मुख्य सुर्खियां
उपभोक्ता फोरम का शैक्षिक संस्थानों परअधिकार क्षेत्र नहीं, वे 'सेवाएं नहीं देते : एनसीडीआरसी
राष्ट्रीय उपभोगता निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने सोमवार को यह कहते हुए एक संदर्भ का जवाब दिया है कि 'शैक्षणिक संस्थान' 'सेवाएं' प्रदान नहीं करते हैं और इसलिए उपभोक्ता फोरम के पास उनके खिलाफ दायर शिकायतों पर विचार करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है। इस निर्णय के साथ न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल (अध्यक्ष), न्यायमूर्ति वी.के जैन (सदस्य) और एम.श्रीशा (सदस्य) की पीठ ने सर्वोच्च न्यायालय के दो परस्पर विरोधी निर्णयों द्वारा बनाए गए गतिरोध को खत्म कर दिया। 2010 में सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने...
बेंगलूरु में झुग्गियां ढहाने की कार्रवाई पर रोक, कर्नाटक हाईकोर्ट ने दी अंतरिम राहत
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को अंतरिम राहत के जरिए करियम्मना अग्रहार, देवराबिसनहल्ली, कुंदलहल्ली और बेल्लांदुरु के इलाकों में झुग्गियों ढहाने और उनमें रहने वालों को बाहर निकालने की ब्रुहत बेंगलूरु महानगर पालिके और बेंगलुरु पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगा दी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में बेंगलुरु में कई झुग्गियों को ढहा दिया गया था, जिससे कई लोग विस्थापित हो गए। अधिकारियों का कहना था कि इन झुग्गियों में रहने वाले अवैध बांग्लादेशी प्रवासी हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) की ओर...
वेव सिटी और हाई टेक सिटी को पर्यावरण अनुमति : एनजीटी ने केंद्रीय भूमिगत जल प्राधिकरण के सीईओ को भेजा नोटिस
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने केंद्रीय भूमिगत जल प्राधिकरण के सीईओ को नोटिस भेजकर उसे 27 मार्च 2020 को इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद होने और यह बताने को कहा है कि सीजीडब्ल्यूबी ने जिन बातों की अनुपालन की बात कही है उसमें ख़ामियाँ क्यों हैं और यह सुनिश्चित करने को कहा है इस तरह के उल्लंघनों पर नज़र रखने के लिए उचित विनियमन होना चाहिए।अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल ने महकार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि वेव सिटी,...
''ऐसा लगता है कि उन्हें आपराधिक कानून का प्राथमिक ज्ञान नहीं है''कर्नाटक हाईकोर्ट ने जांच से पहले एफआईआर दर्ज न करने के मामले में पुलिस को फटकार लगाई
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को चाइल्ड पोर्नोग्राफी के कथित मामले की जांच करने से पहले प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज नहीं करने के मामले में राज्य सरकार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में संज्ञेय अपराध की जांच से पहले एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया था। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति हेमंत चंदागौदर की खंडपीठ ने कहा, ''ऐसा लगता है कि उनको (पुलिस अधिकारी) आपराधिक कानून का प्राथमिक ज्ञान नहीं है।'' पीठ ने...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीएए को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को उर्मिला कोवे द्वारा दायर नागरिकता संशोधन अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा। न्यायमूर्ति आरके देशपांडे और नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति एबी बोरकर की खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही उक्त अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने को कहा है। बुधवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए...
जेएनयूएसयू हाईकोर्ट में : हॉस्टल मैन्यूअल में परिवर्तन को ग़ैर क़ानूनी और मनमाना कहा
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संगठन (जेएनयूएसयू) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के हॉस्टल मैन्यूअल में बदलाव के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। जेएनयूएसयू की अध्यक्ष आइशी घोष, उपाध्यक्ष साकेत मून, महासचिव सतीश चंद्र यादव और संयुक्त सचिव मोहम्मद दानिश ने हाईकोर्ट में अपील दाख़िल की है, जिसमें इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन के निर्णयों को चुनौती दी है और इसे मनमाना और छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला बताया है। हॉस्टल मैन्यूअल में तब्दीली कर हॉस्टल फ़ीस में बढ़ोतरी की गई है, जिससे...
केरल हाईकोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर को व्हाट्सएप/ईमेल पर नोटिस देने की अनुमति दी
एक उल्लेखनीय घटनाक्रम में केरल हाईकोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर को व्हाट्सएप / ई-मेल के माध्यम से संबंधित पक्षकारों को नोटिस देने की अनुमति दी है। यह आदेश मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में कथित रूप से खराब रहने की स्थिति से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया। राज्य के मामलों में एक स्टेटस रिपोर्ट के लिए न्यायमूर्ति एस वी भट्टी ने एक एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया। एडवोकेट कमिश्नर को आदेश प्राप्त होने की तिथि से 12 घंटे के भीतर छात्रावास का निरीक्षण करने के लिए कहा गया था। कमिश्नर को फैक्स,...
मद्रास हाईकोर्ट ने 'जल्लीकट्टू' आयोजित करने के लिए जारी किए दिशा निर्देश
मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जस्टिस एम.दुरैस्वामी और जस्टिस टी रविंद्रन ने बहुप्रतीक्षित त्योहार 'जल्लीकट्टू' के संचालन या आयोजन के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि जिला कलेक्टर और राजस्व विभागीय अधिकारी, मदुरै जिले को निर्देश दिया जाए कि वह वर्ष 2020 के 'जल्लीकट्टू' को आयोजित करने व उसमें सहयोग करने के लिए गठित 'जल्लीकट्टू विजा' समिति में गौंडर, यादवार, वेल्लारार, पंडाराम और वानर समुदाय के प्रतिनिधियों और अलंगानल्लूर गांव के अन्य सभी अभावग्रस्त समुदायों को...
मद्रास हाईकोर्ट ने फर्जी पत्रकार के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया कहा, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कई लोग पत्रकार होने का दावा करते हैं
मद्रास हाईकोर्ट ने 'फर्जी पत्रकारों 'के मुद्दे पर स्वत संज्ञान नोटिस लिया है और समस्या से निपटने के लिए तमिलनाडु सरकार, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और विभिन्न पत्रकार निकायों से जवाब मांगा है। जस्टिस एन .किरुबाकरन और जस्टिस पी. वेलमुरुगन की खंडपीठ ने 10 जनवरी को इस मुद्दे पर उस समय संज्ञान लिया, जब पीठ एक एस.सेकरन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में मूर्ति चोरी के मामले में उचित जांच की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह एक पाक्षिक पत्रिका चला रहा था जिसका नाम...
विकलांगों के लिए पदोन्नति में आरक्षण निषिद्ध नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने दो जजों की बेंच के फैसले की पुष्टि की
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रमोशन में आरक्षण का लाभ नहीं देने का नियम, जिसका आधार इंद्रा स्वाहने मामला रहा है, शारीरिक रूप से अशक्त व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) पर लागू नहीं होता है। जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने दो जजों की बेंच के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि पीडब्ल्यूडी को आरक्षण देने का आधार शारीरिक विकलांगता है, न कि ऐसा कोई मानदंड, जिस पर अनुच्छेद 16 (1) में मनाही है। तीन जजों की बेंच, जिसमें जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम...
गुजरात हाईकोर्ट ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों के विरुद्ध एफआईआर रद्द करने से किया इनकार
गुजरात हाईकोर्ट ने कुछ लोगों के खिलाफ नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के विरोध में प्रदर्शन करने के बाद दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया। अमरनाथ जिन्कुरम वसावा और अन्य लोगों के अनुसार, स्वतंत्रता सेनानियों, अशफाकउल्ला खान और राम प्रसाद बिस्मिल की पुण्यतिथि 19 दिसंबर 2019 को मनाने के संबंध में प्रारंभ में सीएए के खिलाफ एक विरोध सभा आयोजित करने की अनुमति दी गई थी। बाद में 18 दिसंबर, 2018 को यह अनुमति रद्द कर दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वे छपी टाउन इलाके के ताज होटल में...
यूएई को पारस्परिक देश घोषित किए जाने का क्या मतलब है? सेक्शन 44A सीपीसी का विश्लेषण
आदित्य जैन, प्रणव शर्मासिविल प्रक्रिया संहिता 1908 की धारा 44A पारस्परिकता के सिद्धांत अर्थात भारत में किसी विदेशी देश द्वारा पारित आदेश का निष्पादन करना और करने की विधि, का संक्षिप्तिकरण करती है। उक्त प्रावधान निम्नानुसार है: 44A-पारस्परिक क्षेत्र में कोर्ट द्वारा पारित निर्णयों का निष्पादन- (1) जहां किसी भी पारस्परिक क्षेत्र के उच्चतर न्यायालयों के आदेश की प्रमाणित प्रति जिला न्यायालय में दाखिल की गई हो, आदेश को (भारत) में वैसे ही निष्पादित किया जा सकता है, जैसे कि यह जिला न्यायालय...
बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान के 10 किलोमीटर के दायरे में किसी नई विकास गतिविधि की इजाज़त नहीं : कर्नाटक हाईकोर्ट
पिछले सप्ताह कर्नाटक हाईकोर्ट ने बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान के 10 किलोमीटर के क्षेत्र में किसी भी तरह की नई विकास गतिविधियों पर ईको-सेंसिटिव ज़ोन (ईएसज़ेड) के बारे में नयी ड्राफ़्ट सूचना की घोषणा तक के लिए रोक लगा दी है।मुख्य न्यायाधीश अभय ओक और न्यायमूर्ति हेमंत चंदनगौदर ने बन्नेरघट्टा प्रकृति संरक्षण ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई के बाद यह अंतरिम आदेश जारी किया। इस आदेश में कहा गया, "इस मामले में अंतरिम राहत दी जा रही है, जिसकी माँग की गई है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि अंतरिम राहत आगे की...
बॉम्बे हाईकोर्ट के वकीलों ने CAA-NRC के खिलाफ प्रोटेस्ट में अपना समर्थन देने के लिए संविधान की प्रस्तावना पढ़ी
सोमवार को लगभग सौ वकील बॉम्बे हाईकोर्ट के गेट नंबर 6 के बाहर इकट्ठा हुए और पूरे देश में हो रहे नागरिकता संशोधन अधिनियम, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के साथ अपनी एकजुटता दिखाने के लिए भारत के संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। इस समूह का नेतृत्व नवरोज सरवई, मिहिर देसाई और गायत्री सिंह जैसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने किया। सीएए के खिलाफ वकीलों ने सभी अधिवक्ताओं को दोपहर 2 बजे (लंच के समय) हाईकोर्ट के बाहर इकट्ठा होने के लिए आमंत्रित किया और कहा- "सीएए, एनआरसी और एनपीआर के चल रहे विरोध...
कर्ता की ग़ैर-मौजूदगी में परिवार का कोई भी सदस्य मामले को अंजाम दे सकता है : बॉम्बे हाईकोर्ट
एक महत्त्वपूर्ण फ़ैसले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर किसी मामले में कर्ता की नियुक्ति नहीं हुई है तो हिंदू अविभाजित परिवार का कोई भी सदस्य किसी परिसर से किरायेदार को हटाने के मामले में सह-स्वामी के रूप में परिवार का प्रतिनिधित्व कर सकता है। न्यायमूर्ति एनजे जमादार ने स्पष्ट किया कि हिंदू अविभाजित परिवार का कोई सदस्य इस कार्य को अंजाम दे इसके लिए दो बातें ज़रूरी हैं। परिवार के सभी अन्य सदस्यों को इस पर कोई आपत्ति नहीं हो; और प्रतिनिधि सदस्यों को यह साबित करना होगा कि कर्ता अनुपस्थित है।...
फ्री कश्मीर प्लेकार्ड दिखाने के आरोपी के लिए 170 वकीलों ने वकालतनामा पर दस्तखत किए
कर्नाटक राज्य के लगभग 170 अधिवक्ताओं ने नलिनी बालाकुमार के लिए वकालतनाम पर हस्ताक्षर किए हैं, जिन्हें आईपीसी की धारा 124 ए (राजद्रोह) के तहत राजद्रोह के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। उसने कथित तौर पर मैसूर विश्वविद्यालय परिसर में 8 जनवरी को सीएए के विरोध के दौरान "फ्री कश्मीर प्लेकार्ड" पकड़ा हुआ था। पिछले हफ्ते, मैसूर बार एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें कहा गया है कि उसका कोई भी सदस्य नलिनी का अदालत में प्रतिनिधित्व नहीं करेगा। अखिल भारतीय अभिभाषक संघ के सचिव श्रीनिवास...
दृष्टिबाधित व्यक्तियों को दिया जाए ऑनलाइन बैकिंग सुविधा का अधिकार, दिल्ली हाईकोर्ट याचिका में याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें मांग की गई है कि दृष्टिबाधित व्यक्तियों को ऑनलाइन और टेक्नोलॉजी आधारित बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए। याचिका में कहा गया है कि विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के तहत यह राज्य की ज़िम्मेदारी है। विकलांग व्यक्ति अपने वित्तीय मामलों पर नियंत्रण रखते हैं और राज्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऑनलाइन और टेक्नोलॉजी आधारित बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच हो। 'ब्लाइंडनेस के नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुसार, भारत में लगभग...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप, पिछले सप्ताह के कुछ खास जजमेंट/ऑर्डर पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में 13 जनवरी से 17 जनवरी 2020 के सप्ताह में कुछ अहम मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। एक नज़र सुप्रीम कोर्ट के वीकली राउंड अप पर डालिए। किराए के घर के एक हिस्से को किसी दूसरे को किराए पर देने से मकान मालिक को मिल जाता है पूरा घर खाली कराने का अधिकार-सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने केरल बिल्डिंग (लीज एंड रेंट कंट्रोल), अधिनियम, 1965( Kerala Buildings (Lease and Rent Control), Act, 1965]) के प्रावधानों की व्याख्या करते हुए कहा है कि किराए के परिसर या घर के किसी भी हिस्से...



















