मुख्य सुर्खियां
ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों को ऑनलाइन क्लास की सुविधा के लिए लैपटॉप/टैब्लेट्स और हाई स्पीड इंटरनेट दिए जाने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर अदलत से आग्रह किया गया है कि वह दिल्ली सरकार को आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के छात्रों को ऑनलाइन क्लास का लाभ उठाने में मदद करने के लिए उन्हें लैपटॉप/टैबलेट्स और हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने का निर्देश दे। जस्टिस फ़ॉर ऑल नामक एक एनजीओ की याचिका में ऑनलाइन क्लास का लाभ उठाने में आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग और कमज़ोर वर्ग (डीजी) को जो मुश्किलें पेश आ रही हैं, उन्हें दूर करने के लिए दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांंग अदालत से की गई है। शिक्षा...
राजस्थान हाईकोर्ट का अधिकारी COVID1-19 पॉज़िटिव, अदालत 3 मई तक बंद
राजस्थान हाईकोर्ट को शनिवार को 3 मई तक बंद रखने की घोषणा की गई, जब उसके एक प्रमुख अधिकारी जो न्यायिक कार्यवाही के दौरान न्यायाधीशों के करीब बैठते हैं, उनका COVID1-19 टेस्ट पॉज़िटिव आया। एक बयान में उच्च न्यायालय ने कहा कि हाईकोर्ट 3 मई तक बंद रहेगा और केवल अत्यावश्यक मामले को छोड़कर कोई भी मामला नहीं सुना जाएगा। संबंधित न्यायाधीश, जिनकी अदालत में अधिकारी नियुक्त थे, उनका COVID1-19 टेस्ट नेगेटिव आया । इस आशय की अधिसूचना आज 25 अप्रैल को जारी की गई।
सीमित मामलों की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट अन्य मामलों की भी सुनवाई करेगा, सर्कुलर पढ़ें
COVID 19 के प्रकोप के कारण अदालत इन चुनिंदा में मामलों की ही सुनवाई हो रही है। अदालत के प्रतिबंधित कामकाज के दौरान उठाए जाने वाले मामलों की प्रकृति के विस्तार करने की योजना के तहत दिल्ली उच्च न्यायालय ने कुछ और मामलों के नए सेट की एक सूची जारी की है जिन्हें अब सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। 26/04/20 के आदेश से अदालत ने निम्नलिखित मामलों में भी सुनवाई शुरू करने का फैसला किया है: घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 से महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित मामले।वैवाहिक मामले (भरण पोषण, मुलाक़ात अधिकार...
COVID-19: AILET 2020 फिर स्थगित, आवेदन करने की तिथि 15 मई तक आगे बढ़ी
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में प्रवेश के लिए ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट (AILET) 2020 को स्थगित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन AILET 2020 के लिए नए सिरे से अंतिम तिथि तय करने की प्रक्रिया में है और इसे जल्द ही घोषित कर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने AILET आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई, 2020 तक बढ़ा दी है। लॉकडाउन और कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण इस साल AILET का यह दूसरा स्थगन है। प्रवेश परीक्षा शुरू में 3 मई को होने वाली थी, जिसे बाद में 31 मई तक स्थगित कर दिया गया।
वाद के शीर्षक में पक्षकार की जाति का उल्लेख करना समानता के सिद्धांत के खिलाफ: वकील ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सीजेआई को लिखा पत्र
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को एक पत्र लिखकर कोर्ट फाइलिंग के दौरान वाद शीर्षक/ शपथपत्रों/ मेमो (ज्ञापन) में पक्षकार की जाति का उल्लेख करने की 'प्रतिगामी प्रक्रिया' को लेकर चिंता दर्ज करायी गयी है। वकील अमित पई द्वारा लिखे गये पत्र में कहा गया है कि वाद शीर्षक (कॉज टाइटल) में पक्षकार की जाति का उल्लेख करना समानता के खास सिद्धांत के खिलाफ है। इस निराशाजनक प्रक्रिया को निरस्त करने का सीजेआई से अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा, "हमारी विधिक प्रणाली एवं संविधान में जाति का कोई स्थान नहीं है।" ...
विदेशों से भारतीय नागरिकों / ओसीआई कार्ड धारकों के शव आने की अनुमति COVID-19 दिशा-निर्देशों के पालन के अधीन : गृह मंत्रालय
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन को स्पष्ट किया कि विदेशों से भारतीय नागरिकों / ओसीआई कार्ड धारकों के शवों और नश्वर अवशेषों के आगमन की अनुमति है, जो COVID-19 प्रबंधन के संबंध में विभिन्न विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों / निर्देशों के पालन के अधीन है। कार्यालय ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की गई मानक प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार को निर्देश देने...
लाॅकडाउन के दौरान निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को बर्खास्त करने/वेतन में कटौती करने से बचाया जाए, मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर
मद्रास हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर कर मांग की गई है कि लॉकडाउन के दौरान निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को बर्खास्त करने/मनमाने तरीके से उनके वेतन में कटौती करने से सुरक्षा प्रदान की जाए। अरुण सरवनन ने यह कहते हुए याचिका दायर की है कि कुछ निजी कंपनियां लागत कम करने के लिए ''मनमानी कार्रवाई'' को अपना रही हैं और वैश्विक महामारी के इन संकटपूर्ण समय के दौरान अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही हैं। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि इस तरह की प्रथाओं से कर्मचारियों के मन में मानसिक अवसाद और पीड़ा...
केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा - सैंपल जाँच के परिणामों में विविधता के कारण रैपिड ऐंटीबॉडी टेस्ट किट के प्रयोग पर लगाई गई है पाबंदी
केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा है कि रैपिड टेस्ट किट से मिलने वाले परिणामों में बहुत अंतर आने के कारण ही अभी इसके प्रयोग पर पाबंदी लगाई गई है। इसका प्रयोग सर्वेलेंस जाँच के लिए किया जा सकता है और वीआरडीएल (वायरल रीसर्च एंड डाइयग्नास्टिक लैबोरेटरी) केंद्र अभी इसका प्रयोग नहीं कर सकता।न्यायमूर्ति एनडब्ल्यू सम्ब्रे कोरोना वायरस से लड़ने के बारे में विभिन्न मदों में अदालत के निर्देशों के लिए दायर की गई कई याचिकाओं के साथ टैग की गई सीएच शर्मा की याचिका और सुभाष जंवर की जनहित याचिका पर सुनवाई...
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुनवाई में वकील बनियान पहनकर पेश हुआ, राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित की
एक दिलचस्प घटनाक्रम में राजस्थान उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस सुनवाई के दौरान एक वकील के "बनियान" पहनकर सुनवाई में शामिल होने पर ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई स्थगित कर दी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता के "अनुचित" पोशाक के कारण न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा की एकल न्यायाधीश पीठ ने सुनवाई स्थगित कर दी और कहा कि वकीलों को वीडियो कॉन्फ्रेंस सुनवाई के दौरान उचित पोशाक में दिखना चाहिए। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के लिए वकील से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संपर्क किया गया, जिसमें वह बनियान...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, राज्य में अदालतें और न्यायाधिकरण 3 मई तक बंद रहेंगे
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सूचित किया है कि तीन मई को लॉकडाउन की अवधि समाप्त होने तक इसकी अधीनस्थ सभी अदालतें बंद रहेंगी। यह घोषणा राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा उच्च न्यायालय को संबोधित पत्र की पृष्ठभूमि में की गई है, जिसमें लॉकडाउन अवधि की समाप्ति के बाद ही अधीनस्थ अदालतों को खोलने के लिए उच्च न्यायालय से अनुरोध किया गया है। 19 अप्रैल को, उच्च न्यायालय ने घोषणा की थी कि सभी न्यायालय जो इस हाईकोर्ट के अधीनस्थ हैं और जो न्यायालय इसके अधीन नहीं हैं, वे भी 20 अप्रैल से काम करने के लिए खोले...
देशव्यापी लॉकडाउन : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने और अन्य अधीनस्थ अदालतों के सभी अंतरिम आदेशों को 10 मई तक आगे बढ़ाया
देशव्यापी लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने और अपने अधीनस्थ सभी अदालतों के अंतरिम आदेशों को 10 मई तक कि लिए आगे बढ़ा दिया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह आदेश दिया। यह भी कहा गया कि बेदख़ली, क़ब्ज़ा हटाने या ढहाने तथा अग्रिम ज़मानत के सभी आदेशों को 15 मई तक के लिए बढ़ाया जाता है। यह आदेश स्वतः संज्ञान लिए हुए मामले से संबंधित है ताकि...
एनएफएसए के अधीन कम क़ीमत पर खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए आधार पंजीकरण को अनिवार्य करने के ख़िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा क़ानून के तहत कम क़ीमत पर खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए आधार के पंजीकरण की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि ऐसा करना असंवैधानिक है। दिल्ली रोज़ी-रोटी अधिकार अभियान ने यह याचिका दायर की है और दावा किया है कि एनएफएसएस को लागू करने में नियमों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हो रहा है। कामकाज के समय में राशन की दुकान बंद कर दी जाती है और लोगों को खाद्यान्न देने से मना कर दिया जाता है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि...
जनहित याचिका में लगाया आरोप, COVID-19 मरीजों के अलावा अन्य का नहीं किया जा रहा है अस्पतालों में इलाज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य और केंद्र से जवाब मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को उन सभी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें आरोप लगाया गया है कि शहर के अस्पताल COVID-19 मरीजों के अलावा अन्य ( NON COVID-19) रोगियों का इलाज नहीं कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य और केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और हलफनामा दायर करें, जिसमें इस समस्या के प्रभावी समाधान भी बताए जाएं। न्यायमूर्ति के.आर श्रीराम ने एक मेहरवान फारशेद की जनहित याचिका पर इन-चैंबर सुनवाई की। साथ ही निर्देश दिया कि इस जनहित याचिका में दिया गया...
पश्चिम बंंगाल बार काउंंसिल ने लॉकडाउन में ज़रूरतमंंद वकीलोंं की आर्थिक सहायता करने का प्रस्ताव पारित किया
पश्चिम बंंगाल बार काउंंसिल (बार काउंसिल ऑफ वेस्ट बंगाल) ने लॉकडाउन से अदालत का काम बाधित होने के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे जरूरतमंद वकीलों को वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष अधिवक्ता अशोक धाधानिया द्वारा दायर पत्र याचिका की सुनवाई के दौरान गुरुवार को इस विषय में जानकारी प्रस्तुत की गई। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश टी बी राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने बार काउंसिल द्वारा दायर हलफनामे का अवलोकन किया और कहा कि बार ने वित्तीय रूप...
राज्य यह सुनिश्चित करे कि कोई स्वास्थ्यकर्मी वेतन से वंचित न हो : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह सभी डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ़ और मान्यता प्राप्त समाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) को पुलिस सुरक्षा देने की नीति को सामने रखे। राज्य को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह सुनिश्चित करे कि किसी भी नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ़ और आशा कार्यकर्ताओं को उसके वेतन से वंचित नहीं होना पड़े। न्यायमूर्ति अभय ओका और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने कहा, "यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या सरकार की ऐसी कोई नीति है जिसके तहत सभी स्वास्थ्य...
दिल्ली हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई वाले मामलों को रजिस्ट्रार के समक्ष लाने के लिए ताज़ा दिशा निर्देश जारी किए
दिल्ली हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई के लिए रजिस्ट्रार और संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष इन मामलों को लाने को लेकर कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं जो इस तरह से हैं – मामलों की अर्जेंट सुनवाई के लिए आवेदन अब रजिस्ट्रार/संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष सिर्फ ऑनलाइन इस लिंक पर जाकर हो सकती है- https://tinyurl.com/y7se5gl2 या http://164.100.68.118:8080/DHC_FILING/ . यह लिंक सभी कार्य दिवस को सुबह 10.30 से दोपहर 12 बजे तक उपलब्ध होगी। इसमें सभी ज़रूरी जानकारियों को भरना आवश्यक होगा। a. अब तत्काल...
अगर स्कूल सम्मिलित फ़ीस वसूल रहा है तो माता पिता शिक्षा निदेशालय की शरण में जा सकते हैं : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर माता पिता को लगता है कि लॉकडाउन की अवधि में स्कूल के सम्मिलित फ़ीस वसूलने से वे सहज नहीं हैं तो वे इसके ख़िलाफ़ शिक्षा निदेशालय के पास जा सकते हैं। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल पीठ ने कहा कि फ़ीस वसूलना वैसे ही जायज़ है जैसे शिक्षिक स्टाफ़ को वेतन देना और ऑनलाइन क्लास चलाना। रजत वत्स नामक एक व्यक्ति ने याचिका दायर कर अदालत से सभी निजी स्कूलों से लॉकडाउन के दौरान फ़ीस नहीं वसूलने का आदेश देने का आग्रह किया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि लॉकडाउन...
हिंसा खराब पत्रकारिता का जवाब नहीं, पीसीआई ने अर्नब गोस्वामी पर कथित हमले की घटना पर संज्ञान लिया, महाराष्ट्र सरकार से रिपोर्ट देने की मांग
रिपब्लिक टीवी न्यूज चैनल के एडिटर-कम-एंकर अर्नब गोस्वामी पर हुए कथित हमले की घटना पर भारतीय प्रेस काउंसिल (पीसीआई) ने स्वत: संज्ञान लिया है। मुंबई में गुरुवार को दो बाइक सवारों ने कथित तौर पर वरिष्ठ पत्रकार की कार पर हमला किया। गोस्वामी द्वारा पालघर मॉब लिंचिंग की घटना पर विपक्ष की चुप्पी के खिलाफ तीखी टिप्पणी करने के बाद यह घटना घटी। एक वरिष्ठ पत्रकार पर इस तरह के गैरकानूनी हमले की निंदा करते हुए, पीसीआई ने कहा कि पत्रकार के रूप में विचार व्यक्त करने पर गोस्वामी पर हुई हमले की घटना व्यथित...

















