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NCLAT के फैसले के खिलाफ साइरस मिस्त्री की अपील पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए सहमत

LiveLaw News Network
29 May 2020 1:53 PM GMT
NCLAT के फैसले के खिलाफ साइरस मिस्त्री की अपील पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए सहमत
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय कंपनी अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT)के उस फैसले के खिलाफ साइरस मिस्त्री की अपील पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें उन्हें टाटा समूह के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में बहाल किया था।

इस क्रॉस-एक्शन अपील के माध्यम से, मिस्त्री ने जजमेंट के खिलाफ राहत मांगी।

जस्टिस एएस बोपन्ना और हृषिकेश रॉय की पीठ ने इस अपील को एनसीएलएटी द्वारा दिसंबर 2019 में पारित इस फैसले को चुनौती देते हुए रतन टाटा और टाटा समूह की अपील के साथ टैग कर दिया।

सीनियर एडवोकेट सीए सुंदरम साइरस इनवेस्टमेंट्स एंड मिस्त्री की ओर से पेश हुए और उन्होंने कहा,

"टाटा ग्रुप विशेष अनुमति लेकर आया था। हमारी शिकायत यह है कि अनुच्छेद 121 [एसोसिएशन ऑफ आर्टिकल्स] का दुरुपयोग किया गया और इस प्रकार ट्रिब्यूनल ने एक त्रुटि की।"

वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे टाटा संस (और रतन टाटा) की ओर से पेश हुए और कहा कि दोनों पक्षों की अपील पर तेजी से सुनवाई की जा सकती है।

जस्टिस बोपन्ना ने कहा,

"यदि अपील लंबित है (एसएलपी), तो इसके लिए उसे टैग करने की आवश्यकता है।"

सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी 2020 को टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड को एक अस्थायी राहत देते हुए नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल के 18 दिसंबर के आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें सायरस मिस्त्री को कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में बहाल किया गया था।

टाटा संस ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी थी, जिसमें सायरस मिस्त्री को टाटा संस के एक्जिक्यूटिव चेयरमैन के पद से हटाने को अवैध घोषित कर फिर से बहाल करने के आदेश जारी किए गए थे। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से NCALT के फैसले पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई थी।

दरअसल 18 दिसंबर को सायरस मिस्त्री को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) से बड़ी राहत मिली थी। NCLAT ने उन्हें टाटा संस का एक्जिक्यूटिव चेयरमैन के पद पर फिर से बहाल कर दिया था। न्यायाधिकरण ने एन चंद्रा की नियुक्ति को कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अवैध ठहराया था।

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