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सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (21 जुलाई, 2025 से 25 जुलाई, 2025 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।स्टूडेंट्स के कल्याण के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने घोषणा की, कहा- मानसिक स्वास्थ्य अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग स्टूडेंट्स के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का अधिकार जीवन और...
बिहार में त्रुटिपूर्ण और जल्दबाजी में की गई SIR प्रक्रिया के कारण लगभग 40 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का खतरा: योगेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
चुनाव विश्लेषक और राजनेता योगेंद्र सिंह यादव ने सुप्रीम कोर्ट में प्रतिउत्तर दाखिल कर कहा कि बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में लगभग 40 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है।यादव के प्रतिउत्तर के अनुसार, वोटर लिस्ट अपेडट करने के लिए गणना प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि से एक सप्ताह पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार के 7.9 करोड़ मतदाताओं में से केवल 94.68% मतदाताओं को ही शामिल किया था, जिसका अर्थ है कि 5.2% मतदाताओं ने अभी तक अपने प्रपत्र जमा नहीं किए।यादव ने SIR...
नकदी मामले में जांच रिपोर्ट के खिलाफ जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका पर 28 जुलाई को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट सोमवार (28 जुलाई) को जस्टिस यशवंत वर्मा द्वारा दायर उस रिट याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने इन-हाउस इंक्वारी कमेटी की रिपोर्ट को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें आवास पर नकदी विवाद में दोषी ठहराया गया।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ 'XXX बनाम भारत संघ और अन्य' टाइटल वाले इस मामले की सुनवाई करेगी।गौरतलब है कि वर्तमान में मानसून सत्र के दौरान संसद में जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया गया है।पिछले हफ्ते सीनियर वकीलों कपिल सिब्बल,...
Bihar SIR | मतदाताओं की जानकारी या सहमति के बिना BLO बड़े पैमाने पर गणना प्रपत्र अपलोड कर रहे हैं: ADR ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं के समूह में एक प्रतिउत्तर दायर किया। प्रतिउत्तर के अनुसार, ADR का दावा कि वोटिंग लिस्ट को अपडेट करने के लिए उपयोग किए जाने वाले मतदाताओं के गणना प्रपत्र, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) द्वारा मतदाताओं की सहमति के बिना बड़े पैमाने पर अपलोड किए जा रहे हैं।यह कहा गया कि जिन मतदाताओं ने सहायक दस्तावेजों के साथ गणना प्रपत्र जमा नहीं किए और जिनके नाम 1...
'बढ़ी हुई सज़ा का पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होना अनुच्छेद 20(1) का उल्लंघन': सुप्रीम कोर्ट ने POCSO Act मामले में सज़ा में संशोधन किया
सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामले में निचली अदालत द्वारा पूर्वव्यापी प्रभाव से सुनाई गई आजीवन कारावास की सज़ा रद्द कर दी, जहां दोषी को 5 साल की नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार का दोषी ठहराया गया था।सज़ा बरकरार रखते हुए न्यायालय ने सज़ा को केवल POCSO Act की धारा 6 के अनुसार आजीवन कारावास में बदल दिया, जिसे 2019 में संशोधित किया गया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली...
सहमति की उम्र 18 वर्ष ही रहनी चाहिए; किशोर संबंधों के मामलों में न्यायिक विवेक का प्रयोग किया जा सकता है: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
सुप्रीम कोर्ट में यौन अपराधों के मामले में भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली की प्रतिक्रिया में सुधार के संबंध में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें दी गई लिखित दलील में यूनियन ऑफ इंडिया ने भारतीय कानून के तहत सहमति की वैधानिक आयु 18 वर्ष से कम करने के किसी भी कदम का विरोध किया है। केंद्र ने न्यायमित्र सीनिय एडवोकेट इंदिरा जयसिंह के उस सुझाव का भी विरोध किया जिसमें न्यायालय ने 16 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों के बीच सहमति से यौन गतिविधियों को POCSO अधिनियम और संबंधित कानूनों के दायरे से बाहर रखने...
स्टूडेंट्स के कल्याण के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने घोषणा की, कहा- मानसिक स्वास्थ्य अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग
स्टूडेंट्स के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का अधिकार जीवन और सम्मान के मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21) का एक अभिन्न अंग है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जीवन के अधिकार से अविभाज्य है। साथ ही उन्होंने कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों की विषाक्त रैंक और परिणाम संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आलोचना की।न्यायालय ने कहा,"शिक्षा का उद्देश्य शिक्षार्थी को मुक्त करना है, न...
अभियुक्त के प्रति कोई पूर्वाग्रह न उत्पन्न हुआ हो तो संज्ञान के बाद शिकायत में संशोधन किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि संज्ञान के बाद शिकायत में संशोधन किया जा सकता है, बशर्ते कि अभियुक्त के प्रति कोई 'पूर्वाग्रह' न उत्पन्न हुआ हो और शिकायतकर्ता की क्रॉस एक्जामिनेशन का इंतज़ार किया जा रहा हो।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (IN Act) की धारा 138 के तहत शिकायत में संशोधन करने के शिकायतकर्ता के अनुरोध स्वीकार कर लिया। खंडपीठ ने कहा कि कोई जिरह पूरी नहीं हुई और "देसी घी (दूध उत्पाद)" को "दूध" में बदलने का सुधार टाइपोग्राफिकल...
दिल्ली सरकार की NCR में 10-15 साल पुराने डीजल/पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार की मांग
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने वाले 2018 के आदेश की पुनर्विचार की मांग की गई।याचिका में कहा गया कि वाहनों पर इस तरह का प्रतिबंध आवश्यक नहीं होगा, क्योंकि 2018 के बाद उत्सर्जन निगरानी के कड़े मानक और प्रदूषण परीक्षण का दायरा बढ़ा दिया गया। याचिका में केंद्र सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को आयु-आधारित प्रतिबंध के वास्तविक...
S. 156(3) CrPC| शिकायतकर्ता ने धारा 154(3) के तहत उपाय नहीं अपनाने पर मजिस्ट्रेट द्वारा FIR दर्ज करने का आदेश अमान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (25 जुलाई) को CrPC की धारा 156(3) के तहत पुलिस जांच का निर्देश देने वाला मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द करने से इनकार कर दिया, क्योंकि शिकायतकर्ता ने धारा 154(3) के तहत वैकल्पिक उपाय नहीं अपनाए थे।न्यायालय ने कहा कि पुलिस जाँच का निर्देश देने वाला मजिस्ट्रेट का आदेश अनियमित हो सकता है, लेकिन अगर शिकायत में संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है। मजिस्ट्रेट ने जांच का आदेश देने से पहले अपने विवेक का इस्तेमाल किया है तो उसे अवैध नहीं कहा जा सकता। इसलिए आदेश में कोई त्रुटि नहीं...
अदालतें दोषी ठहराने या बरी करने के लिए होती हैं, YouTube अदालतों का विकल्प नहीं हो सकता: क्राइम रिपोर्टर की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि YouTube प्रस्तुतियाँ न्यायिक प्रक्रिया का स्थान नहीं ले सकतीं। इसके साथ ही कोर्ट ने केरल के एक पत्रकार की उनके वीडियो के लिए आलोचना की, जिसमें कथित तौर पर एक प्रमुख महिला राजनेता को निशाना बनाया गया था।पत्रकार ने दावा किया कि वीडियो का उद्देश्य सार्वजनिक चर्चा को प्रोत्साहित करना और भ्रष्टाचार से लड़ना था।जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ नंदकुमार टीपी की अग्रिम ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो अपने YouTube चैनल क्राइम ऑनलाइन पर अपलोड किए...
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से बेघर और मानसिक रूप से बीमार लोगों के पुनर्वास उपायों पर तत्काल विचार करने को कहा
बेघर और मानसिक रूप से बीमार लोगों के पुनर्वास उपायों की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि उठाया गया मुद्दा "बेहद गंभीर और संवेदनशील" है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने केंद्र सरकार से उठाए गए कदमों के बारे में पूछताछ की और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल बृजेंद्र चाहर के अनुरोध पर मामले की सुनवाई 8 सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।एएसजी ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर विचार-विमर्श कर रही है और बैठकें चल रही हैं। उन्होंने प्रगति...
1984 Anti-Sikh Riots : सुप्रीम कोर्ट ने मामलों की सुनवाई रोकने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की आलोचना की, ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित 11 में से 3 मामलों की सुनवाई पर रोक लगाने पर निराशा व्यक्त की, जहां कार्यवाही विशेष जाँच दल द्वारा पुनः जांच और आरोपपत्र दाखिल करने के बाद शुरू हुई थी।उत्तर प्रदेश के एडवोकेट जनरल से इन मामलों की पैरवी के लिए "राज्य के सर्वश्रेष्ठ विधि अधिकारियों" को तैनात करने का आह्वान करते हुए कोर्ट ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह इन मामलों की बारी-बारी से और शीघ्रता से सुनवाई करे।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की...
सभी हाईकोर्ट में 371 रिक्तियां, 178 प्रस्ताव प्रक्रियाधीन: केंद्रीय कानून मंत्री
केंद्र सरकार ने हाल ही में खुलासा किया कि 18 जुलाई तक सभी हाईकोर्ट में 371 न्यायिक पद रिक्त हैं, जिनमें से 178 नियुक्ति प्रस्ताव सरकार और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के बीच प्रक्रियाधीन हैं।हाईकोर्ट कॉलेजियम से 193 रिक्तियों के लिए सिफारिशें अभी प्राप्त होनी बाकी हैं।यह खुलासा तब हुआ, जब राज्यसभा सदस्य विवेक टी. तन्खा ने विधि एवं न्याय मंत्रालय के लिए निम्नलिखित अतारांकित प्रश्न उठाया था:क्या विधि एवं न्याय मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे:(1) पिछले पाँच वर्षों में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की...
सिर्फ जुर्माना भरने से कर चुनौती देने का हक नहीं जाता – सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम की धारा 129 के तहत हिरासत में लिए गए सामान की रिहाई के लिए केवल जुर्माना का भुगतान करके, करदाता को वैधानिक अपील दायर करने के अधिकार को माफ करने के लिए नहीं कहा जा सकता है।न्यायालय ने फैसला सुनाया कि जीएसटी शासन के तहत पारगमन के दौरान हिरासत में लिए गए सामानों की रिहाई के लिए केवल जुर्माना का भुगतान कार्यवाही समाप्त नहीं करता है जब तक कि CGST ACT की धारा 129 (3) के तहत औपचारिक, तर्कसंगत आदेश पारित नहीं किया जाता है। CGST ACT की धारा 129...
वकीलों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर चिंता, SCAORA ने CJI से कोर्ट में फोटो-वीडियो पर रोक की मांग की
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने सीजेआई बीआर गवई को पत्र लिखकर वकीलों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अदालती वीडियो और तस्वीरों का उपयोग करने पर रोक लगाने के लिए दिशानिर्देश का अनुरोध किया है।SCAORA ने वकीलों और अधिवक्ताओं द्वारा इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काम करने के लिए अदालती कार्यवाही के वीडियो के उपयोग पर चिंता जताई है। विशेष रूप से, जुलाई 2024 में, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वकीलों की सेवाओं के...
NEET स्टूडेंट की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजों और कोचिंग में स्टूडेंट्स की मानसिक सेहत के लिए दिशा-निर्देश दिए
भारत में छात्रों की आत्महत्या के मुद्दे को संबोधित करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने आज (25 जुलाई) स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने विशाखापट्टनम में अपने छात्रावास की छत से गिरने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मरने वाली 17 वर्षीय नीट उम्मीदवार के मामले का फैसला करते हुए पंद्रह बाध्यकारी निर्देश जारी किए। अदालत छात्र के पिता द्वारा दायर याचिका पर फैसला कर रही थी, जिसकी...
सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को विधेयकों पर राज्यपाल की निष्क्रियता को चुनौती देने वाली याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी; केंद्र की आपत्ति खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (25 जुलाई) केरल राज्य को विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को मंज़ूरी देने में देरी को लेकर राज्यपाल के खिलाफ 2023 में दायर दो याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति दे दी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की पीठ ने राज्य द्वारा मामले वापस लेने के प्रयास पर केंद्र द्वारा उठाई गई आपत्तियों को खारिज करते हुए यह आदेश पारित किया।राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केके वेणुगोपाल ने अपनी दलील दोहराई कि राज्य केवल याचिकाएं वापस लेना चाहता था।भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने...
हमारा क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम गिरफ्तारी से शुरू होता है और ज़मानत पर खत्म हो जाता है, ज़्यादातर मामलों में दोषसिद्धि नहीं होती: जस्टिस जॉयमाल्या बागची
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने दिल्ली सरकार से राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी अभियोजकों की कमी और उपलब्ध अभियोजकों पर अत्यधिक बोझ के कारण मुकदमों में हो रही देरी पर सवाल उठाया।जज ने टिप्पणी की,"मेरे अनुभव में अभियोजक 50 मुकदमों को संभालता है। क्या उस अभियोजक के लिए रोज़ाना सुनवाई करना मानवीय रूप से संभव है? यही हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली का दुर्भाग्य है। यह गिरफ्तारी से शुरू होती है और ज़मानत पर खत्म होती है। न दोषसिद्धि होती है, न मुकदमा।”जस्टिस बागची ने गैंगस्टर से संबंधित मामलों...
NEET UG 2025: सेंटर्स पर बिजली गुल होने से प्रभावित उम्मीदवारों की पुनर्परीक्षा की मांग वाली याचिकाएं खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के केंद्रों में बिजली गुल होने से प्रभावित NEET-UG 2025 के उम्मीदवारों द्वारा दायर दो याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें पुनर्परीक्षा की मांग की गई थी।कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया, जिसमें पुनर्परीक्षा की मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सहित सभी संभावित पहलुओं से इस मुद्दे की जांच की है।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की खंडपीठ ने...




















