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27 साल मौत की सजा का इंतजार: SC ने पत्नी की याचिका पर कोर्ट मार्शल सैनिक की मौत की सजा पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
3 April 2018 3:22 PM GMT
27 साल मौत की सजा का इंतजार: SC ने पत्नी की याचिका पर कोर्ट मार्शल सैनिक की मौत की सजा पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े]
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सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट मार्शल के जरिए एक सैन्यकर्मी को सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दी है। ये कदम उसकी पत्नी की याचिका पर उठाया गया जिसमें कहा गया था कि  कि वह 27 साल तक के बिना पैरोल जेल में है।

लांस नायक देवेन्द्र नाथ राय को कोर्ट मार्शल कार्यवाही में मौत की सजा सुनाई गई, जिसमें उसे सेना के दो कर्मियों की हत्या का दोषी पाया गया और दो अन्य लोगों की हत्या के प्रयास के लिए दोषी पाया गया। केंद्र सरकार द्वारा आदेश की पुष्टि करने के बाद उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी जिसने

 सजा में हस्तक्षेप नहीं किया लेकिन मौत की सजा को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि ये  मामला दुर्लभतम से दुर्लभ की श्रेणी में नहीं आता। केंद्र सरकार और सेना प्रमुख ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की जिसने मामले को उच्च न्यायालय में वापस भेज दिया, यह देखते हुए कि सवाल यह है कि क्या मौत की सजा अत्यधिक सजा है, इसके लिए संवृद्धि और सजा कम करने के लिए परिस्थितियों का एक तुलन पत्र तैयार किया जाना होता है। लेकिन उच्च न्यायालय ने यह नहीं किया।

 2006 में मामले को उच्च न्यायालय में वापस भेज दिया गया था और  इसे गैर-अभियोजन पक्ष के आधार पर खारिज कर दिया गया। हालांकि उन्होंने बहाली की याचिका दायर की लेकिन उच्च न्यायालय में  कुछ भी नहीं हुआ क्योंकि केस की फाइल गायब हो गई। 2013 में उच्च न्यायालय ने फाइलों का पता लगाने के बाद  जनरल कोर्ट मार्शल (जीसीएम) द्वारा 1991 के निष्कर्षों की जांच करके राय  तय करने के लिए मामले को सशस्त्र बल ट्रिब्यूनल (एएफटी) में हस्तांतरित कर दिया। न्यायाधिकरण ने भी 2015 में गैर-अभियोजन पक्ष के चलते मामले को खारिज कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक सैन्यकर्मी की पत्नी  ने सर्वोच्च न्यायालय से प्रार्थना की है कि 1991 के जनरल कोर्ट मार्शल के मौत की सजा के आदेश को रद्द किया जाए। साथ ही उसने गुहार लगाई कि उसके द्वारा काटी गई जेल की सजा के बाद उसे रिहा किया जाए।

 चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ ने मौत की सजा पर रोक के साथ-साथ केंद्र  सरकार और सेना प्रमुख को नोटिस जारी किया है।


 
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