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क्या एक वक़ील अनुचित बात का समर्थन करने के लिए बाध्य है? पटना हाईकोर्ट ने एक आलेख को पढ़ने का सुझाव दिया [आर्डर पढ़े]
क्या एक वक़ील अनुचित बात का समर्थन करने के लिए बाध्य है? पटना हाईकोर्ट ने एक आलेख को पढ़ने का सुझाव दिया [आर्डर पढ़े]

क्या कोई वक़ील किसी अनुचित बात का समर्थन करने के लिए बाध्य है? इस बारे में पटना हाईकोर्ट ने एएस कटलर का लिखा एक आलेख पढ़ने का सुझाव दिया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप साही और न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की पीठ ने सभी के हित में उपरोक्त आलेख को दुबारा पेश किया और इसके माध्यम से वकीलों को मामले के संचालन के दौरान उनके कर्तव्यों और नैतिक आचरणों की याद दिलाई। कोर्ट ने एक पुनरीक्षण याचिका पर ग़ौर कर रहा था जिसमें उसने पाया कि एक नौकरी के लिए दिए गए आवेदन में जो दस्तावेज़ पेश...

सीआरपीसी की धारा 319 के तहत अतिरिक्त आरोपी बनाने के लिए सिर्फ संभावना नहीं बल्कि जरूरत है पक्के सबूतों की-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
सीआरपीसी की धारा 319 के तहत अतिरिक्त आरोपी बनाने के लिए सिर्फ संभावना नहीं बल्कि जरूरत है पक्के सबूतों की-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि सीआरपीसी की धारा 319 के तहत किसी व्यक्ति को अतिरिक्त आरोपी बनाए जाने के लिए पक्के सबूतों की जरूरत होती है,न कि संभावना के आधार पर किसी को आरोपी बना दिया जाए। जस्टिस अभय मनोहर सपरे व जस्टिस दिनेश महेश्वरी की बेंच ने इस मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की है। संविधान बेंच के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि बेंच ने कहा कि इस प्रावधान का मुख्य उद्देश्य यह है कि असली आरोपी बच न पाए। इसलिए कोर्ट को यह...

बंद, रेल/ सड़क रोकना पूरी तरह असंवैधानिक, आयोजकों पर हो कार्यवाही : गुवाहाटी हाई कोर्ट ने दिशा- निर्देश जारी किए [आर्डर पढ़े]
बंद, रेल/ सड़क रोकना पूरी तरह असंवैधानिक, आयोजकों पर हो कार्यवाही : गुवाहाटी हाई कोर्ट ने दिशा- निर्देश जारी किए [आर्डर पढ़े]

"यदि कोई व्यक्ति आगे आता है और जान-माल के नुकसान का दावा करता है तो बंद के आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और वे मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होंगे।" गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने माना है कि सड़क और रेल अवरोध भारत में बंद के विभिन्न प्रकार हैं और इस प्रकार यह बंद अवैध और असंवैधानिक हैं। न्यायमूर्ति उज्जल भुयान ने अपने फैसले में यह भी देखा कि इस तरह के बंद या नाकाबंदी के आयोजक या आयोजकों, कम से कम ऐसे आयोजक (ओं) के प्रमुख पदाधिकारी, भारतीय दंड संहिता, 1860 के विभिन्न प्रावधानों,...

एसिड अटैक अपराध के प्रति नहीं बरती जा सकती है कोई नरमी-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
एसिड अटैक अपराध के प्रति नहीं बरती जा सकती है कोई नरमी-सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

इस तरह के अपराध के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती है,यह टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दो अभियुक्तों को निर्देश दिया है कि वह एसिड अटैक केस की पीड़िता को डेढ़-डेढ़ लाख रुपए मुआवजे के तौर पर दें। इशिता घटना के समय अपने कालेज जा रही थी,तभी स्कूटर पर दो लड़के आए और एसिड से भरा जग उस पर उड़ेल दिया और उसके बाद घटनास्थल से फरार हो गए। एसिड के कारण हुई जलन के कारण उसने रोना शुरू कर दिया और पास स्थित एक पानी के टैंक में छलांग लगा दी। तभी उस इलाके के रहने वाले एक व्यक्ति ने इशिता के रोने की आवाज...

मुख्य न्यायधीश बनाम आरटीआई : सुप्रीम कोर्ट ने ख़ुद अपनी अपील दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष अधिसूचित की
मुख्य न्यायधीश बनाम आरटीआई : सुप्रीम कोर्ट ने ख़ुद अपनी अपील दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष अधिसूचित की

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ 27 मार्च से जिन मामलों की सुनवाई करेगा उसमें दिल्ली हाईकोर्ट के एक फ़ैसले के ख़िलाफ़ उसकी अपनी एक अपील भी शामिल है जिसमें यह कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत 'सार्वजनिक अथॉरिटीज' हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के तीन जजों की पीठ जिसमें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एपी शाह, विक्रमजीत सेन और एस मुरलीधर शामिल थे, ने अपने फ़ैसले में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश का यह क़ानूनी कर्तव्य है कि वे सुप्रीम कोर्ट...

दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों से कहा, भारतीय नागरिक से शादी करनेवाली पाकिस्तानी महिला को परेशान नहीं करें
दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों से कहा, भारतीय नागरिक से शादी करनेवाली पाकिस्तानी महिला को परेशान नहीं करें

दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उस पाकिस्तानी महिला को अंतरिम राहत दी है जिसे भारत छोड़ने का नोटिस सुना दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 25 मार्च तक उसके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं करें। "हालाँकि, उसे हर दूसरे दिन नज़दीकी थाने में 11 बजे सुबह जाकर रिपोर्ट करना होगा। थाने में रिपोर्टिंग के दौरान किसी भी दिन अपीलकर्ता नम्बर 2 को थाने में एक घंटा से ज़्यादा बैठाए नहीं रखा जाएगा," पीठ ने कहा। यह महिला एक...

तीन महीने की बच्ची से बलात्कार और हत्या के आरोपी की मौत की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया
तीन महीने की बच्ची से बलात्कार और हत्या के आरोपी की मौत की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों तीन माह की एक बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या करने के एक आरोपी की मौत की सज़ा स्थगित कर दी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, एस अब्दुल नज़ीर और संजीव खन्ना की पीठ ने नवीन @अजय को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के फ़ैसले के ख़िलाफ़ विशेष अनुमति याचिका स्वीकार कर ली। दिसम्बर 2018 में न्यायमोरती पीके जायसवाल और एसके अवस्थि की पीठ ने नवीन@अजय को निचली अदालत ने जो सज़ा सुनाई थी उसकी पुष्टि की। गत सप्ताह इसी पीठ ने एक अन्य मामले में मध्य प्रदेश...

जिनके नाम चुनाव मतदाता सूची में हैं पर एनआरसी की अंतिम सूची में नहीं है उनका क्या हुआ, सुप्रीम कोर्ट जानना चाहता है [आर्डर पढ़े]
जिनके नाम चुनाव मतदाता सूची में हैं पर एनआरसी की अंतिम सूची में नहीं है उनका क्या हुआ, सुप्रीम कोर्ट जानना चाहता है [आर्डर पढ़े]

उन लोगों का क्या हुआ जिनके नाम मतदाता सूची में हैं पर जिन्हें एनआरसी की अंतिम सूची में नहीं है? यह प्रश्न सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई,न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि 'भविष्य के लिए यह प्रश्न बहुत ही महत्त्वपूर्ण है'। "वर्तमान याचिका की बातों के अलावा, बड़ा प्रश्न यह है, और इसके बारे में कोर्ट को बताया जाना चाहिए कि एनआरसी की अंतिम सूची (जिसे 31.7.2019 में प्रकाशित किया जाना है) और...

दूसरी अपील पर ग़ौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर हाईकोर्ट के सीमित अधिकार की याद दिलाई [निर्णय पढ़े]
दूसरी अपील पर ग़ौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर हाईकोर्ट के सीमित अधिकार की याद दिलाई [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने एक फ़ैसले में हाईकोर्टों को एक बार फिर याद दिलाया कि सीपीसी की धारा 100 के तहत किसी मामले पर ग़ौर करते हुए उसकी सीमा क्याहै।पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एक फ़ैसले को निरस्त करते हुए न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा :"इस अदालत के कई फ़ैसलों के बावजूद …हाईकोर्ट सीपीसी की धारा 100 के तहत समवर्ती फ़ैसलों के निचोड़ को बिगाड़ रहा है…"वर्तमान मामले में हाईकोर्ट ने जो बड़े प्रश्न सामने रखे हैं वे हैं : निचली अदालत की किसी विशेष निचोड़ को...

मौत की सज़ा तभी दी जाए जब आजीवन कारावास की सज़ा पूरी तरह अपर्याप्त लगे: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
मौत की सज़ा तभी दी जाए जब आजीवन कारावास की सज़ा पूरी तरह अपर्याप्त लगे: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

आरोपी का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं होने और उसके व्यवहारों पर ग़ौर करने के बाद में हम इस बात से संतुष्ट नहीं हैं कि उसमें सुधार की कोई संभावना नहीं है। पाँच साल की एक लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या के दोषी एक व्यक्ति की मौत की सज़ा को बदलते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौत की सज़ा अवश्य ही तभी दी जाए जब आजीवन कारावास की सज़ा निहायत ही अपर्याप्त लगे। न्यायमूर्ति एनवी रमना,न्यायमूर्ति एमएम शांतनागौदर और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने सचिन कुमार सिंघराहा को बिना छूट के 25 साल की कारावास की...

सुप्रीम कोर्ट ने मुक़दमादरों से कहा, अगर आपका वक़ील आपकी मदद नहीं कर पा रहा है तो दूसरा वक़ील रखिए [निर्णय पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने मुक़दमादरों से कहा, अगर आपका वक़ील आपकी मदद नहीं कर पा रहा है तो दूसरा वक़ील रखिए [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने एक फ़ैसले में ऐसे मुक़दमादारों को एक साधारण सुझाव दिया जो मुक़दमे में देरी या ग़लत फ़ैसले के लिए अपने वकीलों को दोष देते हैं। सुप्रीम कोर्ट हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की याचिका पर ग़ौर कर रहा था। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दूसरी अपील रद्द कर दी थी और 1942 दिनों की देरी कोई नज़रंदाज़ करने से मना कर दिया था। हाईकोर्ट के विचारों से सहमति जताते हुए न्यायमूर्ति एएम सप्रे और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि इस आधार पर उनके वक़ील ने समय पर उचित क़दम उठाया, 1942...

हाईकोर्ट निचली अदालतों या अधिकरणों के फ़ैसलों में सिर्फ़ ग़लतियों को सुधार के लिए हस्तक्षेप नहीं कर सकता : झारखंड हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
हाईकोर्ट निचली अदालतों या अधिकरणों के फ़ैसलों में सिर्फ़ ग़लतियों को सुधार के लिए हस्तक्षेप नहीं कर सकता : झारखंड हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

झारखंड हाईकोर्ट की एक एकलपीठ ने अनुच्छेद 227 के तहत एक रिट याचिका पर ग़ौर करते हुए कहा कि हाईकोर्ट अनुच्छेद 227 के तहत निचली अदालतों या अधिकरणों के फ़ैसले में सिर्फ़ कुछ ग़लतियों को ठीक करने के लिए हस्तक्षेप नहीं कर सकता। Panpati Devi v. Ram Barat Ram मामले में याचिकाकर्ता ने अपीली अदालत के फ़ैसले को चुनौती दी। याचिकाकर्ता ने निचली अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ ज़िला अदालत में एक टाइटिल सूट दायर किया कि बिक्री का क़रार फ़र्ज़ी तरीक़े से किया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने सीपीसी के आदेश VI...

गवाहों से पूछताछ के वैध नहीं होने पर क्या मामले के दुबारा सुनवाई का आदेश दिया जा सकता है या नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा जाँच
गवाहों से पूछताछ के वैध नहीं होने पर क्या मामले के दुबारा सुनवाई का आदेश दिया जा सकता है या नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा जाँच

अगर किसी मामले में गवाहियों के बयान आरोपियों की अनुपस्थिति में दर्ज किए गए हैं तो क्या दुबारा नए सिरे से पूरी सुनवाई का आदेश दिया जा सकता है?सुप्रीम कोर्ट आत्मा राम बनाम राजस्थान राज्य मामले में इस मुद्दे पर ग़ौर कर रही है। कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दुबारा सुनवाई के बाद फ़ैसला सुनाने पर रोक लगा दिया है। वरिष्ठ वक़ील रंजीत कुमार को पीठ ने अमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा की पीठ कररही है।कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई अब 13...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऑटिज़म से ग्रस्त बच्चों का सरकारी ख़र्चे पर इलाज कराने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े]

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह ऑटिस्टिक बच्चों को राज्य के ख़र्चे पर इलाज कराए। न्यायमूर्ति एससी शर्मा और न्यायमूर्ति वीरेंदर सिंह ने एनजीओ से सामने आने और प्रत्येक ऑटिस्टिक बच्चों की मदद करने को कहा है। कोर्ट ने तलाक़ के एक मामले की सुनवाई करते हुए यह बात कही। 'इस मासूम बच्चे की मुस्कान सच्चे रूप में स्वर्गिक थी जो कि किसी भी व्यक्ति के हृदय को पिघला सकती है," पीठ ने कहा। इस दृश्य से विचलित कोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव और खरगोन के ज़िला अधिकारी को...