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PM CARES Fund सूचना के अधिकार के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण' नहीं है : प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने आरटीआई अधिनियम के तहत दायर एक आवेदन में मांगी गई सूचना को साझा करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 2 (एच) के तहत PM CARES FUND 'सार्वजनिक प्राधिकरण' नहीं है। आरटीआई आवेदन 1 अप्रैल को हर्षा कंदुकुरी द्वारा किया गया था, जो प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात स्थिति राहत कोष (PM CARES FUND) के संविधान के बारे में जानकारी मांग रही थीं। बेंगलुरु में अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में एलएलएम की छात्रा हर्षा ने PM CARES FUND के ट्रस्ट...
" मनमाना और भेदभावपूर्ण " : बॉम्बे हाईकोर्ट ने CAP के माध्यम से UG इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं लेने वाले SC/ ST छात्रों के खिलाफ GR को रद्द किया
बॉम्बे हाई कोर्ट की एक पूर्ण पीठ ने शुक्रवार को 27 फरवरी, 2013 के उस सरकारी प्रस्ताव ( GR) को मनमाना और भेदभावपूर्ण करार दिया जो कॉमन एडमिशन प्रोसेस (CAP) के माध्यम से राज्य में अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं लेने वाले SC और ST छात्रों के खिलाफ जारी किया गया था। कोर्ट ने उक्त GR को रद्द कर दिया और राज्य को ऐसे छात्रों द्वारा जमा की गई फीस लौटाने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति एए सईद, न्यायमूर्ति डीएस नायडू और न्यायमूर्ति पीडी नाइक की पीठ ने ये फैसला सुनाया जो मुख्य न्यायाधीश...
SCAORA ने सुप्रीम कोर्ट को लिखा पत्र, ई-फाइलिंग,वर्चुअल कोर्ट और रजिस्ट्री के कामकाज पर वकीलों के सुझाव लागू करने की मांग की
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA)ने सुप्रीम कोर्ट के महासचिव को एक पत्र लिखा है, जिसमें मांग की गई है कि एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड और बार के अन्य सदस्यों द्वारा दिए गए विभिन्न सुझावों को लागू किया जाए। SCAORA सचिव जोसेफ अरस्तू ने इस पत्र पर अपने हस्ताक्षर किए हुए हैं।इस पत्र में कई कई सुझाव दिए गए हैं। यह सभी सुझाव वकीलों को हेल्पलाइन नंबर, ई-फाइलिंग, वर्चुअल कोर्ट् और कोर्ट की रजिस्ट्री के कामकाज के दौरान आ रही समस्याओं के संबंध में दिए गए हैं। इस प्रतिनिधित्व के माध्यम से...
दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम को दैनिक जागरण अखबार के पीडीएफ उपलब्ध करवाने वाले चैनलोंं को ब्लॉक करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को टेलीग्राम मोबाइल इंटरनेट एप्लिकेशन के खिलाफ एक आंशिक आदेश पारित किया, जिसमें 48 घंटे के भीतर 'दैनिक जागरण' समाचार पत्र के पीडीएफ संस्करण साझा करते हुए कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन करने वाले टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की एकल न्यायाधीश पीठ ने टेलीग्राम को निर्देश दिया कि वह उल्लंघन करने वाले टेलीग्राम मोबाइल इंटरनेट एप्लिकेशन चैनल के उपयोगकर्ता के विवरणों का खुलासा करे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में टेलीग्राम ऐसे...
NCLAT के फैसले के खिलाफ साइरस मिस्त्री की अपील पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए सहमत
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय कंपनी अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT)के उस फैसले के खिलाफ साइरस मिस्त्री की अपील पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें उन्हें टाटा समूह के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में बहाल किया था। इस क्रॉस-एक्शन अपील के माध्यम से, मिस्त्री ने जजमेंट के खिलाफ राहत मांगी। जस्टिस एएस बोपन्ना और हृषिकेश रॉय की पीठ ने इस अपील को एनसीएलएटी द्वारा दिसंबर 2019 में पारित इस फैसले को चुनौती देते हुए रतन टाटा और टाटा समूह की अपील के साथ टैग कर दिया। सीनियर एडवोकेट सीए सुंदरम...
अंतिम सुनवाई, संबंधित पक्षों की दलीलें और प्रस्तुतियों पर विचार करना वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभव नहीं : मद्रास हाईकोर्ट
संबंधित पक्षों की दलीलें और प्रस्तुतियों पर विचार किए जाने के मामले में मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार को टिप्पणी की कि "इस तरह की अंतिम सुनवाई वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नहीं की जा सकती है।" दरअसल एकल पीठ सरकार के आदेश और तमिलनाडु राज्य के लघु बंदरगाह विभाग की निविदा अधिसूचना में परिणामी कार्यों दोनों को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं पर विचार कर रही थी। यह देखते हुए कि जवाबी हलफनामा और प्रतिवाद दाखिल किया जा चुका है और इसलिए, इस मामले को अंतिम रूप से सुनने की जरूरत है, न्यायालय का...
" 10 महीने से ज्यादा हिरासत असंवैधानिक " : जम्मू- कश्मीर के कांग्रेसी नेता सैफुद्दीन सोज़ की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
5 अगस्त, 2019 से जम्मू-कश्मीर की सरकार के खिलाफ 80 साल के कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो सैफुद्दीन सोज़ की नजरबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हेबियस कॉरपस याचिका दायर की गई है।प्रो सोज़ की पत्नी, मुमताज़ुननिशा सोज़ की ओर से एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सुनील फर्नांडीस द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि "उनकी पहली नज़रबंदी को दस महीने बीत चुके हैं, और उन्हें हिरासत में लेने के आधार के बारे में सूचित नहीं किया गया है। प्रतिवादी संख्या 2 द्वारा शक्तियों के अवैध, मनमाने अभ्यास के कारण...
MP डॉ अंबुमणि रामदास ने ऑल इंडिया कोटा के तहत पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीटों में OBC को 27% आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की
पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और संसद सदस्य, डॉ अंबुमणि रामदास ने ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत, पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीटों में ओबीसी श्रेणी से संबंधित व्यक्तियों के लिए 27% आरक्षण लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। वकील एस थानंजयन के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में, भारत सरकार ने AIQ के तहत PG / UG मेडिकल सीटों पर ओबीसी वर्ग से संबंधित व्यक्तियों को आरक्षण देने से इनकार कर दिया है। इस प्रकार, उन्हें हर साल उन 3000 सीटों से वंचित किया जा रहा है जो...
बॉम्बे उच्च न्यायालय का नाम बदलकर महाराष्ट्र उच्च न्यायालय करने की मांग लेकर सेवानिवृत्त जज सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
लेबर कोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें 'हाई कोर्ट ऑफ़ बॉम्बे' का नाम बदलकर 'हाई कोर्ट ऑफ़ महाराष्ट्र' करने का निर्देश देने की मांग की गई है। वीपी पाटिल प्रधान न्यायाधीश, श्रम न्यायालय, मुंबई थे और 2000 में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। वह 9 सितंबर, 1974 को राज्य न्यायपालिका (महाराष्ट्र) में शामिल हो गए और लगभग 26 वर्षों तक न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। पाटिल ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि महाराष्ट्रीयन के जीवन में...
आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत लॉकडाउन में कोई राष्ट्रीय योजना और मानक नहीं : वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
देश में लॉकडाउन के दौरान व्यापक तौर पर प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा के माहौल के बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में गरमा- गरम बहस और दलीलों के बाद शीर्ष अदालत ने उनकी पीड़ा को दूर करने के लिए कई उल्लेखनीय निर्देश पारित किए।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता केंद्र के लिए पेश हुए, जबकि वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, कॉलिन गोंजाल्विस, इंदिरा जयसिंग "इन रे: प्रॉब्लम्स एंड मिसरीज ऑफ माइग्रेंट वर्कर्स" शीर्षक से स्वत:.संज्ञान मामले में हस्तक्षेप करने वालों के लिए पेश हुए। वरिष्ठ वकील संजय पारिख, एक्टिविस्ट मेधा...
चौंंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण : मृत मां को जगाने की कोशिश कर रहे बच्चे के वीडियो पर पटना हाईकोर्ट ने संंज्ञान लिया
बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर रेलवे स्टेशन पर अपनी मृत मां को जगाने की कोशिश कर रहे एक बच्चे के वीडियो पर गुरुवार को पटना हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। इस घटना को "चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की बेंच ने कहा कि इस घटना पर उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप किया और तदनुसार इस खबर पर संज्ञान लिया और नोटिस जारी किया। । 28 मई, 2020 (पटना संस्करण) के टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक अखबार के लेख के माध्यम से सुनवाई के...
"कयामत के पैगंबर" और " आर्म चेयर बुद्धिजीवी' देश में नकारात्मकता फैला रहे हैं, स्थानीय स्तर पर भड़काने से ये प्रवासी पैदल चल रहे हैं : सॉलिसिटर जनरल
देश भर में फंसे प्रवासियों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महत्वपूर्ण अंतरिम निर्देश पारित किए। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए दायर जनहित याचिकाओं और प्रवासी श्रमिकों के दुख और समस्याओं से संबंधित स्वत: संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई की। सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता केंद्र के लिए पेश हुए और केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उठाए गए उपायों के बारे...
प्रवासियोंं से यात्रा का किराया न लिया जाए, फंंसे हुए प्रवासियोंं को भोजन उपलब्ध करवाया जाए, सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश
देश भर में फंसे प्रवासियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश इस प्रकार हैं : 1.प्रवासी श्रमिकों के लिए ट्रेन या बस से कोई किराया नहीं लिया जाएगा। रेलवे किराया का किराया राज्यों द्वारा साझा किया जाएगा। 2. प्रवासी श्रमिकों को संबंधित राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा उन स्थानों पर भोजन और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, जहां वे ट्रेन या बस में चढ़ने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। 3. रेल...
प्रवासियोंं की रेल यात्रा का किराया कौन दे रहा है? उन्हें शिफ्ट करने में कितना समय लगेगा? उन्हें खाना कौन दे रहा है? सुप्रीम कोर्ट ने प्रवासी मुद्दे पर केंद्र सरकार से सवाल किए
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उन प्रवासी श्रमिकों के मुद्दों पर केंद्र सरकार से कई सवाल किए, जो लॉकडाउन के दौरान फंसे हुए हैं। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने "इन रे: प्रॉब्लम्स एंड माइजरीज ऑफ माइग्रेंट वर्कर्स" शीर्षक से दायर मुकदमे पर सुनवाई कर रही थी। सबसे पहले, पीठ ने स्पष्टता की मांग की कि प्रवासियों को उनके मूल राज्य लौटने के लिए उनकी ट्रेन यात्रा के किराये का वहन कौन कर रहा है? सॉलिसिटर जनरल (एसजी), तुषार मेहता ने उत्तर दिया,...
अगर नियम अनुमति दें तो कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद भी अनुशासनात्मक जांच में बर्खास्त किया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट का 2:1 के बहुमत से फैसला
सुप्रीम कोर्ट (2:1) ने कहा है कि किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद भी जारी रह सकती है और यदि संबंधित सेवा नियम इसकी अनुमति देते हैं तो उसे बर्खास्तगी या हटाने जैसी बड़ी सजा दी जा सकती है। महानदी कोलफील्ड लिमिटेड द्वारा बनाए गए आचरण, अनुशासन और अपील के नियमों का नियम 34, कुछ मामलों में विशेष प्रक्रिया प्रदान करता है और जो किसी कर्मचारी की अंतिम सेवानिवृत्ति के बाद भी अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी रखने की अनुमति देता है, बशर्ते कर्मचारी के सेवा में रहते...
केवल दो साझेदारों वाली कंपनी से एक के सेवानिवृत्त हो जाने पर पार्टनरशिप कंपनी समाप्त हो जायेगी : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब केवल दो साझेदार हों और उनमें से एक सेवानिवृत्त होने को तैयार हो जाता है तो साझेदार की सेवानिवृत्ति संबंधित कंपनी के विघटन का द्योतक है। न्यायमूर्ति एन वी रमन, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की खंडपीठ उस अपील पर विचार कर रही थी, जिसमें यह दलील दी गयी थी कि चूंकि अपीलकर्ता ने साझेदार के तौर पर अपना इस्तीफा दे दिया है, इसलिए साझेदारी विलेख के प्रासंगिक उपबंधों के तहत वह लेखा पुस्तिका में दर्ज आधार पूंजी का ही केवल हकदार होगा। इस दलील पर विचार...
गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों पर ट्यूशन फीस की मांग करने से रोक: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ ने बुधवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ दायर विशेष अवकाश याचिकाओं के एक समूह पर नोटिस जारी किया, जिसमें लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को अभिभावकों से ट्यूशन फीस की मांग करने से रोक दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने प्रिंसिपलप्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन और सेंट जूड्स स्कूल, देहरादून द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा...
युवा वकील के खिलाफ तल्ख टिप्पणी के बाद बीसीआई ने वापस लिया कारण-बताओ नोटिस
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने एडवोकेट सुहासिनी सेन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और कारण बताओ नोटिस जारी करने का रेजलूशन वापस ले लिया है। सुहासिनी सेन पर आरोप था कि वह toplawyersofsupremecourtofindia.com नाम से एक वेबसाइट चला रही है, जो बीसीआई के नियमों के खिलाफ वकीलों के विज्ञापन में लिप्त है, जिसके बाद कारण बताओ नोटिस देने का प्रस्ताव दिया गया था। सेन के जवाब की जांच करने के बाद बीसीआई ने कहा कि वह सेन के जवाब से संतुष्ट है कि उन्हें इस तरह की वेबसाइट के बारे में नहीं पता था, या कि उस...
अम्रपाली : होमबॉयर्स इस धारणा में न रहें कि वे बकाया राशि का भुगतान किए बिना लाभ का आनंद ले सकते हैं, SC की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मौखिक रूप से टिप्पणी की कि आम्रपाली परियोजना के होमबॉयर्स इस धारणा में न रहें कि वे बकाया राशि का भुगतान किए बिना लाभ का आनंद ले सकते हैं। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने कही, जो इस परियोजना से जुड़े कई मुद्दों पर सुनवाई कर रहे थे। होमबॉयर्स की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एम एल लाहोटी ने कहा कि उन्हें निर्माण के लिए इस बिंदु पर भुगतान नहीं करवाना चाहिए।कोर्ट के पिछले दिशा निर्देशों का उल्लेख करते हुए कि कोर्ट ने समयबद्ध तरीके से निर्माण पूरा करने के निर्देश...




















