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मामलों को टालने को सीमित किया जाए और केस निपटारे की समय-सीमा तय हो : वेंकैया नायडु
एक पुस्तक विमोचन समारोह में सभा को संबोधित करते हुए भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने लंबे समय तक चलने वाली मुकदमेबाजी और भारतीय न्यायिक प्रणाली में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या पर अपनी चिंता व्यक्त की और मामलों के निपटान में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में क्षेत्रीय पीठ (regional bench) की स्थापना का सुझाव दिया। नायडू ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व वरिष्ठ वकील पावनी परमेश्वर राव के लेखों के संकलन 'परमेश्वर टू पीपी' नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान समय पर और...
एनडीपीएस अधिनियम - अभियुक्त के पास से ज़ब्त वर्जित सामग्री अदालत में पेश न करना भी बरी करने का आधार नहीं हो सकता,पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का फैसला
‘‘यदि वर्जित सामग्री की जब्ती अन्य तरीकों से रिकॉर्ड पर साबित हो जाती है और इस बात में कोई संदेह या विवाद शेष नहीं रहता है तो पूरी वर्जित सामग्री को न्यायालय के समक्ष रखने की आवश्यकता नहीं है।’’
अनुच्छेद 370 : सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर संविधान पीठ का गठन, 1 अक्टूबर से सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस, संजय किशन कौल, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस, सूर्यकांत की संविधान पीठ गठित की है जो अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के राष्ट्रपति के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। ये पीठ 1 अक्टूबर से सुनवाई शुरू करेगी। दरअसल 28 अगस्त को CJI गोगोई, जस्टिस बोबडे और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने राष्ट्रपति के आदेशों को चुनौती देने वाली पंद्रह याचिकाओं को संविधान पीठ को भेज दिया था। सुप्रीम कोर्ट...
न्यायमूर्ति वीके ताहिलरमानी के स्थानांतरण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, कहा केवल जज चुनौती दे सकते हैं
मद्रास हाईकोर्ट ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक वकील की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश विजया के ताहिलारामानी के मेघालय उच्च न्यायालय में स्थानांतरण को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति एम सत्यनारायणन और न्यायमूर्ति एन शेषायै की खंडपीठ ने कहा कि स्थानांतरण के आदेश को चुनौती केवल स्थानांतरित होने वाले न्यायाधीश द्वारा ही दी जा सकती है और किसी और यह नहीं कर सकता। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को इस रिट याचिका को बनाए रखने का कोई अधिकार ((लोकस स्टैंडी) नहीं...
कंपनी बंद कराने संबंधी याचिका दायर करने की निर्धारित मियाद के लिए डिफॉल्ट की तारीख ही प्रासंगिक : सुप्रीम कोर्ट
उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि एक कंपनी को बंद कराने संबंधी याचिका (वाइंडिंग अप पिटीशन) दायर करने की निर्धारित मियाद के लिए डिफॉल्ट की तारीख ही प्रासंगिक है। ऐसा नहीं कहा जा सकता कि निर्धारित मियाद तभी शुरू होगी जब कंपनी वाणिज्यिक तौर पर इन्सॉलवेंसी (दिवाला) में गयी हो या अपने कारोबार का आधार खो चुकी है। इस आधार पर न्यायमूर्ति रोहिंगटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने जिग्नेश शाह और पुष्पा शाह की कंपनी 'ला-फिन फाइनेंशियल सर्विस' के खिलाफ...
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने एक वकील और 7 न्यायिक अधिकारियों को बॉम्बे HC के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने एक वकील और 7 न्यायिक अधिकारियों को बॉम्बे HC के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त की सिफारिश की सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में एडवोकेट अमित बी बोरकर के नाम की सिफारिश की है। इसके अलावा, कॉलेजियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में 7 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव दिया है। ये नाम इस प्रकार हैं। श्री एमजी सेविलकर श्री वी.जी. बिष्ट, श्री बी.यू. देवद्वार सुश्री एम.एस. जावलकर, श्री एस.पी. तावड़े श्री एन.आर....
मेहुल चौकसी के घर नोटिस चस्पा हो, विज्ञापन दें, सुप्रीम कोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में आदेश दिया
जस्टिस दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने शुक्रवार को गुजरात के ज्वैलर से कहा है कि वो गीतांजलि जैम के प्रमोटर मेहुल चौकसी के खिला़फ जारी अदालत के नोटिस को समाचार पत्रों में प्रकाशित करे और मुंबई में चौकसी के अंतिम पते पर उसे चस्पां करे। गौरतलब है कि ज्वैलर ने चौकसी पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता ने गुजरात HC के 2017 के आदेश को दी है SC में चुनौती दरअसल याचिकाकर्ता दिग्विजय सिंह हिम्मत सिंह जडेजा ने गुजरात उच्च न्यायालय के मई 2017 के उस आदेश को चुनौती देते...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा HC के न्यायाधीशों के रूप में 6 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव दिया
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में छह न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के नाम इस प्रकार हैं। (1) अशोक कुमार वर्मा (2) संत प्रकाश फूटेला (3) करमजीत सिंह (4) विवेक पुरी (5) श्रीमती मीनाक्षी आई। मेहता (6) श्रीमती अर्चना पुरी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 14 मार्च 2019 को सात नामों को आगे बढ़ाया था। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने हाईकोर्ट द्वारा प्रस्तावित सूची से श्री सतीश अग्रवाल का नाम यह कहते हुए छोड़ दिया कि...
वक़ील अदालत में क़ानूनी मामलों में जो छूट देता है, वह मुवक्किल के लिए बाध्यकारी नहीं, पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि क़ानून के मामले में वक़ील अदालत में जो छूट देता है वह मुवक्किल के लिए बाध्यकारी नहीं है। इस मामले में, ओडिशा प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने पेशे से शिक्षक प्रमोद कुमार साहू की एक याचिका स्वीकार कर ली थी। आवेदनकर्ता ने दावा किया था उसको उसकी नियुक्ति के दिन से ही ₹840-1240 का वेतनमान मिलना चाहिए और उड़ीसा संशोधित वेतनमान नियम, 1989 को 1990 में संशोधित करने के बाद उन्हें ₹1080-1800 मिलना चाहिए। ट्रिब्यूनल ने विभाग के वक़ील की दलील सुनी जिसने इस बात पर सहमति ज़ाहिर की कि...
प्रतिकूल कब्जे के आधार पर सम्पत्ति पर हक जताया जा सकता है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला
उच्चतम न्यायालय ने एक बार फिर कहा है कि वादी प्रतिकूल कब्जे के आधार पर सम्पत्ति पर अपना दावा कर सकता है। मौजूदा अपील वादी की ओर से दायर मुकदमे से उत्पन्न हुई है, जिसमें उसने दावा किया था कि संबंधित जमीन 1963 से 1981 तक उसके कब्जे में थी और इस प्रकार उस जमीन पर प्रतिवादी के बजाय उसका हक है। निचली अदालत ने इस मामले में वादी के पक्ष में अपना आदेश सुनाया था, लेकिन हाईकोर्ट ने यह कहते हुए निचली अदालत का आदेश निरस्त कर दिया था कि वादी जमीन का असली मालिक नहीं था। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और...
डॉक्टरों को एक साल की अनिवार्य सार्वजनिक सेवा करनी होगी, कर्नाटक हाईकोर्ट ने नियम को सही ठहराया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मेडिकल शिक्षा पूरी करने वाले उम्मीदवार अधिनियम, 2012 और नियम 2015 के तहत कर्नाटक अनिवार्य सेवा प्रशिक्षण को संवैधानिक रूप से सही ठहराया है। 2015 के इस नियम के तहत सभी छात्र जिन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशीऐलिटी कोर्स की डिग्री के लिए पंजीकरण किया है, को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एक साल की अनिवार्य सेवा देनी होगी। न्यायमूर्ति कृष्णा दीक्षित ने कुछ छात्रों और अल्पसंख्यक संस्थानों की याचिका को ख़ारिज कर दिया जिनमें मुख्य रूप से इन नियमों को इस आधार पर...
कर्नाटक राजनीतिक संकट : EC ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, 15 सीटों पर उपचुनाव कोर्ट के फैसले तक टाले जाएंगे
कर्नाटक में अयोग्य करार दिए गए 17 बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में यह कहा कि वो राज्य में 15 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव तब तक के लिए टाल देगा जब तक कि सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर अंतिम फैसला ना सुनाए। गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस एन. वी. रमना, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ के सामने चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने कोर्ट के उस रुख के बाद ये कहा जब पीठ ने कहा कि वो इस मुद्दे पर अंतिम फैसला देना चाहती है और इसके...
शैक्षणिक संस्थान संचालित करने के अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकार को छोड़ा नहीं जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह दोहराया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत शैक्षणिक संस्थानों को संचालित करने के लिए अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकार का अधित्यजन (waive) नहीं किया जा सकता।इस मामले में मुद्दा [चंदना दास (मालाकार) बनाम पश्चिम बंगाल राज्य] था कि क्या खालसा गर्ल्स हाई स्कूल अल्पसंख्यक संस्थान है, यदि हां, तो क्या शिक्षकों के चयन और नियुक्ति के लिए संस्थान का अधिकार पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन एक्ट, 1963 के प्रावधानों के तहत गठित मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी संस्थानों के प्रबंधन के...
अयोध्या विवाद : मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 18 अक्टूबर तक खत्म हो सुनवाई, चार हफ्ते में जज फैसला देंगे तो चमत्कार
अयोध्या रामजन्मभूमि- बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई के दौरान संविधान पीठ की अगुवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई ने एक बार फिर साफ किया कि मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी होनी चाहिए । गुरुवार को सुनवाई शुरू होते ही CJI गोगोई ने सभी पक्षकारों से कहा कि इस मामले में दस्तावेजों को देखते हुए अगर फैसला लिखने के लिए जजों की चार हफ्ते का समय मिलता है तो यह एक चमत्कार होगा। CJI ने कहा कि अब कुल मिलाकर साढ़े दस दिन की सुनवाई होनी है, लिहाजा पक्षकार इतने वक्त में ही सुनवाई...
दुष्कर्म के मामलों में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सूचना देने वाले या उसके द्वारा अधिकृत व्यक्ति को उपस्थित रहना होगा : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से सूचना देने वाले या उसके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति की उपस्थिति को दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका की सुनवाई के समय अनिवार्य कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीएन पटेल ने आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2018 के मद्देनजर मंगलवार को उपरोक्त निर्देश दिए हैं, जिनमें इस आशय के लिए सीआरपीसी की धारा 439 में संशोधन किया गया था। इस संशोधन के तहत धारा 439 में उपधारा 1 ए को जोड़ा गया है, जिसके अनुसार आईपीसी की धारा 376,376-एबी, 376-डीए और...



















