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मद्रास हाईकोर्ट ने 'जल्लीकट्टू' आयोजित करने के लिए जारी किए दिशा निर्देश

LiveLaw News Network
22 Jan 2020 8:20 AM GMT
मद्रास हाईकोर्ट ने जल्लीकट्टू आयोजित करने के लिए जारी किए दिशा निर्देश
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मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जस्टिस एम.दुरैस्वामी और जस्टिस टी रविंद्रन ने बहुप्रतीक्षित त्योहार 'जल्लीकट्टू' के संचालन या आयोजन के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए हैं।

याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि जिला कलेक्टर और राजस्व विभागीय अधिकारी, मदुरै जिले को निर्देश दिया जाए कि वह वर्ष 2020 के 'जल्लीकट्टू' को आयोजित करने व उसमें सहयोग करने के लिए गठित 'जल्लीकट्टू विजा' समिति में गौंडर, यादवार, वेल्लारार, पंडाराम और वानर समुदाय के प्रतिनिधियों और अलंगानल्लूर गांव के अन्य सभी अभावग्रस्त समुदायों को शामिल करें।

याचिका में यह भी मांग की गई थी कि आगे के लिए सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में जल्लीकट्टू आयोजनों में ऐसी समितियों के गठन और निर्माण के मामले में अलंगल्लूर गाँव के सभी समुदायों को उचित और सही व्यवहार प्राप्त हो।

अदालत ने देखा कि इसी तरह की याचिका के.एम तिरुप्पति बनाम तमिलनाडु सरकार के प्रमुख सचिव व अन्य के मामले में वर्ष 2019 में दायर की गई थी,जो अन्न्यपुरम जल्लीकट्टू उत्सव के आयोजन के विषय में थी। इसके बाद, अदालत ने पोंगल त्योहार के दिन जल्लीकट्टू के संचालन को विनियमित करने के लिए दो समितियों के गठन का आदेश दिया था। चूंकि पक्षकारों ने एकमत से अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों के लिए सहमति व्यक्त की थी, इसलिए जल्लीकट्टू उत्सव शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया था, इसलिए, तत्काल मामले में अदालत ने दो समितियों के गठन का निर्देश दिया है।

पहली, जल्लीकट्टू आयोजन समिति जिसकी अध्यक्षता एक अध्यक्ष (सी. मनिकम, रिटायर्ड प्रधान जिला न्यायाधीश) और सदस्य (जिसमें जिला कलेक्टर और पुलिस महानिरीक्षक, मदुरै शामिल होंगे) करेंगे।

दूसरी, 36 सदस्यों के साथ एक सलाहकार समिति नियुक्त की गई है,जिसमें अलंगल्लूर के निवासी शामिल होंगे। इसके अलावा अदालत ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए-

(1) इस वर्ष जल्लीकट्टू का आयोजन समिति द्वारा किया जाएगा।

(2) आयोजन समिति जल्लीकट्टू के संचालन के लिए दान/ योगदान के लिए मदुरै और अलंगनल्लूर में किसी भी बैंक में बैंक खाते खोलेगी। समिति प्राप्त भुगतानों के लिए रसीदें देगी और इसी तरह, उन्हें जल्लीकट्टू के संचालन के संबंध में सभी लेनदेन का उचित हिसाब रखना होगा।

(3) राजस्व विभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में जिला कलेक्टर द्वारा गठित जिला स्तरीय समिति आयोजन समिति को सभी आवश्यक सहायता देगी।

(4) आयोजन समिति को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आयोजन व्यवस्थित तरीके से हो।

(5) जिला प्रशासन और पुलिस को (ए) बुल्स के प्रवेश के स्थान पर (बी) बैलों का चिकित्सा परीक्षण स्थान (सी) वादी वासल स्थान और (डी) बुल्स संग्रह का स्थान आदि पर, सभी प्रकार की सहायता देनी होगी।

(6) सांडों को तैनात करने के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सांडों के आयोजन में भाग लेने से पहले उनकी चिकित्सकीय जाँच की जाए।

(7) पुलिस महानिरीक्षक, दक्षिण क्षेत्र, मदुरै और पुलिस अधीक्षक, मदुरै जिला, को निम्नलिखित बिंदुओं पर उप पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण में पर्याप्त पुलिस अधिकारी तैनात करने चाहिए (ए) बैलों के एकत्र होने का मुख्य स्थान। (बी)एकत्र होने के मुख्य स्थान से मेडिकल परीक्षा केंद्र तक का स्थान। (सी) बैलों के लिए चिकित्सा केंद्र। (डी) वादी वासल बैकसाइड। (ई) बुल्स ट्रेनर्स चेकिंग प्वाइंट।

(8) जिला कलेक्टर द्वारा गठित जिला समिति में निम्नलिखित शामिल होने चाहिएः 1. राजस्व विभागीय अधिकारी, मदुरै, 2. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, मदुरै, 3. कार्यकारी अधिकारी, अलंगनल्लूर नगर पंचायत, 4. उप निदेशक (स्वास्थ्य) मदुरै 5. क्षेत्रीय उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, मदुरै 6. कार्यकारी अभियंता (भवन और रखरखाव), लोक निर्माण विभाग, मदुरै 7. संयुक्त आयुक्त, हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग, मदुरै। 8. क्षेत्रीय आग और बचाव अधिकारी, मदुरै 9. जिला पर्यटन अधिकारी, मदुरै।

(9) आयोजन समिति को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मंच किसी भी तरह से सलाहकार समिति के सदस्यों या अन्य लोगों के कब्जे में ना हो।

(10) सलाहकार समिति की भूमिका केवल आयोजन समिति की सहायता के लिए है। जल्लीकट्टू के संचालन का उन्हें कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं है।

(11) आयोजन समिति एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करें जिसमें आम जनता को आयोजकों सहित किसी भी पब्लिक को दान न देने की सूचना दी जाएगी, जो पहले आयोजन का हिस्सा थे। दान केवल आयोजन समिति के सदस्यों को दिया जाना चाहिए।

(12) पुलिस अधीक्षक एक वरिष्ठ अधिकारी को आयोजन समिति के साथ समन्वय के लिए साइट पर पोस्ट करें,यह अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक के पद से नीचे नहीं होना चाहिए। इसी प्रकार, जिला कलेक्टर को भी आयोजन समिति की सहायता के लिए जिला राजस्व अधिकारी के पद के एक वरिष्ठ अधिकारी की प्रतिनियुक्ति करनी चाहिए। यह जिला कलेक्टर द्वारा गठित जिला स्तरीय समिति के अतिरिक्त होगा।

(13) जिला कलेक्टर आयोजन समिति, राजस्व और पुलिस अधिकारियों की एक बैठक 14 जनवरी 2020 को करनी चाहिए और जो 16 जनवरी 2020 तक हो जानी चाहिए,जिसमें जल्लीकट्टू के संचालन के बारे में चर्चा की जाए।

(14) किसी भी प्रकार का पहला अधिकार (मुदल मरियाथाई) बैल या उसके मालिक या किसी अन्य व्यक्ति को नहीं होना चाहिए।

(15) आयोजन समिति के सदस्यों की सुरक्षा पहलू का आकलन करने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा उनको आवश्यक पुलिस सुरक्षा दी जानी चाहिए।

(16) कार्यक्रम के स्थान पर सुरक्षा देने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात होना चाहिए।

(17) समिति इस आयोजन के सुचारू संचालन के लिए अपनी स्वयं की पद्धति विकसित करने के लिए स्वतंत्र है।

(18) आयोजन समिति सहायता के लिए कर्मियों को संलग्न करने या रखने के लिए स्वतंत्रत है।

(19) जल्लीकट्टू आयोजन समिति इस कार्यक्रम का आयोजन तमिलनाडु प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (जल्लीकट्टू का संचालन) नियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार करेगी या नियमों का पालन कड़ाई से किया जाएगा।

(20) पूरे आयोजन की वीडियो ग्राफी की जाएगा और रिपोर्ट के साथ इस न्यायालय की रजिस्ट्री के समक्ष प्रस्तुत की जाए।

(21) जिला कलेक्टर कानून के जनादेश का पालन करेंगे और विशेष रूप से, निम्नलिखितः (ए) बैल का पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा समुचित परीक्षण किया जाए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी प्रदर्शन को उत्तेजक करने वाली दवाई या इसी तरह का कोई पदार्थ किसी भी तरीके से बैल को न दिया जाए (बी) यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बैल सभी प्रकार के रोगों से मुक्त हों और नशीले पदार्थों का सेवन न किया हो या किसी भी प्रकार के पदार्थ से उन्हें अधिक आक्रामक या क्रूर न बनाया जाए।

(22) (ए) जिला कलेक्टर द्वारा गठित आधिकारिक समिति के सहयोग से जल्लीकट्टू आयोजन समिति को पशुपालन विभाग के योग्य पशुचिकित्सक द्वारा बैल की पशु चिकित्सा परीक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। जल्लीकट्टू आयोजन समिति को यह भी देखना होगा कि शराब का कोई दुरुपयोग न हो और जानवरों के साथ ऐसा कोई दुर्व्यवहार न हो।

(बी) अखाड़ा, उसका क्षेत्र और संरक्षित क्षेत्र, नियमों के अनुसार बनाए रखा जाना चाहिए।

(सी) बुल की दौड़ वाले क्षेत्र को मजबूत डबल बैरिकेड लगाकर संरक्षित किया जाना चाहिए और यह दर्शक गैलरी को क्षेत्र से अलग करने के लिए दीवार के रूप में कार्य करें।

(डी) बैल संग्रह या एकत्रित करने का यार्ड बैल मालिकों के साथ मिलकर बनाए रखा जाना चाहिए।

(ई) दर्शकों के लिए गैलरी का निरीक्षण और उसको प्रमाणित करने का काम लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जाना चाहिए, जो जिला कलेक्टर द्वारा गठित जिला स्तरीय समिति का हिस्सा हैं।

(एफ) नियमों के तहत दिए निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, क्षेत्र को पर्याप्त ऊंचाई के साथ बैरिकेड किया जाना चाहिए।

(23) सलाहकार समिति की रचना किसी भी सांप्रदायिक स्थिति के आधार पर नहीं है और हमने शांतिपूर्ण तरीके से जल्लीकट्टू महोत्सव के आयोजन के हित में इन सदस्यों का चयन किया है।

(24) जिला कलेक्टर वाहनों के सामान्य पूल से एक वाहन अध्यक्ष को और दूसरा समिति के सदस्यों को प्रदान करेगा। उन्हें मदुरै के सर्किट हाउस में समिति के अध्यक्ष के लिए आवास की व्यवस्था भी करनी चाहिए।

(25) पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया जाता है कि वह 14.01.2020 से लेकर आयोजन के पूरा होने तक अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी उपलब्ध कराएं।

(26) जिला कलेक्टर, समिति को कलेक्ट्रेट के सम्मेलन हॉल में एक बैठक बुलाने की अनुमति देगा। जिला कलेक्टर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समिति सदस्यों को कार्यक्रम स्थल के पास एक कैंप कार्यालय दिया जाए।

(27) आयोजन के लिए दान केवल आयोजन समिति द्वारा लिया जाएगा। सलाहकार समिति के सदस्य राशि के संग्रह के लिए आयोजन समिति के सदस्यों और संबंधित बैंक के समक्ष इस राशि को जमा करने में सहायता करेंगे।

(28) आयोजन समिति को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आयोजन स्थल या उसके समीप कहीं भी फ्लेक्स बोर्ड या किसी भी प्रकार की विज्ञापन सामग्री न लगाई जाए। पार्टी के झंडे या कोई अन्य सामग्री जो राजनीतिक दलों या उनके नेताओं या सांप्रदायिक संगठन या उनके नेताओं के नाम को दर्शाते हो,उनको कार्यक्रम स्थल के आसपास कहीं भी प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस ऐसी सभी सामग्रियों को हटा देगी और इस संबंध में आयोजन समिति के निर्देशानुसार कार्य करेगी।

(29) हम यह स्पष्ट करते हैं कि यह व्यवस्था केवल 17 जनवरी 2020 के जल्लीकट्टू के लिए है। समिति के सदस्य के रूप में उनकी भागीदारी के कारण सलाहकार बोर्ड के किसी भी सदस्य के पक्ष में कोई इक्विटी नहीं होगी। इसी प्रकार, बाद के समय में दावा करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं होगा कि वे पहले जल्लीकट्टू में शामिल थे, क्योंकि यह व्यवस्था पूरी तरह से अस्थायी है।

(30) हम यह भी स्पष्ट करते हैं कि यह व्यवस्था जल्लीकट्टू के संचालन के संबंध में कई गुटों के बीच विवाद के मद्देनजर की गई है और क्षेत्र में संभावित कानून और व्यवस्था की समस्या को ध्यान में रखते हुए, क्योंकि मामले में समस्या को सौहार्दपूर्ण तरीके से नहीं सुलझाया जाता है।इस आदेश को जल्लीकट्टू के संचालन पर पहले से विचार की अभिव्यक्ति या पार्टियों द्वारा एक दूसरे पर लगाए गए आरोपों के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

(31) उपरोक्त के अलावा, उत्तरदाताओं के अधिकारियों को जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए जी.ओ(एमएस)नंबर 7 के नियमों और विनियमों, पशुपालन डेयरी और मत्स्य पालन (एएच3) विभाग, दिनांक 21.01.2017 के साथ ही तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के संचालन की प्रक्रियाएँ, जो सरकार के प्रधान सचिव, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग, सचिवालय, चेन्नई के 600 009, डी.ओ लैटर नंबर 19900/एएच3/ 2019 दिनांक 24.12.2019 और स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का कड़ाई से पालन करना होगा। जिनमें जल्लीकट्टू आयोजनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों की भूमिका को भी बताया गया है।

(32) जिला कलेक्टर, मदुरै जिला, 1,50000 रुपये - (रुपये एक लाख और पचास हजार केवल)एक सप्ताह की अवधि के भीतर जल्लीकट्टू आयोजन समिति के अध्यक्ष को पारिश्रमिक के रूप में भुगतान करेगा। यह पैसा जल्लीकट्टू के संचालन के लिए समिति द्वारा प्राप्त दान/ अंशदान में से दिया जाए।

(33) जिला कलेक्टर, मदुरै जिला, पुलिस महानिरीक्षक, दक्षिण क्षेत्र, मदुरै, पुलिस अधीक्षक, मदुरै जिला और आयोजन समिति इस अदालत की रजिस्ट्री से समक्ष आयोजन के बाद अपनी व्यक्तिगत रिपोर्ट दायर करेंगे।

आखिरकार, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा अखाड़े के प्रारंभिक निरीक्षण के बाद 17.01.2020 को जल्लीकट्टू का आयोजन अलंगल्लूर में किया गया।

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