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 हम विधायिका नहीं हैं, सामान्य निर्देश जारी नहीं कर सकते  : सुप्रीम कोर्ट ने नकली COVID-19 टीकों की बिक्री को रोकने के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
' हम विधायिका नहीं हैं, सामान्य निर्देश जारी नहीं कर सकते ' : सुप्रीम कोर्ट ने नकली COVID-19 टीकों की बिक्री को रोकने के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई करने इनकार कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार के लिए निर्देश मांगा गया था कि वह नकली COVID-19 टीकों की बिक्री को रोकने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत निर्देश जारी करे।"आप ठोस तथ्यों के साथ मामला दाखिल करें। हम सामान्य निर्देश जारी नहीं कर सकते। हम विधायिका नहीं हैं, " भारत के मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता एडवोकेट विशाल तिवारी को बताया।याचिकाकर्ता ने प्रस्तुत किया कि टीकाकरण की शुरुआत के बाद कई नए मुद्दे उठे हैं और इंटरपोल ने एक नोटिस जारी...

अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के ऑफलाइन मोड एक्ज़ाम के फैसले के खिलाफ दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज
अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के ऑफलाइन मोड एक्ज़ाम के फैसले के खिलाफ दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU),लखनऊ के ऑफलाइन मोड में सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति खानविल्कर, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा ​​और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की तीन-न्यायाधीश खंडपीठ ने ऑफ़लाइन परीक्षा आयोजित करने के लिए जारी की गई अधिसूचना को रद्द करने की मांग करने वाले छात्रों के एक समूह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश जारी किए।सुनवाई के दौरान अधिवक्ता विपिन गुप्ता ने...

एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम समाप्त करने वाले बीसीआई के नियम इस वर्ष लागू नहीं होंगे : बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम समाप्त करने वाले बीसीआई के नियम इस वर्ष लागू नहीं होंगे : बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम समाप्त करने वाले बीसीआई नियम को इस वर्ष लागू नहीं किया जाएगा। बीसीआई प्रेसिडेंट मनन कुमार मिश्रा ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया, "बीसीआई के नियमों में एक वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम समाप्त करने का प्रस्ताव शैक्षणिक वर्ष 2022-2023 से लागू किया जाना प्रस्तावित है।"कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि बीसीआई अध्यक्ष का यह आश्वासन इस साल के...

सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी अश्लील सीडी मामले के ट्रायल को दिल्ली या बाहर ट्रांसफर करने की याचिका में छत्तीसगढ़ राज्य को पक्षकार बनाने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने 'फर्जी अश्लील सीडी मामले' के ट्रायल को दिल्ली या बाहर ट्रांसफर करने की याचिका में छत्तीसगढ़ राज्य को पक्षकार बनाने की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सीबीआई द्वारा 'फर्जी अश्लील सीडी मामले' के ट्रायल को दिल्ली या छत्तीसगढ़ के बाहर किसी अन्य जगह ट्रांसफर करने की याचिका में उत्तरदाता के तौर पर छत्तीसगढ़ राज्य को पक्षकार बनाने की अनुमति दी, जिसने अक्टूबर 2017 में छत्तीसगढ़ की राजनीति को हिला दिया था। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल इस मामले के एक आरोपी हैं।न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ भाजपा के पूर्व नेता कैलाश मुरारका के एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जो इस याचिका में सह-अभियुक्त और प्रतिवादी संख्या 1...

 इस चरण में नहीं  : सुप्रीम कोर्ट ने सीएए विरोधी प्रदर्शन से संबंधित यूएपीए केस में दाखिल जमानत याचिका खारिज की
" इस चरण में नहीं " : सुप्रीम कोर्ट ने सीएए विरोधी प्रदर्शन से संबंधित यूएपीए केस में दाखिल जमानत याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को किसान अधिकार एक्टिविस्ट अखिल गोगोई की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।न्यायमूर्ति एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने गोगोई के खिलाफ आरोपों के आलोक में इस समय जमानत देने से इनकार कर दिया।सुनवाई के दौरान, गोगोई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने कहा कि सीएए के विरोध में बड़े पैमाने पर आंदोलन हुआ था। इसका आतंकवाद से कोई...

पटना हाईकोर्ट के पात्र वकीलों को सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेट किये जाने की मांग को लेकर वकील पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
पटना हाईकोर्ट के पात्र वकीलों को सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेट किये जाने की मांग को लेकर वकील पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

पटना हाईकोर्ट के पात्र वकीलों को सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेट करने का परमादेश जारी करने संबंधी एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गयी है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों और पटना हाईकोर्ट द्वारा बनाये गये नियमों की पृष्ठभूमि में पात्र वकीलों को सीनियर एडवोकेट के तौर पर डेजिग्नेट करने के आदेश का अनुरोध किया है। याचिका में यह मुद्दा उठाया गया है कि पटना हाईकोर्ट में पिछले पांच साल से अधिक समय से कोई भी वकील सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेट नहीं किया गया है, जो 'इंदिरा जयसिंह बनाम...

चेक डिसऑनर : हस्ताक्षर स्वीकार किए जाने पर ब्लैंंक चेक भी NI एक्ट की धारा 139 के तहत अनुमान को आकर्षित करेगा : सुप्रीम कोर्ट
चेक डिसऑनर : हस्ताक्षर स्वीकार किए जाने पर ब्लैंंक चेक भी NI एक्ट की धारा 139 के तहत अनुमान को आकर्षित करेगा : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपियों द्वारा हस्ताक्षर के स्वीकार किए जाने पर एक खाली चेक लीफ भी निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 139 के तहत अनुमान को आकर्षित करेगा।जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 118 और धारा 139 के तहत ' उल्टा भार' चेक पर एक आरोपी के हस्ताक्षर के स्थापित होने के बाद ऑपरेटिव हो जाता है।हालांकि धारा 118 और धारा 139 के तहत उठाए गए अनुमान प्रकृति में खंडन करने योग्य हैं, एक संभावित बचाव को उठाए जाने की...

अवनी बाघिन को मारने का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने मारने वालों को पुरस्कार देने पर महाराष्ट्र अफसरों को अवमानना नोटिस जारी किया
'अवनी' बाघिन को मारने का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने मारने वालों को पुरस्कार देने पर महाराष्ट्र अफसरों को अवमानना नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्य सचिव विकास खड़गे आईएएस और आठ अन्य को 2018 में यवतमाल जिले में एक वयस्क बाघिन अवनी को मारने वालों को पुरस्कार देने की घोषणा के लिए अवमानना ​​नोटिस जारी किया।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने वन्यजीव शोधकर्ता संगीत डोंगरा द्वारा दायर एक अवमानना ​​याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया था कि अदालत के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए पुरस्कार दिया गया था।डोंगरा ने यह भी दावा किया कि वन अधिकारियों ने 'अवनी' को एक निराधार आरोप...

एलएलएम एक वर्षीय पाठ्यक्रम : बीसीआई को एलएलएम कोर्स को विनियमित करने का अधिकार नहीं, एनएलयू कंसोर्टियम ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
एलएलएम एक वर्षीय पाठ्यक्रम : "बीसीआई को एलएलएम कोर्स को विनियमित करने का अधिकार नहीं", एनएलयू कंसोर्टियम ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एलएलएम के एक वर्षीय पाठ्यक्रम को रद्द करने के बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के फैसले को चुनौती देने वाली दो रिट याचिकाओं की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच गुरुवार को कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज और एक अन्य ऋषभ सोनी द्वारा दायर याचिकाओं में अंतरिम राहत के लिए याचिका पर सुनवाई करेगी।इस बीच एनएलयू कंसोर्टियम को एलएलएम प्रोग्राम के लिए राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (National Law Universities) द्वारा...

त्वचा से त्वचा फैसला : सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के पोक्सो फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग की याचिका पर नोटिस जारी किया
"त्वचा से त्वचा" फैसला : सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के पोक्सो फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग की याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट (नागपुर पीठ) के विवादास्पद फैसले को चुनौती देने वाली राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें कहा गया था कि बिना कपड़े उतारे बच्चे के स्तन टटोलने से पोक्सो एक्ट की धारा 8 के अर्थ में "यौन उत्पीड़न" नहीं होता है।भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर भी नोटिस जारी किया। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि वह भारतीय स्त्री शक्ति और यूथ बार एसोसिएशन...

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के ऑनलाइन कक्षाओं के लिए ईडब्ल्यूएस और डीजी छात्रों को गैजेट्स देने के लिए दिल्ली सरकार को स्कूलों को प्रतिपूर्ति करने के आदेश पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के ऑनलाइन कक्षाओं के लिए ईडब्ल्यूएस और डीजी छात्रों को गैजेट्स देने के लिए दिल्ली सरकार को स्कूलों को प्रतिपूर्ति करने के आदेश पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले पर रोक लगा दी जिसमें दिल्ली सरकार को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और अन्य वंचित समूहों (डीजी) के तहत छात्रों को पर्याप्त गैजेट और इंटरनेट पैकेज प्रदान करने के लिए स्कूलों को प्रतिपूर्ति करने का निर्देश दिया गया था ताकि उन्हें COVID-19 लॉकडाउन के प्रकाश में स्कूलों द्वारा आयोजित की जा रही वर्चुअल कक्षाओं के बराबर पहुंच में सक्षम बनाया जा सके।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली सरकार की याचिका पर नोटिस भी...

25 मार्च 2020 को होने वाले डिफॉल्ट पर कॉरपोरेट देनदार के लिए सीआईआरपी के प्रारंभ को IBC की धारा 10A प्रतिबंधित करती है : सुप्रीम कोर्ट
25 मार्च 2020 को होने वाले डिफॉल्ट पर कॉरपोरेट देनदार के लिए सीआईआरपी के प्रारंभ को IBC की धारा 10A प्रतिबंधित करती है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 25 मार्च 2020 को या उसके बाद होने वाले डिफॉल्ट के लिए कॉरपोरेट देनदार के संबंध में सीआईआरपी के प्रारंभ को इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड की धारा 10A प्रतिबंधित कर देती है, भले ही ऐसा आवेदन 5 जून 2020 से पहले दायर किया गया हो।(वह तिथि जिस पर संशोधन लागू हुआ)जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि निर्धारित अवधि के दौरान सीआईआरपी के शुरू करने के लिए आवेदनों के दाखिल होने पर पूर्वव्यापी रोक कॉरपोरेट देनदार के ऋण या ऋणदाताओं के बकाया वसूलने के अधिकार...

National Uniform Public Holiday Policy
बैंकों और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के रिकवरी एजेंटों द्वारा वसूली के लिए बल का इस्तेमाल करने के खिलाफ दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, संबंधित मंत्रालय के समक्ष प्रतिनिधित्व करने की स्वतंत्रता

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सरकारी बैंकों और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के रिकवरी एजेंटों द्वारा वसूली करने के लिए बल (ताकत) का इस्तेमाल करने के खिलाफ दिशा-निर्देश की मांग करने वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता को संबंधित मंत्रालय के समक्ष प्रतिनिधित्व करने की स्वतंत्रता दी गई।याचिका में याचिकाकर्ताओं विक्रम शर्मा और अन्य की ओर से प्रस्तुत किया गया कि," यह याचिका सरकारी बैंकों और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों के रिकवरी एजेंटों द्वारा वसूली करने के लिए बल के उपयोग के बारे में...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"बिना पूर्वनियोजित अचानक उकसावा": सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोपी किसान को रिहा करने का निर्देश दिया, जिसने 18 साल जेल में बिताए

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हत्या के आरोपी एक किसान को रिहा करने का निर्देश दिया, जिसने 18 साल जेल में बिताए थे।जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा कि उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग I के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया जा सकता है, न कि आईपीसी की धारा 302 के तहत। परदेशीराम पर 30.5.2002 को घटी एक घटना में कार्तिक राम की हत्या का आरोप था। दीवार के निर्माण को लेकर उनके बीच विवाद के कारण, परदेशीराम ने कथित तौर पर मृतक पर फावड़े से हमला किया और फिर उसके सिर पर पत्थर से वार...

यूपीएससी अतिरिक्त मौका : आयु सीमा में छूट नहीं नहीं देना पूरी तरह अनुचित, श्याम दीवान ने सुप्रीम कोर्ट में अंतिम प्रयास वालों के लिए दलील दी
यूपीएससी अतिरिक्त मौका : 'आयु सीमा में छूट नहीं नहीं देना पूरी तरह अनुचित', श्याम दीवान ने सुप्रीम कोर्ट में अंतिम प्रयास वालों के लिए दलील दी

वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने अक्टूबर 2020 में आयोजित यूपीएससी परीक्षा में अपना अंतिम प्रयास देने वाले सिविल सेवा के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा के बिना अतिरिक्त मौका दिए जाने पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में दलीलें दीं।दीवान ने न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया, "सीमा में छूट नहीं नहीं देना पूरी तरह अनुचित है। उनके पास एक शक्ति और कर्तव्य है।"यह स्वीकार करते हुए कि आयु सीमा में छूट अंततः एक नीतिगत निर्णय है, दीवान ने प्रस्तुत किया कि COVID-19 महामारी के कारण...

सुप्रीम कोर्ट ने  हेट स्पीच  मामले में आप सासंद संजय सिंह को गिरफ्तारी से संरक्षण दिया
सुप्रीम कोर्ट ने ' हेट स्पीच ' मामले में आप सासंद संजय सिंह को गिरफ्तारी से संरक्षण दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को उनके खिलाफ सभी एफआईआर पर (लखनऊ में पिछले साल अगस्त में यूपी में उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ' हेट स्पीच' के संबंध में) गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया और नोटिस जारी किया कि क्यों नहीं एफआईआर को एक साथ जोड़ दिया जाए।न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी कहा कि यूपी राज्य सरकार राज्य सभा के अध्यक्ष से धारा 196 सीआरपीसी के तहत अभियोजन की मंज़ूरी के लिए संपर्क कर सकती है क्योंकि यह मानते सिंह राज्यसभा सदस्य हैं। यह...

आप किसी ठोस मामले में हमारे सामने आएं  : सुप्रीम कोर्ट ने IPC 124 ए के तहत राजद्रोह की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली वकीलों की याचिका खारिज की
"आप किसी ठोस मामले में हमारे सामने आएं " : सुप्रीम कोर्ट ने IPC 124 ए के तहत राजद्रोह की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली वकीलों की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वकीलों के एक समूह द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज कर दिया, जिसमें धारा 124 ए आईपीसी के तहत राजद्रोह के अपराध की संवैधानिकता को चुनौती दी गई थी। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास कार्रवाई का कोई कारण नहीं है।सीजेआई एसए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति रामासुब्रमण्यन की तीन-न्यायाधीशों वाली पीठ ने कहा कि कुसुम इंगोटस मामले में पूर्ववर्ती फैसले के अनुसार, एक कानून को कार्रवाई के कारण के बिना चुनौती नहीं दी जा सकती।आज सुनवाई के दौरान,...

सुप्रीम कोर्ट ने शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई, विनोद जोस, मृणाल पांडे, जफर आगा, अनंत नाथ आदि की कई FIR पर गिरफ्तारी से रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई, विनोद जोस, मृणाल पांडे, जफर आगा, अनंत नाथ आदि की कई FIR पर गिरफ्तारी से रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सांसद शशि थरूर, पत्रकार राजदीप सरदेसाई, विनोद जोस, मृणाल पांडे, जफर आगा, अनंत नाथ और परेश नाथ की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। उनके खिलाफ ट्रैक्टर रैली के दौरान किसान की मौत होने पर ट्वीट/ पोस्ट करने पर कई एफआईआर दर्ज की गईं हैं।सीजेआई एस ए बोबडे के नेतृत्व वाली बेंच ने 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत के बारे में कथित तौर पर असत्यापित खबर साझा करने के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिकाओं...

COVID-19: AKTU के छात्र आखिरी सेमेस्टर की परीक्षा ऑफलाइन आयोजित करने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
COVID-19: AKTU के छात्र आखिरी सेमेस्टर की परीक्षा ऑफलाइन आयोजित करने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

COVID-19 महामारी के बीच स्वास्थ्य जोखिम का हवाला देते हुए अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU), यूपी के छात्रों के समूह ने यूनिवर्सिटी के ऑफ़लाइन मोड में सेमेस्टर परीक्षा आयोजित करने का फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।याचिका एनआईटी, नोएडा, आपीज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नोएडा और ग्रेटर नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों द्वारा दायर की गई है; जो ऑफ़लाइन परीक्षा के संचालन के लिए जारी अधिसूचना को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।छात्रों ने कहा है कि 700 से अधिक कॉलेज AKTU से संबद्ध...

राज्य के पास कोई मौलिक अधिकार नहीं है, अनुच्छेद 32 के तहत दूसरा राज्य अभियोजन नहीं कर सकता: मुख्तार अंसारी ने यूपी सरकार की उस रिट याचिका का विरोध किया, जिसमें ट्रांसफर  की मांग की गई
'राज्य के पास कोई मौलिक अधिकार नहीं है, अनुच्छेद 32 के तहत दूसरा राज्य अभियोजन नहीं कर सकता': मुख्तार अंसारी ने यूपी सरकार की उस रिट याचिका का विरोध किया, जिसमें ट्रांसफर की मांग की गई

उत्तर प्रदेश के बसपा विधायक मुख्तार अंसारी, जो वर्तमान में पंजाब की जेल में बंद हैं, ने सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा की गई रिट याचिका पर सवाल उठाया है। इस याचिका में पंजाब से यूपी में उनके स्थानांतरण की मांग की गई है। राज्य के पास संविधान के तहत कोई मौलिक अधिकार नहीं है और एक राज्य संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत एक रिट याचिका में दूसरे राज्य के खिलाफ मुकदमा नहीं चला सकता क्योंकि यह संघीय योजना के खिलाफ है।यूपी में मऊ सीट से चुने गए विधायक ने तर्क देते हुए कहा कि,"संविधान के भाग...