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देश के 5 लॉ स्कूल एनआरसी की सूची से निकाल दिए गए लोगों की करेंगे क़ानूनी मदद
असम में एनआरसी से बाहर हुए लोगों की क़ानूनी मदद के लिए एक बहुत ही अहम हस्तक्षेप के तहत पाँच राष्ट्रीय क़ानून विश्वविद्यालय (एनएलयू) ने हाथ मिलाया है। इसके लिए इन संस्थानों ने परिचय नामक क़ानूनी सहायता संगठन बनाया है। परिचय ऐसे वकीलों को अपील की ड्राफ़्ट बनाने से लेकर शोध और अध्ययन से मदद करेगा जो एनआरसी से बाहर किए गए लोगों की ओर से अदालत में अपील दायर करेंगे। एनआरसी की अंतिम सूची से 19 लाख लोग बाहर कर दिए गए हैं। इसकी अंतिम सूची का 31 अगस्त को जारी की गयी थी और सूची से बाहर किए गए...
अनुच्छेद 370 : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के जवाब के लिए सुनवाई 14 नवंबर तक टाली
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को हटाने की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं और राज्य को 2 संघ शासित प्रदेशों में विभाजन को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई 14 नवंबर तक स्थगित कर दी। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एन. वी. रमना, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी, जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस सूर्यकांत की संविधान पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल और राज्य की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता...
सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट को हल्का करने पर पुनर्विचार याचिका को अनुमति दी
SC/ST एक्ट के प्रावधानों को हलका करने के 20 मार्च, 2018 के फैसले को केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका पर 3 जजों की पीठ ने वापस ले लिया है। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एम. आर. शाह और जस्टिस बी. आर. गवई की पीठ ने मंगलवार को केंद्र की याचिका को अनुमति देते हुए यह कहा कि संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत शक्तियों को कानून के खिलाफ निर्देश पारित करने के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता। "पीठ को तय नहीं करने चाहिए थे दिशा निर्देश; अधिनियम की सुरक्षात्मक प्रकृति थी आवश्यक" अदालत ने कहा कि 2 जजों की...
महाराष्ट्र CM के खिलाफ चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों का खुलासा न करने पर चलेगा ट्रायल : सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों का खुलासा ना करने के आरोपों वाली याचिका पर ट्रायल चलाने के निर्देश दिए मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट और हाईकोर्ट के फैसले को रद्द किया जाता है और फडणवीस के खिलाफ मजिस्ट्रेट कोर्ट में ट्रायल चलेगा। पीठ ने कहा कि प्रतिवादी को उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला रखा गया था...
भीमा कोरेगांव हिंसा :मुख्य न्यायाधीश के बाद अब जस्टिस गवई ने भी गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
भीमा कोरेगांव हिंसा मामले के आरोपी एक्टिविस्ट गौतम नवलखा की उस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी आर गवई ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया जिसमें बॉम्बे उच्च न्यायालय के 13 सितंबर के फैसले को चुनौती दी गई थी। इससे पहले सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने भी सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। मंगलवार को जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस बी आर गवई की पीठ के सामने ये मामला आया तो जस्टिस गवई ने कहा कि वो सुनवाई से अलग हो रहे हैं। इसके बाद मामले को फिर से CJI के पास भेजा...
राजनीतिक दलों को चुनावी बॉन्ड के माध्यम से चंदे की योजना को केंद्र सरकार ने आगे बढ़ाया, सुप्रीम कोर्ट में अभी तक नहीं हुई सुनवाई
भारत के चुनाव आयोग सहित कई वर्गों की उन आलोचनाओं को अनदेखा करते हुए कि गुमनाम चुनावी बॉन्ड योजना राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है, केंद्र सरकार चुनावी बॉन्ड जारी करने के एक और दौर को मंजूरी देने के लिए गंभीरता से आगे बढ़ी है।महाराष्ट्र और हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं के माध्यम से 1 से 10 अक्टूबर तक चुनावी बांड जारी करने की घोषणा की है। इन बांडों का इस्तेमाल व्यक्तियों और कंपनियों द्वारा...
बेटी अगर नौकरी कर रही है तो पिता उसे मासिक भरण पोषण की राशि का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि एक पिता अपनी उस बेटी को भरण पोषण की राशि का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं है, जो बेटी खुद लाभप्रद नौकरी में है। न्यायमूर्ति एस.एन. सत्यनारायण और न्यायमूर्ति पी.जी.एम.पाटिल की खंडपीठ ने एक सदाशिवनंदा द्वारा दायर अपील को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया। पीठ ने कहा, ''निचली अदालत ने प्रारंभिक चरण में कुछ राशि वादी बेटी को दिए जाने को उचित ठहराया था, लेकिन वादी बेटी द्वारा एक अच्छी कंपनी में सम्मानजनक नौकरी हासिल करने के बाद और खुद के लिए प्रति माह 20,000 से 25,000 रुपए...
क्षतिपूर्ति अधिनियम तुरंत मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए सामाजिक सुरक्षा कानून, पढ़िए इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम 1923 एक सामाजिक सुरक्षा कानून है, जो कर्मचारियों के मुआवजे के निर्धारण एवम् भुगतान के लिए त्वरित एवम् प्रभावी तंत्र उपलब्ध कराता है। न्यायमूर्ति योगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने अधिवक्ता अक्षत सिन्हा की ओर से दायर मेसर्स वासु इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका का निपटारा करते हुए कहा, "कर्मचारी क्षतिपूर्ति कानून, 1923" एक सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी कानून है, जिसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को संरक्षित करना...
शादी के झांसे में यौन संबंध की सहमति साक्ष्य आधारित मामला, सीआरपीसी की धारा 482 के तहत याचिका का निर्धारण नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर दोहराया है कि कोर्ट को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 482 के तहत दायर याचिका के अंतर्गत साक्ष्य का मूल्यांकन करने का अधिकार नहीं है। साथ ही शादी का झांसा देकर पीड़िता से यौनसंबंध बनाने वाले अभियुक्त का इरादा शादी करने का था या नहीं, यह साक्ष्य का मामला है। अपीलकर्ता कमल पाल के खिलाफ आरोप था कि वह पीड़िता लड़की को बहला-फुसलकार कहीं ले गया और उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़़िता ने अभियुक्त से विवाह करने को कहा तो उसने ऐसा करने से...
कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अर्ज़ी मंज़ूर होने से पहले उसे कभी भी वापस ले सकता है, पढ़िए दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी कर्मचारी का स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति का आवेदन उस कर्मचारी का प्रस्ताव है, जिसे वह स्वीकार किए जाने से पहले कभी भी वापस ले सकता है। वर्तमान मामले में, याचिकाकर्ता ने 24 साल की सेवा पूरी करने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन इसके एक सप्ताह के बाद ही उसने इसे वापस ले लिया। इसे वापस लेने के बाद भी, प्रतिवादी कंपनी ने एक आदेश पास किया जिसमें उसने कहा कि उसके आवेदन पर सकारात्मक रूप से विचार किया गया और उसे अब सेवा से छुट्टी दे दी गई है। ...
सोशल मीडिया अकाउंट्स को आधार कार्ड से जोड़ने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
आधार कार्ड को फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया अकाउंट्स को जोड़ने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में केंद्र सरकार से वैकल्पिक दिशा-निर्देश भी मांगे गए थे, ताकि फर्जी और पेड न्यूज को नियंत्रित करने के लिए फर्जी और घोस्ट सोशल मीडिया खातों को निष्क्रिय करने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें। याचिकाकर्ता-अधिवक्ता, अश्विनी कुमार उपाध्याय ने उपरोक्त सभी राहत की मांग की, ताकि सभी फर्जी खातों का इस्तेमाल रुकवाया जा सके, जिनका इस्तेमाल अक्सर राजनीतिक दलों द्वारा किया...
सुप्रीम कोर्ट ने 2002 दंगा गैंगरेप पीड़िता को दो हफ्ते में 50 लाख मुआवजा और आवास देने का निर्देश दोहराया
वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के दौरान गैंगरेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को निर्देश देते हुए दोहराया है कि वो पीड़िता को 2 सप्ताह के भीतर 50 लाख रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और सरकारी आवास मुहैया कराए। मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एस. ए. बोबडे और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने सोमवार को गुजरात सरकार से पूछा कि अप्रैल के आदेश पर अब तक अमल क्यों नहीं हुआ है। सॉलिसिटर जनरल का जवाब एवं सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी गुजरात राज्य की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि रेप...
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में पाबंदियों के खिलाफ याचिकाओं को भी संविधान पीठ को भेजा
CJI रंजन गोगोई, जस्टिस एस. ए. बोबडे और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट व संचार माध्यमों को बंद करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को संविधान पीठ के पास भेज दिया है। संदर्भित मामलों में कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन की मीडिया पर पाबंदी वाली याचिका और डॉ. समीर कौल द्वारा इंटरनेट और मोबाइल कनेक्शन बंद करने के खिलाफ याचिकाएं शामिल हैं। कश्मीर में बच्चों की कथित अवैध हिरासत से जुड़ी याचिका भी संविधान पीठ को संदर्भितपीठ ने जम्मू और कश्मीर में...
भीमा कोरेगांव हिंसा : CJI ने गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सोमवार को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले के आरोपी एक्टिविस्ट गौतम नवलखा की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें बॉम्बे उच्च न्यायालय के 13 सितंबर के फैसले को चुनौती दी गई थी। दरअसल उच्च न्यायालय ने गौतम नवलखा के खिलाफ 1 जनवरी 2018 को पुणे पुलिस द्वारा दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया था। सुनवाई से खुद को अलग करने का नहीं दिया कोई कारण CJI रंजन गोगोई, जस्टिस एस. ए. बोबडे और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई की...
सुप्रीम कोर्ट ने फारूक अब्दुल्ला को नजरबंदी से रिहा करने की मांग वाली याचिका खारिज की
नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को नजरबंदी से रिहा करने की मांग वाली MDMK नेता और तमिलनाडु के राज्यसभा सांसद वाइको की याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एस. ए. बोबडे और जस्टिस एस. अब्दुल नज़ीर की पीठ ने कहा कि याचिका में फारूक अब्दुल्ला की पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत को चुनौती नहीं दी गई है। इसलिए इस मामले में संबंधित अदालत में चुनौती दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के...
CJI ने एएफटी के अध्यक्ष के लिए जस्टिस राजेंद्र मेनन के नाम की सिफारिश की
भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सोमवार को कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन के नाम की सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) के अध्यक्ष के रूप में सिफारिश की गई है। एएफटी में न्यायिक सदस्यों की नियुक्ति के विषय में एक मुकदमे की याचिका में सीजेआई द्वारा यह कहा गया। एएफटी के वर्तमान अध्यक्ष जस्टिस वीरेंद्र सिंह 6 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने जानकारी दी कि ट्रिब्यूनल के सदस्यों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध...
सुप्रीम कोर्ट का वीकली राउंड अप, पिछले सप्ताह के कुछ महत्वपूर्ण फैसलों पर एक नज़र
सितंबर 2019 के अंतिम सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में निम्नलिखित महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। देखिए सुप्रीम कोर्ट का वीकली राउंड अप में पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय। साथ नहीं रहने के आधार पर तलाक लेने वाली महिला भरण पोषण की हकदार है? पढ़िए क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी पत्नी को उसके पति ने इस आधार पर तलाक़ दिया है कि पत्नी ने उसे छोड़ दिया है, तो उसे (पत्नी को) दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC)की धारा 125 के तहत भरण पोषण की राशि...
ईडी ने अधिवक्ता को समन जारी करके पेश होने को कहा, कलकत्ता हाईकोर्ट ने लगाई रोक
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा एक अधिवक्ता को जारी किए गए समन के निष्पादन पर रोक लगा दी। अधिवक्ता ईडी के समक्ष अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। ईडी ने याचिकाकर्ता एडवोकेट, बीएन जोशी को समन जारी किया था, जो इससे पहले एक नीलेश पारेख नामक व्यक्ति की पैरवी कर रहे थे, जिस पर धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत कार्यवाही की गई थी। पीएमएलए की धारा 50 के तहत अधिवक्ता को समन जारी किया गया था, जिसमें याचिकाकर्ता को कुछ दस्तावेज़ों के साथ ईडी के सामने उपस्थिति...
राजस्थान हाईकोर्ट की प्रशंसनीय पहल, कोर्ट परिसर में प्लास्टिक के इस्तेमाल को किया बैन
राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक स्वागत योग्य पहल करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर सम्मान के रूप में संस्था और जनता के हित में, हाईकोर्ट जयपुर और हाईकोर्ट जबलपुर के परिसर और गेस्ट हाउस में प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के इस प्रस्ताव के अंतर्गत प्लास्टिक/ थर्मोकोल की बोतलें, कप, गिलास, बर्तन, बर्तन, चम्मच, कांटे, कटोरी के डिब्बे, प्लेटें, बोतलें, बोतल, तिनके, पाउच और अन्य प्लास्टिक उत्पाद किसी भी तरीके से जोधपुर...




















