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ईएसआई अधिनियम, सेक्शन 75 (2) (बी) के तहत तय प्री-डिपॉजिट की शर्त में छूट देने के कारणों को बीमा कोर्ट दर्ज जरूर करेः केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने एक बीमा अदालत द्वारा पारित आदेश इस आधार पर रद्द कर दिया है कि अदालत द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया से कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम की धारा 75 (2 बी) का उल्लंघन हो रहा था। जस्टिस राजा विजयराघवन की एकल पीठ ने कहा, "वैधानिक प्रावधान से यह स्पष्ट है कि बीमा अदालत यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है कि मूल नियोक्ता 50% राशि जमा करे, जब तक कि ऐसा नहीं करने के असाधारण कारण न हों और उन्हें लिखित में दर्ज नहीं किया जाता है, अदालत अपने विवेक का इस्तेमाल करने का विकल्प चुने और पूर्व-जमा को माफ कर...
बार एसोसिएशन के अधिकारी पर कथित हमले के विरोध में झारखंड में वकील रहे न्यायिक कार्य से दूर
झारखंड में सोमवार को स्थानीय अदालत के वरिष्ठ न्यायाधीश द्वारा जिला बार एसोसिएशन, डाल्टनगंज जिले के अध्यक्ष पर कथित हमले के बाद अपना विरोध दर्ज कराने के लिए अदालतों में वकीलों ने काम नहीं किया। झारखंड उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल अंबुज नाथ ने कहा, "अदालतों का कामकाज प्रभावित हुआ क्योंकि वकील काम से दूर रहे। हमने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (प्रतिष्ठान) से घटना की जांच करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।" उल्लेखनीय रूप से, इस घटना के बाद झारखंड स्टेट बार काउंसिल (JSBC) ने...
उच्च शिक्षा लेने वाली महिलाओं के मातृत्व लाभ को बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने उस याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें गर्भावस्था, बच्चे के जन्म के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली महिलाओं को अटेंडेंस के नियमों में छूट देने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश डी.एन पटेल और न्यायमूर्ति हरि शंकर की खंडपीठ ने केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भी नोटिस जारी किया है। कुश कालरा की तरफ से दायर इस याचिका में उन महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित और संरक्षित करने की मांग की गई है, जो गर्भावस्था के चलते न्यूनतम उपस्थिति की आवश्यकता को पूरा करने में विफल...
भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही को केवल इसलिए अमान्य नहीं ठहराया जा सकता कि खरीदार को नोटिस नहीं जारी किया गया थाः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले सोमवार को एक फैसले में कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत कार्यवाही को केवल इसलिए अमान्य नहीं ठहराया जा सकता है, क्योंकि संपत्ति के नए खरीदार को नोटिस जारी नहीं किया गया था, जिसका नाम राजस्व रिकॉर्ड में आया नहीं था। जस्टिस साधना एस जाधव ने जिला न्यायाधीश, कोल्हापुर के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की दूसरी अपील सुनी थी। जिला न्यायाधीश, कोल्हापुर के फैसले में मूल वादी की अपील को अनुमति दी गई थी और यह माना गया था कि राज्य का अधिग्रहण वैध नहीं है, क्योंकि भूमि पर...
दस साल बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने एजी की नियुक्ति को ख़ारिज किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक प्रशासनिक अधिकरण के एक आदेश को सही माना है जिसमें उसने सहायक लोक अभियोजक सह सहायक सरकारी वक़ील की 2010 में नियुक्त को ग़लत माना है। अधिकरण ने राज्य को उस उम्मीदवार को 10 लाख रुपए का हर्ज़ाना देने को कहा है जिसे इस ग़ैर क़ानूनी नियुक्ति के कारण इस पद पर नियुक्ति नहीं दी गई थी। न्यायमूर्ति जी नरेंद्र और एम नागप्रसन्न ने कहा, "यह काफ़ी अफ़सोसजनक है कि छोटे-बड़े सार्वजनिक पदों पर बैठे लोग यह भूल गए हैं कि उन्हें जिस पद पर बैठाया गया अहै वह एक पवित्र विश्वास है। इस तरह...
एएमयू हिंसा : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनएचआरसी को जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को सीएए के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के ख़िलाफ़ पुलिसिया कार्रवाई पर सुनवाई को एक सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया। मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर और सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के वक़ील को अपना जवाब पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। "याचिकाकर्ता के वक़ील का कहना है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अनावश्यक जांच कर रहा है …राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के वक़ील को अपना निर्देश पूरा करने...
(स्कूली बच्चों की सुरक्षा) इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सभी डीएम को दिया निर्देश, 2 मार्च तक स्कूल बसों की फिटनेस रिपोर्ट दें
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार स्कूल बसों की फिटनेस जांच करें और उसके बाद अपनी अनुपालन रिपोर्ट दायर करें। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह की पीठ द्वारा 13 जनवरी को दिए गए आदेश के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट 2 मार्च तक प्रमुख सचिव, परिवहन को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे और प्रमुख सचिव 21 मार्च तक अदालत में पूरी अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करें। यह आदेश 'एमसी मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एंड...
अपने राजनीतिक हितों के लिए सरकार ने जानबूझकर संपत्ति कर की दरों में संशोधन नहीं कियाः मद्रास हाईकोर्ट ने चेन्नई कॉर्पोरेशन को लगाई फटकार
मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन को फटकार लगाई क्योंकि लगभग 20 वर्षों से संपत्ति कर दरों में संशोधन नहीं किया गया है, जिससे नागरिकों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए आवश्यक राजस्व प्रभावित हुआ है। न्यायमूर्ति एन. किरुबाकरन और न्यायमूर्ति पी .वेलमुरुगन की खंडपीठ ने कहा कि सभी सरकारों ने ''अपने राजनीतिक हित के लिए संपत्ति कर को जानबूझकर कर संशोधित नहीं किया था।'' यह भी पाया गया कि कुछ ''भ्रष्ट अधिकारी'' अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए व्यावसायिक इमारतों पर कम कर लगा रहे...
लखनऊ कोर्ट में बम विस्फोट : यूपी बार काउंसिल ने मामले की जांच के लिए 9 सदस्यीय समिति का गठन किया
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने लखनऊ के वजीरगंज जिला न्यायालय में वकीलों के बीच हिंसक झड़प की जांच के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है। परिषद ने समिति को 1 मार्च तक अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। कथित तौर पर वकीलों के दो समूहों के बीच झगड़े के कारण गुरुवार 13 फरवरी को, लखनऊ की एक अदालत में एक देसी बम से विस्फोट किया गया, जिससे कोर्ट परिसर में दहशत फैल गई। बार काउंसिल के अध्यक्ष हरी शंकर सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, घटना में लखनऊ बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव संजीव लोधी और...
निलंबन की अवधि में किसी कर्मचारी को गुजारा भत्ता न देना अनुच्छेद 21 का हननः मद्रास हाईकोर्ट
एक निलंबित कर्मचारी को गुजारा भत्ता दिए जाने के अधिकार को अनुच्छेद 21 में शामिल करते हुए, मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि गुजारा भत्ता न देना, मौलिक अधिकार का हनन है। मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस अमरेश्वर प्रताप साही और जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने जोर देकर कहा कि निलंबन की अवधि में किसी कर्मचारी या कर्मचारियों को गुजारा भत्ता देने से इनकार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा- "गुजारा भत्ता के भुगतान का अंतर्निहित सिद्धांत एक व्यक्ति को जीवन निर्वाह की अनुमति देना है। कर्मचारी के...
राजद्रोह के आरोपी कश्मीरी छात्रों की पैरवी नहीं करने के लिए हुबली बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव पास किया
हुबली बार एसोसिएशन ने शनिवार 15 फरवरी को एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें यह निर्णय लिया गया है कि पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार कश्मीर के तीन छात्रों की पैरवी बार का कोई सदस्य नहीं करेगा। कश्मीर के इन तीन छात्रों को राजद्रोह के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। शहर के एक कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे तीन आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार किया गया और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने...
एंटी सीएए प्रदर्शन : हिंसा फैलाने के आरोप में दर्ज एफआईआर पर राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने नागरिक संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कथित हिंसा फैलाने के आरोप में दर्ज एफआईआर पर पुलिस कार्रवाई की संभावना से प्रदर्शनकारियों को अंतरिम राहत देते हुए उदयपुर पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रदर्शनकारियों पर कोई "कठोर कार्रवाई" न की जाए। प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तारी से संरक्षण देने के साथ ही अदालत ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। पुलिस का यह आरोप था कि 29 जनवरी को सीएए के खिलाफ शांतिपूर्ण मार्च हिंसक हो गया और...
जामिया लाइब्रेरी हिंसाः घायल छात्र के लिए मुआवजे की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस और सरकार को भेजा नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक छात्र को यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी में हुई कथित पुलिस क्रूरता में आई गंभीर चोटों के मामले में मुआवजे के मांग के लिए दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस हरि शंकर की खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए मामले को रिट के जरिए पेश किए जाने पर चिंता व्यक्त की। दिल्ली हाईकोर्ट में यह याचिका नबीला हसन ने दायर की है, जिन्होंने एक छात्र को आई गंभीर चोट के लिए लगभग दो...
गार्गी कॉलेज में यौन उत्पीड़न की घटना के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किए
दिल्ली हाईकोर्ट ने गार्गी कॉलेज के परिसर के भीतर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के कथित मामलों पर सीबीआई जांच की मांग करने वाली अधिवक्ता एमएल शर्मा द्वारा दायर याचिका पर केंद्र सरकार, सीबीआई और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किए हैं। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस हरि शंकर की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को तय की है। अधिवक्ता एमएल शर्मा ने गार्गी कॉलेज के वार्षिक उत्सव 'रेवेरी 2020' के दौरान गार्गी कॉलेज के परिसर के अंदर 6 फरवरी को हुई छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की कथित घटनाओं के बाद...
मवेशियों के परिवहन के नियमों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
तेलंगाना हाईकोर्ट ने मवेशियों और पशुओं के परिवहन से संबंधित कुछ नियमों को चुनौती देने वाली एक याचिका पर नोटिस जारी किया है। तेलंगाना मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 253 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 125-ई के खिलाफ ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश एक्शन कमेटी ने जनहित याचिका दायर की है। ये नियम, पशु या पशुधन, के परिवहन के लिए मोटर वाहनों की विशेष आवश्यकताओं को निर्धारित करते हैं। ये नियम इस प्रकार हैं- (1) जानवरों को ले जाने वाले वाहनों के ढ़ाचें में स्थायी विभाजन (निर्धारित आकार के)...
अगर क़रार पर उचित स्टाम्प शुल्क नहीं चुकाया गया है तो उस पर अदालत कार्रवाई नहीं कर सकती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी क़रार में मध्यस्थता क्लाज़ पर उचित स्टाम्प का होना अनिवार्य है और अगर ऐसा नहीं है तो अदालत उस पर कार्रवाई नहीं कर सकती। वर्तमान मामले में क़रार से जुड़े एक पक्ष ने मध्यस्थता अधिनियम की धारा 11(6) के तहत कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की। दूसरे पक्ष ने इसका प्रतिवाद यह कहते हुए किया लीज़ का जो क़रार तैयार किया गया है। वह उपयुक्त स्टाम्प वाले कागज पर नहीं है और कर्नाटक स्टाम्प अधिनियम, 1957 की धारा 33 के तहत इस प्रतिबंध लगा देना चाहिए और अगर उचित...
विकिरण का डर : कलकत्ता हाईकोर्ट ने जियो मोबाइल टॉवर के निर्माण पर रोक लगाई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने जियो मोबाइल टॉवर के निर्माण पर यह कहते हुए रोक लगा दी कि स्थानीय प्रशासनिक अथॉरिटीज़ ने टॉवर लगाने के बारे में दिशा-निर्देश के क्लाज 4A का पालन नहीं किया। फिर, अदालत ने पाया कि अथॉरिटीज़ ने आसपास के लोगों को इस पर आपत्ति है कि नहीं इस बारे में उनकी राय नहीं ली गई। इस मामले में याचिका जहानाबाद गांव के एक व्यक्ति ने दायर की। उसने आरोप लगाया कि रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड ने याचिकाकर्ता के घर के पांच मीटर की दूरी पर मोबाइल टॉवर लगाना शुरू कर दिया। यह स्थान काफ़ी भीड़ भाड़...
महिला ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, कंपनी ने नौकरी से निकाला, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया मुआवज़ा देने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के बाद आदेश देते हुए एक निजी कंपनी को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता महिला को 1.2 लाख रुपये का भुगतान करे। इस महिला को उक्त कंपनी ने कथित रूप से नौकरी से इसलिए निकाल दिया था क्योंकि उसने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने POSH अधिनियम और विशाखा दिशा-निर्देशों के अनुसार आंतरिक शिकायत समिति का गठन नहीं करने के लिए नियोक्ता-कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली महिला द्वारा दायर रिट याचिका में अंतरिम आदेश पारित किया। महिला...
निचली अदालत के फ़ैसले की पुष्टि करते हुए प्रथम अपीलीय अदालत को सीपीसी के आदेश XLI नियम 31 की शर्तों का पालन करना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रथम अपीलीय अदालत को अपने निर्णय के बारे में अपने कारण बताने होंगे। जब प्रथम अपीलीय अदालत निचली अदालत के फ़ैसले को सही ठहराती है, तो उसे उम्मीद की जाती है कि वह सीपीसी के आदेश XLI नियम 31 की शर्तों का पालन करेगी और अगर इसका पालन नहीं किया जाता है तो इससे प्रथम अपीलीय अदालत के फ़ैसले में अस्थिरता आएगी। यह बात न्यायमूर्ति एए नज़ीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की बेंच ने कही। पीठ ने हाईकोर्ट के एक फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया जिसने प्रथम...




















