहीं भेज रही थी।

आयकर विभाग की ओर से कहा गया कि गूगल इंडिया ने गूगल आयरलैंड को जो राशि भेजी थी उस पर आयकर लगेगा क्योंकि भुगतान की गई राशि बौद्धिक संपदा अधिकार के प्रयोग के लाइसेंस के लिए रोयल्टी के भुगतान जैसा है।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद आईटीएटी ने गूगल इंडिया के खिलाफ निर्णय दिया और कहा कि उसने गूगल आयरलैंड से सूचना, पेटेंट की हुई तकनीक आदि का प्रयोग किया जो कि रोयल्टी है इसलिए उस पर भारतीय क़ानून के इन प्रावधानों के तहत कर देना होगा।


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