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20 सप्ताह की अवधि के बाद गर्भावस्था की समाप्ति : दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश, मामले में शामिल जोखिमों को देखने के लिए एम्स मेडिकल बोर्ड का गठन करे
20 सप्ताह की अवधि के बाद गर्भावस्था की समाप्ति : दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश, मामले में शामिल जोखिमों को देखने के लिए एम्स मेडिकल बोर्ड का गठन करे

दिल्ली हाईकोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को निर्देश दिया है कि वह एक मेडिकल बोर्ड का गठन करे,जो इस बात की जांच करें कि क्या 23 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने में कोई चिकित्सकीय जोखिम हैं। गर्भावस्था की समाप्ति के लिए दायर एक तत्काल याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जे.आर मिधा और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने मेडिकल बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह अपनी रिपोर्ट को सीलबंद कवर में कोर्ट के समक्ष पेश करें। इस रिपोर्ट में भ्रूण की चिकित्सा असामान्यता का विश्लेषण भी शामिल...

लॉकडाउन को लागू करना कोर्ट की अवमानना नहींः दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका रद्द करते हुए याचिकाकर्ता को पीएम केयर्स फंड में 10 हजार रुपए जमा करने का आदेश दिया
लॉकडाउन को लागू करना कोर्ट की अवमानना नहींः दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका रद्द करते हुए याचिकाकर्ता को पीएम केयर्स फंड में 10 हजार रुपए जमा करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक धर्मार्थ ट्रस्ट की याचिका रद्द करते हुए, उसे 10 हजार रुपए पीएम केयर्स फंड में जमा करने का आदेश दिया। ट्रस्ट ने लॉकडाउन में आवागमन के लिए जारी किए गए पास की वैधता को बढ़ाने की मांग की थी, जबकि कोर्ट ने माना कि ट्रस्‍ट की गतिविधियों से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हुई है। कोर्ट ने कहा, "याचिकाकर्ता स्वयं को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का "उचित तंत्र" न माने।" अदालत ने कहा कि संस्थान COVID 19 के एपीसेंटर में मौजूद है, दिल्ली सरकार ने उन इलाकों को सील कर दिया है,...

लॉकडाउन की अवधि के दौरान सुप्रीम कोर्ट क्यूरेटिव और पुनर्विचार याचिकाओं को सूचीबद्ध करेगा
लॉकडाउन की अवधि के दौरान सुप्रीम कोर्ट क्यूरेटिव और पुनर्विचार याचिकाओं को सूचीबद्ध करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने सूचित किया है कि क्यूरेटिव याचिकाएं और पुनर्विचार याचिकाएं, जो सुनवाई के लिए तैयार हैं, उन्हें चेम्बर्स सर्कुलेशन द्वारा लॉकडाउन की अवधि के दौरान मंगलवार 21 अप्रैल, 2020 को अलग से जारी की जाने वाली सूची के अनुसार सूचीबद्ध किया जाएगा। एक अन्य अधिसूचना में सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि छोटी श्रेणी के मामले, मृत्युदंड के मामले और पारिवारिक कानून के मामले, जो सुनवाई के लिए तैयार हैं, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है, जो संबंधित पीठ की...

दिल्‍ली हाईकोर्ट में याचिका, COVID 19 मामलों के वर्गीकरण में तब्‍लीगी जमात और मस्जिद मरकज जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से दिल्‍ली सरकार को रोका जाए
दिल्‍ली हाईकोर्ट में याचिका, COVID 19 मामलों के वर्गीकरण में तब्‍लीगी जमात और मस्जिद मरकज जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से दिल्‍ली सरकार को रोका जाए

दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में मांग की गई है कि अदालत, दिल्ली सरकार को COVID 19 के मामलों का हवाला देते हुए 'तब्लीगी जमात' या 'मस्जिद मरकज' जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दे। एडवोकेट एमएम कश्यप ने अपनी याचिका में दावा किया गया है कि कोरोनोवायरस मामलों को वर्गीकृत करने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने से धार्मिक पहचान स्पष्ट होती है और सांप्रदायिक वैमनस्य बढ़ता है। य‌ाचिकाकर्ता ने बताया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद अपने ट्वीट में इन शब्दों का इस्तेमाल...

COVID 19 : मद्रास हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ राजनीतिक दलों, एनजीओ और लोगों को ग़रीबों में राहत सामग्री बांटने की अनुमति दी
COVID 19 : मद्रास हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ राजनीतिक दलों, एनजीओ और लोगों को ग़रीबों में राहत सामग्री बांटने की अनुमति दी

COVID 19 महामारी की वजह से जारी लॉकडाउन के कारण मुश्किल में फंसे लोगों में राजनीतिक पार्टियों, एनजीओ और निजी तौर पर लोगों को राहत सामग्रियों के वितरित करने की अनुमति दे दी है। यह निर्देश न्यायमूर्ति आर सुबैया और न्यायमूर्ति आर पोंगीयप्पन की पीठ ने तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (डीएमके) की याचिका पर यह फ़ैसला दिया है। पार्टी ने इस याचका द्वारा सरकार के सूचना और जनसम्पर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति को चुनौती दी थी जिसमें कहा गया था कि राहत पहुंचाने वालों को ज़िला कार्यालय...

COVID 19 रोगियों के शरीर को WHO के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए दफनाया जा रहा है,  कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य से हलफनामा दायर करने को कहा
COVID 19 रोगियों के शरीर को WHO के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए दफनाया जा रहा है, कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य से हलफनामा दायर करने को कहा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई की,जिसमें कहा गया है कि मृत्यु के प्रमाण पत्र के बिना COVID-19 रोगी के शरीर को कब्रिस्तान में दफनाना WHO के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन या अनादर करना है। यह दिशा-निर्देश ''COVID-19 के संदर्भ में संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण करने के लिए एक मृत शरीर के सुरक्षित प्रबंधन'' के संबंध में किए गए हैं।याचिकाकर्ता ने व्यक्तिगत तौर पर पेश होते हुए तर्क दिया कि ''उनके निवास से सटा एक कब्रिस्तान है। 3 अप्रैल को, स्थानीय प्रशासन ने इस वायरस से...

अंतरंग आतंकवाद बंद करो : लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा और बाल उत्पीड़न के मामले में बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
'अंतरंग आतंकवाद' बंद करो : लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा और बाल उत्पीड़न के मामले में बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर अदालत से लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा और बच्चों के उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए क़दम उठाने का आग्रह किया गया है। याचिका में अदालत से इन मामलों का संज्ञान लेने को कहा गया है क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि इन घटनाओं में लॉकडाउन के दौरान वृद्धि हुई है। कई कारणों की वजह से महिलाओं को घर में इन मामलों का शिकार होना पड़ रहा है। याचिका में कहा गया है कि क्योंकि एक-दूसरे से दूरी बनाकर रहने को कहा गया है और लोगों से घर से बाहर नहीं निकलने का सुझाव दिया...

लॉकडाउन : बेंगलुरु के एडवोकेट एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं को अपने ऑफ़िस आने-जाने की अनुमति के लिए डीजीपी को पत्र लिखा
लॉकडाउन : बेंगलुरु के एडवोकेट एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं को अपने ऑफ़िस आने-जाने की अनुमति के लिए डीजीपी को पत्र लिखा

बेंगलुरु के एडवोकेट एसोसिएशन ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक को लिखा है कि एडवोकेटों को अपने ऑफ़िस जाने-आने की अनुमति दी जाए क्योंकि लॉकडाउन के बारे में जारी दिशानिर्देश में स्वरोज़गार वाले लोगों को इसकी इजाज़त दी गई है। पत्र में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के बारे में जो दिशानिर्देश जारी किया है उसमें बिजली मिस्त्री, आईटी रिपेयर्स, प्लंबर्स, मोटर मेकेनिक्स, कारपेंटर आदि को आने-जाने में छूट दिए जाने की बात शामिल है। पत्र में कहा गया है कि एडवोकेट स्वरोज़गार वाले लोगों की श्रेणी...

द वायर और सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ एफआईआर की शिक्षाविदों, न्यायविदों, कलाकारों ने निंदा की, बयान जारी किया
द वायर और सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ एफआईआर की शिक्षाविदों, न्यायविदों, कलाकारों ने निंदा की, बयान जारी किया

करीब 3500 से अधिक शिक्षाविदों, न्यायविदों, कलाकारों और लेखकों ने द वायर के संस्थापक संपादकों में से एक सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए एक बयान जारी किया है। जारी किये गए बयान में यूपी पुलिस की कार्रवाई को मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला कहा गया है, विशेष रूप से COVID -19 संकट के दौरान। बयान में इस कार्रवाई की निंदा की गई है, क्योंकि यह न केवल मुक्त भाषण के पहलू को खतरे में डालता...

COVID-19 से संक्रमित डॉक्टर के अंतिम संस्कार में  रुकावट ड़ालने के मामले को मेघालय हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया, निर्देश जारी किए
COVID-19 से संक्रमित डॉक्टर के अंतिम संस्कार में रुकावट ड़ालने के मामले को मेघालय हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया, निर्देश जारी किए

मेघालय हाईकोर्ट ने गुरुवार को COVID-19 से संक्रमित एक वरिष्ठ चिकित्सक की मौत हो जाने के बाद उसके अंतिम संस्कार में बाधा ड़ालने के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने कहा कि 15 अप्रैल को हुई इस घटना ने ''हर उचित सोच वाले व्यक्ति की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।''जस्टिस एच.एस थंगख्वी और जस्टिस डब्ल्यू .डेंग्डोह की पीठ इस मामले में हाईकोर्ट की मेघालय बार एसोसिएशन की तरफ से दायर एक जनहित याचिका पर विचार कर रही थी। जिसमें 13 अप्रैल को शिलांग में सामने आए COVID-19 के पहले मामले के बाद कई...

COVID-19 : महामारी के कारण काम पर नहीं आ रहे हैं वकील, राजस्थान हाईकोर्ट ने कई मामलों में वकीलों की अनुपस्थिति में दी जमानत
COVID-19 : महामारी के कारण काम पर नहीं आ रहे हैं वकील, राजस्थान हाईकोर्ट ने कई मामलों में वकीलों की अनुपस्थिति में दी जमानत

COVID-19 महामारी के प्रकोप से बनी अभूतपूर्व स्थिति के कारण अधिवक्ताओं की गैर मौजूदगी के बावजूद भी राजस्थान हाईकोर्ट ने यह संकट शुरू होने के बाद से अब तक सौ से अधिक मामलों में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की है। बुधवार को ही हाईकोर्ट ने वकीलों की अनुपस्थिति के बावजूद लगभग 20 जमानत आवेदनों को स्वीकार कर लिया है। जो आईपीसी , एनडीपीएस अधिनियम आदि के तहत दर्ज आपराधिक मामलों से संबंधित थी। इन जमानत अर्जियों पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग की पीठ ने सुनवाई की थी। जिन्होंने खुद रिकॉर्ड पर रखी गई...

बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टरों से पूछा-क्या प्रवासी मजदूरों की मनोवैज्ञानिक सहायता के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं
बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टरों से पूछा-क्या प्रवासी मजदूरों की मनोवैज्ञानिक सहायता के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी जिला कलेक्टरों से पूछा है कि उनके अधिकार क्षेत्रों में फंसे प्रवासी मजूदरों की मनोचिकित्सकीय सहायता के लिए स्थानीय प्रशासन ने कोई प्रयास किया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रवासी मजदूरों को मानसिक आघात न हो या वे कोई घातक कदम न उठा लें। उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल को बांद्रा और मुंब्रा में सैकड़ों की संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए थे अपने घर भेजे जाने की मांग करने लगे। पुलिस ने...

कोरोना फैलाने का आरोप लगाते हुए  महिला डॉक्टरों से छेड़खानी करने के आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट ने ज़मानत दी
कोरोना फैलाने का आरोप लगाते हुए महिला डॉक्टरों से छेड़खानी करने के आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट ने ज़मानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति को ज़मानत दे दी है जिसने सफ़दरजंग अस्पताल में काम करने वाली महिला डॉक्टरों के साथ यह आरोप लगाते हुए छेड़खानी की थी कि वह COVID-19 का संक्रमण फैला रही हैं। ज़मानत देते हुए एकल पीठ के जज न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने कहा कि देश बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है और डॉक्टर देश की सेवा में लगे हैं। याचिककर्ता ने ज़मानत की माँग की थी और अपने ख़िलाफ़ दायर एफआईआर को निरस्त करने का अनुरोध भी किया था। एफआईआर में लगाए गए आरोपों के अनुसार, शिकायतकर्ता (डॉक्टर) अपनी बहन...

COVID-19 को लेकर फ़र्ज़ी खबरों से बचाने के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से सूचनाओं के प्रसार पर लगा रोक : बॉम्बे हाईकोर्ट
COVID-19 को लेकर फ़र्ज़ी खबरों से बचाने के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से सूचनाओं के प्रसार पर लगा रोक : बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि COVID-19 के बारे में ग़लत और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को प्रथम दृष्टया रोकने के लिए ही पुलिस ने सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, ट्विटर, फ़ेसबुक, टिकटोक, इंस्टाग्राम आदि से इनके प्रसार पर रोक लगाया है। न्यायमूर्ति आरके देशपांडे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंकज राजमाचिकर की याचिका की सुनवाई की और कहा कि इस मामले की सुनवाई बहुत ज़रूरी नहीं थी और रजिस्ट्री से कहा कि इस मामले को नियमित सुनवाई में डाले। वक़ील संदीप पारिख ने याचिककर्ता की पैरवी की जबकि...

COVID-19 के सांप्रदायिकरण को रोकने की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा
COVID-19 के सांप्रदायिकरण को रोकने की याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा

मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को तब्लीगी जमात की घटना के मद्देनजर COVID-19 के सांप्रदायिकरण को रोकने के लिए दायर याचिका पर नोटिस जारी करते हुए केंद्र और तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा। मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर COVID-19 को सांप्रदायिक बनाने से रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि मीडिया अपनी ज़िम्मेदरी को समझे। इसके लिए ज़रूरी है कि ऐसा नहीं करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाए और उन्हें कहा जाए कि संवेदनशील समय में...

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने लॉकडाउन अवधि के दौरान बुक किए टिकट कैंसिल करवाने पर एयरलाइंस को पूरा रिफंड देने के निर्देश दिए
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने लॉकडाउन अवधि के दौरान बुक किए टिकट कैंसिल करवाने पर एयरलाइंस को पूरा रिफंड देने के निर्देश दिए

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि लॉकडाउन अवधि के दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की यात्रा के लिए यात्रियों द्वारा बुक किए गए फ्लाइट टिकट रद्द (कैंसिल ) कराने वाले ग्राहकों को पूरा रिफंड दिया जाए। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एडवाइज़री में कहा: 1. पहले लॉकडाउन की अवधि (25 मार्च से 14 अप्रैल) के दौरान यात्रा के लिए बुक किए गए टिकट को रद्द करने पर बिना रद्दीकरण शुल्क लिये टिकट के पूरे धन की वापसी। 2. पहले लॉकडाउन की अवधि (25 मार्च से 14 अप्रैल) में दूसरी...

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने रद्द किया अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाने का आदेश, कहा-अभिव्‍यक्ति की आजादी में मातृभाषा में पढ़ने की आजादी भी शामिल है
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने रद्द किया अंग्रेजी को शिक्षा का माध्यम बनाने का आदेश, कहा-अभिव्‍यक्ति की आजादी में मातृभाषा में पढ़ने की आजादी भी शामिल है

चीफ जस्टिस जेके माहेश्वरी के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने राज्य सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें राज्य के सभी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के माध्यम के रूप में अंग्रेजी को अन‌िवार्य किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा, "कक्षा एक से छह या एक से आठ तक के ‌लिए शिक्षा के माध्यम को तेलुगू से अंग्रेजी में परिवर्त‌ित करना राष्ट्रीय नीति, शिक्षा अधिनियम, 1968 और अन्य कई र‌िपोर्ट्स के खिलाफ है। इसलिए, इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है और यह सरकारी आदेश रद्द ‌किए जाने योग्य है।" ...

लॉकडाउन : दिल्ली बार एसोसिएशन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, अधिवक्ताओं को ऑफिस आने जाने की अनुमति मांगी
लॉकडाउन : दिल्ली बार एसोसिएशन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, अधिवक्ताओं को ऑफिस आने जाने की अनुमति मांगी

दिल्ली बार एसोसिएशन ने दिल्ली के सीएम को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि लॉकडाउन दिशानिर्देशों के तहत स्व-नियोजित व्यक्तियों को दी गई छूट के मद्देनजर अधिवक्ताओं को अपने आवास से अपने कार्यालयों में आने की अनुमति दी जाए। पत्र बताता है कि गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन की अवधि के दौरान जारी किए गए छूट देने के दिशानिर्देशों के तहत 20 अप्रैल 2020 से कुछ चयनित गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।इन गतिविधियों में इलेक्ट्रिशियन, आईटी रिपेयर, प्लंबर, मोटर मैकेनिक, बढ़ई जैसे "सेल्फ एम्प्लॉयड पर्सन्स" की गतिविधियां...