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हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम | अदालत से प्रमाणित वसीयत को राज्य चुनौती नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह फैसला दिया कि यदि किसी हिंदू पुरुष ने वसीयत (Will) बनाई है, जो अदालत द्वारा वैध घोषित की जा चुकी है और जिसे प्रोबेट (Probate) भी मिल चुका है, तो राज्य सरकार हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 29 के तहत एस्कीट (Escheat) के सिद्धांत का उपयोग नहीं कर सकती।यह फैसला जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस एस.सी. शर्मा की खंडपीठ ने दिया। मामला खेतीड़ी (राजस्थान) के राजा बहादुर सरदार सिंह की वसीयत से जुड़ा है, जिनका निधन 1987 में हुआ था। वसीयत (दिनांक 30 अक्टूबर, 1985) के...
सुप्रीम कोर्ट ने कोल इंडिया की दोहरी मूल्य निर्धारण नीति बरकरार रखी, कहा- गैर-प्रमुख क्षेत्रों के लिए 20% की बढ़ोतरी उचित
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में शुक्रवार (12 सितंबर) को कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की 2006 की अंतरिम नीति बरकरार रखी, जिसमें गैर-प्रमुख क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए 20% मूल्य वृद्धि की गई। न्यायालय ने CIL के "दोहरे मूल्य निर्धारण" दृष्टिकोण को सही ठहराया और तर्क दिया कि बिजली और इस्पात जैसे प्रमुख क्षेत्रों को उनके महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोगिता कार्यों के कारण मूल्य वृद्धि से बचाया जाना चाहिए, जबकि गैर-आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन करने वाले गैर-प्रमुख उद्योगों के लिए उच्च मूल्य निर्धारण...
बिना मूल्य चुकाए सेल डीड अमान्य : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि यदि बिक्री विलेख (Sale Deed) बिना किसी प्रतिफल (Consideration) के निष्पादित किया जाता है, तो उसे स्थानांतरण संपत्ति अधिनियम, 1882 (Transfer of Property Act), की धारा 54 के तहत मान्य "बिक्री" नहीं माना जाएगा। ऐसा विलेख शून्य (Void) और अमान्य होगा।अदालत ने कवल कृष्ण बनाम राजेश कुमार व अन्य, (2022) 18 SCC 489 मामले का हवाला दिया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि मूल्य का भुगतान बिक्री का आवश्यक हिस्सा है। यदि किसी अचल संपत्ति का बिक्री विलेख बिना मूल्य चुकाए निष्पादित...
भिक्षुक गृहों में मानवीय सुविधाएँ अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 12 सितम्बर को आदेश दिया कि देशभर के सभी भिक्षुक गृहों (Beggars' Homes) को यह सुनिश्चित करना होगा कि वहाँ हुई मौतों का विस्तृत डेटा संजोया जाए—विशेषकर वे मौतें जो लापरवाही, बुनियादी सुविधाओं की कमी या समय पर चिकित्सा न मिलने के कारण हुई हों। ऐसे मामलों में संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश मृतक के परिजनों को 'उचित मुआवज़ा' देंगे। जहाँ आवश्यक हो, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है।यह आदेश उस मामले से जुड़ा है, जो दिल्ली के लम्पुर भिक्षुक गृह (साल...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (08 सितंबर, 2025 से 12 सितंबर, 2025 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।प्रत्येक नई आवासीय प्रोजेक्ट को खरीदार द्वारा लागत का 20% भुगतान करने पर स्थानीय राजस्व प्राधिकरण के पास रजिस्टर्ड होना अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि नई आवासीय प्रोजेक्ट के लिए प्रत्येक आवासीय अचल संपत्ति लेनदेन को खरीदार/आवंटी द्वारा...
NCLT, NCLAT के रिक्त पदों को युद्धस्तर पर भरा जाना चाहिए, RERA में पर्याप्त स्टाफ होना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) और राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) में रिक्त पदों को "युद्धस्तर" पर भरने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा,"अतिरिक्त संख्या के साथ समर्पित IBC पीठों का गठन किया जाना चाहिए। नियमित नियुक्तियां होने तक रिटायर जजों की सेवाओं का तदर्थ आधार पर उपयोग किया जा सकता है।"अदालत ने कहा कि यद्यपि ऐसे निर्देश पहले भी जारी किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।अदालत ने केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर देश...
प्रत्येक नई आवासीय प्रोजेक्ट को खरीदार द्वारा लागत का 20% भुगतान करने पर स्थानीय राजस्व प्राधिकरण के पास रजिस्टर्ड होना अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट
घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि नई आवासीय प्रोजेक्ट के लिए प्रत्येक आवासीय अचल संपत्ति लेनदेन को खरीदार/आवंटी द्वारा संपत्ति की लागत का कम से कम 20% भुगतान करने पर स्थानीय राजस्व प्राधिकरण के पास रजिस्टर्ड किया जाएगा।अदालत ने आगे निर्देश दिया कि ऐसे अनुबंध जो मॉडल रेरा विक्रय समझौते से महत्वपूर्ण रूप से भिन्न हों, या जिनमें रिटर्न/बायबैक खंड शामिल हों, जहां आवंटी की आयु 50 वर्ष से अधिक हो, उन्हें सक्षम राजस्व प्राधिकरण के समक्ष शपथ पत्र द्वारा समर्थित होना...
BREAKING| वक्फ संशोधन अधिनियम पर सोमवार को फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट सोमवार (15 सितंबर) को वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के प्रावधानों पर रोक लगाने की याचिकाओं पर अपना अंतरिम आदेश सुनाएगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने तीन दिनों तक पक्षकारों की सुनवाई के बाद 22 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।ये याचिकाएं 2025 में संसद द्वारा पारित संशोधनों द्वारा वक्फ कानून में किए गए व्यापक बदलावों की संवैधानिकता को चुनौती देते हुए दायर की गईं।अप्रैल में पूर्व सीजेआई संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा कुछ प्रावधानों पर...
S.5 Limitation Act | परिसीमा अवधि शुरू होने से लेकर वास्तविक दाखिल तिथि तक की पूरी अवधि के विलंब का स्पष्टीकरण देना होगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परिसीमा अधिनियम की धारा 5 के अनुसार विलंब की क्षमा के लिए परिसीमा अवधि शुरू होने से लेकर वास्तविक दाखिल तिथि तक की पूरी अवधि के लिए "पर्याप्त कारण" के अस्तित्व को स्थापित करके विलंब का स्पष्टीकरण देना होगा। यदि परिसीमा अवधि 90 दिन है और अपील 100वें दिन विलंब से दायर की जाती है तो पूरे 100 दिनों के लिए स्पष्टीकरण देना होगा।न्यायालय ने नोट किया कि परिसीमा अधिनियम की धारा 5 में "ऐसी अवधि के भीतर" पद के अर्थ के संबंध में व्यक्त की गई राय में भिन्नता है, जहां इस पद का...
सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में SIR के लिए प्रारंभिक कदम उठाने के निर्देश जारी: ECI ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने बिहार को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए प्रारंभिक कदम उठाने के लिए पत्र जारी किया है। राष्ट्रव्यापी SIR के लिए 1 जून, 2026 को अर्हक तिथि निर्धारित की गई।ECI ने कहा कि उसने विभिन्न राज्यों में SIR आयोजित करने का निर्णय लिया है और सभी राज्यों (बिहार को छोड़कर) और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को "मतदाता सूचियों के विशेष गहन...
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट संवैधानिक कोर्ट को FIR दर्ज करने का निर्देश देने से नहीं रोक सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि जांच एजेंसी द्वारा की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट किसी संवैधानिक न्यायालय को यह निष्कर्ष निकालने से नहीं रोक सकती कि आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का खुलासा करते हैं और FIR दर्ज करने का निर्देश देते हैं।अदालत ने प्रदीप निरंकारनाथ शर्मा बनाम गुजरात राज्य मामले में अपने हालिया फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि जब प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का खुलासा हो तो FIR दर्ज करने से पहले शिकायतों की सत्यता की जांच करने की आवश्यकता नहीं है।अदालत ने ललिता कुमारी बनाम...
वंतारा वन्यजीव केंद्र के खिलाफ SIT ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की सीलबंद रिपोर्ट
रिलायंस फाउंडेशन द्वारा जामनगर, गुजरात में संचालित वंतारा (ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर) के मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में पेश की।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने कहा,"इस न्यायालय द्वारा गठित SIT ने सीलबंद लिफाफे में पेन ड्राइव के साथ रिपोर्ट पेश की, जिसमें रिपोर्ट के साथ-साथ उसके अनुलग्नक भी शामिल हैं। इसे स्वीकार किया जाता है> इसे रिकॉर्ड में दर्ज करने का निर्देश दिया जाता...
सुप्रीम कोर्ट ने कुलपति के खिलाफ NUJS फैकल्टी की यौन उत्पीड़न की शिकायत को समय-सीमा समाप्त माना, कुलपति को दिया यह आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पश्चिम बंगाल राष्ट्रीय विधि विज्ञान विश्वविद्यालय (WNSU) की फैकल्टी मेंबर द्वारा यूनिवर्सिटी के कुलपति के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, क्योंकि कथित घटना अप्रैल 2023 में हुई। हालांकि, शिकायत दिसंबर 2023 में दर्ज की गई, जो कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के तहत निर्धारित अधिकतम छह महीने की वैधानिक सीमा के बाद है।यह तर्क दिया गया कि यद्यपि अंतिम कथित यौन उत्पीड़न अप्रैल 2023...
CPS द्वारा संचालित PG Course की मान्यता रद्द करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से हस्तक्षेप की मांग की
बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा हाल ही में कॉलेज ऑफ फिजिशियन एंड सर्जन्स, मुंबई (CPS) द्वारा संचालित सभी पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स (PG Course) की मान्यता रद्द करने का फैसला बरकरार रखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से स्टूडेंट के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए व्यावहारिक समाधान निकालने हेतु हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट विकास सिंह और संजय आर. हेगड़े ने दलील दी कि CPS द्वारा संचालित कोर्स में एडमिशन...
सेल डीड शून्य हो तो कब्जे का मुकदमा अनुच्छेद 59 के बजाय अनुच्छेद 65 के तहत 12 वर्ष की परिसीमा अवधि द्वारा शासित होगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी के सेल डीड के शून्य होने के आधार पर अचल संपत्ति पर कब्जे के लिए दायर किया गया मुकदमा, परिसीमा अधिनियम, 1963 के अनुच्छेद 65 के तहत 12 वर्ष की सीमा अवधि द्वारा शासित होगा, न कि अधिनियम के अनुच्छेद 59 के तहत 3 वर्ष की छोटी अवधि द्वारा।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जहां प्रतिवादी द्वारा जाली और शून्य सेल डीड के आधार पर संपत्ति पर कब्जे का दावा किया जाता है, वहां मुकदमा 12 वर्ष के भीतर दायर किया जा सकता है, क्योंकि ऐसा...
सुप्रीम कोर्ट ने UAPA और MCOCA मामलों की सुनवाई के लिए रिटायर जजों की नियुक्ति का सुझाव दिया
स्पेशल क़ानूनों के तहत मामलों की विशेष सुनवाई के लिए समर्पित अदालतों की आवश्यकता पर फिर से ज़ोर देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि मौजूदा संख्या के भीतर ही मामलों को निर्धारित करने के बजाय न्यायिक अधिकारियों की कैडर संख्या बढ़ाई जाए, क्योंकि ऐसा करने से अन्य अदालतों पर बोझ बढ़ेगा।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ सुनवाई में देरी का हवाला देते हुए दो मामलों पर विचार कर रही थी, जिनमें से NIA से संबंधित था, जब उसने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और एसडी संजय को अपनी...
'आवास का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार': सुप्रीम कोर्ट
घर खरीदारों की सुरक्षा के उद्देश्य से महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने घोषणा की कि आवास का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से दिवालियापन की कार्यवाही से गुजर रही संकटग्रस्त रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए वित्तपोषण प्रदान करने हेतु एक पुनरुद्धार कोष बनाने का आग्रह किया।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने कहा कि इसका उद्देश्य अन्यथा व्यवहार्य रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के परिसमापन को रोकना और वास्तविक घर खरीदारों के हितों की रक्षा...
पटाखों पर दिल्ली-NCR जैसी पाबंदी अब पूरे देश में लागू होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट ने आज पूरे देश में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर मौखिक टिप्पणी की, यह कहते हुए कि स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त हवा का अधिकार केवल दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले नागरिकों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों के लिए है।चीफ़ जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ एम.सी. मेहता केस की सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में पटाखों और पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया है। पहले जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश,...
राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन नियम बनाकर काले धन पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों के पंजीकरण और विनियमन (Registration & Regulation) के लिए नियम बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है, ताकि राजनीति में भ्रष्टाचार और काले धन के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता- एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय को सुनने के बाद आदेश दिया और कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को भी पक्षकार बनाया जाए। ...
सुप्रीम कोर्ट ने सेबी-सहारा फंड से जमाकर्ताओं को 5000 करोड़ रुपये जारी करने की अनुमति दी
केंद्र सरकार के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सहारा समूह की कोऑपरेटिव सोसाइटियों के जमाकर्ताओं का बकाया चुकाने के लिए, सहारा समूह द्वारा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) में जमा धनराशि में से 5,000 करोड़ रुपये की नई किश्त जारी करने की अनुमति दी।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। साथ ही, मार्च 2023 के आदेश और आज के आदेश के तहत निवेशकों को राशि वितरण की समयसीमा 31 दिसंबर, 2026 तक बढ़ा दी गई। SEBI की ओर से पेश हुए वकील ने सोमवार तक का समय मांगा, लेकिन...



















