मुख्य सुर्खियां

फेक न्यूज़ अलर्ट : सरकार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को COVID​​-19 से संबंधित जानकारी पोस्ट करने की अनुमति नही, वाली खबर झूठी
फेक न्यूज़ अलर्ट : सरकार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को COVID​​-19 से संबंधित जानकारी पोस्ट करने की अनुमति नही, वाली खबर झूठी

सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप में एक फर्ज़ी खबर व्यापक रूप से प्रसारित की जा रही है कि सरकार के अलावा, किसी अन्य व्यक्ति को COVID​​-19 से संबंधित किसी भी जानकारी को पोस्ट करने या साझा करने की अनुमति नहीं है। यह गलत संदेश इस प्रकार है: "प्रियजनों, सभी के लिए जनादेश : आज रात 12 (मध्यरात्रि) से देश भर में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू हो गया है। इसके अनुसार, COVID​​-19 से संबंधित किसी भी अपडेट/ जानकारी को सरकारी विभाग के अलावा, किसी अन्य नागरिक को पोस्ट करने या कोरोना वायरस से संबंधित किसी...

टाइम्स नाउ ने लेख में लगाया तब्लीगी जमात पर आतंकी संगठनों के साथ संबंध का आरोप, जमात सदस्य ने भेजा कानूनी नोटिस
टाइम्स नाउ ने लेख में लगाया तब्लीगी जमात पर आतंकी संगठनों के साथ संबंध का आरोप, जमात सदस्य ने भेजा कानूनी नोटिस

तब्लीगी जमात के एक सदस्य ने बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विनीत जैन , एडिटर-इन-चीफ जयदीप बोस व अन्य लोगों को कानूनी नोटिस भेजकर एक करोड़ रुपए का मुआवजा मांगा है। यह मुआवजा टाइम्स नाउ वेबसाइट पर प्रकाशित एक मानहानि करने और भड़काऊ लेख की एवज में मांगा गया है, जिसमें जमात के आतंकी संगठनों के साथ संबंध का आरोप लगाया गया है। हफीजुल्ला खान की तरफ से प्राइम लॉ एसोसिएट्स ने यह नोटिस भेजा है, जिसमें कहा गया है कि जमात के सदस्य कानून का पालन करने वाले हैं और इसके अस्तित्व के 100 से...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मध्यस्थता कार्यवाही के निपटान की 12 महीने की अवधि को बढ़ाया, कैदियों को व्यक्तिगत बॉन्ड पर ज़मानत देने की अनुमति दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मध्यस्थता कार्यवाही के निपटान की 12 महीने की अवधि को बढ़ाया, कैदियों को व्यक्तिगत बॉन्ड पर ज़मानत देने की अनुमति दी

देशव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 29 ए के तहत निपटान के लिए निर्धारित 12 महीने की अवधि को बढ़ा दिया, ताकि मध्यस्थ न्यायाधिकरण, अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता के अलावा अन्य मामलों में फाइनल अवॉर्ड पारित कर सके।नॉवेल कोरोना वायरस (COVID-19) के खतरे के कारण लॉकडाउन के मद्देनज़र स्वत: संज्ञान लेकर दर्ज मुकदमे में चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की बेंच ने कहा, "मध्यस्थता और सुलह अधिनियम 1996 की धारा 29 ए के...

प्रजनन विकल्प चुनने काअधिकार अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का एक पहलू : केरल हाईकोर्ट ने  14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की अनुमति दी
प्रजनन विकल्प चुनने काअधिकार अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का एक पहलू : केरल हाईकोर्ट ने 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की अनुमति दी

केरल हाईकोर्ट ने 14 वर्षीय बलात्कार की पीड़िता के 24 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दे दी है। इसे ''मुश्किल और निराशाजनक स्थिति'' करार देते हुए,वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई तत्काल सुनवाई के दौरान जस्टिस ए.के जयशंकरन नांबियार और जस्टिस शाजी पी.चेली की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। खंडपीठ ने यह आदेश इस मामले में मेडिकल बोर्ड की राय के आधार पर दिया है, जिसमें कहा गया है कि गर्भावस्था को जारी रखने से किशोर लड़की के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। न्यायालय ने कहा कि...

COVID-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई पर मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा, हम हाथ पर हाथ धर कर नहीं बैठ सकते
COVID-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई पर मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा, हम हाथ पर हाथ धर कर नहीं बैठ सकते

मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एपी साही ने कहा कि COVID-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में हम हाथ पर हाथ धर कर नहीं बैठे रह सकते। क़ानूनी पेशे से जुड़े लोगों को भेजे एक संदेश में सीजेआई ने लिखा "इधर उधर निकालकर हम अपने विरोधी कोरोना को ही मज़बूत कर रहे हैं। अपने दुश्मन को जगह दो, संरक्षण दो और और फिर उसको परास्त करने के लिए छद्म का सहारा लेना जीवित रहें यह सुनिश्चित रहने और इस विपदा को रोकने के लिए बेहद ज़रूरी है…अपनी दृढ़ता से हमने इसके ख़िलाफ़ मज़बूत प्रतिरक्षा तैयार कर ली है पर हम चुप चाप बैठ...

लोगों की मौजूदगी को जितना भी संभव हो, कम करने की कोशिश हो रही है, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दीर्घ अवधि तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए राज्य से की फंड की मांग
लोगों की मौजूदगी को जितना भी संभव हो, कम करने की कोशिश हो रही है, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दीर्घ अवधि तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए राज्य से की फंड की मांग

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि अदालत में लोगों की मौजूदगी को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। अदालत ने यह भी कहा है कि COVID-19 के इस दौर में लोगों को न्याय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए काफ़ी क़दम उठाए गए हैं और इनमें से एक है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई करना। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "मुंबई में एक प्रक्रिया विकसित की गई है और इसको परखा जा रहा है कि किसी को भी न्यायिक प्रक्रिया में भाग लेने केली अपने घर से नहीं निकलना पड़े। ...

तब्लीगी जमातः वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों से सख्ती से निपटना होगा : गुजरात हाईकोर्ट
तब्लीगी जमातः वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों से सख्ती से निपटना होगा : गुजरात हाईकोर्ट

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में हुई तब्लीगी जमात की धार्मिक मण्डली के कारण COVID-19 संक्रमण के कई केस सामने आने के मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से कहा है कि उनको वीजा कानूनों के उल्लंघनकर्ताओं के साथ सख्ती से व्यवहार करना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, अपने पर्यटक वीजा के आधार पर धार्मिक मण्डली में भाग लेने वाले 960 विदेशियों ने वीजा मैन्यूअल या नियमावली 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। जो द फाॅरनेर्स एक्ट या विदेशी...

JCOVID-19 : J&K हाईकोर्ट ने हेल्थकेयर पेशेवरों की सुरक्षा और लॉकडाउन के पालन आदि को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए 
JCOVID-19 : J&K हाईकोर्ट ने हेल्थकेयर पेशेवरों की सुरक्षा और लॉकडाउन के पालन आदि को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए 

 जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को याचिकाओं के एक समूह का निपटारा करते हुए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान शासन के कई मुद्दों के बारे में विभिन्न आदेश पारित किए।मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति रजनेश ओसवाल की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यवाही का संचालन किया। इन आदेशों के बारे में विवरण इस प्रकार है: -बेंच ने सुझाव दिया कि हेल्थकेयर पेशेवरों की एसोसिएशन अपने कुछ सदस्यों को नामांकित कर सकती हैं जो ज़मीनी वास्तविकताओं और राहत की आवश्यकताओं से अच्छी तरह से वाकिफ...

एनसीडीआरसी में 11 मार्च के सर्कुलर के आधार पर केंद्र ने जो नियुक्ति की है उसका भाग्य अदालत के फ़ैसले पर निर्भर : बॉम्बे हाईकोर्ट
एनसीडीआरसी में 11 मार्च के सर्कुलर के आधार पर केंद्र ने जो नियुक्ति की है उसका भाग्य अदालत के फ़ैसले पर निर्भर : बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने केंद्र सरकार के वित्त, विधि और उपभोक्ता मामला मंत्रालयों और महाराष्ट्र सरकार को नए अधिकरण नियम, 2020 को दी गई चुनौती पर नोटिस जारी किया है। इस नियम को पिछले महीने केंद्र सरकार ने अधिसूचित किया और इसमें राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीरसी) में नियुक्ति को लेकर ज़रूरी योग्यता और अर्हता का ज़िक्र है। सिटिज़न फ़ोरम फ़ॉर इक्वालिटी के अध्यक्ष मधुकर गणपत कुकडे और उपभोक्ता फ़ोरम बार एसोसिएशन, नागपुर के अध्यक्ष वक़ील केएम क़ाज़ी ने यह याचिका दायर की है।...

COVID-19 :असंगठित क्षेत्र के लोगों को  खाद्य आपूर्ति लेने के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय में जाने के लिए कहना सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन कर सकता है : मद्रास हाईकोर्ट
COVID-19 :असंगठित क्षेत्र के लोगों को खाद्य आपूर्ति लेने के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय में जाने के लिए कहना सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन कर सकता है : मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को संबंधित राज्य प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे उस श्रेणी के लोगों को भी आवश्यक खाद्यान्नों के पैकेट वितरित करें जिनके पास कोई राशन कार्ड नहीं है। यह वितरण उसी काउंटर से किया जाए जिसके माध्यम से नागरिक आपूर्ति विभाग राशन कार्ड वाले व्यक्तियों को खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। न्यायमूर्ति डॉक्टर विनीत कोठारी और न्यायमूर्ति आर.सुरेश कुमार की पीठ ने कहा कि "जिन व्यक्तियों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनको COVID-19 महामारी के समय में अपना खाद्यान्न लेने के...

सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी की बैठक, लॉकडाउन में अर्जेंट मामलों की सुनवाई पर जोर
सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी की बैठक, लॉकडाउन में अर्जेंट मामलों की सुनवाई पर जोर

सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी की बैठक शनिवार को हुई, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्‍चित करना था कि लॉकडाउन की अवधि में अर्जेंट मामलों की सुनवाई होती रहे और सुनवाई के लिए सूचीबद्ध अन्य मामलों के लिए पार्टियों को कोर्ट में आने की आवश्यकता नहीं है। चेयरपर्सन डॉ जस्टिस चंद्रचूड़ ने उच्च न्यायालयों द्वारा अपने कार्यक्षेत्रों में शुरु किए गए उपायों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई राज्यों को ई-फाइलिंग में, वर्चुअल कोर्ट के संचालन में और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामलों की सुनवाई में कठिनाइयां आ रही हैं,...

अभियोजन पक्ष को साबित करना होगा कि भूस्वामी प्रतिबंधित अफीम के पौधों को खेती कर रहा था, एनडीपीएस मामले में आरोपी को बरी करने के फैसले को बाॅम्बे हाईकोर्ट ने सही ठहराया
अभियोजन पक्ष को साबित करना होगा कि भूस्वामी प्रतिबंधित अफीम के पौधों को खेती कर रहा था, एनडीपीएस मामले में आरोपी को बरी करने के फैसले को बाॅम्बे हाईकोर्ट ने सही ठहराया

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कुछ सप्ताह पहले एक 64 वर्षीय व्यक्ति को बरी कर दिया था। जिस पर आरोप था कि वह सतारा जिले के वई तालुका के तहत आने वाले गाँव बावधन के खेतों में अफीम-खसखस के पौधों की खेती करता था। न्यायमूर्ति एस.एस शिंदे और न्यायमूर्ति वी.जी बिष्ट की खंडपीठ ने कहा कि अफीम-खसखस के पौधे जिस क्षेत्र में पाए गए थे, वह आरोपी का था, परंतु इसका मतलब यह नहीं था कि वह क्षेत्र विशेष रूप से उसके ही नियंत्रण में था।केस की पृष्ठभूमिअभियोजन पक्ष के अनुसार, शिवाजी रसाल (अभियोजन पक्ष का गवाह नंबर 3) घटना...