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हैदराबाद मुठभेड़ : सुप्रीम कोर्ट में जांच कराने की मांग को लेकर दो याचिकाएं दाखिल
हैदराबाद मुठभेड़ : सुप्रीम कोर्ट में जांच कराने की मांग को लेकर दो याचिकाएं दाखिल

हैदराबाद में महिला डॉक्टर से बलात्कार के बाद जलाकर हत्या करने के चार आरोपियों की मुठभेड़ को ' फर्जी' बताते हुए जांच की मांग को लेकर दो याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं। पहली दो वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। जी एस मणि और प्रदीप कुमार यादव ने अपनी याचिका में मांग की है कि इस मुठभेड़ पर पुलिस टीम के मुखिया समेत सभी अफसरों पर FIR दर्ज कर जांच कराई जानी चाहिए।याचिका में कहा गया है कि ये जांच सीबीआई, SIT, CID या किसी अन्य निष्पक्ष जांच एजेंसी से कराई जाए जो तेलंगाना राज्य...

प्रसाद मेडिकल कॉलेज घूसकांड : CBI ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवारत जज के खिलाफ केस दर्ज किया
प्रसाद मेडिकल कॉलेज घूसकांड : CBI ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवारत जज के खिलाफ केस दर्ज किया

सीबीआई ने शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस एन शुक्ला के खिलाफ एक मेडिकल कॉलेज का पक्ष लेने के लिए भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। न्यायमूर्ति शुक्ला के साथ, एजेंसी ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आईएम कुद्दुसी, प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के भगवान प्रसाद यादव वपलाश यादव और दो अन्य भावना पांडे और सुधीर गिरी को भी आरोपी बनाया है। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि न्यायमूर्ति शुक्ला को लखनऊ में एक मेडिकल कॉलेज चलाने वाले प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष...

SARFAESI: बैंकों के दावों से पहले कर्मचारियों के दावे पर गौर नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
SARFAESI: बैंकों के दावों से पहले कर्मचारियों के दावे पर गौर नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल केंद्रीय और राज्य कानूनों के तहत स्पष्ट रूप से बनाए गए वैधानिक प्रथम शुल्क, सिक्योरिटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट्स एंड इंफोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट एक्ट (SARFAESI) के तहत सिक्योर्ड लेनदारों के दावों पर पूर्ववर्ती स्थिति ले सकते हैं। मामला महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड बनाम बाबूलाल लाडे के मामले की सुनवाई से संबंधित है। अदालत के समक्ष मुद्दा यह था कि SARFAESI अधिनियम के तहत कारखाने के सुरक्षित परिसंपत्तियों की बिक्री से मिली राशि में से...

अगर एनसीएलटी सार्वजनिक क़ानून के बारे में कोई आदेश पास करता है तो हाईकोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट
अगर एनसीएलटी सार्वजनिक क़ानून के बारे में कोई आदेश पास करता है तो हाईकोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर एनसीएलटी ने ऐसा कोई आदेश दिया है जो सार्वजनिक क़ानून से संबंधित है तो हाईकोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए हस्तक्षेप कर सकता है। न्यायमूर्ति नरीमन, न्यायमूर्ति बोस और न्यायमूर्ति रामासुब्रमनियन की पीठ ने कहा कि निगमित ऋणधारक के अपने अधिकारों का प्रयोग करने के दौरान अगर यह आईबीसी, 2016 की परिधि के बाहर होता है और विशेषकर सार्वजनिक क़ानून के तहत आता है तो उस स्थिति में वह अपने अधिकारों पर अमल के लिए एनसीएलटी में नहीं जा सकता। अदालत को...

भ्रष्टाचार के सभी मामलों में एफआईआर दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच करना अनिवार्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट
भ्रष्टाचार के सभी मामलों में एफआईआर दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच करना अनिवार्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सभी भ्रष्टाचार के मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच करना अनिवार्य नहीं है। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य की अपील पर विचार कर रही थी, जिसमें एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया गया था, जिसके पास आय के अपने ज्ञात स्रोतों के अनुपातहीन कथित रूप से रु 3,18,61,500 की संपत्ति होने का आरोप था। तेलंगाना राज्य बनाम श्री मनगीपेट @ मंगिपेट सर्वेश्वर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा गुरुमूर्ति से कहा, क्या आप न्यायमूर्ति मुरलीधर पर किए अपने ट्वीट पर बिना शर्त माफी मांग सकते हैं?
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा गुरुमूर्ति से कहा, क्या आप न्यायमूर्ति मुरलीधर पर किए अपने ट्वीट पर बिना शर्त माफी मांग सकते हैं?

दिल्ली हाईकोर्ट ने एस. गुरुमूर्ति के खिलाफ दायर अवमानना के मामले में उनसे पूछा है कि क्या वह अपने जवाब में बिना शर्त माफी मांगने का बयान जोड़ेंगे और उसे अपने अकाउंट से ट्वीट करेंगे? यह मामला एस.गुरुमूर्ति के ट्वीट से संबंधित है। जहां उन्होंने एक सवाल पोस्ट किया था जिसमें कहा गया था कि क्या जस्टिस मुरलीधर पी चिदंबरम के जूनियर थे? यह ट्वीट आईएनएक्स मीडिया मामले में जस्टिस मुरलीधर और जस्टिस आई.एस मेहता की दो सदस्यीय बेंच द्वारा कार्ति चिदंबरम को अंतरिम संरक्षण दिए जाने के बाद किया गया था। इस...

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हैदराबाद मुठभेड़ मामले का संज्ञान लिया, शवों को 9 दिसंबर तक संरक्षित रखने के निर्देश
तेलंगाना हाईकोर्ट ने हैदराबाद मुठभेड़ मामले का संज्ञान लिया, शवों को 9 दिसंबर तक संरक्षित रखने के निर्देश

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय द्वारा प्राप्त एक प्रतिनिधित्व का संज्ञान लिया जिसमें हैदराबाद की 27 वर्षीय पशु चिकित्सक से बलात्कार और जलाकर हत्या करने के 4 आरोपियों की मुठभेड़ 'हत्याओं' के संबंध में न्यायिक हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया था।दरअसल शुक्रवार सुबह तड़के एक मुठभेड़ में सभी आरोपी मारे गए, पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने भागने का प्रयास किया था और पुलिस पर हमला किया था।उच्च न्यायालय की दो जजों की पीठ के सामने शुक्रवार रात आठ बजे तेलंगाना के एडवोकेट जनरल...

TTZ में निर्माण और उद्योगों पर प्रतिबंध के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने वापस लिया, पर्यावरण मंज़ूरी होगी ज़रूरी
TTZ में निर्माण और उद्योगों पर प्रतिबंध के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने वापस लिया, पर्यावरण मंज़ूरी होगी ज़रूरी

सुप्रीम कोर्ट ने ताज ट्रेपिज्यम जोन ( TTZ ) में निर्माण, औद्योगिक गतिविधियों व पेड़ काटने पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश को वापस ले लेते हुए इनके लिए शर्तों के साथ रास्ता साफ कर दिया है।दरअसल सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल के अंतरिम आदेश की वजह से TTZ में कई ऐसी इकाइयों का काम लटका पड़ा था जो प्रदूषणरहित हैं और बुनियादी सुविधाओं का काम भी रुका हुआ था।मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्य कांत की पीठ ने शुक्रवार को 22 मार्च 2018 के अपने आदेश में बदलाव करते हुए ऐसी औद्योगिक...

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस मिश्रा विवाद पर BCI चेयरमैन की टिप्पणियों की निंदा की
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस मिश्रा विवाद पर BCI चेयरमैन की टिप्पणियों की निंदा की

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस अरुण मिश्रा और सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायण प्रकरण के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट की वकीलों की एसोसिएशन के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया चेयरमैन वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा द्वारा की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई है। जज के आचरण पर वकीलों द्वारा की गई आलोचनाओं को खारिज करते हुए बीसीआई चेयरमैन न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा के समर्थन में सामने आए थे।चेयरमैन की टिप्पणियों के जवाब में SCBA द्वारा शुक्रवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है: " सुप्रीम...

अयोध्या फैसले पर AIMPLB समर्थित चार मुस्लिम पक्षकारों ने दाखिल की पुनर्विचार याचिका, अब तक 7 याचिकाएं
अयोध्या फैसले पर AIMPLB समर्थित चार मुस्लिम पक्षकारों ने दाखिल की पुनर्विचार याचिका, अब तक 7 याचिकाएं

अयोध्या रामजन्मभूमि- बाबरी मस्जिदभू मि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के समर्थन से मिसबाहुद्दीन, मौलाना हसबुल्ला, हाजी महबूब और रिजवान अहमद द्वारा पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं हैं।शुक्रवार को दाखिल याचिका के बाद कहा गया है कि अगर इस मामले में खुली अदालत में सुनवाई होगी तो वरिष्ठ वकील राजीव धवन ही बहस करेंगे। इस तरह इस मामले में सात याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। पीस पार्टी ने भी पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।याचिकाओं...

देश की हर तहसील में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
देश की हर तहसील में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें देश के प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को निर्देश को देने की मांग की गई है ताकि गरीब बच्चों को समान अवसर प्रदान किया जा सके और साथ ही भाईचारे, एकता और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा दिया जा सके।भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना यानी हर तहसील में इन स्कूलों में समान शिक्षा सुनिश्चित करना समान पाठ्यक्रम और समान पाठ्यक्रम के साथ I-VIII कक्षा के सभी...

बलात्कार मामले में आरोपी और पीड़िता के बीच समझौते की कोई प्रासंगिकता नहीं : सुप्रीम कोर्ट 
बलात्कार मामले में आरोपी और पीड़िता के बीच समझौते की कोई प्रासंगिकता नहीं : सुप्रीम कोर्ट 

सुप्रीम कोर्ट ने जोर दिया है कि बलात्कार के आरोपियों और पीड़िता के बीच समझौते की आपराधिक मामलों को तय करने में कोई प्रासंगिकता नहीं है।न्यायमूर्ति मोहन एम शांतानागौदर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने एक आपराधिक अपील का निपटारा करते हुए इस प्रकार का अवलोकन किया।पीठ के समक्ष यह प्रस्तुत किया गया कि अपील की लंबितता के दौरान दोनों अभियुक्तों ने अभियोजन पक्ष को 1.5- 1.5लाख रुपये समझौते के लिए दिए थे जो उसने स्वेच्छा से स्वीकार कर लिए थे। पीठ ने यह कहा, "हालांकि, इस बात पर जोर...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, प‌ीड़िता को यौन संबंधों की आदत होना, रेप के आरोप में बचाव का वैध आधार नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, प‌ीड़िता को यौन संबंधों की आदत होना, रेप के आरोप में बचाव का वैध आधार नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बलात्कार की शिकार महिला को सेक्स की आदत है, तो भी ये तथ्य बलात्कार के कृत्य के ‌लिए वैध बचाव नहीं हो सकता है। मामले में रिजवान पर एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का आरोप था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी द्वारा दायर जमानत याचिका को अनुमति देने के लिए उस मेडिकल जांच रिपोर्ट पर गौर किया, जिसमें कहा गया था कि अभियोजन पक्ष ने पीड़िता को कोई आंतरिक या बाहरी चोट नहीं पहुंचाई और उसे सेक्स करने की आदत थी। उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ की गई अपील में भारत के मुख्य न्यायाधीश...

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के स्थानीय निकाय चुनाव को हरी झंडी दिखाई, 9 नए जिलों में चुनाव पर रोक लगाई 
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के स्थानीय निकाय चुनाव को हरी झंडी दिखाई, 9 नए जिलों में चुनाव पर रोक लगाई 

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु में स्थानीय निकाय चुनाव को हरी झंडी देते हुए फैसला सुनाया है कि 9 नए बने जिलों को छोड़कर सभी जगह चुनाव होंगे।अपना फैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने 9 नए बने जिलों में निकाय चुनाव पर रोक लगा दी है और कहा कि 9 नए बने जिलों में परिसीमन के बाद चार महीनों के भीतर चुनाव होंगे। दरअसल  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को डीएमके द्वारा तमिलनाडु के स्थानीय निकाय चुनावों को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर...

किराया क़ानून के लिए धार्मिक संस्थानों की परिसंपत्ति का अलग वर्गीकरण अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं : सुप्रीम कोर्ट
किराया क़ानून के लिए धार्मिक संस्थानों की परिसंपत्ति का अलग वर्गीकरण अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब धार्मिक परिसर और भूमि (बेदखली और किराया वसूली) अधिनियम को संवैधानिक रूप से वैध ठहराते हुए कहा कि धार्मिक संस्थानों की परिसंपत्तियों का किराया क़ानून के लिए अलग से वर्गीकरण संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ नहीं है। न्यायमूर्ति एनवी रमना, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ हरभजन सिंह बनाम पंजाब राज्य मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इस दलील को ठुकरा दिया था कि धार्मिक...

Cr.PC की धारा 482: हाईकोर्ट को उपलब्ध साक्ष्यों की वैधता की जांच की शुरुआत नहीं करनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
Cr.PC की धारा 482: हाईकोर्ट को उपलब्ध साक्ष्यों की वैधता की जांच की शुरुआत नहीं करनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि शिकायत या आरोप को रद्द करने के लिए Cr.PC की धारा 482 के तहत शक्तियों का आह्वान करते हुए उच्च न्यायालय को उपलब्ध साक्ष्य की वैधता की जांच की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। एम जयंती बनाम केआर मीनाक्षी मामले में एक महिला ने मजिस्ट्रेट के समक्ष एक शिकायत की जिसमें आरोप लगाया गया कि उसके पति ने दूसरी महिला से शादी करके द्विविवाह (आईपीसी की धारा 494) का अपराध किया है।आरोपी पति द्वारा सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर याचिका पर उच्च न्यायालय ने शिकायत को मुख्य रूप से इस आधार पर...

पीएमसी बैंक संकट : बॉम्बे हाईकोर्ट ने RBI द्वारा धन निकालने पर लगाई गई सीमा को हटाने की मांग वाली याचिका खारिज की
पीएमसी बैंक संकट : बॉम्बे हाईकोर्ट ने RBI द्वारा धन निकालने पर लगाई गई सीमा को हटाने की मांग वाली याचिका खारिज की

पंजाब और महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के जमाकर्ताओं को उस समय बड़ा झटका लगा जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले को चुनौती देने वाली जमाकर्ताओं की एक याचिका को खारिज कर दिया। रिज़र्व बैंक ने संकट के समय पीएमसी बैंक खाता धारकों पर धन की निकासी के लिए सीमाएं लगाने का फैसला किया था, जिसे अदालत में चुनौती दी गई थी। बैंक को RBI द्वारा प्रशासक के अधीन रखा गया था, क्योंकि यह पता चला था कि बैंक में कुल जमा राशि का 70% से अधिक भाग की राशि HDILको लोन के रूप में दी गई थी।...

सुप्रीम कोर्ट ने DMK की तमिलनाडु के स्थानीय निकाय चुनाव स्थगित करने की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने DMK की तमिलनाडु के स्थानीय निकाय चुनाव स्थगित करने की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

 सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को डीएमके द्वारा तमिलनाडु के स्थानीय निकाय चुनावों को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया, जो 27 दिसंबर और 30 दिसंबर को होने वाले हैं। डीएमके ने कहा है कि राज्य में 9 नए जिलों का गठन किया गया है लेकिन इनका परिसीमन नहीं हुआ है।वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी डीएमके की ओर से पेश हुए और अदालत को सूचित किया कि नवगठित जिले की सीमाओं, जनसंख्या प्रोफाइल में बदलाव किया जाना है और इनके नए वार्ड होंगे। इस पर प्रकाश डालते हुए यह आग्रह किया गया कि चूंकि...