मुख्य सुर्खियां

लाइफ़ बॉय को COVID-19 में अप्रभावी बताने वाले डेटॉल के विज्ञापन पर फ़िलहाल रोक, HUL पहुंचा बॉम्बे हाईकोर्ट
लाइफ़ बॉय को COVID-19 में अप्रभावी बताने वाले डेटॉल के विज्ञापन पर फ़िलहाल रोक, HUL पहुंचा बॉम्बे हाईकोर्ट

कोरोना वायरस के फैलने के कारण फैली महामारी के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड (HUL) की याचिका पर सुनवाई की जिसमें रेकिट बेंकाइज़र के ख़िलाफ़ कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि अपने उत्पाद 'डेटॉल' के विज्ञापन में लोगों को यह कहा जा रहा है कि एचयूएल का 'लाइफ़बॉय' कोविड-19 में अप्रभावी रहा है। रेकिट बेंकाइज़र के इस बयान के बाद कि वह इस विज्ञापन को अभी नहीं दिखाएगा, न्यायमूर्ति केआर श्रीराम ने इस मामले को 20 अप्रैल 2020 तक कि लिए...

COVID19   कर्नाटक हाईकोर्ट व ट्रायल कोर्ट 24 मार्च से 6 अप्रैल तक बंद रहेंगी, सिर्फ  अत्यंत आवश्यक मामलों को होगी सुनवाई
COVID19 कर्नाटक हाईकोर्ट व ट्रायल कोर्ट 24 मार्च से 6 अप्रैल तक बंद रहेंगी, सिर्फ अत्यंत आवश्यक मामलों को होगी सुनवाई

कर्नाटक हाईकोर्ट और राज्य के सभी जिला व ट्रायल कोर्ट 24 मार्च से 6 अप्रैल तक बंद रहेंगी। इस अवधि में परिसीमा अधिनियम, 1963 की धारा 4 के उद्देश्य के तहत न्यायालय बंद रहेंगे।सोमवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ए.एस ओका ने बंद की अवधि के दौरान हाईकोर्ट में बेहद जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए अदालतों के हॉल में बैठने के लिए कुछ न्यायाधीशों को नामांकित किया है। यह इन-चार्ज कोर्ट सिर्फ सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक कार्य करेंगी। उन दिनों में कोई अन्य न्यायालय कार्य नहीं करेगा।...

तानाशाही राज का यह आलम है कि एमसीजीएम आज भी यह समझता है कि उस पर कोई क़ानून लागू नहीं होता : बॉम्बे हाईकोर्ट
तानाशाही राज का यह आलम है कि एमसीजीएम आज भी यह समझता है कि उस पर कोई क़ानून लागू नहीं होता : बॉम्बे हाईकोर्ट

मुंबई बंदरगाह में जहाज़ों, नावों और बजरों में पानी की आपूर्ति करनेवाली दो कंपनियों ने रिट याचिका दायर किया जिस पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाइकोर्ट ने कहा कि वृहनमुंबई नगरपालिका में तानाशाही 'राज' अभी भी चल रहा है और अधिकारियों को यह भ्रम है कि क़ानून के नियम उनपर लागू नहीं होते। न्यायमूर्ति एसजे कठवल्ला और बीपी कोलाबावाला ने जनवरी में अपने फ़ैसले में निगम के कुछ अधिकारियों के ख़िलाफ़ कड़ी टिप्पणी की। पृष्ठभूमि अदालत में हार्बर वॉटर सप्लायर्स कंपनी (याचिकाकर्ता नम्बर 1) और ओके...

दिल्ली हाईकोर्ट ने मुस्तफाबाद दंगा पीड़ित शिविर में दिल्ली  सरकार को डॉक्टर सहित पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने मुस्तफाबाद दंगा पीड़ित शिविर में दिल्ली सरकार को डॉक्टर सहित पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

COVID-19 महामारी के मद्देनज़र दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि दिल्ली दंगों के दौरान विस्थापित व्यक्तियों के लिए निर्धारित ईदगाह ओल्ड मुस्तफाबाद शिविर में पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। न्यायमूर्ति हेमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि उक्त क्षेत्र में दो दिनों की अवधि के भीतर डॉक्टर, सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों, पर्याप्त दवाएं और आवश्यक उपकरण के साथ...

COVID 19 : इमरजेंसी पैरोल और स्पेशल फर्लो को जेल नियमों में शामिल करने की योजना, दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार ने कहा 
COVID 19 : इमरजेंसी पैरोल और स्पेशल फर्लो को जेल नियमों में शामिल करने की योजना, दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार ने कहा 

दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया है कि वह कोरोना वायरस की बढ़ती चिंता से निपटने के लिए दिल्ली जेल नियमों में बदलाव लाने का प्रस्ताव ला रही है।यह जवाब दिल्ली की प्रमुख जेलों जैसे तिहाड़ और रोहिणी की जेलों में बंद कुछ श्रेणी के कैदियो को छोड़ने की दलील के संबंध में दिया गया है, ताकि जेल परिसर में COVID 19 वायरस के फैलने पर अंकुश लगाया जा सके।दिल्ली सरकार की तरफ से पेश होते हुए, अतिरिक्त स्थायी वकील अनुज अग्रवाल ने अदालत को सूचित किया कि राज्य सरकार दिल्ली जेल के नियमों के नियम 1219ए...

COVID19 : निवारक कदम तब तक प्रभावी नहीं होंगे, जब तक कि लोग घरों से बाहर अनावश्यक घूमना बंद नहीं करेंगे : गुजरात हाईकोर्ट
COVID19 : निवारक कदम तब तक प्रभावी नहीं होंगे, जब तक कि लोग घरों से बाहर अनावश्यक घूमना बंद नहीं करेंगे : गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि COVID19 की महामारी को रोकने के लिए निवारक उपाय तब तक सफलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पाएंगे , जब तक कि बड़े पैमाने पर जनता और राज्य के नागरिक , जिन्हें बड़े पैमाने पर खतरे से सचेत रहना है,इनका ठीक से पालन नहीं करेंगे। इसके लिए उनको अपने घरों से अनावश्यक रूप से बाहर निकलना,सभाएं करना,समारोह व पार्टियों में जाना बंद करना होगा या राज्य के अंदर व राज्य से बाहर मौज-मस्ती की यात्राओं पर जाने से बचना होगा। पीठ ने कहा कि संवेदीकरण या संवेदनशील बनाने के संदर्भ...

चुने हुए प्रतिनिधि को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि किसी विशेष कर्मचारी की नियुक्ति कहांं की जाए : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
चुने हुए प्रतिनिधि को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि किसी विशेष कर्मचारी की नियुक्ति कहांं की जाए : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि चुना हुआ प्रतिनिधि यह तय करने का अधिकार नहीं रखता कि किसी विशेष कर्मचारी की नियुक्ति किस जगह पर होगी और इसका फैसला प्रशासनिक प्रमुख कर सकता है, कोई विधायक नहीं। मामला यह है कि किसी अधिकारी की नियुक्ति कहाँ होगी यह मंत्री तय करता है और प्रशासनिक विभाग के लिए इसमें किसी तरह की भूमिका नहीं छोड़ी जाती है।खंडपीठ ने कहा, "…यह देखा गया है कि संबंधित मंत्री ने न केवल पाँच लोगों के ट्रांसफ़र की इच्छा जतायी और इस बारे में सुझाव दिया बल्कि यह भी बताया कि...

लोकसभा ने गुजरात के तीन आयुर्वेद संस्थानों को मिलाकर राष्ट्रीय महत्व का संस्थान बनाने का विधेयक पास किया
लोकसभा ने गुजरात के तीन आयुर्वेद संस्थानों को मिलाकर राष्ट्रीय महत्व का संस्थान बनाने का विधेयक पास किया

लोकसभा ने वृहस्पतिवार को इंस्टीच्यूट ऑफ़ टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद विधेयक, 2020 को ध्वनिमत से पास कर दिया। इस विधेयक को आयुष मंत्री श्रीपाद येस्सो नाइक ने पेश किया जिसमें तीन निम्न संस्थानों को आपस में मिलाने का प्रावधान है। ये संस्थान हैं - · इंस्टिट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट टीचिंग एंड रिसर्च इन आयुर्वेद, जामनगर; · श्री गुलाबकुनवेरबा आयुर्वेद महाविद्यालय, जामनगर; और · इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेदिक फ़ार्मासयूटिकल साइंसेज़, जामनगर; इन तीनों को मिलाकर अब एक राष्ट्रीय महत्व का...

ट्रायल कोर्ट सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक काम करेंगे, सिर्फ अतिआवश्यक मामलों पर होगी सुनवाई, कर्नाटक हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किए
ट्रायल कोर्ट सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक काम करेंगे, सिर्फ अतिआवश्यक मामलों पर होगी सुनवाई, कर्नाटक हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किए

कर्नाटक हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि बेंगलूरू शहर में काम करने वाले सिटी सिविल कोर्ट, छोटी अदालत, ग्रामीण अदालत, फैमिली कोर्ट, लेबर कोर्ट और इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल शनिवार से सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही काम करेंगे। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश के अनुसार, COVID -19 के फैलने के मद्देनजर, ये अदालतें केवल अत्यावश्यक मामलों और जमानत याचिकाओं पर ही सुनवाई करेंगी। न्यायालय के सदस्यों और बार के सदस्यों के लिए अपराह्न 3.00 बजे के बाद न्यायालय के ऑफ़िस बंद रहेंगे और न्यायालय के समय में...

मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम असंगठित मज़दूरों को अपनी एक माह की सैलरी दान करेंगे
मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम असंगठित मज़दूरों को अपनी एक माह की सैलरी दान करेंगे

मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम ने अपने एक महीने का वेतन लगभग 2.25 लाख रुपए असंगठित श्रम बल के कल्याण के लिए ऐसे लोगों को दान किए हैं जिन्होंने COVID-19 महामारी के के कारण औद्योगिक गतिरोध के चलते अपनी कमाई खो दी है।द हिंदू में प्रकाशित खबर के अनुसार न्यायाधीश की एक महीने की सैलरी के बराबर राशि का चेक शनिवार को राज्य के मुख्य सचिव को सौंप दिया जाएगा।जनता कर्फ्यूः मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया आदेश, गरीबों को भोजन और आश्रय उपलब्ध करवाएं हाल ही में...

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने सभी विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगाई
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने सभी विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगाई

COVID-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जा रहे विभिन्न उपायों के मद्देनजर, मद्रास उच्च न्यायालय ने किसी भी विरोध / जुलूस / प्रदर्शन आदि के आयोजन के खिलाफ अगले तक का आदेश दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन को रोकने के लिए दिशा-निर्देश मांगने वाली याचिकाओं पर एक बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार ने पहले ही एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें लोगों को भीड़भाड़ से बचने और अपने विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए कहा गया था जब तक कि महामारी का खतरा समाप्त न हो जाए। यह देखते हुए कि कुछ...

आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने से पहले हासिल की गई संपत्ति पीएमएलए के तहत कुर्क नहीं की जा सकती : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने से पहले हासिल की गई संपत्ति पीएमएलए के तहत कुर्क नहीं की जा सकती : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत ऐसी संपत्ति को कुर्क नहीं किया जा सकता जिसे इस अपराध के करने से पहले देश के बाहर ख़रीदी या हासिल की गई हो।न्यामूर्ति जसवंत सिंह और न्यामूर्ति संत प्रकाश की पीठ ने कहा, "निदेशक या उसके द्वारा अधिकृत कोई अन्य अधिकारी को इस बात का विशेष ज़िक्र करना ज़रूरी है कि इसका कारण क्या है और सिर्फ़ पीएमएलए की धारा 5 की दुहाई का कोई मतलब नहीं है।"यह अपील पीएमएलए की धारा 42 के तहत दायर की गई है और इसमें अपीली अधिकरण के...

दिल्ली हिंसा : पीड़ितों के पुनर्वास के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए दिशा-निर्देश
दिल्ली हिंसा : पीड़ितों के पुनर्वास के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए दिशा-निर्देश

दिल्ली दंगों के पीड़ितों के पुनर्वास के उपायों की मांग करने वाली एक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कई दिशा-निर्देश पारित किए हैं। शेख मुजतबा फारूक द्वारा दायर याचिका में, केंद्र और दिल्ली सरकार के विभिन्न अधिकारियों को अदालत से निर्देश देने की मांग की गई थी, ताकि यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए जा सकें कि दंगा पीड़ितों को उचित मानवीय और चिकित्सा राहत प्रदान की जाए। मामले को तत्काल सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और...