मुख्य सुर्खियां
निर्माण मजदूर भी देश निर्माण में अपने तरीके से मदद करते हैं : सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए महत्त्वपूर्ण निर्देश [निर्णय पढ़े]
सत्ता में बैठे लोगों को निर्माण कामगारों के प्रति कोई हमदर्दी नहीं है और वे उनके लाभ के लिए कुछ भी नहीं कर रहे हैं। स्थिति इतनी दुखद है कि शेक्सपियर की दुखांत गाथा भी इसके आगे शर्मा जाए, कोर्ट ने कहा।देश के लाखों निर्माण कामगारों को “सांकेतिक न्याय” देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ निर्देश दिए हैं जो कि बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स (रेग्यूलेशन ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट एंड कंडीशंस ऑफ़ सर्विस) एक्ट, 1996 (बीओसीडब्ल्यू अधिनिम) और अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर सेस एक्ट, 1996 (द सेस एक्ट) को लागू करने...
मैं समझता हूँ कि “प्रति व्यय” पर स्वतः संज्ञान लेकर आदेश देने की अपनी गलती को सुधारने की प्राथमिक जिम्मेदारी मेरी है : न्यायमूर्ति जीएस पटेल [निर्णय पढ़ें]
न्यायमूर्ति गौतम पटेल ने गत वर्ष जनवरी में जो आदेश दिया था उस पर सवतः संज्ञान लेते हुए उसकी समीक्षा की है। उन्हें यह समझ में आया कि ऐसा करना उनकी गलती थी और उन्होंने एक विशेष नियम की अनदेखी की।न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, “मैं गलत था। यही कारण है कि मैंने इस मामले को आज सुनवाई के लिए अधिसूचित किया है। एक कहावत है कि “मूर्खतापूर्ण संगति ओछे मन की शरारत होती है”। हो सकता है कि यह सही है। क़ानून की दृष्टि से किसी गलत प्रस्थापना से हठपूर्वक चिपके रहना, खासकर तब जब यह प्रस्थापना उसकी अपनी है, तो उस स्थिति...
ऐसे प्रदर्शन जिनसे आम लोगों के लिए गड़बड़ी पैदा होता है, अनुच्छेद 19(1) के तहत सुरक्षित नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि प्रदर्शन करना अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत एक अधिकार है और कोई भी प्रदर्शन चाहे वह राजनीतिक, धार्मिक या सामाजिक है या किसी अन्य तरह का है और जिससे आम लोगों को मुश्किल होती है या उनके लिए गड़बड़ी पैदा करता है, वह अनुच्छेद 19(1) के तहत नहीं आता।पीठ ने कहा, “कोई प्रदर्शन सभा का रूप ले सकता है और इसके बाद इसका उद्देश्य वहाँ प्रदर्शन कर रहे समूह द्वारा अथॉरिटी को अपना संदेश पहुंचाना होता है। एक प्रदर्शन कई रूप ले सकता है – यह शोरगुल भरा और बेतरतीब हो सकता है; उदाहरण के...
चोरी-छिपे शादी के मामले में लड़के के रिश्तेदारों की अनावश्यक गिरफ्तारी से बचें : मद्रास हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
मद्रास हाई कोर्ट ने वृहस्पतिवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई लड़का-लड़की चुपके से शादी कर लेते हैं तो लड़के के रिश्तेदारों को यूं ही नहीं गिरफ्तार किया जाए। ऐसा करना पुलिस द्वारा “सामाजिक गलती” करने जैसा होगा।न्यायमूर्ति सीटी सेल्वम और न्यायमूर्ति एन सतीश कुमार की पीठ 17 साल की एक लड़की का 19 साल के एक लड़के के साथ चोरी से शादी करने के मामले की सुनवाई कर रही थी। इस घटना में लड़की के अभिभावकों द्वारा मामला दर्ज कराने के बाद लड़के की माँ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और से सलेम के केंद्रीय जेल में...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 38 अस्थायी रैन बसेरों को बंद करने पर अंतरिम रोक लगाई [आर्डर और याचिका पढ़े]
शहर मे सैकड़ो बेघर लोगों की सहायता के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली में 38 रैन बसेरों को बंद करने पर अंतरिम रोक लगा दी।कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार अलेदिया द्वारा एक याचिका पर तत्काल इन-चेंबर की सुनवाई में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) को ये निर्देश दिया कि 38 अस्थायी टेंट में चलने वाले रैन बसेरों पर सुनवाई की अगली तारीख यानी 2 अप्रैल तक यथास्थिति बनाए रखी जाए। इस संबंध में एक...
माँ-बाप के साथ दुर्व्यवहार करने पर मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल उसके क़ानूनी वारिस को बेदखली का आदेश दे सकता है : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अकेले रह रहे वृद्ध दंपति को राहत दिलाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने आज कहा कि अगर माँ-बाप के साथ दुर्व्यवहार होता है तो मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल ऐसे कानूनी वारिस को बेदखली का आदेश दे सकता है। कोर्ट ने कहा कि मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ़ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन्स एक्ट, 2007 के तहत अधिकरण को यह अधिकार प्राप्त है।“…लाभकारी क़ानून की एक कल्याणकारी राज्य में उदार व्याख्या की जरूरत होती है और यह जरूरी है कि यह क़ानून अत्यावश्यक सामाजिक जरूरतों को तत्काल पूरा करे। ...इसमें कोई संदेह नहीं है कि मेंटेनेंस...
उधारी का व्यवसाय : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सुरक्षित जमा राशि पर ब्याज नहीं देना असंवैधानिक नहीं [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक राज्य बनाम कर्नाटक पॉउन ब्रोकर्स एसोसिएशन मामले में अपने फैसले में कहा कि कर्नाटक मनी लेंडर्स एक्ट, 1961 और कर्नाटक पॉउन ब्रोकर्स एक्ट, 1961 के तहत सिक्यूरिटी डिपोजिट पर ब्याज नहीं देने का प्रावधान मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं है।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि इसके बारे में संशोधनों को 1985 से लागू करना गैरकानूनी और गलत है।उपरोक्त अधिनियमों की धारा 7A और धारा 4A (जिसे 1989 में हुए संशोधन द्वारा जोड़ा गया) के अनुसार सिक्यूरिटी...
मध्यस्थता (सुधार अधिनियम) 2015 प्रकृति में संभावित है और 23.10.2015 के बाद दाखिल अदालती प्रक्रिया पर लागू होगा: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने गुरुवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बनाम कोच्चि क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड और अन्य मामले में फैसला सुनाया। बेंच के सामने सवाल यह था कि क्या धारा 34 संशोधित मध्यस्थता अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे भले ही धारा 34 को 23.10.2015 से पहले दायर किया गया।सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि मध्यस्थता अधिनियम की धारा 26 को पढ़ने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि प्रावधान वास्तव में दो भागों में है। पहला भाग संशोधन अधिनियम को कुछ...
अल्ट्रासोनोग्राफी के लिए आवश्यक प्रशिक्षण का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाया [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्री-कन्सेप्शन और प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेकनीक्स (प्रोहीबिशन ऑफ़ सेक्स सिलेक्शन) अधिनियम में फैसला दिया था कि क़ानून के अंतर्गत या केंद्र सरकार के किसी निकाय को यह अधिकार नहीं है कि वह अल्ट्रासाउंड इमेजिंग उपकरण की मदद से चिकित्सा के लिए योग्यता का सुझाव दे या इसकी योग्यता के लिए पाठ्यक्रम या इसकी अवधि सुझाए। सुप्रीम कोर्ट ने अब हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दिया है।दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पीएनडीटी अधिनियम के तहत सोनोलोजिस्ट को परिभाषित करने वाली धारा...
दावे को सुलझाने के लिए किसी तीसरे पक्ष के चार्टर्ड जहाज को कब्जे में नहीं लिया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी जहाज के खिलाफ समुद्री दावे को पूरा करने के लिए न्यायालयीय आदेश से ऐसे जहाज के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती जो किसी तीसरे पक्ष का है।न्यामूर्ति जे चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति एसके कौल की पीठ ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ एक अपील पर सुनवाई करते हुए उक्त बातें कही। हाई कोर्ट ने अपीलकर्ता की इस अपील पर गौर नहीं किया था जिसके तहत उसने समुद्री दावे सुलझाने के लिए जियोवेव कमांडर नामक जहाज को कब्जे में लेने की अपील की थी।जिओवेव कमांडर को रिफ्लेक्ट जियोफिजिकल पीटीई...
महिला न्यायाधीशों की संख्या 50% तक बढ़ाएं ; कानून विश्वविद्यालयों और अधीनस्थ न्यायपालिका में महिलाओं के लिए कोटा हो : संसदीय पैनल [रिपोर्ट पढ़ें]
एक संसदीय पैनल ने यह देखते हुए कि न्यायपालिका में महिलाओं का समग्र प्रतिनिधित्व देश में "चिंता का कारण" है, सिफारिश की है कि कानून विश्वविद्यालयों और अधीनस्थ न्यायपालिका में महिलाओं के लिए एक कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए।अनुदान मांग (2018-19) पर अपनी 96 वीं रिपोर्ट में कार्मिक, लोक शिकायत और विधि और न्याय पर भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति ने आगे दोहराया है कि देश में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर कुल ताकत की 50 प्रतिशत कर दी जानी चाहिए। कानूनी नीति के लिए विधि केंद्र द्वारा...
SC जजों की सेवानिवृत्ति की आयु 67 साल और HC जजों की 65 साल हो : संसदीय पैनल की अनुशंसा [रिपोर्ट पढ़ें]
एक संसदीय पैनल ने सिफारिश की है कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 67 साल कर दी जानी चाहिए और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 साल कर दी जानी चाहिए। पैनल का मानना है कि इससे मौजूदा न्यायाधीशों को बनाए रखने में मदद मिलेगी और इसलिए न्यायिक रिक्तियों के साथ-साथ मामलों की लंबितता को कम करने में मदद मिलेगी।अनुदान मांग (2018-19) पर अपनी 96 वीं रिपोर्ट में, कार्मिक, लोक शिकायत और कानून और न्याय पर भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति ने...
“ मैंने जितने भी चीफ जस्टिस देखे, आप उनमें सबसे धैर्यवान : राजीव धवन ने CJI मिश्रा से कहा
अदालत में हास्य के बारे में बात करें तो वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन कभी निराश नहीं करते। सर्वोच्च न्यायालय की कोर्ट नंबर 1में अयोध्या मामले की हाई वोल्टेज सुनवाई के दौरान धवन ने कुछ हल्के क्षणों को फिर से पेश किया। एक क्षण में जब मुख्य न्यायाधीश मिश्रा धवन से सहमत नहीं थे कि उन्होंने मामले को एक बड़ी पीठ को भेजने के लिए विशेष बेंच को तर्क नहीं दिया था, तो धवन ने कहा, "मैं असहमत हूं। मैंने बहस की कोशिश की लेकिन आपकी सत्ता ने मुझे अनुमति नहीं दी। फिर कुछ हुआ जिसके बाद मैंने अपना अभ्यास छोड़ने का...
वकीलों, कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से पूछा, सिर्फ मोबाइल और बैंकों के लिए ही आधार की सीमा क्यों बढ़ाई गई
“रिथिंक आधार” अभियान ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले खिलाफ एक कड़ा बयान दिया है। कोर्ट ने बैंकिंग और मोबाइल सेवाओं को आधार से जोड़ने की समय सीमा को अनिश्चित काल तक बढ़ा दिया है। अब इसके बारे में कोई निर्णय आधार पर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले में ही सुनाया जाएगा। अभियान का कहना है कि उसने निजता की सुरक्षा या मौलिक अधिकार को इसमें अभी शामिल नहीं किया है।एक बयान में अभियान ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने जो अंतरिम आदेश दिया है वह काफी निराशाजनक है। आधार के तहत बायोमेट्रिक से लिंक आईडी की वजह से बहुत...
"न्याय न केवल किया जाना चाहिए बल्कि होते हुए भी दिखना चाहिए", ये पीड़ित पर भी लागू : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि न्याय न केवल किया जाना चाहिए बल्कि होते हुए भी दिखना चाहिए, ये पीड़ित पर भी लागू होता है। हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी पुलिस हिरासत में कथित तौर पर मार दिए गए व्यक्ति की पत्नी की ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई करते हुए की। अदालत ने ये केस ट्रांसफर कर दिया।दरअसल एक व्यक्ति की विधवा, जिसकी हत्या कथित तौर पर पुलिस हिरासत में हुई थी, ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी जिसमें बलोदा बाज़ार के न्यायालय से रायपुर या आसपास के इलाके के किसी भी अन्य कोर्ट में आपराधिक मामले को...
जज के खिलाफ ट्वीट: कभी PC का जूनियर नहीं रहा, दिल्ली HC के न्यायमूर्ति मुरलीधर ने शरारती ट्वीट के बाद रिकॉर्ड पर तथ्य दर्ज किया
सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने पत्रकार स्वामीनाथन गुरुमूर्ति द्वारा किए गए ट्वीट पर स्वत: संज्ञान लिया जिसमें न्यायमूर्ति एस मेहता के साथ डिवीज़न बेंच में शामिल जस्टिस एस मुरलीधर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए थे। इसी बेंच ने आईएनएक्स मीडिया मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तारी से कार्ति चिदंबरम को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। न्यायमूर्ति मुरलीधर और न्यायमूर्ति मेहता की पीठ ने सोमवार को पत्रिका 'तुगलक' के संपादक एस गुरुमूर्ति द्वारा किए गए ट्वीट्स पर संज्ञान लिया। बेंच ने 9 मार्च...
ओडिशा-छत्तीसगढ़ के बीच महानदी जल विवाद : केंद्र ने गठित किया ट्रिब्यूनल; न्यायमूर्ति खानविलकर करेंगे इसकी अध्यक्षता
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करते हुए “महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल” गठित कर दिया है ताकि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी जल के बंटवारे के विवाद को हल किया जा सके।इस वर्ष जनवरी में न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति नागेश्वर राव की पीठ ने अंतर-राज्य नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 की धारा 4(1) के तहत एक ट्रिब्यूनल गठित करने का आदेश दिया था।इस ट्रिब्यूनल का मुख्यालय दिल्ली होगा और इसके सदस्य निम्न लोग होंगे : न्यायमूर्ति एएम खानविलकर, जज, सुप्रीम कोर्ट (अध्यक्ष) न्यायमूर्ति रवि...
हरियाणा में फर्जी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में निजी भवन निर्माताओं को अपना भूमि गंवाने वाले किसानों को सुप्रीम कोर्ट ने दिलाई राहत [निर्णय पढ़ें]
हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 688 एकड़ बेशकीमती भूमि के अधिग्रहण में हुए घोटाले से जुड़े मामले रामेश्वर एवं अन्य बनाम हरियाणा राज्य में सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को राहत देने वाले फैसले दिए हैं। यह मामला भूमि अधिग्रहण अधिनियम की आड़ में निजी भवन निर्माताओं द्वारा भूमि के फर्जी अधिग्रहण से जुड़ा है।हरियाणा सरकार ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत 688 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की थी। यह भूमि औद्योगिक टाउनशिप बसाने के लिए लिया जा रहा था। इस अधिसूचना के बाद कई निजी भवन निर्माताओं ने...
सुप्रीम कोर्ट ने दामाद की हत्या की आरोपी महिला को बरी किया, ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले रद्द [निर्णय पढ़ें]
शुरू में जब मृतक की पत्नी ने दर्ज शिकायत दर्ज कराई थी कि मृतक ने जहर लेकर आत्महत्या कर ली तो आम तौर पर यह उम्मीद की जाती है कि डॉक्टर रासायनिक पदार्थों के रासायनिक विश्लेषण के लिए विसरा रखेंगे... चिकित्सक द्वारा विसरा का गैर-संरक्षण अभियोजन पक्ष के लिए मामले में घातक बना, बेंच ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और उच्च न्यायालय के समवर्ती निष्कर्षों को दूर करके अपने दामाद की हत्या की आरोपी एक महिला को बरी कर दिया है। मृतक ब्रज भूषण तिवारी की पत्नी और सास पर हत्या का आरोप लगाया गया जब वो उनके...
सिक्किम हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ ने कहा, शपथ के तहत आरोपी का इकबालिया बयान लेना असंवैधानिक [निर्णय पढ़ें]
सिक्किम हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ ने सिक्किम राज्य बनाम सुरेन राय मामले में कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत किसी आरोपी का इकबालिया बयान रिकॉर्ड करने के समय उसको शपथ दिलाना संविधान के अनुच्छेद 20(3) का उल्लंघन है।मुख्य न्यायाधीश सतीश के अग्निहोत्री ने कहा कि शपथ के तहत किसी आरोपी का इकबालिया बयान लेना घातक है और यह सीआरपीसी की धारा 463 के तहत संरक्षित नहीं है।पीठ ने कहा कि किसी आरोपी का शपथ के तहत इकबालिया बयान लेने का प्रभाव इसकी स्वैच्छिकता पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ता है और स्वैच्छिकता पवित्र होती...

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![मैं समझता हूँ कि “प्रति व्यय” पर स्वतः संज्ञान लेकर आदेश देने की अपनी गलती को सुधारने की प्राथमिक जिम्मेदारी मेरी है : न्यायमूर्ति जीएस पटेल [निर्णय पढ़ें] मैं समझता हूँ कि “प्रति व्यय” पर स्वतः संज्ञान लेकर आदेश देने की अपनी गलती को सुधारने की प्राथमिक जिम्मेदारी मेरी है : न्यायमूर्ति जीएस पटेल [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/02/Justice-Gautam-Patel.jpg)
![ऐसे प्रदर्शन जिनसे आम लोगों के लिए गड़बड़ी पैदा होता है, अनुच्छेद 19(1) के तहत सुरक्षित नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] ऐसे प्रदर्शन जिनसे आम लोगों के लिए गड़बड़ी पैदा होता है, अनुच्छेद 19(1) के तहत सुरक्षित नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/justice-sikri-and-ashok-bhushan-1.jpg)
![चोरी-छिपे शादी के मामले में लड़के के रिश्तेदारों की अनावश्यक गिरफ्तारी से बचें : मद्रास हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े] चोरी-छिपे शादी के मामले में लड़के के रिश्तेदारों की अनावश्यक गिरफ्तारी से बचें : मद्रास हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Madras-HC.jpg)
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![माँ-बाप के साथ दुर्व्यवहार करने पर मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल उसके क़ानूनी वारिस को बेदखली का आदेश दे सकता है : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें] माँ-बाप के साथ दुर्व्यवहार करने पर मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल उसके क़ानूनी वारिस को बेदखली का आदेश दे सकता है : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/justice-siddharth-mridul-Justice-Deepa-Sharma.jpg)
![मध्यस्थता (सुधार अधिनियम) 2015 प्रकृति में संभावित है और 23.10.2015 के बाद दाखिल अदालती प्रक्रिया पर लागू होगा: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] मध्यस्थता (सुधार अधिनियम) 2015 प्रकृति में संभावित है और 23.10.2015 के बाद दाखिल अदालती प्रक्रिया पर लागू होगा: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Nariman-Navin-Sinha.jpg)
![अल्ट्रासोनोग्राफी के लिए आवश्यक प्रशिक्षण का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाया [आर्डर पढ़े] अल्ट्रासोनोग्राफी के लिए आवश्यक प्रशिक्षण का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Abortion.jpg)
![दावे को सुलझाने के लिए किसी तीसरे पक्ष के चार्टर्ड जहाज को कब्जे में नहीं लिया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] दावे को सुलझाने के लिए किसी तीसरे पक्ष के चार्टर्ड जहाज को कब्जे में नहीं लिया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/02/Chelameswar-SK-Kaul-1.jpg)
![महिला न्यायाधीशों की संख्या 50% तक बढ़ाएं ; कानून विश्वविद्यालयों और अधीनस्थ न्यायपालिका में महिलाओं के लिए कोटा हो : संसदीय पैनल [रिपोर्ट पढ़ें] महिला न्यायाधीशों की संख्या 50% तक बढ़ाएं ; कानून विश्वविद्यालयों और अधीनस्थ न्यायपालिका में महिलाओं के लिए कोटा हो : संसदीय पैनल [रिपोर्ट पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/Women-Judges-of-Kerala-High-Court-2.jpg)
![SC जजों की सेवानिवृत्ति की आयु 67 साल और HC जजों की 65 साल हो : संसदीय पैनल की अनुशंसा [रिपोर्ट पढ़ें] SC जजों की सेवानिवृत्ति की आयु 67 साल और HC जजों की 65 साल हो : संसदीय पैनल की अनुशंसा [रिपोर्ट पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/HIgh-Court-Weekly-round-up.png)


![न्याय न केवल किया जाना चाहिए बल्कि होते हुए भी दिखना चाहिए, ये पीड़ित पर भी लागू : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] न्याय न केवल किया जाना चाहिए बल्कि होते हुए भी दिखना चाहिए, ये पीड़ित पर भी लागू : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/Chhattisgarh-HC-2.jpg)


![हरियाणा में फर्जी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में निजी भवन निर्माताओं को अपना भूमि गंवाने वाले किसानों को सुप्रीम कोर्ट ने दिलाई राहत [निर्णय पढ़ें] हरियाणा में फर्जी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में निजी भवन निर्माताओं को अपना भूमि गंवाने वाले किसानों को सुप्रीम कोर्ट ने दिलाई राहत [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/02/Justice-AK-Goel-Justice-UU-Lalit.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने दामाद की हत्या की आरोपी महिला को बरी किया, ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले रद्द [निर्णय पढ़ें] सुप्रीम कोर्ट ने दामाद की हत्या की आरोपी महिला को बरी किया, ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले रद्द [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/Murder.jpg)
![सिक्किम हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ ने कहा, शपथ के तहत आरोपी का इकबालिया बयान लेना असंवैधानिक [निर्णय पढ़ें] सिक्किम हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ ने कहा, शपथ के तहत आरोपी का इकबालिया बयान लेना असंवैधानिक [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/Accused.jpg)