मुख्य सुर्खियां
केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से जस्टिस मुरलीधर का स्थानांतरण करने की अधिसूचना जारी की
केंद्र ने बुधवार को न्यायमूर्ति डॉक्टर एस मुरलीधर को दिल्ली हाईकोर्ट से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की अधिसूचना जारी की है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने 12 फरवरी को उनके स्थानांतरण की सिफारिश की थी। न्यायमूर्ति मुरलीधर दिल्ली उच्च न्यायालय के तीसरे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। विशेष रूप से दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपने अंतिम कार्य दिवस पर न्यायमूर्ति मुरलीधर ने दिल्ली दंगों के मामलों में महत्वपूर्ण आदेश पारित किए थे। 25 फरवरी को रात 12.30 बजे उनके निवास पर आधी...
जस्टिस मुरलीधर ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा, FIR दर्ज करने का उपयुक्त समय क्या है? शहर जल रहा है
दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने दिल्ली पुलिस द्वारा राजनेताओं द्वारा किए गए अभद्र भाषणों के आरोपों पर एफआईआर दर्ज न करने का बचाव किया। एसजी ने कहा कि याचिकाकर्ता हर्ष मंदर ने चुनिंदा तौर पर भाजपा नेताओं को जिम्मेदार ठहराने वाले भाषणों पर कार्रवाई की मांग की, जो दूसरे पक्ष द्वारा किए गए भड़काऊ भाषणों की अनदेखी कर रहे थे। मंदर के अनुसार, इन भाषणों में हिंसा की घटनाएं हुईं, जिनकी परिणति उन घातक दंगों में हुई, जिन्होंने अब उत्तर पूर्वी दिल्ली को दहला दिया है।. ...
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने दिल्ली में हुई हिंसक घटनाओं की निंदा की
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने बुधवार को देश में कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए प्रस्ताव पास किया। प्रस्ताव में एससीबीए ने पिछले कुछ दिनों में राजधानी में फैली हिंसा की निंदा की है और एससीबीए के अध्यक्ष और अधिवक्ता अशोक अरोड़ा, महासचिव दुष्यंत दवे को सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उचित उपाय करने के लिए अधिकृत किया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि "एससीबीए हर तरह से कानून के शासन की रक्षा और उसे बनाए रखने के लिए बनाया गया निकाय है। एससीबीए...
केवाईसी के लिए 'एनपीआर का पत्र' लाने के एसबीआई के विज्ञापन के ख़िलाफ़ तेलंगाना हाईकोर्ट में पीआईएल
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के 26 जनवरी के एक विज्ञापन के ख़िलाफ़ तेलंगाना हाईकोर्ट में एक पीआईएल दायर की गई है। इस विज्ञापन में बैंक ने अपने ग्राहकों को केवाईसी साबित करने के लिए 28 फ़रवरी 2020 तक "राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर" का पत्र जमा करने को कहा गया है और अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो उनके खाते को फ़्रीज़ कर दिया जाएगा। संडे टाइम्ज़ ऑफ़ इंडिया, हैदराबाद में छपे इस विज्ञापन में केवाईसी साबित करने के लिए कई तरह के दस्तावेज़ पेश करने को कहा गया है जिनमें एनपीआर का पत्र सहित आधार कार्ड, मतदाता...
परिसीमन की अवधि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम के तहत दिए गए आवेदन पर लागू होती है : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 8 के तहत लिखित बयान देने के प्रावधान पर परिसीमन क़ानून लागू होता है।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल पीठ ने कहा कि सीपीसी और वाणिज्यिक अदालत अधिनियम, 2015 के तहत लिखित बयान पेश करने के बारे में जो प्रावधान है वह मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 8 के तहत दायर किए जानेवाले लिखित बयानों पर भी लागू होंगे।यह फ़ैसला मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 8 के तहत आवेदन की स्वीकार्यता पर सुनवाई के दौरान दिया गया।याचिकाकर्ता का कहना था कि धारा...
तलाक का मामला लंबित रहने के दौरान पति-पत्नी के कुछ समय के लिए मिलने से तलाक़ की प्रक्रिया पर असर नहीं : केरल कोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि तलाक़ से संबंधित मामले के विचाराधीन रहने के दौरान पति-पत्नी के अस्थाई रूप से मिलने का कथित क्रूरता के आधार पर शादी को समाप्त करने के दायर मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वैवाहिक अपील के मामले में हाईकोर्ट के समक्ष एक मामला यह उठाया गया कि पारिवारिक अदालत के समक्ष चल रही एक सुनवाई में पति पत्नी लोक अदालत द्वारा मामला सुलझाए जाने के बाद कुछ माह तक एक साथ रहे और इसलिए दोनों के दुबारा मिलने को देखते हुए पति को इस मामले को आगे बढ़ाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि उसके व्यवहार...
राजद्रोह का आरोप : बॉम्बे हाईकोर्ट ने TISS छात्रा का गिरफ्तारी से संरक्षण तीन हफ्ते और बढ़ाया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS)की 22 वर्षीय छात्रा कृष चुडावाला को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण को तीन और हफ्तों के लिए बढ़ा दिया। चुडावाला पर दक्षिण मुंबई में LGBTQ समुदाय के लिए आयोजित एक रैली के दौरान कथित रूप से शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाने के लिए राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। न्यायमूर्ति एसके शिंदे ने अतिरिक्त लोक अभियोजक द्वारा अदालत को यह सूचित किए जाने के बाद आदेश पारित किया कि उन्हें फोरेंसिक से रिपोर्ट आने का इंतज़ार है और अधिक समय की...
कानूनी सलाहकार के रूप में विदेशी वकील नहीं कर सकते कैदी से मुलाकात, सीबीआई कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल की याचिका खारिज की
दिल्ली की एक विशेष सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले मामले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की तरफ से दायर अर्जी को खारिज कर दिया है। इस अर्जी में विदेशी वकील के साथ उसे कानूनी साक्षात्कार की अनुमति देने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि दिल्ली जेल नियम 2018 में केवल अधिवक्ता अधिनियम 1961 के अर्थ के तहत आने वाले कानूनी पेशेवर को जेल कैदियों के साथ कानूनी साक्षात्कार करने की अनुमति दी जाती है। 'बार काउंसिल ऑफ इंडिया बनाम ए.के बालाजीतहाट' मामले में वर्ष 2018 में दिए...
जस्टिस बीपी धर्माधिकारी बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक न्यायाधीश नियुक्त
केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश, न्यायमूर्ति भूषण प्रद्युम्न धर्माधिकारी को तत्काल प्रभाव से बॉम्बे हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया। हाईकोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, न्यायमूर्ति धर्माधिकारी ने नागपुर विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की, जिसे वर्तमान में राष्ट्र संत तुकडोजी महाराज विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाता है। उन्होंने वर्ष 1980 में नागपुर में अपनी प्रैक्टिस शुरू की। बाद में वे कुछ समय के लिए जबलपुर में एडवोकेट वाईएस धर्माधिकारी के चैंबर...
इलाहाबाद हाईकोर्ट अब्दुल्लाह आज़म खान के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक चार्जशीट को खारिज करते हुए अब्दुल्लाह आज़म खान के खिलाफ चुनाव के दौरान गलत बयान देने और धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने का प्रयास करने के आरोप में शुरू हुई आपराधिक कार्यवाही को बंद कर दिया। अब्दुल्लाह आज़म खान पर आईपीसी की धारा 171-जी और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 तहत जांच की जा रही थी। आईपीसी की धारा 171-जी में कहा गया है कि जो कोई भी चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से कोई ऐसा बयान देता है या उसे प्रकाशित करवाता है जो...
डीयू की लॉ फैकल्टी के छात्र बार काउंसिल द्वारा डिग्री को मान्यता न देने के खिलाफ कर रहे हैं विरोध प्रदर्शन
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के फैकल्टी ऑफ लॉ के छात्र पिछले पांच दिनों से बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआईबीसीआई) द्वारा उनकी एलएलबी की डिग्री को मान्यता न देने का विरोध कर रहे हैं। छात्र यह भी मांग कर रहे हैं कि फैकल्टी ऑफ लॉ, दिल्ली विश्वविद्यालय को यूजीसी के नियमों और बीसीआई के कानूनी शिक्षा के नियमों का भी पालन करना चाहिए। हाईकोर्ट के 04 दिसम्बर 2019 के आदेश का अनुपालन करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा प्रकाशित एक सूची के अनुसार, जिन छात्रों ने वर्ष 2016- 17 तक प्रवेश लिया है, केवल...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप, पिछले सप्ताह के प्रमुख ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट के वीकली राउंड अप में 17 फरवरी से 21 फरवरी तक सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास जजमेंट/ऑर्डर पर एक नज़र। सेना में कमांड नियुक्तियों में महिलाओं को शामिल ना करना गैरकानूनी : SC ने केंद्र की दिल्ली HC के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की लैंगिक समानता पर एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्देश दिया कि सेना में महिलाओं को उनकी सेवा की परवाह किए बिना सिवाय लड़ाकू भूमिकाओं के बाकी शाखाओं में स्थायी भूमिका दी जानी चाहिए । न्यायालय ने यह भी कहा कि कमांड...
'यह वकील का काम कि वह अदालत को कम से कम शब्दों में केस समझाए', पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने दूसरी नियमित अपील दाखिल करने के लिए जारी किए निर्देश
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश में केस के तथ्यों की आसान समझ के लिए नियमित सेकेंड अपील दायर करने के लिए नियम निर्धारित किए हैं। कोर्ट ने अपील में सिनोप्सिस, क्रोनोलॉजी, उद्धरण इत्यादि के लिए निर्देश जारी करते हुए कहा कि, यह वकील का काम है कि वह कोर्ट को कम से कम शब्दों में केस समझाए। अदालत के निर्देशों के अनुसार, 16 मार्च, 2020 से फाइलिंग काउंसिल के लिए आवश्यक होगाः -प्रमुख तिथियों और घटनाओं की सूची के साथ मामले का सारांश रिकॉर्ड पर रखें; -सेवा में लागू नियमों को...
सिर्फ एफआईआर दर्ज होने के कारण किसी व्यक्ति को सार्वजनिक शांति के लिए खतरा नहीं माना जा सकता : गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने माना है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का मतलब यह नहीं है कि वह सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक खतरा है। जस्टिस एसएच वोरा ने कहा, "जब तक कि ऐसी कोई सामग्री न हो जिनसे यह मामला बनाया जा सके कि कोई व्यक्ति समाज के लिए खतरा है और समाज के लिए एक खतरा बन जाएगा और वह सभी सामाजिक तंत्र को खराब कर देगा। तब तक इस तरह के व्यक्ति के बारे में यह नहीं कहा जा सकता है कि उसे गुजरात प्रिवेंशन ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट की धारा 2 (सी) के अंतर्गत नज़रबंद किया जा...
जम्मू एवं कश्मीर हाईकोर्ट ने पहले दायर पीआईएल में पेलेट सर्वाइवर्स एसोसिएशन की हस्तक्षेप याचिका को अनावश्यक बताते हुए ख़ारिज किया
जम्मू एवं कश्मीर हाईकोर्ट ने पहले से दायर पीआईएल में एसोसिएशन ऑफ पेलेट सर्वाइवर्ज़ की ओर से दायर हस्तक्षेप याचिका को अनावश्यक कहते हुए इसे ख़ारिज कर दिया। यह मामला हुआ 10 फ़रवरी को और यह पीआईएल जम्मू एवं कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने दायर किया है। अदालत ने कहा कि एसोसिएशन का हस्तक्षेप अनावश्यक है क्योंकि "पेलेट हमले में कथित रूप से बचे" लोगों के हितों पर बार एसोसिएशन पहले ही मामला दायर कर चुका है। न्यायमूर्ति धीरज सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति अली मोहम्मद माग्रेय की पीठ ने कहा, "हमारा...
निर्भया केस : दोषी विनय की मानसिक इलाज कराने की मांग वाली अर्जी अदालत ने खारिज की
दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने शनिवार को 2012 के दिल्ली गैंगरेप और हत्या के मामले में दोषी विनय शर्मा की ओर से दायर मानसिक इलाज करवाने की मांग वाली अर्ज़ी को खारिज कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा तिहाड़ जेल अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत दोषी विनय की चिकित्सा रिपोर्ट से संतुष्ट थे। न्यायालय में पेश इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट था कि दोषी विनय को न केवल नियमित चिकित्सा देखभाल दी जा रही है, बल्कि विशेषज्ञ मनोचिकित्सा द्वारा उसके लिए नियमित सहायक चिकित्सा / सत्र का संचालन किया जा...
मद्रास हाईकोर्ट ने CAA-NRC-NPR के खिलाफ सार्वजनिक सम्मेलन के आयोजन को मंज़ूरी दी
मद्रास हाईकोर्ट ने एक सामाजिक संगठन मक्कल अतिकाराम को CAA-NRC-NPR के विरोध में होने वाले एक सार्वजनिक सम्मेलन के आयोजन की अनुमति दी है। इस सम्मेलन का शीर्षक है, "नागरिकता संशोधन अधिनियम-नागरिक रजिस्टर-राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को वापस लो, जो भारत के संविधान के धर्मनिरपेक्षता और बुनियादी संरचना को नष्ट करते हैं।" इस सम्मेलन का आयोजन 23 फरवरी, रविवार को थेनुअर संथाई निगम ग्राउंड, त्रिची में किया जाएगा। याचिकाकर्ता एल केज़ियान, मक्कल अथिकाराम के क्षेत्रीय समन्वयक ने राज्य के अधिकारियों द्वारा...
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को संंजीव चावला से तिहाड़ जेल में 28 फरवरी तक पूछताछ करने की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को तिहाड़ जेल में क्रिकेट के सबसे बड़े मैच फिक्सिंग घोटालों में से एक में शामिल कथित सट्टेबाज संजीव चावला से पूछताछ करने की अनुमति दी है। न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की एकल पीठ ने कहा है कि दिल्ली पुलिस को तिहाड़ जेल में केवल 28 फरवरी तक चावला से पूछताछ करने की अनुमति दी जाएगी। इस तारीख को उसकी 15 दिनों की गिरफ्तारी की अवधि समाप्त हो जाएगी। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि उक्त अवधि की समाप्ति के बाद दिल्ली पुलिस को इस मामले में चावला से पूछताछ करने की अनुमति नहीं...



















