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मालेगांव ब्‍लास्ट: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल जज का कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहे याचिकाकर्ता को बॉम्‍बे हाईकोर्ट जाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मालेगांव ब्लास्ट मामले की त्वरित सुनवाई की के लिए ट्रायल जज के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग कर रहे पर‌िजनों को बॉम्बे हाईकोर्ट जाने के लिए कहा है। मालेगांव ब्लास्ट की सुनवाई कर रहे मुम्बई की विशेष एनआईए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी श्री पाडालकर, 29 फरवरी, 2020 को सेवानिवृत्ति चुके हैं। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने धमाके के पीड़ित के पिता को त्वरित सुनवाई के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट समक्ष अपील करने को कहा। पीठ ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट...

सुप्रीम कोर्ट ने असम को इनर लाइन एरिया से बाहर रखने वाले राष्ट्रपति के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया, केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने असम को इनर लाइन एरिया से बाहर रखने वाले राष्ट्रपति के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया, केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 2019 के राष्ट्रपति के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 के तहत असम राज्य को इनर लाइन एरिया से बाहर रखा गया है।मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने हालांकि याचिका पर नोटिस जारी किया और केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी है।वरिष्ठ वकील विकास सिंह याचिकाकर्ताओं के लिए पेश हुए और सिक्किम राज्य बनाम सुरेंद्र प्रसाद शर्मा मामले पर भरोसा करते हुए तर्क दिया कि उक्त PO पर रोक लगाई जानी...

बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलकर महाराष्ट्र हाईकोर्ट करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी
बॉम्बे हाईकोर्ट का नाम बदलकर महाराष्ट्र हाईकोर्ट करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी, जिस याचिका में 'हाईकोर्ट ऑफ बॉम्बे' का नाम बदलकर 'हाईकोर्ट ऑफ महाराष्ट्र' करने का निर्देश देने की मांग की गई है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एसए बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच ने रिटायर्ड लेबर कोर्ट के जज वीपी पाटिल की इस याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता वीपी पाटिल प्रधान न्यायाधीश, श्रम न्यायालय, मुंबई थे और 2000 में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। वह 9 सितंबर, 1974 को राज्य...

  इंडिया का नाम बदलकर  भारत करने की याचिका : सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार किया, केंद्र को प्रतिनिधित्व की तरह विचार करने को कहा
 " इंडिया" का नाम बदलकर " भारत" करने की याचिका : सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार किया, केंद्र को प्रतिनिधित्व की तरह विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देश के नाम को इंडिया से " भारत" में बदलने की सीमा तक भारत के संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन की मांग करने वाली रिट याचिका पर केंद्र को कहा कि वो इसे प्रतिनिधित्व की तरह ले और इस पर निर्णय दे। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने माना कि ऐसे नाम परिवर्तन के लिए संविधान में संशोधन करने के लिए न्यायालय कोई निर्देश पारित नहीं कर सकता है।सीजेआई एसए बोबडे ने संविधान के अनुच्छेद 1 का जिक्र करते हुए कहा, "हम ऐसा नहीं कर सकते।...

लॉकडाउन की  अवधि को चेक / डिमांड ड्राफ्ट की प्रस्तुति से बाहर करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
लॉकडाउन की अवधि को चेक / डिमांड ड्राफ्ट की प्रस्तुति से बाहर करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें चेक / डिमांड ड्राफ्ट की प्रस्तुति के लिए सीमा की गणना के लिए लॉकडाउन की समय अवधि को बाहर करने के लिए राहत की मांग की गई थी। जनहित याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति आर बानुमति, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा ​​और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि "हमारे विचार में, यह भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा लिया जाने वाला एक नीतिगत निर्णय है जिसके बारे में न्यायालय कोई निर्देश जारी नहीं कर सकता है। भारत के संविधान...

पत्रकार संगठनों की वेतन कटौती और छंटनी के खिलाफ याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य और दस मीडिया समूहों को नोटिस जारी किया
पत्रकार संगठनों की वेतन कटौती और छंटनी के खिलाफ याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य और दस मीडिया समूहों को नोटिस जारी किया

 बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र यूनियन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (MUWJ) और नागपुर यूनियन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (NUWJ) दायर उस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र, राज्य और दस मीडिया हाउसों को नोटिस जारी किया है जिसमें COVID-19 महामारी के दौरान पत्रकारों / गैर-पत्रकार कर्मचारियों पर वेतन में कटौती करने के " गैरकानूनी और मनमानी" के फैसले को चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति एसबी शुकरे और न्यायमूर्ति ए एस किलोर की पीठ ने जनहित याचिकाओं पर कर्मचारियों की छंटनी या उनका वेतन काटने से...

क्या लॉकडाउन संवैधानिक रूप से वैध है? जनहित याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा
क्या 'लॉकडाउन' संवैधानिक रूप से वैध है? जनहित याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें लॉकडाउन की संवैधानिकता को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने याचिका पर केंद्र और गुजरात सरकार से जवाब मांगा है। सामाजिक कार्यकर्ता विश्वास सुधांशु भांबुरकर की ओर से दाखिल याचिका में दलील दी गई है, "प्रधान मंत्री ने ईडीए और डीमए कानूनों का प्रयोग कर 24 मार्च 2020 को 3 सप्ताह के लिए लॉकडाउन लगा दिया। यह लॉकडाउन 25 मार्च 2020 को रात 12 बजे से शुरू हुआ था। उसके बाद इस लॉकडाउन को 14 अप्रैल 2020 को, एक मई, 2020; और 17 मई 2020 को तीन बार बढ़ाया...

खुली अदालत में सुनवाई को फिर से शुरू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता और पक्षकारों को संयुक्त सहमति देने को कहा
खुली अदालत में सुनवाई को फिर से शुरू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता और पक्षकारों को संयुक्त सहमति देने को कहा

खुली अदालत में सुनवाई को फिर से शुरू करने के अनुरोधों का जायजा लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ताओं और पक्षकारों को अपनी लिखित रूप से संयुक्त सहमति देने के लिए कहा है। ऐसी सहमति मिलने पर ही खुली अदालत में सुनवाई के अनुरोध पर विचार किया जाएगा। अतिरिक्त रजिस्ट्रार के दस्तखत वाला सर्कुलर मंगलवार को जारी किया गया, जिसमें कहा गया है कि, "प्राप्त विभिन्न अनुरोध के मद्देनज़र खुली अदालत में अधिवक्ताओं की भौतिक उपस्थिति की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए, सामाजिक दूरियों के मानदंडों का पालन करते हुए,...

भीमा कोरेगांवः सुप्रीम कोर्ट ने दिल्‍ली हाईकोर्ट में जारी गौतम नवलखा की जमानत की कार्यवाही पर रोक लगाई
भीमा कोरेगांवः सुप्रीम कोर्ट ने दिल्‍ली हाईकोर्ट में जारी गौतम नवलखा की जमानत की कार्यवाही पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष जारी गौतम नवलखा की जमानत की कार्यवाही पर रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट के 27 मई के आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रहा था। दिल्‍ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में एजेंसी को एनआईए के विशेष न्यायाधीशों के समक्ष कार्यवाही का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके आधार पर उन्हें मुंबई स्थानांतरित किया गया था। जस्टिस अरुण मिश्रा, अब्दुल नजीर और इंदिरा बनर्जी की बेंच ने नवलखा को भी...

ऐसा कोई कानून नहीं है कि मुख्य अपराधी के साथ कोई व्यक्ति हर कृत्य के संबंध में अपना इरादा साझा करता है जिसके तहत उसने अपराध किया है: सुप्रीम कोर्ट
ऐसा कोई कानून नहीं है कि मुख्य अपराधी के साथ कोई व्यक्ति हर कृत्य के संबंध में अपना इरादा साझा करता है जिसके तहत उसने अपराध किया है: सुप्रीम कोर्ट

 सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसा कोई कानून नहीं है कि मुख्य अपराधी के साथ कोई व्यक्ति हर कृत्य के संबंध में अपना इरादा साझा करता है जिसके तहत उसने अपराध किया है। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने चोरी और हत्या के एक आरोपी द्वारा दायर अपील की अनुमति देते हुए यह अवलोकन किया। अपीलार्थी के खिलाफ 4 अन्य लोगों के साथ मुकदमा चलाया गया और भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 34 के साथ धारा 394, 460 और 302 के तहत दोषी ठहराया गया। आईपीसी की धारा 34 का हवाला देते हुए, पीठ ने कहा कि...

अवयस्क के रूप में नौकरी ज्वाइन करने वाले व्यक्ति के रिटायर होने के समय पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया विभाजित फ़ैसला
अवयस्क के रूप में नौकरी ज्वाइन करने वाले व्यक्ति के रिटायर होने के समय पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया विभाजित फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट की एक खंडपीठ किसी व्यक्ति के अवयस्क के रूप में नौकरी ज्वाइन करने वाले व्यक्ति के रिटायर होने की उम्र को लेकर एक मामले में विभाजित फ़ैसला दिया है। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की खंडपीठ इस मामले (गोपाल प्रसाद बनाम बिहार विद्यालय परीक्षा समिति एवं अन्य) में एक मत नहीं थी और इसलिए अब इस मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि इसे बड़ी पीठ को सौंपा जा सके। इस मामले में अपीलकर्ता को कैलीग्राफ़िस्ट-सह सहायक के रूप में बिहार...

सहनशीलता का स्तर घटता जा रहा है, नासमझी में संदेशों को फॉरवर्ड करने से फैलती हैं फर्जी खबरें : जस्टिस एस के कौल
सहनशीलता का स्तर घटता जा रहा है, नासमझी में संदेशों को फॉरवर्ड करने से फैलती हैं फर्जी खबरें : जस्टिस एस के कौल

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय किशन कौल ने रविवार को मद्रास बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन व्याख्यान में फर्जी खबरों और इनकी व्युत्पत्ति या डेरिवेटिव के खतरे पर अपने विचार व्यक्त किए। न्यायमूर्ति कौल ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि ''फ्रीडम ऑफ स्पीच का विचार व विषय आज के समय में मुझे आकर्षित करता है। मुझे लगता है कि जिस विषय पर हम चर्चा कर रहे हैं, उसके संबंध में इस समय की चुनौतियां थोड़ी अलग हैं। खासतौर पर जिस तरीके से तकनीक का विस्तार हुआ है, यह अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया...

[ चोरी और हत्या ] : यह अनुमान लगाना सुरक्षित नहीं कि चोरी की गई संपत्ति के कब्जे वाला व्यक्ति ही हत्यारा है : सुप्रीम कोर्ट
[ चोरी और हत्या ] : यह अनुमान लगाना सुरक्षित नहीं कि चोरी की गई संपत्ति के कब्जे वाला व्यक्ति ही हत्यारा है : सुप्रीम कोर्ट

 सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि चोरी और हत्या के एक मामले में, यह अनुमान लगाना सुरक्षित नहीं है कि चोरी की गई संपत्ति के कब्जे वाला व्यक्ति ही हत्यारा है। इस सोनू @ सुनील बनाम राज्य मध्य प्रदेश, मामले में, चोरी और हत्या करने के लिए अपीलकर्ता को दोषी ठहराया गया था।उसे ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। उच्च न्यायालय ने बाद में मौत की सजा को आजीवन कारावास की सजा में बदल दिया। कोर्ट ने कहा कि उसके खिलाफ सबूत अनिवार्य रूप से मोबाइल फोन की बरामदगी के हैं। यह भी ध्यान दिया गया कि बरामदगी की तारीख...

तलाकशुदा बेटी को स्वतंत्रता सेनानी पिता की पेंशन पाने का हक़दार बनाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
तलाकशुदा बेटी को स्वतंत्रता सेनानी पिता की पेंशन पाने का हक़दार बनाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के एक फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस फ़ैसले में कहा गया था कि स्वतंत्रता सेनानी की तलाकशुदा बेटी को स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना (तुलसी देवी बनाम भारत संघ) के तहत पेंशन नहीं मिल सकती। याचिकाकर्ता पूर्व स्वतंत्रता सेनानी गोपाल राम की बेटी है। याचिकाकर्ता ने कहा कि पति से 2015 में तलाक़ के बाद वह पूरी तरह अपने मां-बाप पर निर्भर है। पिता की मृत्यु के बाद वह अपनी बीमार मां पर आश्रित हो गई, क्योंकि उसकी मां को...

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सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेसी नेता के खिलाफ कई राज्यों में दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया, धार्मिक भावनाएंं आहत करने का है आरोप

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हरियाणा के कांग्रेसी नेता पंकज पूनिया की उस याचिका को खारिज कर दिया है,जिसमें उन्होंने उनके खिलाफ कई राज्यों में दर्ज FIR (प्राथमिकी ) रद्द करने की मांग की थी। ट्विटर पर एक पोस्ट के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर 21 मई को पूनिया को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसी ट्वीट के आधार पर उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी केस दर्ज किए गए हैं। पूनिया ने इन सभी एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। पूनिया की...

Unlock 1 : अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए अब यात्रा पास की आवश्यकता नहीं, पढ़िए लॉकडाउन से कितनी छूट मिली
Unlock 1 : अंतरराज्यीय आवाजाही के लिए अब यात्रा पास की आवश्यकता नहीं, पढ़िए लॉकडाउन से कितनी छूट मिली

गृह मंत्रालय द्वारा शनिवार को लॉकडाउन के संदर्भ में जारी दिशानिर्देशों के अनुसार कंटेनमेंट क्षेत्रों के बाहर के क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से कई निषिद्ध गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई है।अनलॉक 1 शीर्षक के तहत जारी नए दिशा निर्देशों की प्रमुख विशेषता यह है कि केंद्र ने यात्रा पास की आवश्यकता के बिना लोगों को राज्य में और एक राज्य से दूसरे राज्य आने जाने की अनुमति दी है।आदेश में कहा गया है कि" व्यक्तियों और वस्तुओं के राज्य में और एक राज्य से दूसरे राज्य...

कंटेनमेंट ज़ोन में लॉकडाउन 30 जून तक बढ़ाया, अन्य क्षेत्रों में धार्मिक स्थल होटल, शॉपिंग मॉल 8 जून से खुलेंगे
कंटेनमेंट ज़ोन में लॉकडाउन 30 जून तक बढ़ाया, अन्य क्षेत्रों में धार्मिक स्थल होटल, शॉपिंग मॉल 8 जून से खुलेंगे

गृह मंत्रालय ने शनिवार को आदेश जारी करते हुए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को कंटेंटमेंट जोन में 30 जून तक बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए जिला प्राधिकरणों द्वारा कंटेनटमेंट जोन का सीमांकन किया जाएगा।केवल आवश्यक गतिविधियों को ही अनुमति दी जाएगी। नियंत्रण क्षेत्रों के बाहर के क्षेत्रों में, निषिद्ध गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोला जाएगा। धार्मिक स्थान / पूजा स्थल, होटल, रेस्तरां और अन्य आतिथ्य सेवाएँ, शॉपिंग मॉल को 8 जून से...

 मनमाना और भेदभावपूर्ण  : बॉम्बे हाईकोर्ट ने CAP के माध्यम से UG इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं लेने वाले SC/ ST छात्रों के खिलाफ  GR को रद्द किया 
" मनमाना और भेदभावपूर्ण " : बॉम्बे हाईकोर्ट ने CAP के माध्यम से UG इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं लेने वाले SC/ ST छात्रों के खिलाफ GR को रद्द किया 

बॉम्बे हाई कोर्ट की एक पूर्ण पीठ ने शुक्रवार को 27 फरवरी, 2013 के उस सरकारी प्रस्ताव ( GR) को मनमाना और भेदभावपूर्ण करार दिया जो कॉमन एडमिशन प्रोसेस (CAP) के माध्यम से राज्य में अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं लेने वाले SC और ST छात्रों के खिलाफ जारी किया गया था। कोर्ट ने उक्त GR को रद्द कर दिया और राज्य को ऐसे छात्रों द्वारा जमा की गई फीस लौटाने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति एए सईद, न्यायमूर्ति डीएस नायडू और न्यायमूर्ति पीडी नाइक की पीठ ने ये फैसला सुनाया जो मुख्य न्यायाधीश...