मुख्य सुर्खियां

किसी अपराध की सूचना पुलिस को ना देने पर सबूत मिटाने का दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
किसी अपराध की सूचना पुलिस को ना देने पर सबूत मिटाने का दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने दिनेश कुमार कालिदास पटेल बनाम गुजरात राज्य में माना है कि अगर कोई व्यक्ति किसी अपराध की सूचना पुलिस को ना दे तो उसे सबूत मिटाने का दोषी नहीं ठहराया जा सकता। दरअसल निचली अदालत ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 498 ए और 201 के तहत अपराध के लिए एक व्यक्ति को दोषी ठहराया था। उच्च न्यायालय ने आईपीसी की धारा 498 ए के अपराध से बरी किया लेकिन आईपीसी की धारा 201 के तहत सजा को बनाए रखा।न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति अमिताव रॉय की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय ने आईपीसी की धारा 201...

जजों की कमी के विरोध में उड़ीसा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों का 19 फरवरी तक अपने काम से अनुपस्थित रहने का निर्णय
जजों की कमी के विरोध में उड़ीसा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों का 19 फरवरी तक अपने काम से अनुपस्थित रहने का निर्णय

पिछले दिनों कर्नाटक हाई कोर्ट में न्यायिक रिक्तियों की बढ़ती संख्या के खिलाफ बेंगलुरु के कई वकील भूख हड़ताल पर चले गए थे और अब उड़ीसा हाई कोर्ट के बार एसोसिएशन ने जजों की नियुक्ति नहीं होने के खिलाफ 19 फरवरी तक काम पर नहीं जाने का फैसला किया है।उड़ीसा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीकांत नायक ने कहा कि हाई कोर्ट में इस समय सिर्फ 16 जज हैं जबकि होना चाहिए 27 और अप्रैल 2017 के बाद से यहाँ कोई नियुक्ति नहीं हुई है।सोमवार को एक प्रस्ताव पारित कर उड़ीसा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा कि वे काम पर...

उत्तर प्रदेश सरकार को अग्रिम जमानत संशोधन विधेयक को राज्य विधानसभा से पास करने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया
उत्तर प्रदेश सरकार को अग्रिम जमानत संशोधन विधेयक को राज्य विधानसभा से पास करने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया

उत्तर प्रदेश में अग्रिम जमानत के प्रावधान पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एसए बोबडे और एल नागेश्वर राव की पीठ ने आपराधिक प्रक्रिया (यूपी) संशोधन विधेयक 2010 को राज्य विधासभा में पेश नहीं करने के लिए राज्य सरकार की खिंचाई की। राष्ट्रपति ने इस विधेयक को सितम्बर 2011 में कुछ तकनीकी आधार पर वापस कर दिया था।कोर्ट ने राज्य सरकार को इस विधेयक पर अपनी राय स्पष्ट करने के लिए दो सप्ताह का वक्त दिया है। पीठ ने कहा, “आप कोई न कोई समस्या खड़ी करना चाहते हैं। आप इस पर कुछ करना चाहते हैं कि नहीं...सरकार इस संशोधन...

आधार ना होने पर किसी भी व्यक्ति को जरूरी सेवा या लाभ सेवा से वंचित नहीं किया जा सकता : UIDAI
आधार ना होने पर किसी भी व्यक्ति को जरूरी सेवा या लाभ सेवा से वंचित नहीं किया जा सकता : UIDAI

शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में  यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने स्पष्ट कर दिया है कि आधार के लिए एक वास्तविक लाभार्थी को किसी जरूरी सेवा या लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा, चाहे वो चिकित्सा सहायता, अस्पताल में भर्ती, स्कूल प्रवेश या पीडीएस के माध्यम से राशन की सुविधा हो।एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह स्पष्टीकरण उस वक्त आया है जब सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आधार कानून की वैधता पर सुनवाई कर रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान और कपिल सिब्बल ने आधार के खिलाफ सुप्रीम...

आदेश की प्रमाणित प्रति मांगने वाले निचली अदालत से बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा, हाई कोर्ट के आधिकारिक वेबसाइट से लिया जाने वाला आदेश क़ानूनन वैध है [आर्डर पढ़े]
आदेश की प्रमाणित प्रति मांगने वाले निचली अदालत से बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा, हाई कोर्ट के आधिकारिक वेबसाइट से लिया जाने वाला आदेश क़ानूनन वैध है [आर्डर पढ़े]

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि उसके आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड होने वाले आदेश कानूनन वैध हैं और आदेशों की प्रमाणित प्रति मांगने पर जोर देने वाली निचली अदालत यह देख सकता है कि कथित आदेश वेबसाइट पर अपलोडेड है कि नहीं।औरंगाबाद पीठ के न्यायमूर्ति आरवी घुगे ने यह आदेश कुछ आवेदनों के बारे में एडवोकेट सुविध कुलकर्णी के यह कहने के बाद दिया कि सुनवाई अदालत हाई कोर्ट के आदेशों की प्रमाणित प्रति पेश करने पर पर जोर दे रहा है। कुलकर्णी ने कहा कि निचली अदालत यह मानने के लिए तैयार नहीं है कि इस तरह का कोई आदेश...

जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी:  NHRC ने सेना अधिकारियों के बच्चों की शिकायत पर रक्षा मंत्रालय से वास्तविक रिपोर्ट मांगी
जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी: NHRC ने सेना अधिकारियों के बच्चों की शिकायत पर रक्षा मंत्रालय से "वास्तविक रिपोर्ट" मांगी

 राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने जम्मू और कश्मीर में कथित "सेना के मानवाधिकारों के अपमान और उल्लंघन" पर रक्षा मंत्रालय से "तथ्यात्मक रिपोर्ट" मांगी है। एनएचआरसी ने राज्य में पत्थरबाजी की  हालिया घटनाओं में सेना के कर्मियों के मानव अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सेना के अफसरों के तीन बच्चों द्वारा दायर शिकायत पर संज्ञान लिया है।  शिकायत में 27 जनवरी की घटना का हवाला दिया गया है,जब अनियंत्रित भीड़ ने कथित रूप से पत्थरबाजी कर सेना के प्रशासनिक काफिले को उकसाया। सेना के आत्मरक्षा में...

बॉम्बे हाई कोर्ट ने की जीएसटी नेटवर्क के कामकाज की आलोचना; कहा, संसद का विशेष सत्र और जीएसटी काउंसिल के ईजीएम का कोई मतलब नहीं अगर असेसी को राहत नहीं है [आर्डर पढ़े]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने की जीएसटी नेटवर्क के कामकाज की आलोचना; कहा, संसद का विशेष सत्र और जीएसटी काउंसिल के ईजीएम का कोई मतलब नहीं अगर असेसी को राहत नहीं है [आर्डर पढ़े]

बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में रोबोटिक एवं ऑटोमेशन मशीन बनाने वाली कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) के कामकाज की आलोचना की।न्यायमूर्ति एससी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की पीठ ने अबिकोर एंड बेन्ज़ेल टेक्नोवेल प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए उपरोक्त बातें कहीं।मामले की पृष्ठभूमिकम्पनी ने अपनी याचिका में कहा कि उन्हें सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 के तहत अस्थाई पंजीकरण नंबर दिया गया था पर जीएसटीएन पर वे अपना प्रोफाइल...

तीन एड्वोकेटों पर हुए हमले पर दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा [आर्डर पढ़े]
तीन एड्वोकेटों पर हुए हमले पर दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने तीन एडवोकेट किरीत उप्पल, रवि शर्मा और विकास पाहवा पर हुए हमले पर स्वतः संज्ञान लिया है। इस घटना की वजह से दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने 25 जनवरी को कोर्ट का बहिष्कार किया था।29 जनवरी को एक आदेश में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और सी हरि शंकर ने इस चिंताजनक घटना पर अफ़सोस जाहिर किया था। कोर्ट ने कहा था, “...हम इस घटना से काफी चिंतित हैं और लगता है कि बार एसोसिएशन और उसके नेताओं को अपने पेशेवर काम को करने से रोकने का प्रयास हो रहा है और उनको न्याय का साथ देने से...

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर व्यवसाय संगठनों को प्रभावी कदम उठाने को कहा है [शपथ पत्र पढ़ें]
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर व्यवसाय संगठनों को प्रभावी कदम उठाने को कहा है [शपथ पत्र पढ़ें]

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सरकार ने देश के प्रमुख व्यवसाय संगठनों एसोचेम, फिक्की, सीआईआई, सीसीआई और नास्कॉम को कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए सेक्सुअल हरासमेंट ऑफ़ वीमेन अट वर्कप्लेस (प्रिवेंशन, प्रोहिबिशन एंड रेड्रेसल) अधिनयम 2013 के तहत प्रभावी कदम उठाने को कहा है।महिला एवं बाल विकास विभाग के वकील एडवोकेट माधवी दीवान ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ से कहा कि मंत्रालय ने सभी राज्यों और...

आरुषी-हेमराज मामले में तलवार दंपति को रिहा करने वाले जज अपने बारे में विपरीत बयान को रिकॉर्ड से निकलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए
आरुषी-हेमराज मामले में तलवार दंपति को रिहा करने वाले जज अपने बारे में विपरीत बयान को रिकॉर्ड से निकलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए

सुप्रीम कोर्ट के जज रंजन गोगोई और आर बनुमथी की पीठ ने सीबीआई के विशेष जज श्याम लाल की याचिका पर सीबीआई, उत्तर प्रदेश सरकार और इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस जारी किया है। श्यामलाल ने आरुषी-हेमराज दोहरे हत्याकांड में आरुषी के माँ-बाप राजेश और नुपुर तलवार को हत्या का दोषी करार दिया था। उनके इस फैसले पर हाई कोर्ट ने प्रतिकूल टिप्पणी की थी जिसको रिकॉर्ड से हटवाने के लिए अब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।अवकाश प्राप्त जज श्याम लाल के वकील सखा राम सिंह ने कहा कि हाई...

राजस्थान हाईकोर्ट ने संजय लीला भंसाली और दीपिका पादुकोण के खिलाफ FIR खारिज करते हुए ‘ पद्मावत’ की समीक्षा की [निर्णय पढ़ें]
राजस्थान हाईकोर्ट ने संजय लीला भंसाली और दीपिका पादुकोण के खिलाफ FIR खारिज करते हुए ‘ पद्मावत’ की समीक्षा की [निर्णय पढ़ें]

शिकायतकर्ता और ऐसे दिमाग वाले व्यक्ति जो फिल्म के खिलाफ अनुचित पूर्वाग्रह को ले रहे हैं, उन्हें उनके कृत्यों की मूर्खता को समझने की सलाह दी जाएगी, न्यायाधीश ने कहा। इसमें 'महारानी पद्मावती ' और 'चित्तौड़गढ़' राजा  का चित्रण इस देश के हर नागरिक के दिल को विशेषकर राजस्थान और मेवाड़ के दिल में भर जाएगा, नफरत या घृणा की भावना पैदा करने के बजाय, जज ने टिप्पणी की। हममें से ज्यादातर पहले से ही पद्मावत फिल्म देख चुके हैं और फिल्म पर समीक्षा लिख और पढ़ चुके हैंनीचे राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति...

झारखंड हाईकोर्ट ने भारत के माध्यम से अन्य देशों में मानव तस्करी को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर केंद्र  से जवाब मांगा [आर्डर पढ़े]
झारखंड हाईकोर्ट ने भारत के माध्यम से अन्य देशों में मानव तस्करी को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर केंद्र से जवाब मांगा [आर्डर पढ़े]

भारत के माध्यम से अन्य देशों में विदेशी नागरिकों की तस्करी पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार द्वारा इसे रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।अदालत अमीर हुसैन द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि दो बांग्लादेशी लड़कियां, उनमें से एक 17 साल की नाबालिग है, मुंबई से दुबई के लिए अवैध तस्करी के जरिए भेजा जा रहा था। हालांकि उन्हें पश्चिम बंगाल से एक ट्रेन यात्रा के दौरान बचाया गया और दंड प्रक्रिया संहिता की...

अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अधिनियम (एस -18) के तहत अपराधों में अग्रिम जमानत को सीमित करना असंवैधानिक, एमिक्स अमरेंद्र शरण की दलील,SC ने आदेश सुरक्षित रखा [लिखित सबमिशन पढ़ें]
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अधिनियम (एस -18) के तहत अपराधों में अग्रिम जमानत को सीमित करना असंवैधानिक, एमिक्स अमरेंद्र शरण की दलील,SC ने आदेश सुरक्षित रखा [लिखित सबमिशन पढ़ें]

न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यू यू ललित की खंडपीठ ने बुधवार को  एसएलपी ( आपराधिक) नंबर 5661/2017,  सुभाष काशीनाथ महाजन बनाम  महाराष्ट्र राज्य में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।20.11.2017 के आदेश के अनुसार, पीठ ने कानून के निम्नलिखित प्रश्न तैयार किए:(i) क्या अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के लिए प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं ताकि बाहरी तरीकों का इस्तेमाल ना हो ?(ii) क्या किसी भी एकतरफा आरोप के कारण आधिकारिक क्षमता में मुकदमा चलाने वाले...

गूगल पर अपने सर्च इंजन से अपने ही उत्पादों को बढ़ावा देकर अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने लगाया 135.86 करोड़ का जुर्माना [आर्डर पढ़े]
गूगल पर अपने सर्च इंजन से अपने ही उत्पादों को बढ़ावा देकर अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने लगाया 135.86 करोड़ का जुर्माना [आर्डर पढ़े]

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने दुनिया की नामचीन कंपनी और सर्च इंजन गूगल पर अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए135.86 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की यह राशि वर्ष 2013 से 2015 के बीच भारत में उसके कारोबार से हुई कुल आय का 5% होगी। आयोग के खिलाफ यह शिकायत 2012 में दर्ज की गई थी। नियामक ने कहा कि गूगल पर यह जुर्माना स्पर्धा के खिलाफ उसकी गतिविधि के कारण लगाया गया है। कंपनी को यह रकम 60 दिन के भीतर जमा करने का आदेश दिया गया है।मैट्रिमोनी डॉट कॉम और कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसाइटी ने...

शेयर बाजार पर असर न हो तो भी फर्जी कारोबार गैर-कानूनी है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
शेयर बाजार पर असर न हो तो भी फर्जी कारोबार गैर-कानूनी है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिभूति अपीली अधिकरण (एसएटी) के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें उसने कहा था कि अगर किसी फर्जी कारोबार का शेयर बाजार पर असर पड़ता है तभी इसे फर्जी और अनुचित व्यापार व्यवहार विनियमन प्रावधान का उल्लंघन माना जाएगा।न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ और न्यायमूर्ति आर बनुमथी की पीठ ने कहा कि शेयर बाजार फर्जी और अनुचित व्यापार व्यवहार का मंच नहीं है और वह एसएटी की इस सोच से सहमत नहीं है।सेबी ने तीन व्यापारियों और दलालों पर डेरिवेटिव सेगमेंट में प्रतिभूतियों की फर्जी खरीद-फरोख्त करने का आरोप...

क़ानून निर्माताओं को क़ानून की प्रैक्टिस करने से रोकने की अपील अब सुप्रीम कोर्ट पहुंची [याचिका पढ़े]
क़ानून निर्माताओं को क़ानून की प्रैक्टिस करने से रोकने की अपील अब सुप्रीम कोर्ट पहुंची [याचिका पढ़े]

बार काउंसिल की एक उप समिति की इस रिपोर्ट पर कि सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों को क़ानून की प्रैक्टिस करने से नहीं रोका जा सकता, इस मामले के याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में इस बारे में अपील दायर की। उन्होंने क़ानून के निर्माताओं को क़ानून की प्रैक्टिस करने की दोहरी भूमिका निभाने की अनुमति नहीं देने की अपील की है क्योंकि इसमें हितों के टकराव का मुद्दा आता है और यह बीसीआई के नियमों का उल्लंघन भी है।सुप्रीम कोर्ट के वकील और भाजपा के नेता अश्विनी उपाध्याय ने अपनी याचिका...

एक पत्र पर कार्रवाई करते हुए हिमाचल हाई कोर्ट ने पानी, बर्फबारी में बाहर छोड़े गए दिए टट्टूओं को उपलब्ध कराया शेल्टर [निर्णय पढ़ें]
एक पत्र पर कार्रवाई करते हुए हिमाचल हाई कोर्ट ने पानी, बर्फबारी में बाहर छोड़े गए दिए टट्टूओं को उपलब्ध कराया शेल्टर [निर्णय पढ़ें]

क्या शिमला के रिज क्षेत्र में बच्चों को घुमाने के लिए प्रयुक्त होने वाले लाइसेंसशुदा पालतू घोड़ों को बारिश और बर्फबारी के दौरान शेल्टर में रहने का अधिकार है?हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने इसका सकारात्मक जवाब दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “पशुओं के संदर्भ में जिंदगी का अर्थ सिर्फ जीवित रहना, अस्तित्व में बने रहना या लोगों के लिए उसका महत्त्वपूर्ण बने रहना नहीं है बल्कि उसके आतंरिक मूल्य, सम्मान और मर्यादा से है”।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की पीठ ने...

पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल की करने की इजाजत नहीं दे सकते : SC ने जिंदल गैंगरेप आरोपियों को पीड़िता को ICloud पासवर्ड देने को कहा
पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल की करने की इजाजत नहीं दे सकते : SC ने जिंदल गैंगरेप आरोपियों को पीड़िता को ICloud पासवर्ड देने को कहा

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की बेंच ने ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के गैंग रेप के आरोपियों को पीड़ित के साथ आईक्लाउड अकाउंट पासवर्ड साझा करने के लिए कहा है।जस्टिस एस ए बोबडे ने आरोपी हार्दिक सीकरी,  करन छाबड़ा और विकास गर्ग के लिए पेश वकील से कहा,  "हम दोषी के बारे में चिंतित नहीं हैं हम वर्तमान स्थिति के बारे में चिंतित हैं। आप में से एक के पास लड़की की तस्वीरें हैं और हमारे लिए ब्लैकमेल को स्वीकार करना और सहन करना मुश्किल है। "बेंच ने कहा, "आपको उन तस्वीरों...

मोटर वाहन दुर्घटना दावा : अगर वाहन ट्रांसफर अथॉरिटी में पंजीकृत नहीं है तो वाहन का मूल मालिक करेगा दावे का भुगतान [निर्णय पढ़ें]
मोटर वाहन दुर्घटना दावा : अगर वाहन ट्रांसफर अथॉरिटी में पंजीकृत नहीं है तो वाहन का मूल मालिक करेगा दावे का भुगतान [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने नवीन कुमार बनाम विजय कुमार मामले में अपने फैसले में कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत ‘मालिक’ वह है जिसके नाम पर वाहन पंजीकृत है।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने कहा कि वाहन का पंजीकृत मालिक जिसने वाहन का हस्तांतरण कर दिया है पर रजिस्ट्री अथॉरिटी के रिकॉर्ड में उसे अब भी वाहन का मालिक बताया जा रहा है तो वह किसी भी तरह के दायित्व से मुक्त नहीं होगा।इस मामले में दुर्घटना में शामिल वाहन कई हाथों से गुजरा था। जब दुर्घटना के बाद दावा किया गया तो पक्षकारों ने कहना शुरू कर दिया...