मुख्य सुर्खियां
भारत-ऑस्ट्रेलिया तुलनात्मक संवैधानिक संदर्भ पर विमर्श का आयोजन
ऑस्ट्रेलिया उच्चायोग में 24 जनवरी को प्रोजेक्ट कॉन्स्टिटूशनलिज्म की ओर से संवैधानिक अधिकारों को बचाने और संवैधानिक प्रशासन को मज़बूत करने के विषय पर एक विचार-विमर्श का आयोजन किया गया। प्रोजेक्ट कॉन्स्टिटूशनलिज्म लाभ के लिए काम नहीं करने वाला संगठन है और उसने ऑस्ट्रेलिया-न्यूज़ीलैंड-इंडिया बिज़नेस असोसीएशन (एएनज़ेडआईबीए) के सहयोग से इसका आयोजन किया था। बातचीत का विषय था "अ कम्पैरटिव लुक ऐट द कॉन्स्टिटूशनल कॉंटेक्स्ट अव इंडिया एंड ऑस्ट्रेलिया" और यह भारत के गणतंत्र दिवस और ऑस्ट्रेलिया दिवस के...
CAA पर बयानबाज़ी पर बंगाल की CM को राहत, अयोग्य करार देने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पर कथित बयानबाज़ी के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया।शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा कि वो इस पर सुनवाई नहीं करेंगे। लेकिन वो ये नहीं कह रहे कि मामला महत्वपूर्ण नहीं है। याचिकाकर्ता इस मामले को हाईकोर्ट ले जा सकते हैं।दरअसल इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।याचिका में मांग की गई थी कि वो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हटाने के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 42 साल पुराने मामले को फिर से निकाला, निचली अदालत को शीघ्र सुनवाई करने के निर्देश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कमला भरवानी (जो दिवंगत हो चुके हैं) की 1998 में दायर एक याचिका पर सुनवाई की अनुमति दी। इस याचिका में 1978 में दिए गए निचली अदालत के फ़ैसले को चुनौती दी गई है। निचली अदालत ने उस मामले को ख़ारिज कर दिया था और इस मामले को दुबारा बहाल करने की अपील ख़ारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति एएस गड़करी ने कहा कि मामले को बहाल करने की अपील पर ग़ौर नहीं करके निचली अदालत ने ग़लती की थी और 26 जून 1998 को दिए गए निचली अदालत के आदेश को ख़ारिज कर दिया। मूल मामला प्रतिवादियों को एक परिसर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने आर्म एक्ट में दर्ज हुई एफआईआर रद्द की कहा, आरोपी को अपने पास कारतूस होने की जानकारी नहीं थी
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि अगर एफआईआर में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो यह दर्शाता है कि फायरआर्म कब्जे में होने की जानकारी थी, तो शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत कोई मामला आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। जस्टिस अनु मल्होत्रा की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर को खारिज करते हुए कहा कि शस्त्र अधिनियम के तहत फायर आर्म कब्जे में होने के अपराध के लिए आरोपी व्यक्ति में आर्म रखने की जानकारी का तत्व होना चाहिए, परंतु जब कोई वास्तविक कब्जा न हो तो उसका हथियार पर आधिपत्य या नियंत्रण हो। ...
ट्रेड यूनियन एक्ट, 1926 के तहत रिटायर्ड कर्मचारियों को यूनियन बनाने का अधिकारः मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी संस्था के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी ट्रेड यूनियन एक्ट, 1926 के तहत संघ / ट्रेड यूनियन बनाने का अधिकार है। फैसला सुनाते हुए जस्टिस एस वैद्यनाथन ने कहा, "अथॉरिटी रिटायर्ड कर्मचारियों द्वारा गठित एसोसिएशन को पंजीकृत करने के लिए बाध्य है, जब तक कि पंजीकरण न करने के लिए कोई निषिद्ध आधार न हो। यदि अथॉरिटी यह पाती है कि एसोसिएशन के गठन का उद्देश्य कर्मचारियों के उद्देश्यों का समर्थन करना नहीं है, और अधिनियम, 1926 के तहत निर्धारित की गई शर्तों से भिन्न है, तो...
जबलपुर ज़िला न्यायालय ऑनलाइन सर्टिफाइड कॉपी उपलब्ध करवाने वाला देश का पहला ज़िला न्यायालय बना
जबलपुर का जिला और सत्र न्यायालय देश का पहला जिला न्यायालय बन गया है जो अधिवक्ताओं और वादियों को केस की ऑनलाइन प्रमाणित प्रतियों की सुविधा प्रदान कर रहा है। पिछले साल, यह सुविधा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में उपलब्ध करवाई गई थी, जो ऑनलाइन प्रमाणित प्रतियां प्रदान करने वाला देश का पहला उच्च न्यायालय बना। हाईकोर्ट की कंप्यूटर समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एससी शर्मा के प्रभावी मार्गदर्शन में नए टूल को प्रभावी बनाने का को पूरा किया गया है। इसे 27 जनवरी को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एके...
नागरिक द्वारा गहराई से संजोए गए अधिकार ही मौलिक अधिकार हैं, प्रतिबंध नहीं : जस्टिस रवींद्र भट
अधिकार, जो नागरिक गहराई से संजोते हैं, मौलिक हैं- यह प्रतिबंध नहीं हैं जो कि मौलिक हैं, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट ने ये अग्रिम जमानत को क्या सीमित अवधि के लिए होना चाहिए, इस पर फैसला सुनाते हुए याद दिलाया। न्यायाधीश ने महान न्यायविद और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जोसेफ स्टोरी के एक उद्धरण को पुन: पेश किया: "व्यक्तिगत सुरक्षा और निजी संपत्ति पूरी तरह से विवेक, स्थिरता और न्याय की अदालतों की अखंडता पर निर्भर करती है।" उन्होंने कहा कि न्यायिक व्याख्या द्वारा अग्रिम जमानत देने के लिए...
जामिया की कुलपति के रूप में नज़मा अख्तर की नियुक्ति को HC में चुनौती, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और जामिया मिलिया विश्वविद्यालय को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें विश्वविद्यालय की वर्तमान कुलपति नज़मा अख्तर की नियुक्ति की चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति एके चावला की एकल पीठ ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सी.वी.सी), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू.जी.सी) और खुद कुलपति को भी नोटिस जारी किया है। जेएमआई के पूर्व छात्र एम. एहतेशाम-उल-हक द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सुश्री अख्तर की नियुक्ति इस कारण से अमान्य थी, कि जिस सर्च कमेटी ने पद के लिए...
भले ही रिमांड ऑर्डर अवैध है, फिर भी हैबियस कॉर्पस की रिट प्रभावी उपाय नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक अंकित मुथा द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण की रिट को खारिज कर दिया,जिसे राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने गिरफ्तार किया था। डीआरआई करोड़ों रूपये के सोने की तस्करी के एक घोटाले की जांच कर रही है और सोने की तस्करी के आरोप में अंकित को भी गिरफ्तार किया गया था। जस्टिस एस.एस शिंदे और जस्टिस एन.बी सूर्यवंशी की खंडपीठ ने सौरभ कुमार बनाम जेलर कोनीला जेल व अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए फैसले का पालन किया। इस फैसले में माना गया था कि ''भले ही...
निर्भया केस : दोषी अक्षय कुमार सिंह की क्यूरेटिव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगा विचार
दिल्ली गैंगरेप- हत्या के मामले में सजायाफ्ता अक्षय कुमार सिंह ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की थी, जिस पर आज सुनवाई की जाएगी। क्यूरेटिव याचिका पर गुरुवार को दोपहर 1 बजे जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आर एफ नरीमन, जस्टिस आर बानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच द्वारा चेंबर में विचार किया जाएगा। सभी चार दोषियों की फांसी 1 फरवरी को सुबह 6 बजे निर्धारित है। 14 जनवरी को 5-न्यायाधीश की पीठ ने मुकेश सिंह और विनय शर्मा क्यूरेटिव याचिकाओं को खारिज कर दिया...
लक्ष्मी अग्रवाल की वकील अपर्णा भट को छपाक में क्रेडिट देगा फॉक्स स्टार, अवमानना याचिका के बाद लिया फैसला
बॉलीवुड फिल्म छपाक के प्रोड्यूसर फॉक्स स्टार स्टूडियोज ने लक्ष्मी अग्रवाल की वकील अपर्णा भट को, फिल्म के निर्माण में दिए गए उनके योगदान के लिए, फिल्म में क्रेडिट देने का फैसला किया है। फॉक्स स्टार ने ये फैसला अपर्णा भट द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में अवमानना एक अपील दायर किए जाने के बाद किया। अपील में फिल्म निर्माता पर दिल्ली हाईकोर्ट के 11 जनवरी, 2020 के आदेश का अनुपालन न करने का हवाला दिया गया है। उस आदेश के क्रम में जस्टिस प्रथिबा एम सिंह ने फिल्म के क्रेडिट में एक पंक्ति जोड़ने का...
अत्यधिक नामांकन शुल्क वसूले जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बीसीआई और बीसीडी को नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा बहुत ज्यादा एनरॉलमेंट फी और अन्य शुल्क वसूले जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। एनएलआईयू भोपाल के छात्र अंकित गुप्ता द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि एडवोकेट्स एक्ट, 1961 की धारा 24 (1) (एफ) में कहा गया है कि एडवोकेट के रूप में भर्ती होने के लिए, सामान्य वर्ग के व्यक्ति को स्टेट बार काउंसिल को 600 रुपए और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को 150 रुपए का भुगतान करना होगा। हालांकि, उक्त विधायी आदेश के विपरीत,...
माफ़ीनामे के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने डेक्कन हेराल्ड और तीन चैनलों के ख़िलाफ़ आपराधिक अवमानना का केस वापस लिया, 73 लाख का जुर्माना लगाया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को डेक्कन हेराल्ड और तीन स्थानीय कन्नड़ न्यूज़ चैनलों बीटीवी, टीवी5, और दिग्विजय के ख़िलाफ़ फ़र्ज़ी ख़बर छापने को लेकर उनके ख़िलाफ़ दायर आपराधिक अवमानना की याचिका को बिना शर्त माफ़ीनामे के बाद ख़ारिज कर दिया। इन समाचार माध्यमों ने इस मुक़दमे की लागत के रूप में ₹73 लाख देने का वादा भी किया। न्यायमूर्ति अभय ओक और न्यायमूर्ति हेमंत चंदनगौदर की पीठ ने आरोपों को वापस लेते हुए कहा, "हम उम्मीद करते हैं और हमारा विश्वास है कि यह आदेश उन लोगों के लिए एक सबक़ होगा जो यह...
'आई लव केजरीवाल'के कारण ऑटो-रिक्शा के चालान का मामला, दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस
ऑटो-रिक्शा के पीछे 'आई लव केजरीवाल' लिखे जाने पर हुए चालान के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति नवीन चावला की एकल पीठ ने सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता का मानना है कि यह चालान संंविधान केअनुच्छेद 14 और 21 के तहत न केवल उनके मौलिक अधिकार का हनन करता है, बल्कि यह उसके बोलने की आज़ादी में ग़ैरक़ानूनी दख़ल देता है। इस मामले में याचिकाकर्ता एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर है जिसने अपने ऑटो के पीछे 'आई लव केजरीवाल'(मैं केजरीवाल को पसंद करता हूं) सितम्बर 2019 से अपने मन से...
बोर्डिंग पास जारी करने के बाद यात्री को बोर्डिंग गेट तक एस्कॉर्ट करने के लिए एयरलाइंस बाध्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चेक-इन काउंटर पर बोर्डिंग पास जारी करने के बाद बोर्डिंग गेट तक पहुंचने के लिए हर यात्री को एस्कॉर्ट (अनुरक्षण) करने का दायित्व एयरलाइंस पर नहीं है। इंडिगो एयरलाइंस ने उपभोक्ता आयोग के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। आयोग ने एयरलाइंस को दो यात्रियों को मुआवजा देने का निर्देश दिया था, जिनकी अगरतला जाने वाली फ्लाइट छूट गई थी। राज्य उपभोक्ता आयोग, जिसके निर्णय को राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने बरकरार रखा था, उसने कहा था कि यह एयरलाइंस का दायित्व...
सुप्रीम कोर्ट में महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश की मांग वाली याचिका पर पत्रकार ज़िया उस सलाम ने हस्तक्षेप आवेदन दिया
वरिष्ठ पत्रकार जिया उस सलाम ने मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश करने और नमाज अदा करने की इजाजत देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर हस्तक्षेप आवेदन दाखिल किया है। महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश करने की अनुमति देने की मांग वाली याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी देकर जिया अस सलाम ने बताया कि भारत में महिलाओं के लिए मस्जिदों में प्रवेश करने के लिए कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं है, लेकिन वहां एक मौन प्रतिबंध है, क्योंकि वहां महिलाओं के लिए कोई अलग प्रवेश नहीं है, उनके लिए...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बांग्लादेश की 'अवैध प्रवासी' महिला को सीएए को ध्यान रखते हुए जमानत दी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को एक 'अवैध प्रवासी' बांग्लादेशी ईसाई महिला को नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के प्रावधानों के मद्देनजर जमानत दे दी। अर्चोना पूर्णिमा प्रमाणिक बांग्लादेशी नागरिक हैं और ईसाई हैं। उन पर आरोप था कि उन्होंने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था और बाद में पैन कार्ड, आधार कार्ड जैसे भारतीय दस्तावेज प्राप्त कर लिए और इन दस्तावेजों के बल पर उन्होंने धोखाधड़ी से भारतीय पासपोर्ट प्राप्त किया। वह नवंबर 2019 से गिरफ्तार थीं और हिरासत में थीं। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 465,...
बीएमसी के वकील ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर किया गलत हलफनामा, हाईकोर्ट ने तत्काल नए वकीलों को भर्ती करने की सिफारिश की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका के पैनल के एक वकील द्वारा गलत तथ्य पेश किए जाने और गलत हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को गुमराह किए जाने के बाद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए महानगरपालिका से कहा कि वह नगर निगम के जूनियर पैनल 'ए' में सूचीबद्ध होने के इच्छुक वकीलों से आवेदन तुरंत आमंत्रित करे। जस्टिस एसजे कथावाला और जस्टिस बीपी कोलाबावाला की खंडपीठ ने स्पार्क डेवलपर्स द्वारा दायर एक अवमानना याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम ने 2 नवंबर, 2017 के हाईकोर्ट के...
क्रिमिनल ट्रायल : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कानून अभियुक्त को वैकल्पिक दलील अपनाने से नहीं रोकता
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कानून अभियुक्त को वैकल्पिक दलीलों को अपनाने से नहीं रोकता। कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी यह कहते हुए की है कि एक हत्या का अभियुक्त यह दलील दे सकता है कि वह उस करतूत में शामिल नहीं था, जिसके कारण मृतका की मौत हुई, लेकिन इससे वह उस तथ्य को स्थापित करने के अपने अधिकार से वंचित नहीं हो जाता कि उसके खिलाफ मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 300 के तहत वर्णित किसी अपवाद के दायरे में रखा जाये। इस मामले के अभियुक्त और उसकी मां के खिलाफ अभियुक्त की पत्नी की हत्या का मामला चला था।...
कर्मचारी को मरने के बाद बकाया राशि के भुगतान में देरी के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य को लगाई फटकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक कर्मचारी को उसकी मौत के बाद भविष्य निधि, ग्रैच्यूटी और बकाया वेतन आदि के भुगतान में 24 साल से अधिक की देरी के लिए राज्य अथॉरिटीज को फटकार लगाई। न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कहा, "किसी मृत व्यक्ति को उसका बकाए का 24 साल से अधिक समय से बिना किसी कारण के भुगतान नहीं करना किसी भी सूरत में मनमाना है। यह प्रतिवादियों की हठधर्मिता और ग़ैरक़ानूनी है। किसी की मौत के बाद भी उसके बकाए को सालों तक रोके रखना न केवल ग़ैरक़ानूनी और मनमाना है बल्कि पाप भी है। अगर किसी क़ानून...



















