मुख्य सुर्खियां
एडवोकेट क्लर्क की अदालत के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को क्लर्कों के कल्याण के लिए क़ानून बनाने की संभावना तलाशने को कहा
वित्तीय रूप से कमज़ोर एडवोकेटों और उनके क्लर्कों के बारे में स्वतः संज्ञान वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को न्याय दिलाने में एडवोकेट क्लर्कों के "पेशेवर वर्ग" के महत्व पर ग़ौर किया और कहा कि उनकी सेवा स्थिति को अन्य पेशेवर सेवाओं की तरह नियमित किया जाना चाहिए।इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा ने की। पीठ ने कहा, "…एडवोकेट के क्लर्क जो सेवाएँ देते हैं वह किसी व्यक्ति के लिए नहीं होती बल्कि एडवोकेटों से संबद्ध कुछ...
अधिग्रहण प्राधिकरण को देनी होगी कलर ब्लाइंड भूमि मालिक को उचित नौकरी : कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने को कहा है कि जब किसी परिवार की जमीन का अधिग्रहण करते समय उसे यह आवश्वासन दिया गया था कि भूमि वित्तीय मुआवजे के अलावा उस परिवार के एक सदस्य को रोजगार भी प्रदान किया जाएग तो अब यह कहते हुए उसको रोजगार देने से वंचित नहीं किया जा सकता है कि वह तो कलर ब्लाइंड से ग्रसित है। याचिकाकर्ता का केस यह था कि वह उस परिवार से संबंध रखता है जिसकी बर्दवान जिले में स्थित 2.03 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा किया गया था। याचिकाकर्ता के परिवार के सदस्यों ने इस्टर्न कोलफील्ड्स...
दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत दोषी व्यक्ति की सजा अस्थायी तौर पर निलंबित की, जांच अधिकारी को गूगल 'ड्रॉप ए पिन'से लाइव लोकेशन भेजने का निर्देश
Delhi HC Temporarily Suspends Sentence Of A Man Convicted Under POCSO Act, Directs Use of Google's 'Drop A Pin' To Send Live Location To Investigating Officer
अधिवक्ताओं को वित्तीय सहायता : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशनों से योजना का लाभ लेने वाले अधिवक्ताओं का नाम गोपनीय रखने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जरूरतमंद अधिवक्ताओं और उनके क्लर्कों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के अपने आदेश की निरंतरता में जारी निर्देश में सभी बार एसोसिएशन से इस वित्तीय सहायता का लाभ लेने वाले अधिवक्ताओं का नाम गोपनीय बनाए रखने के लिए कहा है। इसके अलावा अदालत ने आदेश दिया है कि लॉकडाउन के दौरान व्यथित अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए किए गए सभी लेनदेन, विधिवत ऑडिट किए जाएंगे। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर की अगुवाई वाली एक खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश आर्थिक रूप से कमजोर अधिवक्ताओं को वित्तीय सहायता...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने निज़ामुद्दीन मरकज़ धार्मिक आयोजन में शामिल व्यक्तियों के विवरण सार्वजनिक करने की मांग वाली याचिका खारिज की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिल्ली के निज़ामुद्दीन तब्लीगी जमात के मरकज़ में आयोजित धार्मिक आयोजन में शामिल व्यक्तियों के विवरण सार्वजनिक करने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति अभय ओका और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्न की खंडपीठ ने गिरीश भारद्वाज और गीता मिश्रा द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि "राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार समय-समय पर पॉज़िटिव टेस्ट किए गए व्यक्तियों की संख्या, जीवित मामलों की संख्या, बरामद मामलों की संख्या और मौत की संख्या के आंकड़े जारी कर रही है।...
कैबिनेट ने महामारी रोग अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी, स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों के लिए कड़ी सजा के प्रावधान
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ हमलों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने के लिए महामारी रोग अधिनियम 1897 में संशोधन करने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दी। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री, प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि डॉक्टरों, नर्सों, पैरा-मेडिक्स और आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हमले और उत्पीड़न की घटनाओं की रिपोर्ट के मद्देनजर संशोधन की आवश्यकता थी। अध्यादेश का प्रस्ताव है कि चिकित्साकर्मियों के खिलाफ अपराधों की पुलिस जांच 30 दिनों के भीतर खत्म हो जानी चाहिए, और यह कि...
महाराष्ट्र सरकार ने समाचार पत्रों की डोर-टू-डोर डिलीवरी पर रोक लगाई, बॉम्बे हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने मुख्य सचिव अजोय मेहता द्वारा हस्ताक्षरित एक परिपत्र/अधिसूचना के संबंध में समाचार पत्रों की रिपोर्ट का संज्ञान लिया है, जिसमें प्रिंट मीडिया को लॉकडाउन से छूट दी गई थी, हालांकि पत्रिकाओं और समाचार पत्रों की डोर-टू-डोर डिलीवरी को प्रतिबंधित किया गया था। जस्टिस पीबी वरले ने अधिसूचना के संबंध में 'लोकमत' और 'द हिंदू' में प्रकाशित समाचारों और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा ट्विटर पर जारी किए गए बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था- "स्टॉलों/दुकानों पर...
कैदियों की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मतलब यह नहीं कि कैदियों को अनिवार्य रूप से रिहा किया जाए : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
COVID-19 महामारी के चलते जेलों में भीड़ कम करने के लिए कैदियों को रिहा करने के लिए पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश दिया था। इसी आदेश के संबंध में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जमानत याचिका का निपटारा करते हुए कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति गुरविंदर सिंह गिल की पीठ ने स्पष्ट किया है कि कैदियों की रिहाई के लिए 23 मार्च को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश की इस तरह व्याख्या नहीं की जानी चाहिए कि कैदियों को जेलों से रिहा करने के लिए ''मजबूर'' होना पड़े। पीठ ने कहा कि इस तरह के आदेश...
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने PM CARES फंड में दान देने की शर्त पर लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले किराना व्यवसायी को ज़मानत दी
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंगलवार को इंदौर-निवासी व्यक्ति को जमानत दे दी। इस व्यक्ति को लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने ज़मानत देते हुए शर्त रखी कि वह एक सप्ताह के लिए "स्वैच्छिक सेवा करेगा। न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने निर्देश दिया कि किराना दुकान के मालिक दिलीप विश्वकर्मा को पैंतीस हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।साथ ही इतनी ही राशि के जमानत की शर्त के अलावा कोर्ट ने यह भी कहा कि जब भी ट्रायल कोर्ट उसे पेश होने को कहे, उसे पेश...
लॉकडाउन प्रथमदृष्ट्या अप्रत्याशित घटना : दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक गारंटी भुनाने पर रोक लगायी
दिल्ली हाईकोर्ट ने लॉकडाउन को प्रथमदृष्ट्या अप्रत्याशित घटना करार देते हुए बैंक गारंटी भुनाने पर रोक का अंतरिम आदेश जारी किया। न्यायमूर्ति सी हरिशंकर ने अपने आदेश में कहा, "मेरे विचार से, 24 मार्च से लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अप्रत्याशित घटना की तरह है। मेरा मत है कि लॉकडाउन समाप्ति की तारीख 03 मई 2020 के एक सप्ताह बाद तक बैंक गारंटी मांगने से प्रतिवादी को रोकने का याचिकाकर्ता का अनुरोध स्वीकार करना उचित होगा, क्योंकि इस मामले में विशेष निष्पक्षता (स्पेशल इक्विटीज) का मुद्दा निहित है।" यह...
गुजरात हाईकोर्ट ने COVID 19 महामारी में नाबालिग बच्चों की देखभाल के आधार पर मां को ज़मानत नहीं दी कहा, अधिकारी उनका ध्यान रख रहे हैं
गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपने नाबालिग बच्चों की देखभाल करने के आधार पर एक मांं को यह कहते हुए ज़मानत नहीं दी कि अधिकारी बच्चोंं का ख़याल रख रहे हैं। आवेदक हत्या के आरोप में जेल में है और उसकी दलील थी कि महामारी के इस समय में उसे अपने बच्चों का बेहतर ख़याल रखने की ज़रूरत है पर उनका ख़याल रखने वाला कोई नहीं है और इस वजह से इतनी अवधि के लिए अस्थाई रूप से ज़मानत पर छोड़ा जाए ताकि वह अपने बच्चों के लिए कोई व्यवस्था कर सके। ऐसे समय में जब माँ-बाप दोनों ही जेल में हों,...
केरल हाईकोर्ट ने कहा, न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लॉकडाउन के दौरान अधिवक्ताओं के कार्यालयों को छूट देने पर विचार करे केंद्र
न्याय तक पहुंच के मौलिक अधिकार को सुरक्षित करने के लिए अधिवक्ताओं के कार्यालयों का कामकाज करना आवश्यक है। यह टिप्पणी करते हुए केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से पूछा है कि कि क्या लॉकडाउन से अधिवक्ताओं को छूट देना संभव है। न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार के वकील से कहा कि वे न्याय के लिए पहुँच के दृष्टिकोण से अधिवक्ताओं को लाॅकडाउन के दौरान छूट देने के मामले में गृह मंत्रालय से निर्देश प्राप्त करें। इस पीठ में न्यायमूर्ति टी. आर. रवि भी शामिल थे। पीठ...
वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रहने के आरोपी ईरानी छात्र को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहते हुए कि "ज़मानत का नियम है और जेल अपवाद है" वीज़ा की अवधि से ज़्यादा समय तक भारत में रहने के आरोपी एक ईरानी छात्र को ज़मानत दे दी। हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 की व्यापकता के तहत और दाताराम सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले, 2018, SCC 22 में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के अनुरूप ज़मानत दी जा रही है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने आरोपी जिसे उत्तर प्रदेश के महाराजगंज ज़िले से गिरफ़्तार किया गया, को दो विश्वसनीय श्योरिटी जिसमें एक...
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में लॉकडाउन की अवधि में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई
कोरोना वायरस COVID 19 के संक्रमण के कारण लॉकडाउन होने से न्याय देने में विलंब न हो और सुनवाई के दौरान संक्रमण को रोका जा सके इस उद्देश्य से मध्यप्रदेश के समस्त न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अर्जेंट प्रकृति के प्रकरणों की सुनवाई की जा रही है। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर एवं खंडपीठ इंदौर तथा ग्वालियर में भी महत्वपूर्ण व आवश्यक प्रकृति के मामलों में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार मित्तल के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई...
COVID-19 और लॉकडाउन के कारण आर्थिक तंंगी का सामना कर रहे अधिवक्ताओंं को वित्तीय सहायता देने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिये
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को एक निगरानी समिति का गठन किया, जिसमें हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (एचसीबीए) के विभिन्न पदाधिकारियों को रखा गया है। यह समिति वित्तीय लॉकडाउन के कारण वित्तीय संकट झेल रहे अधिवक्ताओं को वित्तीय सहायता के वितरण फंड की निगरानी की करेगी। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर की अगुवाई वाली एक खंडपीठ ने यह आदेश आर्थिक रूप से कमजोर अधिवक्ताओं को वित्तीय सहायता देने के मुद्दे पर एक मुकदमे की सुनवाई करते हुए पारित किया। अदालत ने आदेश दिया है कि समिति एक पूर्ण योजना तैयार करने और...
याचिका में मांग-लॉकडाउन में मुफ्त राशन पाने के लिए आधार की अनिवार्यता खत्म की जाए, कोर्ट ने रद्द करते हुए कहा-आधार ही नहीं 13 दस्तावेज़ स्वीकार्य
गुजरात हाईकोर्ट ने यह कहते हुए कि राज्य सरकार के 2018 एक प्रस्ताव के तहत नॉन-एनएफएसए एपीएल -1 परिवारों को पहचान के 13 दस्तावेजों के आधार पर मुफ्त राशन और किराना पाने का अधिकार दिया गया है, सोमवार को एक जनहित याचिका को रद्द कर दिया। याचिका में प्रार्थना की गई थी कि 11 अप्रैल को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के विभाग की ओर से जारी अधिसूचना, जिसके तहत नि: शुल्क वितरण का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया था, को रद्द किया जाए। डिवीजन बेंच ने पाया कि उक्त अधिसूचना...
ऑनलाइन सुनवाई के लिए कैसे इंस्टाल करें VIDYOMOBILE एप, सीखें पूरी प्रकिया
COVID 19 के प्रकोप को रोकने के लिए देश भर में अदालतें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जारिए अर्जेंट मामलों की सुनवाई कर रहा हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 24 मार्च 2020 को राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लागू होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अर्जेंट मामलों की सुनवाई का आदेश दिया था।14 अप्रैल को लॉकडाउन की अवधि बढ़ाए जाने क बाद हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अर्जेंट मामलों की सुनवाई आगे भी जारी रखने का फैसला किया है। अधिवक्ताओं और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में भाग...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अधिवक्ता बी विजयसेन रेड्डी को तेलंगाना हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की
20 अप्रैल को हुई अपनी बैठक में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अधिवक्ता बी विजयसेन रेड्डी को तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है। तेलंगाना उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 24 है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में तीन अधिवक्ताओं के नाम की सिफारिश की
20 अप्रैल को हुई अपनी बैठक के लिए, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में तीन अधिवक्ताओं के नाम की सिफारिश की है। वो हैं: बोप्पुदी कृष्ण मोहन के सुरेश रेड्डी के ललिता कुमारी उर्फ ललिता


















