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सुप्रीम कोर्ट ने NDTV प्रमोटरों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को सेबी जुर्माने के खिलाफ SAT में अपील की सुनवाई के लिए सुरक्षा राशि जमा करने से छूट दी
सुप्रीम कोर्ट ने NDTV प्रमोटरों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को सेबी जुर्माने के खिलाफ SAT में अपील की सुनवाई के लिए सुरक्षा राशि जमा करने से छूट दी

एनडीटीवी के प्रमोटरों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को राहत देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) के समक्ष सुरक्षा राशि जमा करने से छूट दी, जिसमें इनसाइडर ट्रेडिंग से संबंधित एक मामले में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ( सेबी) द्वारा लगाए गए 16.9 करोड़ रुपये से अधिक के दंड के खिलाफ उनकी अपील पर सुनवाई होनी है।भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि, "मामले की सुनवाई के लिए अपीलकर्ताओं (प्रणय रॉय और राधिका रॉय) से कोई राशि कठोर तरीके से वसूल...

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पत्रकार सिद्दीक कप्पन को पांच दिनों की अंतरिम जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पत्रकार सिद्दीक कप्पन को पांच दिनों की अंतरिम जमानत दी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स द्वारा दायर अंतरिम जमानत अर्जी को अनुमति दी जिसमें अपनी 90 साल की बीमार मां की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और अपने बेटे को देखने की अंतिम इच्छा का हवाला देते हुए पत्रकार सिद्दीक कप्पन की रिहाई की मांग की गई है।सीजेआई एसए बोबडे के नेतृत्व वाली पीठ ने आदेश दिया,"यह प्रस्तुत किया गया है कि मां एक गंभीर स्थिति में है और यह संभावना है कि वह कई दिनों तक जीवित नहीं रहेगी। इन परिस्थितियों में, हम कप्पन को अपनी मां से मिलने और फिर 5 वें दिन के...

लोगों की निजता आपके पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण है  : सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप की नई नीति के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
"लोगों की निजता आपके पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण है " : सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप की नई नीति के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया

भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने फेसबुक और व्हाट्सएप को भारत में नई निजता नीति को लागू करने से रोकने और यूरोपीय क्षेत्र के लिए लागू नीति को यहां लागू करने के निर्देश वाले एक आवेदन पर नोटिस जारी करते हुए "लोगों की निजता आपके धन से अधिक महत्वपूर्ण है" टिप्पणी की।सीजेआई ने कहा कि लोगों ने व्हाट्सएप की नई नीति के संबंध में निजता के अपने अधिकार के बारे में गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं और कंपनी को 4 सप्ताह के भीतर एक जवाबी हलफनामा दाखिल करके अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।इसमें कहा गया है...

 यूपीएससी अतिरिक्त मौका के फैसले का इंतजार कीजिए  : सुप्रीम कोर्ट ने जेईई एडवांस में आखिरी प्रयास वालों के लिए अतिरिक्त मौके की याचिका पर सुनवाई टाली
" यूपीएससी अतिरिक्त मौका के फैसले का इंतजार कीजिए " : सुप्रीम कोर्ट ने जेईई एडवांस में आखिरी प्रयास वालों के लिए अतिरिक्त मौके की याचिका पर सुनवाई टाली

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जेईई एडवांस में अपना आखिरी प्रयास समाप्त करने वाले उम्मीदवारों के लिए एक अतिरिक्त अवसर की मांग वाली याचिका पर सुनवाई को टाल दिया जिन्हें COVID-19 महामारी के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की पीठ के समक्ष सुनवाई में वकील मैथ्यूज जे नेदुम्परा ने प्रस्तुत किया कि COVID ​​के कारण, और चूंकि जेईई के लिए केवल दो अवसर दिए गए थे, अतिरिक्त अवसर की आवश्यकता है।न्यायालय, हालांकि मामले को सुनने के लिए इच्छुक नहीं थी और नेदुम्परा को सूचित किया कि...

पर्सनल लॉ को आर्टिकल 14,15,21 के समक्ष टेस्ट नहीं किया जा सकता है: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तलाक के लिए एक समान आधार की मांग करने वाली जनहित याचिका में पक्षकार बनने की मांग की
''पर्सनल लॉ को आर्टिकल 14,15,21 के समक्ष टेस्ट नहीं किया जा सकता है'': ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तलाक के लिए एक समान आधार की मांग करने वाली जनहित याचिका में पक्षकार बनने की मांग की

तलाक के एक समान आधार की मांग करने वाली जनहित याचिका की प्रार्थना पर सवाल उठाते हुए, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने खुद को पक्षकार बनाने की मांग करते एक आवेदन दायर किया है जिसमें कहा गया है कि पर्सनल लॉ के मामलों में धार्मिक संप्रदाय का टेस्ट भारतीय संविधान के ''आर्टिकल 14, 15, 21, और 25'' के समक्ष नहीं किया जा सकता है। एक वकील और भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय की तरफ से दायर जनहित याचिका के मामले में इस आवेदन को अधिवक्ता एम आर शमशाद के माध्यम से दायर किया गया है। इस जनहित याचिका में ...

एमएसीटी के समक्ष मामलों के मुआवजा वितरण प्रक्रिया और सुविधा के लिए मसौदा दिशानिर्देश तैयार करें: सुप्रीम कोर्ट का बीमा कंपनी को आदेश
एमएसीटी के समक्ष मामलों के मुआवजा वितरण प्रक्रिया और सुविधा के लिए मसौदा दिशानिर्देश तैयार करें: सुप्रीम कोर्ट का बीमा कंपनी को आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने (बुधवार) याचिकाकर्ता, बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी को मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal) के समक्ष मुआवजा वितरण प्रक्रिया की सुविधा के लिए मसौदा दिशानिर्देशों के साथ आने और मामलों के प्रबंधन का निर्देश दिया। यह निर्देश जस्टिस एस. के. कौल, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच ने दिया।याचिकाकर्ता कंपनी की ओर से सीनियर एडवोकेट मीनाक्षी अरोड़ा, एडवोकेट एओआर सिद्धार्थ के साथ उपस्थित हुईं।याचिकाकर्ता ने एमएसीटी के समक्ष मामले...

राइट टू प्रोटेस्ट कभी भी और कहीं भी नहीं हो सकता; सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग जजमेंट के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका खारिज की
"राइट टू प्रोटेस्ट कभी भी और कहीं भी नहीं हो सकता"; सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग जजमेंट के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग जजमेंट के खिलाफ दायर की गई उस पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया है कि असंतोष व्यक्त करने वाले प्रदर्शन निर्धारित स्थानों पर होना चाहिए।पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस कृष्ण मुरारी ने कहा कि विरोध का अधिकार, कभी भी और कहीं भी नहीं हो सकता।कोर्ट ने कहा कि,"हमने पहले के न्यायिक घोषणाओं पर विचार किया है और अपनी राय दर्ज की है कि संवैधानिक योजना, विरोध प्रदर्शन और असंतोष व्यक्त करने के अधिकार के साथ...

केवल मानसिक स्थिति सही होने के डॉक्टर का प्रमाण पत्र की अनुपस्थिति स्वत: सिद्ध तरीके से मृत्यू पूर्व बयानों को अस्वीकार्य नहीं करेगी : सुप्रीम कोर्ट 
केवल मानसिक स्थिति सही होने के डॉक्टर का प्रमाण पत्र की अनुपस्थिति स्वत: सिद्ध तरीके से मृत्यू पूर्व बयानों को अस्वीकार्य नहीं करेगी : सुप्रीम कोर्ट 

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि केवल मानसिक स्थिति सही होने के डॉक्टर का प्रमाण पत्र की अनुपस्थिति स्वत: सिद्ध तरीके से मृत्यू पूर्व बयानों को अस्वीकार्य नहीं करेगी।इस मामले में अभियुक्तों की दलील यह थी कि सजा पूरी तरह से मृतक के मृत्यू पूर्व बयानों पर आधारित है जो किसी भी अपराध को साबित नहीं करता है। यह तर्क दिया गया था कि मृत्यू पूर्व बयानों को रिकॉर्ड करने के समय डॉक्टर का प्रमाणपत्र नहीं था, इसलिए डॉक्टर के प्रमाण पत्र के बिना मृत्यू पूर्व बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता था।दूसरी ओर,...

स्कीन टू स्कीन जजमेंट देने वाली जज जस्टिस पुष्पा वी गणेदीवाला को स्थायी न्यायाधीश नहीं बनाया जाएगा, संशोधित सिफारिश स्वीकार
स्कीन टू स्कीन जजमेंट देने वाली जज जस्टिस पुष्पा वी गणेदीवाला को स्थायी न्यायाधीश नहीं बनाया जाएगा, संशोधित सिफारिश स्वीकार

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस पुष्पा वी गणेदीवाला को स्थायी न्यायाधीश नहीं बनाने के लिए की गई संशोधित सिफारिश को स्वीकार करते हुए, कानून और न्याय मंत्रालय ने एक अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल बढ़ाया है।मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि जस्टिस गणेदीवाला 13 फरवरी से एक और वर्ष के लिए अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में कार्य जारी रखेंगी।गौरतलब है कि 27 जनवरी को, सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले के तहत आरोपी को बरी करने पर रोक लगा...

हिरासत में हिंसा सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं  : सुप्रीम कोर्ट ने दो पुलिस अधिकारियों की अपराध में समझौता करने की मांग ठुकराई
"हिरासत में हिंसा सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं " : सुप्रीम कोर्ट ने दो पुलिस अधिकारियों की अपराध में समझौता करने की मांग ठुकराई

सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में हिंसा मामले में आरोपी दो पुलिस अधिकारियों की अपराध में समझौता करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।हालांकि उनकी उम्र को देखते हुए, सजा कम कर दी गई थी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने उच्च न्यायालय द्वारा मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों को भुगतान करने के लिए तय मुआवजे के अलावा प्रत्येक को 3.5 लाख रुपये और बढ़ा दिए थे।पर्वत चंद्र मोहंती और प्रताप कुमार चौधरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 324 के तहत दोषी ठहराया गया था। यह पाया गया कि...

अधिकारी निर्धारिती के साथ लीग में हैं : सुप्रीम कोर्ट ने राजस्व संबंधी मामलों में अपील दायर करने में देरी पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई
"अधिकारी निर्धारिती के साथ लीग में हैं" : सुप्रीम कोर्ट ने राजस्व संबंधी मामलों में अपील दायर करने में देरी पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राजस्व संबंधी मामलों में अदालत के समक्ष अपील दायर करने में घोर देरी बरतने के रुख के लिए भारत संघ को फटकार लगाई।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने केंद्रीय उत्पाद एवं बिक्री कर आयुक्त, सूरत द्वारा CESTAT आदेश के खिलाफ केंद्रीय उत्पाद एवं बिक्री कर अधिनियम,1944 की धारा 35 एल के तहत अपील की सुनवाई की, जो 536 दिन की देरी से दायर की गई थी।न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि बार-बार, अदालत का ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित किया गया है कि राजस्व मामलों...

सुप्रीम कोर्ट ने बलवंत सिंह राजोआना की मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने की याचिका पर सुनवाई 6 हफ्ते टाली
सुप्रीम कोर्ट ने बलवंत सिंह राजोआना की मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने की याचिका पर सुनवाई 6 हफ्ते टाली

केंद्र सरकार द्वारा दया याचिका पर भारत के राष्ट्रपति के फैसले का इंतजार करने का अनुरोध करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मौत की सजा के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की याचिका पर सुनवाई को टाल दिया।भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचित किया कि सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और राष्ट्रपति दया याचिका पर फैसला लेंगे।एसजी ने उल्लेख किया कि बलवंत सिंह को 1995 में संभवतः खालिस्तानी भावनाओं के चलते पंजाब के मुख्यमंत्री की हत्या के लिए मौत की सजा...

सुप्रीम कोर्ट ने नकली समाचारों और भड़काऊ मैसेज की जांच के लिए तंत्र तैयार करने की भाजपा नेता की याचिका पर ट्विटर को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने नकली समाचारों और भड़काऊ मैसेज की जांच के लिए तंत्र तैयार करने की भाजपा नेता की याचिका पर ट्विटर को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भाजपा नेता विनीत गोयनका द्वारा दायर उस जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें सोशल मीडिया, खासकर ट्विटर के माध्यम से प्रसारित होने वाले नकली समाचारों और भड़काऊ मैसेज की जांच करने के लिए तंत्र तैयार करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई।याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे ने प्रस्तुत किया कि याचिका में ट्विटर पर घृणित विज्ञापनों और भारत विरोधी सामग्री की स्क्रीनिंग करने की व्यवस्था करने के लिए आग्रह है।याचिका में...

अलग आस्था/ अंतर जातीय विवाह से उत्पन्न होने वाले सामाजिक रूप से संवेदनशील मामलों को संभालने के लिए पुलिस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम हों : सुप्रीम कोर्ट
अलग आस्था/ अंतर जातीय विवाह से उत्पन्न होने वाले सामाजिक रूप से संवेदनशील मामलों को संभालने के लिए पुलिस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम हों : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को कुछ दिशानिर्देश और प्रशिक्षण कार्यक्रम तय करने का निर्देश दिया कि कैसे अंंतर- विवाह से उत्पन्न होने वाले सामाजिक रूप से संवेदनशील मामलों को संभालना है।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने उस पुलिस अधिकारी की आलोचना की जिसने एक लड़की के पिता द्वारा दर्ज की गई 'लापता लोगों' की एफआईआर को बंद करने से इनकार कर दिया, यहां तक ​​कि उसे पता चल गया था कि उसने एक व्यक्ति से शादी कर ली थी और उसके साथ रह रही है। दंपति ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया...

जब दो बालिग आपस में विवाह करने के लिए सहमत हों, तो परिवार या समुदाय  की सहमति आवश्यक नहीं: सुप्रीम कोर्ट
जब दो बालिग आपस में विवाह करने के लिए सहमत हों, तो परिवार या समुदाय की सहमति आवश्यक नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब दो बालिग आपस में विवाह करने के लिए सहमत हों, तो परिवार या समुदाय या कबीले की सहमति आवश्यक नहीं है।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस हृषिकेश रॉय की खंडपीठ ने कहा कि शादी करने का अधिकार या अपनी पसंद की शादी करना, "वर्ग सम्मान (Class honour)" या "समूह की सोच (Group thinking)" की अवधारणा पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं है।अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारी 'सामाजिक रूप से संवेदनशील मामलों' को संभालने के लिए दिशानिर्देश और प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करेंगे।लड़की के पिता ने 'लापता...

कंज्यूमर फोरम के पास 45 दिनों के बाद लिखित बयान स्वीकार करने के लिए कोई शक्ति नहीं: सुप्रीम कोर्ट
कंज्यूमर फोरम के पास 45 दिनों के बाद लिखित बयान स्वीकार करने के लिए कोई शक्ति नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने (गुरुवार) अपने फैसले को दोहराते हुए कहा कि, उपभोक्ता मंच (Consumer Forum) के पास 45 दिनों के बाद लिखित बयान स्वीकार करने के लिए कोई अधिकार क्षेत्र और / या शक्ति नहीं है।इस मामले में, राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कर्नाटक राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा दिए गए आदेश की पुष्टि की, जिसमें उपभोक्ता शिकायत पर लिखित संस्करण / लिखित बयान दर्ज करने में देरी के लिए माफी मांगने वाले आवेदन को खारिज कर दिया गया। अस्वीकृति इस आधार पर थी कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के...

गिरफ्तारी में अरनेश कुमार मामले में दी गई गाइडलाइंस का पालन करने के लिए पुलिस को दिशा निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया
गिरफ्तारी में अरनेश कुमार मामले में दी गई गाइडलाइंस का पालन करने के लिए पुलिस को दिशा निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें यह सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश देने की मांग की गई थी कि पुलिस गिरफ्तारी करते समय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए 'अर्नेश कुमार मामले के फैसले' में निर्धारित दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करे।एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए, कानून शोधकर्ताओं अमेया बोकिल और सुरजना बेज द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया कि लॉकडाउन अवधि के दौरान पुलिस द्वारा की गई अंधाधुंध गिरफ्तारियों के दौरान...