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सर्दियों के दौरान Delhi-NCR में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट, कहा- अन्य समाधानों पर विचार किया जाए
सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से कहा कि वह सर्दियों के मौसम में निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के बजाय Delhi-NCR में वायु प्रदूषण की समस्या के वैकल्पिक समाधानों पर विचार करे, क्योंकि इससे दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने CAQM को निर्देश दिया कि वह सर्दियों के मौसम में निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के संभावित विकल्प तलाशने के लिए सभी संबंधित हितधारकों के...
आदेश में उल्लिखित न किए गए कारणों पर सीमित परिस्थितियों में विचार किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 'स्पीकिंग ऑर्डर' नियम में एक अपवाद स्थापित किया, जिसमें कहा गया कि यद्यपि किसी प्रशासनिक आदेश की वैधता का आकलन सामान्यतः केवल उसमें उल्लिखित कारणों से ही किया जाता है, न्यायालय सीमित परिस्थितियों में, अभिलेखों से स्पष्ट विद्यमान, परंतु अघोषित आधारों पर भी भरोसा कर सकता है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा SBI को उधारकर्ता के एकमुश्त निपटान (OTS) प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का निर्देश रद्द करते हुए एक निर्णय सुनाया। हाईकोर्ट ने...
सुप्रीम कोर्ट ने जया शेट्टी हत्याकांड में गैंगस्टर छोटा राजन की ज़मानत रद्द की, कहा- 'ऐसे व्यक्ति की सज़ा क्यों स्थगित?'
सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर राजेंद्र सदाशिव निकालजे, उर्फ़ छोटा राजन को बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत रद्द कर दी। उसे 2001 में होटल व्यवसायी जया शेट्टी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू (CBI की ओर से) की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। खंडपीठ ने कहा कि छोटा राजन चार अन्य मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है और 27 साल तक फरार रहा।जस्टिस मेहता ने टिप्पणी की,"चार दोषसिद्धि और 27 साल की...
बैंक की शर्तें पूरी किए बिना चूककर्ता उधारकर्ता OTS लाभ का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट ने SBI की अपील स्वीकार की
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैंक की एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम का लाभ उठाना उधारकर्ता का अधिकार नहीं है, खासकर तब जब अनिवार्य पूर्व शर्तों, जैसे कि आवश्यक अग्रिम भुगतान, का पालन न किया गया हो।यदि कोई उधारकर्ता OTS लाभ के लिए पात्र भी है तो भी जब तक OTS स्कीम में निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की जातीं, तब तक उसे लाभ प्राप्त करने का कोई निहित अधिकार नहीं है।अदालत ने कहा,"पात्रता की सीमा पार करने पर चूककर्ता उधारकर्ता को अपने आवेदन पर विचार का दावा करने का अधिकार नहीं होगा, जब तक कि आवेदन स्वयं अन्य...
साझा उद्देश्य के लिए दान की गई मगर अप्रयुक्त भूमि मालिकों को लौटाई जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा
हरियाणा के भूस्वामियों को राहत प्रदान करते हुए महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को कहा कि पंचायतों में साझा उद्देश्यों के लिए निर्धारित भूमि के उपयोग के बाद बची हुई 'बचत भूमि' या अप्रयुक्त भूमि को मालिकों के बीच उस हिस्से के अनुसार पुनर्वितरित किया जाना चाहिए, जिसमें उन्होंने साझा उद्देश्यों के लिए अपनी भूमि दान की थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के भूस्वामियों-स्वामियों के पक्ष में...
Delhi Ridge Tree Felling : सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिपूरक वनरोपण पर वन विभाग से रिपोर्ट मांगी
दिल्ली रिज वृक्ष कटाई अवमानना मामले की अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वन विभाग से प्रतिपूरक वनरोपण/वृक्षारोपण के लिए आवंटित 185 एकड़ भूमि की उपयुक्तता के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की।अदालत ने कहा,"[रिपोर्ट] में उन पौधों की प्रजातियों का भी संक्षेप में उल्लेख किया जाएगा, जिन्हें रोपने का संकल्प लिया गया। वह समय-सीमा जिसके भीतर वृक्षारोपण पूरा हो जाएगा। अन्य निर्देशों के संबंध में भी मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार और उपाध्यक्ष, दिल्ली विकास प्राधिकरण को अपनी-अपनी स्टेटस रिपोर्ट...
'विवाह के लिए लिये गए डेब्ट का व्यापक प्रभाव पड़ता है': सुप्रीम कोर्ट ने बेटी की शादी के बाद पारिवारिक संपत्ति बेचने का फैसला सही ठहराया
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) कर्ता को 'कानूनी आवश्यकता' के लिए संयुक्त परिवार की संपत्ति को हस्तांतरित करने का अधिकार है, जिसमें बेटी की शादी भी शामिल है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसा हस्तांतरण तब भी वैध रहता है, जब संपत्ति के हस्तांतरण से पहले ही विवाह हो चुका हो।अदालत ने कर्ता द्वारा अपनी बेटी की शादी में किए गए खर्चों से निपटने के लिए संपत्ति हस्तांतरित करने को उचित ठहराते हुए कहा,"यह सर्वविदित है कि परिवार अपनी बेटियों की शादी के लिए भारी लोन लेते हैं और...
सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार पर अधिकारियों के खिलाफ आरोपों वाले स्वतः संज्ञान मामले में हाईकोर्ट से नरमी बरतने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने कल पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से पत्रकार प्रदीप शर्मा से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले में नरमी बरतने को कहा। मामला 2023 में दिए गए आश्वासन के बाद भी शर्मा द्वारा 2023-25 के बीच 200 से अधिक ईमेल लिखने से जुड़ा है, जिनमें अधिकारियों और न्यायाधीशों पर आरोप लगाए गए थे।सिनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने बताया कि आदेश के बाद से शर्मा ने कोई सार्वजनिक पोस्ट नहीं की, केवल ईमेल भेजे। इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि ईमेल गोपनीय नहीं रह सकते और सुझाव दिया कि आगे से यदि शिकायत हो तो सीलबंद...
UPSC परीक्षाओं में हीमोफीलिया से पीड़ितों को दिव्यांगजन कोटे से क्यों बाहर रखा गया? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह हीमोफीलिया से पीड़ित व्यक्तियों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं में बैठने से बाहर रखने से संबंधित मामले की सुनवाई करेगा।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ हीमोफीलिया से पीड़ित UPSC उम्मीदवार द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट जयना कोठारी ने कहा कि यद्यपि हीमोफीलिया दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की अनुसूची के तहत प्रदान की गई मानक दिव्यांगता है। हालांकि, यह मानक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को...
जब्त मादक पदार्थ की वीडियो रिकॉर्डिंग ट्रांसक्रिप्ट के बिना भी सबूत के तौर पर मान्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब्त मादक पदार्थ की वीडियो रिकॉर्डिंग ट्रांसक्रिप्ट के बिना भी सबूत मानी जाएगी, बशर्ते भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B के तहत वैध इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि वीडियो को हर गवाह की गवाही के दौरान चलाना आवश्यक नहीं है।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट का वह आदेश रद्द किया जिसमें एनडीपीएस मामले में सिर्फ इसलिए पुनःविचारण का निर्देश दिया गया था क्योंकि वीडियो गवाहों के सामने नहीं चलाया गया और न ही उसका...
सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो मंदिर में खंडित विष्णु प्रतिमा की मरम्मत संबंधी याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने आज मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर समूह स्थित जवारी मंदिर में 7 फीट ऊंची खंडित भगवान विष्णु की प्रतिमा के पुनर्निर्माण की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।चीफी जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खण्डपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई की शुरुआत में ही CJI ने याचिका को 'पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन' करार देते हुए कहा – “यह पूरी तरह से पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन है… जाओ और खुद भगवान से कहो कुछ करने के लिए। अगर आप कह रहे हैं कि आप भगवान विष्णु के प्रबल भक्त हैं, तो...
सुविधाओं की कमी के कारण रिटायर जज ट्रिब्यूनल में नियुक्तियां लेने से इनकार कर रहे हैं, इसके लिए केंद्र सरकार दोषी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को कई रिटायर हाईकोर्ट जजों द्वारा रिटायरमेंट के बाद ट्रिब्यूनल के सदस्य के रूप में नियुक्ति स्वीकार करने में अनिच्छा व्यक्त करने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। न्यायालय ने कहा कि रिटायर जजों की यह अनिच्छा ट्रिब्यूनल में उचित सुविधाओं के अभाव के कारण है, जो केंद्र सरकार की गलती है।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के न्यायिक सदस्यों के रूप में नियुक्तियों को अस्वीकार करने वाले रिटायर जजों के मुद्दे पर विचार कर...
S. 223 CrPC/S. 243 BNSS | सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामलों में जॉइंट ट्रायल के सिद्धांत निर्धारित किए
CrPCC की धारा 223 (अब BNSS की धारा 243) की व्याख्या करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जहां एक ही लेन-देन से उत्पन्न अपराधों में कई अभियुक्त शामिल हों, वहां संयुक्त सुनवाई स्वीकार्य है। अलग सुनवाई तभी उचित होगी जब प्रत्येक अभियुक्त के कृत्य अलग-अलग और पृथक करने योग्य हों।न्यायालय ने संयुक्त सुनवाई के संबंध में निम्नलिखित प्रस्ताव रखे:-(i) CrPC की धारा 218 के अंतर्गत अलग सुनवाई का नियम है। संयुक्त सुनवाई की अनुमति तब दी जा सकती है, जब अपराध एक ही लेन-देन का हिस्सा हों या CrPC की धारा 219-223 की...
सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी कानूनों पर रोक की मांग वाली याचिका पर राज्यों से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को विभिन्न राज्यों को उन याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा, जिनमें धार्मिक धर्मांतरण से संबंधित उनके कानूनों पर रोक लगाने की मांग की गई। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड और कर्नाटक के धर्मांतरण से संबंधित कानूनों की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।खंडपीठ ने राज्यों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए...
राजस्थान की जोजरी नदी में औद्योगिक प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की जोजरी नदी के संबंध में स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि औद्योगिक अपशिष्ट, मुख्यतः कारखानों से, नदी में बहाया जा रहा है। इससे सैकड़ों गाँव प्रभावित हो रहे हैं और पीने का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने का अनुरोध किया और आदेश दिया,"उचित आदेश के लिए मामले को माननीय चीफ जस्टिस के समक्ष रखा जाए।"गौरतलब है कि इसी खंडपीठ ने हाल ही में राजस्थान राज्य में हिरासत में मौतों की ओर इशारा करने वाली...
NDPS Act | जब्ती और सैंपल-ड्राविंग धारा 52ए के अनुसार विधिवत दर्ज हो तो ट्रायल में प्रतिबंधित पदार्थ का न होना घातक नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामलों में अभियोजन पक्ष का मामला केवल इसलिए विफल नहीं हो जाता, क्योंकि जब्त प्रतिबंधित पदार्थ अदालत में पेश नहीं किया गया, बशर्ते कि सूची और सैंपल-ड्राविंग रिकॉर्ड विधिवत तैयार किए गए हों और NDPS Act की धारा 52ए के अनुपालन में रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हों।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें NDPS मामले में केवल...
भीमा कोरेगांव मामला मामले में महेश राउत को मिली अंतरिम ज़मानत
सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले के आरोपी महेश राउत को मेडिकल आधार पर 6 हफ़्तों की अंतरिम ज़मानत दी। महेश राउत को कथित माओवादी संबंधों के आरोप में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत गिरफ़्तार किया गया। जून 2018 में गिरफ़्तारी के बाद से ही वह हिरासत में है।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट सी.यू. सिंह द्वारा राउत को रूमेटाइड अर्थराइटिस (र्यूमेटॉइड अर्थराइटिस) से पीड़ित होने का ज़िक्र किए जाने के बाद ज़मानत दी। यह...
सुप्रीम कोर्ट ने 'अवैध फायरआर्म्स' मामले में एक्सपर्ट कमेटी से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सुझावों पर विचार करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बिना लाइसेंस वाले फायरआर्म्स से संबंधित मामले का निपटारा कर दिया। उसे बताया गया कि केंद्र सरकार ने पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) के महानिदेशक की अध्यक्षता में एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया ताकि देश भर में अवैध आग्नेयास्त्रों और वैध आग्नेयास्त्रों के अनधिकृत उपयोग की समस्या से निपटने और उसे रोकने के लिए योजना सुझाई जा सके।पिछले साल नवंबर में अदालत ने प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में समिति का गठन किया, क्योंकि उसे शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र...
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम के खिलाफ रिट याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के कोंटाई रहमानिया हाई मदरसा की प्रबंध समिति द्वारा दायर रिट याचिका को जुर्माने के साथ खारिज किया। इस याचिका में पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम, 2008 को बरकरार रखने वाले अपने 2020 के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई थी।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने कहा कि याचिका "पूरी तरह से गलत धारणा" वाली है और याचिकाकर्ता पर ₹1,00,000 का जुर्माना लगाया।अदालत ने कहा,"रिट याचिका पूरी तरह से गलत धारणा वाली है। इसलिए इसे ₹1,00,000 के...
मणिपुर हिंसा के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने NIA से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश में शामिल होने के आरोपी मोइरंगथेम आनंद सिंह की याचिका पर नोटिस जारी किया। सिंह ने मुकदमे में देरी और जमानत न मिलने का आरोप लगाया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और मुकदमे की स्थिति जानने के लिए NIA से जवाब मांगा।खंडपीठ ने आदेश दिया,"केवल मुकदमे की स्थिति जानने के लिए नोटिस जारी करें।"याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने दलील दी कि आरोप-पत्र दाखिल होने के बावजूद मुकदमा आगे नहीं बढ़ा और याचिकाकर्ता...



















