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विशेष अदालतों को अधिकरणों का दर्जा देने व अन्य प्रस्तावों के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की राय माँगी [आर्डर पढ़े]
विशेष अदालतों को अधिकरणों का दर्जा देने व अन्य प्रस्तावों के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की राय माँगी [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने देश में ट्रिब्यूनलों के काम काज के बारे में केंद्र से चार महत्त्वपूर्ण पर प्रश्न पूछे हैं।इससे पहले पीठ ने गौर किया था कि अधिकरणों (ट्रिब्यूनल) की संरचना पर दुबारा विचार करने की जरूरत है। यह भी सुझाव दिया कि इसके लिए स्थाई कैडर, इनके स्वायत्त चुनाव, स्वायत्त उत्तरदायित्व और अनुशासन की प्रक्रिया स्थापित की जाए।केंद्र से कहा गया है कि वह अमिकस क्यूरी के सुझावों पर अपनी राय दे। एएसजी ने इसके लिए ज्यादा समय माँगा और पीठ ने उन्हें निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर देने को कहा :क्या...

सुनिश्चित करें कि व्यक्तिगत बाल देखभाल योजनाएं उसकी भावना के तहत लागू हों : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा [आर्डर पढ़े]
सुनिश्चित करें कि व्यक्तिगत बाल देखभाल योजनाएं उसकी भावना के तहत लागू हों : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महिला और बाल विकास मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया है कि व्यक्तिगत बाल देखभाल योजना सही भावना से  लागू की जाएं।सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एम बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ को अमिक्स क्यूरी अपर्णा भट्ट ने सूचित किया कि पिछले साल मई में न्यायालय के फैसले में वर्णित व्यक्तिगत बाल देखभाल योजना को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है। इसका संज्ञान  लेते हुए न्यायालय ने निर्देश दिया, "बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय आयोग और बाल अधिकारों...

उच्च अधिकारी पर हमले की सजा कड़ी होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट ने बीएसएफ के सिपाही की बर्खास्तगी को सही ठहराया [आर्डर पढ़े]
उच्च अधिकारी पर हमले की सजा कड़ी होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट ने बीएसएफ के सिपाही की बर्खास्तगी को सही ठहराया [आर्डर पढ़े]

अपने उच्च अधिकारी पर हमले के आरोप में बीएसएफ के सिपाही को सेवा से हटाने को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि अपने उच्च अधिकारी पर हमला करने वाले को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया जिसमें इस सिपाही की सेवा से बर्खास्तगी की सजा को कम करते हुए उसकी तीन बढ़ोतरी को रोकते हुए उसको सेवा में बहाल करने का आदेश दिया गया था।इस सिपाही के खिलाफ आरोप यह था कि उसने अपने उच्च अधिकारी पर राइफल के बट्ट से हमला किया...

तीन साल की लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या के दोषी की मौत की सजा पर अमल को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया [आर्डर पढ़े]
तीन साल की लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या के दोषी की मौत की सजा पर अमल को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने तीन साल की एक लड़की से बलात्कार करने और बाद में उसकी हत्या कर देने के दोषी व्यक्ति की मौत सजा को स्थगित कर दिया है।छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अभियुक्त की अपील ठुकरा दी थी जिसे सुनवाई अदालत ने दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने उसकी मौत की सजा को भी सही ठहराया था।यह लड़की गायब हो गई थी और अभियुक्त लोचन श्रीवास ने उसको पूजा द्वारा एक घंटे के अंदर ढूँढने का दावा किया। लड़की के माँ-बाप ने उससे संपर्क किया और उससे पूजा करने को कहा। पूजा करने के बाद उसने बताया कि लड़की जूट की एक बोरी...

सुप्रीम कोर्ट ने क्राइम सीन की वीडियोग्राफी के अभ्यास को लागू करने के निर्देश जारी किए [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने क्राइम सीन की वीडियोग्राफी के अभ्यास को लागू करने के निर्देश जारी किए [निर्णय पढ़ें]

वीडियोग्राफी द्वारा महत्वपूर्ण सबूतों को एक विश्वसनीय तरीके से इकट्ठा कर पेश किया जा सकता है, पीठ ने कहा।एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि समय आ चुका है  कि जांच में खासतौर पर क्राइम सीन  के लिए वांछनीय और स्वीकार्य सर्वोत्तम अभ्यास के रूप में वीडियोग्राफी शुरू करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिएं। न्यायमूर्ति ए के गोयल और न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की पीठ ने गृह मंत्रालय की समिति द्वारा प्रस्तावित सुझावों को स्वीकार किया और कहा कि जांच के दौरान अपराध स्थल की वीडियोग्राफी आपराधिक...

केरल हाई कोर्ट ने सरकार से कहा, देवास्वोम बोर्ड में नामांकन की प्रक्रिया और चुनाव को खुला और पारदर्शी बनाएं [निर्णय पढ़ें]
केरल हाई कोर्ट ने सरकार से कहा, देवास्वोम बोर्ड में नामांकन की प्रक्रिया और चुनाव को खुला और पारदर्शी बनाएं [निर्णय पढ़ें]

अब समय आ गया है कि कार्यपालिका और विधायिका एक ऐसी व्यवस्था बनाएं ताकि बोर्ड के सदस्यों के चुनाव और उनके नामांकन की प्रक्रिया को खुला और पारदर्शी बनाया जा सके।केरल हाई कोर्ट ने हाल में अपने एक फैसले में कहा कि देवास्वोम बोर्ड के सदस्यों के नामांकन और चुनाव को खुला उअर पारदर्शी बनाने की जरूरत है।sabar की पीठ ने सरकार से कहा कि वह ऐसे नियम बनाए ताकि आम लोग भी बोर्ड में सदस्य के रूप में चुनकर आ सकें या फिर प्रमुख लोगों के नाम सुझा सके जिन्हें बोर्ड में स्थान दिया जा सके जिनको एक निर्धारित लोगों के...

फैमिली कोर्ट पक्षकारों की अनुमति के बिना साक्ष्य की रिकॉर्डिंग का जिम्मा एडवोकेट कमिश्नर को नहीं दे सकता : केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
फैमिली कोर्ट पक्षकारों की अनुमति के बिना साक्ष्य की रिकॉर्डिंग का जिम्मा एडवोकेट कमिश्नर को नहीं दे सकता : केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

केरल हाई कोर्ट ने कहा है कि शादी से जुड़े मामले में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग कोर्ट ही करेगा। कोर्ट ने कहा कि साक्ष्य रिकॉर्ड करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति तभी की जा सकती है अगर पक्षकारों को इस पर कोई आपत्ति नहीं है।न्यायमूर्ति वी चितम्बरेश और सतीश निनान की पीठ ने एक पारिवारिक अदालत के आदेश को दी गई चुनौती याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। इस आदेश में एडवोकेट कमिश्नर की बजाय कोर्ट द्वारा ही साक्ष्य रिकॉर्ड करने की मांग ठुकरा दी गई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, पारिवारिक मामलों में कई बार...

कथित रूप से “आतंकवादी” बताने के खिलाफ मानहानि के मामले में अपील पर अब सुप्रीम कोर्ट त्वरित सुनवाई करेगा [आर्डर पढ़े]
कथित रूप से “आतंकवादी” बताने के खिलाफ मानहानि के मामले में अपील पर अब सुप्रीम कोर्ट त्वरित सुनवाई करेगा [आर्डर पढ़े]

एक व्यक्ति को कथित तौर पर “,आतंकवादी,” बताने पर अखबार के सम्पादक और संवाददाता के खिलाफ मानहानि के मामले को खारिज कर देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की त्वरित सुनवाई करने की अनुमति दे दी है।इस मामले में अपील की अनुमति देने के बाद न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और संजय किशन कौल की पीठ ने कहा, “अनुमति दी जाती है। चूंकि मामला वृहत्तर क़ानून से जुड़ा हुआ है, जिस पर विचार की ज़रूरत है, इसलिए इसकी सुनवाई शीघ्रता से की जाए।”हालांकि अभी भी यह मालूम नहीं है कि “क़ानून का वृहत्तर मामला” होने से पीठ का...

चाय बागान श्रमिकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, चार राज्यों को 127 करोड़ रुपये का भुगतान करने के निर्देश
चाय बागान श्रमिकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, चार राज्यों को 127 करोड़ रुपये का भुगतान करने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सरकार को राज्यों में चाय बागान के मजदूरों को करीब 127 करोड़ रुपये का अंतरिम भुगतान करने का निर्देश दिया है।इस कानूनी देनदारी का 15 वर्षों से अधिक से भुगतान नहीं किया गया था।  न्यायमूर्ति एसए बोबड़े और न्यायमूर्ति एल  नागेश्वर राव की खंडपीठ ने ये  आदेश इंटरनेशनल यूनियन ऑफ फूड एसोसिएशन और पश्चिम बंगा खेत मजदूर समिति द्वारा दायर एक अवमानना ​​याचिका में  पारित किया है। इस तथ्य पर भी ध्यान दिया कि इस अवधि के दौरान भुखमरी के चलते सैकड़ों...

वाहनों की गलत श्रेणीकरण के कारण टोल में कमी : नागपुर कोर्ट ने केंद्र की याचिका ख़ारिज की और राजस्व हानि की भरपाई के लिए कंपनी को टोल वसूलने के लिए अधिक समय देने के फैसले को सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
वाहनों की गलत श्रेणीकरण के कारण टोल में कमी : नागपुर कोर्ट ने केंद्र की याचिका ख़ारिज की और राजस्व हानि की भरपाई के लिए कंपनी को टोल वसूलने के लिए अधिक समय देने के फैसले को सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]

नागपुर की एक अदालत ने नागपुर की एक कंपनी के पक्ष में दिए गए फैसले के खिलाफ केंद्र की याचिका को खारिज कर दिया। इस फर्म को तीन साल, छह महीना और दो दिनों का एक्सटेंशन दिया गया था जो कि टोल संग्रहण में उसको हुए घाटे की भरपाई के एवज में थी। वैनगंगा परियोजना में संरचनात्मक परिवर्तन की वजह से टोल की दर में कमी आई जिसकी वजह से उसका टोल संग्रहण कम हो गया।जिला जज वीडी डोंगरे ने पंचाट के इस फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया जिसने कंपनी मै. जायसवाल अशोका इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के आवेदन पर छूट की...

जमीअत उलमा-ए-हिन्द बहुविवाह और निकाह-हलाला का समर्थक; कहा, निजी क़ानूनों को मौलिक अधिकारों के तर्क से चुनौती नहीं दी जा सकती [आवेदन पढ़ें]
जमीअत उलमा-ए-हिन्द बहुविवाह और निकाह-हलाला का समर्थक; कहा, निजी क़ानूनों को मौलिक अधिकारों के तर्क से चुनौती नहीं दी जा सकती [आवेदन पढ़ें]

उसकी मांग है, सुप्रीम कोर्ट बहुविवाह और निकाह हलाला पर महिलाओं की दलील सुनने के पहले उनकी सुनेयह कहते हुए कि निजी क़ानून के प्रावधानों को मौलिक अधिकारों के तर्क से चुनौती नहीं दी जा सकती है, जमीअत उलमा-ए-हिन्द नामक इस्लामी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा है कि नफीसा खान की याचिका पर सुनवाई करने से पहले उसे उनकी याचिका पर गौर करनी चाहिए। नफीसा ने बहुविवाह और हलाला-निकाह को चुनौती दी है और कहा है कि मुस्लिम निजी क़ानून (शरीयत) एप्लीकेशन अधिनियम की धारा 2 के तहत अवैध घोषित करने की...

सुप्रीम कोर्ट सीबीएसई 12वीं की इकोनॉमिक्स की पुनर्परीक्षा को रद्द करने या फिर इसे वैकल्पिक बनाने की अर्जी पर सुनवाई को राजी हुआ
सुप्रीम कोर्ट सीबीएसई 12वीं की इकोनॉमिक्स की पुनर्परीक्षा को रद्द करने या फिर इसे वैकल्पिक बनाने की अर्जी पर सुनवाई को राजी हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने प्रश्नपत्र लीक होने के कारण सीबीएसई 12वीं की इकोनॉमिक्स की परीक्षा दुबारा लेने के निर्णय को रद्द करने या फिर इस विषय को वैकल्पिक घोषित कर देने के मुद्दे पर दायर याचिका पर कल सुनवाई को राजी हो गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अगर परीक्षा दुबारा होती है तो इस विषय को वैकल्पिक बना दिया जाए न कि आवश्यक।गिरिजा कृशन वर्मा और साहिल तगोत्रा द्वारा अभिभावक मोनिका शर्मा, रशिम अरोरा और महिंदर प्रताप सिंह की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि पुनर्परीक्षा की वजह से 12वीं के छात्रों...

27 साल मौत की सजा का इंतजार: SC ने पत्नी की याचिका पर कोर्ट मार्शल सैनिक की मौत की सजा पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े]
27 साल मौत की सजा का इंतजार: SC ने पत्नी की याचिका पर कोर्ट मार्शल सैनिक की मौत की सजा पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट मार्शल के जरिए एक सैन्यकर्मी को सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दी है। ये कदम उसकी पत्नी की याचिका पर उठाया गया जिसमें कहा गया था कि  कि वह 27 साल तक के बिना पैरोल जेल में है।लांस नायक देवेन्द्र नाथ राय को कोर्ट मार्शल कार्यवाही में मौत की सजा सुनाई गई, जिसमें उसे सेना के दो कर्मियों की हत्या का दोषी पाया गया और दो अन्य लोगों की हत्या के प्रयास के लिए दोषी पाया गया। केंद्र सरकार द्वारा आदेश की पुष्टि करने के बाद उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी जिसने सजा में हस्तक्षेप...

तीन सदस्यीय पीठ यह निर्णय करेगा कि भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका पर गौर किया जा सकता है या नहीं [आर्डर पढ़े]
तीन सदस्यीय पीठ यह निर्णय करेगा कि भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका पर गौर किया जा सकता है या नहीं [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण की याचिका पर सुनवाई हो कि नहीं इस पर विचार की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय पीठ को सौंप दी है। यह बड़ी पीठ यह निर्णय करेगा कि भारत संघ बनाम गोपालदास भगवान दास के मामले में भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर हाई कोर्ट सुनवाई कर सकती है या नहीं विशेषकर तब जब इसमें दशकों का विलंब हो गया है।इस मामले में जमीन के मालिकों ने 2002 में याचिका दायर की और उन लोगों ने 1975 के भूमि अधिग्रहण अधिसूचना को चुनौती दी थी। इस चुनौती का आधार यह था कि अधिनियम की धारा 4 के...

सुप्रीम कोर्ट ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर उस न्यायिक अधिकारी के नियमित रिटायरमेंट की तिथि में परिवर्तन किया जिसकी याचिका पर निर्णय से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर उस न्यायिक अधिकारी के नियमित रिटायरमेंट की तिथि में परिवर्तन किया जिसकी याचिका पर निर्णय से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशिष्ट अधिकार का प्रयोग करते हुए उस जिला और सत्र न्यायाधीश के परिवार वालों को राहत दिलाई जिसकी याचिका पर सुनवाई के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस जज ने आवश्यक रिटायरमेंट को चुनौती दी थी।उत्तराखंड हाई कोर्ट की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने विमल प्रकाश कांडपाल के आवश्यक रिटायरमेंट का आदेश दिया था जो कि अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश के पद पर थे। अपनी बहाली की मांग करते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में 2016 में एक रिट याचिका दायर की लेकिन सुनवाई के...

हरियाणा के पानी छोड़ने के बाद दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 16 अप्रैल तक टाली
हरियाणा के पानी छोड़ने के बाद दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 16 अप्रैल तक टाली

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई को 16 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है जिसमें दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने हरियाणा को हर दिन 450 क्यूसेक पेयजल की आपूर्ति करने के निर्देश देने की मांग की थी। दिल्ली सरकार का कहना है कि राजधानी में राष्ट्रीय स्तर पर "जल संकट" है और हरियाणा को दिल्ली के वजीराबाद बैराज में पेयजल आपूर्ति करनी चाहिए। दिल्ली जल बोर्ड के लिए पेश पूर्व अटॉर्नी जनरल और वरिष्ठ वकील  मुकुल रोहतगी और  वकील सुमित पुष्करना ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ से कहा कि वे...

दिल्ली हाई कोर्ट ने दुहराया, निचली अदालत आरोपी को माफी की गुंजाइश के बिना 14 साल से अधिक के उम्र कैद की सजा का आदेश नहीं दे सकता [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाई कोर्ट ने दुहराया, निचली अदालत आरोपी को माफी की गुंजाइश के बिना 14 साल से अधिक के उम्र कैद की सजा का आदेश नहीं दे सकता [निर्णय पढ़ें]

निचली अदालत द्वारा हत्या के अभियुक्त के लिए आजीवन कारावास की सजा को 25 साल बिना माफी के करने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि सुनवाई अदालत 14 साल से अधिक की सजा बिना माफी की गुंजाइश के नहीं सुना सकता।न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति आईएस मेहता की पीठ ने कहा, “…भारत संघ बनाम वी श्रीहरण मामले में दिए गए फैसले के बाद सुनवाई अदालत संभवतः यह नहीं कह सकता कि आरोपी को 14 साल से आगे भी बिना किसी माफी के आजीवन कारावास की सजा भोगनी पड़ेगी”।यह गौर करने वाली बात है कि श्रीहरण के मामले में सुप्रीम कोर्ट...

विचाराधीन कैदियों को निचली अदालत से जमानत देने के बारे में दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किए निर्देश [आर्डर पढ़े]
विचाराधीन कैदियों को निचली अदालत से जमानत देने के बारे में दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किए निर्देश [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने विचाराधीन कैदियों को निचली अदालतों द्वारा जमानत दिए जाने को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह आदेश इस बारे में दायर आवेदन पर सुनवाई के बाद दी गई कई विचाराधीन कैदी जेलों में में बंद हैं जबकि उनको जमानत दी जा चुकी है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और सी हरि शंकर की पीठ ने एडवोकेट अजय वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश जारी किए। याचिका में कहा गया कि विचाराधीन कैदियों को जमानत के बावजूद नहीं छोड़े जाने का प्रमुख कारण उनकी गरीबी, उनके रिश्तेदारों द्वारा...