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ऑनलाइन सुनवाई के लिए कैसे इंस्टाल करें VIDYOMOBILE एप, सीखें पूरी प्रकिया
COVID 19 के प्रकोप को रोकने के लिए देश भर में अदालतें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जारिए अर्जेंट मामलों की सुनवाई कर रहा हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 24 मार्च 2020 को राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लागू होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अर्जेंट मामलों की सुनवाई का आदेश दिया था।14 अप्रैल को लॉकडाउन की अवधि बढ़ाए जाने क बाद हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अर्जेंट मामलों की सुनवाई आगे भी जारी रखने का फैसला किया है। अधिवक्ताओं और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में भाग...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अधिवक्ता बी विजयसेन रेड्डी को तेलंगाना हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की
20 अप्रैल को हुई अपनी बैठक में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अधिवक्ता बी विजयसेन रेड्डी को तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है। तेलंगाना उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 24 है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में तीन अधिवक्ताओं के नाम की सिफारिश की
20 अप्रैल को हुई अपनी बैठक के लिए, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में तीन अधिवक्ताओं के नाम की सिफारिश की है। वो हैं: बोप्पुदी कृष्ण मोहन के सुरेश रेड्डी के ललिता कुमारी उर्फ ललिता
तीस हज़ारी अदालत ने बहुत ही ज़रूरी मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करने के लिए दिशा निर्देश जारी किये
दिल्ली की तीस हज़ारी अदालत ने ज़मानत और अन्य त्वरित मामलों की सुनवाई को लेकर व्यापक दिशानिर्देश जारी किये हैंं। ये दिशानिर्देश ज़िला और सत्र जज धर्मेश शर्मा ने जारी किये जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की प्रक्रिया में पक्षकारों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की बातें शामिल हैं। ये दिशानिर्देश 18 अप्रैल 2020 से लागू होंगे और अगले आदेश तक लागू रहेंगे। त्वरित सुनवाई के लिए judicialbrwt.ddc@gov.in पर जाकर आवेदन करना होंगा। आवेदन में एफआईआर का विवरण, अपराध संबंधित पुलिस थाने का...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में छह न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की
20 अप्रैल को हुई अपनी बैठक में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में छह न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की है। वो हैं: शिवशंकर अमरनवर एम गणेशैया उमा वेदव्यासचर श्रीशानंद हन्चते संजीवकुमार पद्मराज नेमाचंद्र देसाई
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कलकत्ता हाईकोर्ट के तीन अतिरिक्त न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीशों के रूप में की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कलकत्ता हाईकोर्ट के तीन अतिरिक्त न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश इसी हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीशों के पद पर नियुक्ति के रूप में की है।में की है। वो हैं: जस्टिस बिबेक चौधरी न्यायमूर्ति सुभासि दासगुप्ता न्यायमूर्ति सुव्रा घोष जस्टिस चौधरी और जस्टिस दासगुप्ता को 12 अक्टूबर, 2018 को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। न्यायमूर्ति सुव्रा को 19 नवंबर, 2018 को न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों के लिए मानक संचालन प्रोटोकॉल जारी किया
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए एक मानक संचालन प्रोटोकॉल (Standard Operating Protocol) जारी किया है। उद्योग, कृषि, निर्माण और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत प्रवासी मजदूर लॉकडाउन के कारण अपने पैतृक गांवों में वापस नहीं जा पा रहे हैं। इस प्रकार वे राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न राहत / आश्रय शिविरों में रह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 20 अप्रैल से केंद्र सरकार द्वारा कुछ गतिविधियों में छूट देने की अनुमति दी...
"अनुच्छेद 21 में दफन करने का अधिकार भी शामिल", मद्रास हाईकोर्ट ने चेन्नई में डॉक्टर के अंतिम संस्कार पर हुए हमले के बाद राज्य सरकार को दिया नोटिस
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त दफन के अधिकार के मुद्दे पर नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने रविवार को टीवी पर प्रसारित एक समाचार पर स्वतः संज्ञान लिया, जिसके मुताबिक, दिल का दौरा पड़ने से मरे एक डॉक्टर को दफन करने का, जिसकी COVID 19 के संक्रमण के कारण सेहत और खराब हो गई थी, बड़े पैमाने पर विरोध किया गया, जिसके कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हुई। हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने कहा, "न्यायालय की राय में अनुच्छेद 21 के दायरे और विस्तार में दफन का अधिकार शामिल है।...
नेटफ्लिक्स शो हसमुख के निर्माताओं को वकीलों पर टिप्पणी करने के लिए मानहानि नोटिस भेजा
दिल्ली के दो वकील अभिषेक भारद्वाज और हार्दिक वशिष्ठ ने नेटफ्लिक्स इंडिया को एक कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें "हसमुख" नामक कॉमेडी शो की स्ट्रीमिंग में वकील समुदाय के लिए अपमानजनक बातें कही गईं हैं। नोटिस के अनुसार, भारतीय कॉमेडियन वीर दास द्वारा किए गए शो के सीज़न 1 के एपिसोड नंबर 4 में वकीलों पर "चोर", "बदमाश" और "गुंडे" होने का आरोप लगाया गया है और यहां तक कि वकीलों को "बलात्कारी" कहने की अभद्रता का भी समर्थन किया गया है।" नोटिस में कहा गया है कि इन आरोपों को कल्पना के किसी भी खंड द्वारा...
दिल्ली महिला आयोग ने एम्स की महिला डॉक्टर के कथित यौन उत्पीड़न के कारण आत्महत्या के प्रयास की घटना पर स्वत: संज्ञान लिया
दिल्ली महिला आयोग ने एम्स की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के एक वरिष्ठ फेकेल्टी द्वारा कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के कारण आत्महत्या के प्रयास की घटना पर स्वत: संज्ञान लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग ने एम्स के निदेशक से इस मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। शुक्रवार को एम्स के सेंटर फॉर डेंटल एजुकेशन एंड रिसर्च (CIDER),दिल्ली में एक डेंटल सर्जन ने वरिष्ठ फेकेल्टी द्वारा कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के कारण आत्महत्या का प्रयास...
अर्जेंट मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने बेंच बढ़ाने का फैसला किया
दिल्ली हाईकोर्ट की प्रशासनिक और सामान्य पर्यवेक्षण समिति ने अर्जेंट मामलों की सुनवाई के लिए बेंचों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। 17 अप्रैल के आदेशानुसार, बेंचों की संख्या एक डिवीजन बेंच से दो डिवीजन बेंच और दो सिंगल बेंच से चार सिंगल बेंच तक बढ़ा दी गई है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की अध्यक्षता में समिति ने दो कोर्ट रूमों को (कोर्ट 20 और 23) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के इस्तेमाल के लिए नामित करने का फैसला किया है। इनका इस्तेमाल उन अधिवक्ताओं/वादियों द्वारा किया जाएगा, जिनके मामलों को अर्जेंट...
बिजली मंत्रालय ने बिजली (संशोधन) बिल 2020 का मसौदा जारी किया, मांगी जनता की राय
ऊर्जा मंत्रालय ने बिजली क्षेत्र में विभिन्न सुधारों के लिए अपनी वेबसाइट पर विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2020 का मसौदा प्रकाशित किया है। मंत्रालय ने मसौदे के विभिन्न प्रावधानों पर टिप्पणियां मांगी हैं। 'विद्युत संविदा प्रवर्तन प्राधिकरण' का निर्माण केंद्र सरकार ने वितरण और निर्माण कंपनियों के बीच विवादों हल करने के लिए 'विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण' (ECEA) के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। ECEA बिजली की बिक्री, खरीद या पारेषण से संबंधित अनुबंध के तहत दायित्वों के प्रदर्शन से संबंधित मामलों...
COVID-19 : झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लॉकडाउन के दौरान ट्रांसजेंडरों की मौलिक ज़रूरतों का ध्यान रखने को कहा, अन्य कल्याणकारी क़दमों के बारे में मांगा जवाब
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह लॉकडाउन के दौरान ट्रांसजेंडरों को भोजन और रहने की जगह जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करे। न्यायमूर्ति डॉक्टर रवि रंजन और सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने राज्य सरकार से कहा है कि अमरजीत सिंह की ओर से एडवोकेट सोनल तिवारी की याचिका पर क्या कदम उठाए गए हैं, इसके बारे में हलफ़नामा दायर करे। याचिका में राज्य सरकार से ट्रांसजेंडरों को लॉकडाउन के दौरान भोजन और अन्य तरह की सुविधाएं सुनिश्चित करने का आदेश देने का आग्रह अदालत से किया था। महाधिवक्ता...
प्रेस की स्वतंत्रता निरंकुश नहीं, बांद्रा प्रवासी मामले में गिरफ्तार पत्रकार को जमानत देते हुए अदालत ने कहा
बांद्रा की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कथित गलत खबर चलाने के मामले में गिरफ्तार किए गए एबीपी माझा के लिए काम करने वाले पत्रकार राहुल कुलकर्णी को जमानत दे दी है। इस पत्रकार को आईपीसी की विभिन्न धाराओं और महामारी रोग अधिनियम के तहत अपराध करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पत्रकार पर आरोप है कि उसने एक फर्जी खबर चलाई थी कि राज्य भर में फंसे हुए प्रवासियों को उनके मूल स्थानों पर भेजने के लिए रेलवे विशेष ट्रेन चलाएगा।एफआईआर के अनुसार, 14 अप्रैल की सुबह इस पत्रकार ने खबर चलाई कि राज्य में फंसे हुए...
लॉकडाउन में चोरी के आरोप में पकड़े गए किशोर को नालंदा अदालत ने कपड़े और खाना देकर रिहा किया, परिवार को राशन कार्ड देने के निर्देश
बिहार के नालंदा जिले में बिहारशरीफ कोर्ट ने शुक्रवार को चोरी करने के आरोप में पकड़े गए एक 16 वर्षीय किशोर के बचाव में आते हुए स्थानीय पुलिस को उसे रिहा करने और उसे लॉकडाउन के बीच भोजन और कपड़े देने का आदेश दिया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्देश न्यायिक अधिकारी मानवेंद्र मिश्रा ने दिया, जिन्होंने नोट किया कि लॉकडाउन के दौरान अपने भूखे परिवार को सहारा देने के लिए लड़का चोरी करने के लिए मजबूर हुआ था। लड़के ने अदालत को बताया कि वह असंगठित क्षेत्र में काम करता है। हालांकि,...
COVID-19 डेटा प्रोसेस करने के लिए यूएस- कंपनी ''स्प्रिंकलर'' के साथ केरल सरकार के अनुबंध को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका
COVID-19 रोगियों से संबंधित डेटा तैयार करने के लिए केरल सरकार और अमेरिका स्थित स्प्रिंकलर कंपनी के बीच हुए समझौते को चुनौती देते हुए एक याचिका केरल हाईकोर्ट में दायर की गई है। बालू गोपालकृष्णन नामक एक वकील ने यह याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पिनारयी विजयन सरकार द्वारा COVID-19 डेटा का संचयन और विश्लेषण करने के लिए एक विदेशी निजी कंपनी की सेवाओं को चुनने का निर्णय उपयुक्त नहीं है या इस निर्णय में बेईमानी नजर आ रही है। याचिकाकर्ता ने सी-डीआईटी और एनआईसी जैसी राज्य...
COVID-19 : अभी अनिवासी भारतीयों को ज़मानत देने का समय नहीं, कलकत्ता हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी नागरिक की ज़मानत अर्ज़ी ख़ारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय जेल में 270 दिनों से रह रहे बांग्लादेश के एक व्यक्ति को ज़मानत देने से इंकार कर दिया। इस व्यक्ति को आईपीसी की धारा 411 और 414 के तहत जेल में बंद किया गया है। आवेदक की ओर से कहा गया कि वह बांग्लादेशी है और पिछले 270 दिनों से जेल में बंद है और जिस वस्तु की चोरी का उस पर आरोप है वह बरामद हो चुकी है। ज़ब्त कि गई वस्तुओं की सूची ईमेल से भेज दी गई है। इन दोनों ही धाराओं में अधिकतम सज़ा 3 साल का कारावास या जुर्माना है। आवेदक के वक़ील ने स्वपना अख़्तर बनाम पश्चिम बंगाल...
केंद्र ने केरल हाईकोर्ट में कहा, किसी एक ही राज्य के लोगों को विदेश से लाने पर विचार नहीं किया जा सकता
COVID-19 महामारी को देखते हुए विदेश से किसी एक राज्य के लोगों को लाने के बारे में ग़ौर नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार ने केरल हाईकोर्ट से यह कहा। न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन और न्यायमूर्ति टीआर रवि एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें खाड़ी सहयोग परिषद के देशों में अटके केरल के लोगों को भारत वापस लाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था। याचिकाकर्ता ने खाड़ी के देशों में अटके लोगों के लिए विशेष रियायत की मांग की थी क्योंकि केरल ने इन लोगों को वापस लाने की इच्छा जतायी है क्योंकि उसके पास...
दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों को फ़ीस बढ़ाने, कर्मचारियों का वेतन रोकने से मना किया, उल्लंघन करने पर सख़्त जुर्माने की चेतावनी दी
शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार ने सभी निजी और ऐसे स्कूल जिन्हें सरकारी सहायता नहीं मिलती है उन्हें दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और नियम का उल्लंघन नहीं करने को कहा है। इन स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे COVID-19 को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने जो नियम बनाए हैं उनका उल्लंघन नहीं करें। शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों को अकादमिक वर्ष 2020-21 के लिए फ़ीस नहीं बढ़ाने को कहा है साथ ही पहली तिमाही का फ़ीस जमा करने को भी नहीं कहने का आदेश दिया है। निजी स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे...




















