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अब जेल, नियम और जमानत अपवाद हो गई है; और पत्रकारों को आलेख छापने से पहले कानूनी राय लेनी पड़ती है: सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन [वीडियो]
वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने शुक्रवार को कहा, "रिमांड सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक कार्य है। मजिस्ट्रेटों को इस कार्य का निर्वहन यांत्रिक तरीक से नहीं करना चाहिए, बल्कि दीमाग का इस्तेमाल होना चाहिए।"रेबेका जॉन ने 'द राइट टू डिसेंट' विषय पर लाइव लॉ की ओर से आयोजित एक वेबिनार में ये बात कही। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, जस्टिस दीपक गुप्ता भी पैनलिस्ट थे। रेबेका जॉन ने टूलकिट मामले में कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी और पुलिस हिरासत में उनकी रिमांड का उदाहरण दिया और मामले में हुई...
लॉकर की सुरक्षा और संचालन सुविधा सुनिश्चित करना बैंकों का कर्तव्य है : सुप्रीम कोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैंकों का कर्तव्य है कि वे अपने लॉकर या सुरक्षा जमा प्रणालियों (सेफ्टी डिपोजिट सिस्टम) को बनाए रखने, देखभाल करने और संचालन के लिए उचित तरीके से काम करें और वे इस संबंध में देखभाल के न्यूनतम मानक (Minimum Standard) से बाहर अनुबंध नहीं कर सकते हैं।कोर्ट ने कहा कि बैंक अपना हाथ पीछे खींचकर यह नहीं कह सकते हैं कि लॉकर के संचालन के लिए वे अपने ग्राहकों के प्रति कोई दायित्व नहीं रखते हैं।जस्टिस मोहन एम. शांतनगौदर और जस्टिस विनीत सरन की पीठ ने कहा कि लॉकर सुविधा / सुरक्षित जमा...
"उसे हमेशा जेल में रखना उचित नहीं होगा", सुप्रीम कोर्ट ने डकैती और हत्या के मामले में दोषी पाए गए व्यक्ति की सजा कम की
सुप्रीम कोर्ट ने डकैती और हत्या के मामले में दोषी पाए गए व्यक्ति की सजा उम्रकैद से घटाकर 22 साल की कैद तक सीमित कर दी।शिवलिंग @ शिवलिंगैया को ट्रायल कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 396, धारा 307 और धारा 34 के तहत दोषी ठहराया था और मौत की सजा सुनाई थी।कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस फैसले के खिलाफ की गई अपील को आंशिक रूप से अनुमति देते हुए मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। शिवलिंग और अन्य अभियुक्तों पर एक लॉरी ड्रायवर और क्लीनर पर हमला करके डकैती करने का आरोप था, जिसमें क्लीनर की मौत हो गई...
क्या यूपीएससी परीक्षाओं के लिए ईडब्ल्यूएस के तहत आरक्षण का लाभ उठाने के लिए प्रमाण पत्र अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाई जा सकती है ? : सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उन विशेष अनुमति याचिकाओं पर नोटिस जारी किया कि क्या यूपीएससी परीक्षाओं के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के तहत आरक्षण का लाभ उठाने के लिए प्रमाण पत्र अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।जस्टिस रोहिंटन एफ नरीमन, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने मामले की सुनवाई की और एसएलपी पर नोटिस जारी करने के साथ-साथ अंतरिम राहत के लिए प्रार्थना पर तीन सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा। उत्तरदाताओं को दो सप्ताह के भीतर एक जवाबी शपथ पत्र दाखिल करने के लिए...
"हाईकोर्ट से संपर्क करें", सुप्रीम कोर्ट ने मप्र लव जिहाद कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक रिट याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें धार्मिक रूपांतरण और अंतर-धार्मिक विवाह से संबंधित मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी।भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने रिट याचिका पर कहा,"मप्र हाईकोर्ट से संपर्क करें। हम हाईकोर्ट के विचार देखना चाहेंगे। हमने इसी तरह के मामलों को हाईकोर्ट को वापस भेजा है।"पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से याचिका वापस लेने को कहा और उच्च न्यायालय में याचिका स्थानांतरित करने...
सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय बेंच के खिलाफ एनसीएलएटी की पांच सदस्यीय पीठ द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणी को हटाया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एनसीएलएटी की 3 -सदस्यीय पीठ के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) की 5-सदस्यीय पीठ द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणी को हटा दिया, जिसमें जस्टिस (सेवानिवृत्त) जरात कुमार जैन, बविंदर सिंह और विजय प्रताप सिंह शामिल थे।सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच जिसमें न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन और जस्टिस बीआर गवई शामिल थे, ने तीन सेवारत एनसीएलएटी सदस्यों द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश दिया।न्यायमूर्ति नरीमन ने याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता वीके गर्ग से...
[दिशा रवि टूल किट केस] मीडिया सनसनीखेज तरीके से सूचना का प्रसार नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने चैनल के संपादकों को निर्देश दिया, दिशा को भी पुलिस को बदनाम करने से रोका
दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना है कि टूलकिट मामले का हालिया कवरेज निश्चित रूप से दिखाता है कि मीडिया द्वारा सनसनीखेज रिपोर्टिंग की गई है।न्यायमूर्ति प्रथिबा सिंह की खंडपीठ ने टाइम्स नाउ, इंडिया टुडे और न्यूज 18 चैनल के संपादकों को निर्देश दिया कि सूचनाओं का प्रसार करते समय उचित संपादकीय नियंत्रण का उपयोग सुनिश्चित करें ताकि जांच प्रभावित न हो।कोर्ट ने उक्त टिप्पणियां एक्टिविस्ट दिश रवि की याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें इंडिया टुडे, टाइम्स नाउ और न्यूज 18 के खिलाफ टूलकिट मामले में हिंसक...
NHAI बनाम प्रोग्रेसिव कंस्ट्रक्शन : सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस ( सेवानिवृत ) जीएस सिंघवी को एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त किया
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा दायर एक अपील की अनुमति देते हुए, पक्षों को मध्यस्थ कार्यवाही के लिए आईसीए घरेलू वाणिज्यिक मध्यस्थता और सुलह, 2016 के नियमों के अनुसार विवादों के निपटारे के लिए 2 सप्ताह के भीतर भारतीय मध्यस्थता परिषद के समक्ष जाने का निर्देश दिया।यह आदेश न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ से आया है, जिसने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 04.12.2019 को रद्द किया है। 10.04.2019 के उच्च न्यायालय के आदेश में एकल पीठ...
जो पक्षकार सीपीसी 89 के तहत अदालती हस्तक्षेप के बिना विवाद को निपटाने में सहमत हुए, वो कोर्ट फीस वापस लेने के हकदार : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि जो पक्ष निजी तौर पर सिविल विवाद प्रक्रिया की धारा 89 के तहत विचार किए गए माध्यम के बाहर अपने विवाद को निपटाने के लिए सहमत होते हैं, वो भी कोर्ट फीस वापस लेने के हकदार हैं।निजी समझौतों में भाग लेने वाले समान लाभ के हकदार होंगे, जिन्हें धारा 89 सीपीसी के तहत वैकल्पिक विवाद निपटान विधियों का पता लगाने के लिए संदर्भित किया गया है, पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनागौदर और न्यायमूर्ति विनीत सरन शामिल हैं, ने कहा।इस मामले में, मद्रास उच्च न्यायालय (प्रशासनिक पक्ष) ने...
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री पर केस को सूचीबद्ध करने में देरी करने के आरोप लगाने वाली पार्टी इन पर्सन की रिट याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक पार्टी इन पर्सन (पक्षकार) द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री पर उसके द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका को सूचीबद्ध करने में देरी का आरोप लगाया था।यह याचिका अभिषेक कुमार मिश्रा द्वारा दायर की गई थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट सेक्रेटरी जनरल को प्रतिवादी बनाया गया था।मिश्रा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ 5 नवंबर, 2020 को सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका...
"हम चाहते हैं कि सरकार पेड़ काटने से पहले विकल्पों की तलाश करे" : सुप्रीम कोर्ट ने राजमार्ग परियोजनाओं के लिए पेड़ काटने पर दिशानिर्देश जारी करने के संकेत दिए
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को संकेत दिया कि वह राजमार्ग परियोजनाओं के प्रयोजनों के लिए पेड़ों की कटाई के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा।"हम चाहते हैं कि सरकार सड़कों के लिए पेड़ों को काटने से पहले विकल्पों का पता लगाए," भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने पश्चिम बंगाल में एक परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ एक मामले की सुनवाई करते हुए टिप्पणी की।पीठ, जिसमें जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन भी शामिल हैं, ने आगे कहा कि वह इस तरह के दिशानिर्देशों के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन कर...
"हम किसी को शारीरिक रूप से सुनवाई के लिए सहमति देने के लिए कैसे बाध्य कर सकते हैं " : सुप्रीम कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट के परिपत्र के खिलाफ याचिका पर कहा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए दी जिसमें COVID-19 महामारी के परिणामस्वरूप अदालत के प्रतिबंधित कामकाज के दौरान किसी मामले की अंतिम सुनवाई से पहले दोनों पक्षों की सहमति के उच्च न्यायालय के परिपत्र को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।अब्दुल्ला 2016 में दिल्ली हाईकोर्ट में उनके द्वारा दायर की गई वैवाहिक अपील की अंतिम सुनवाई की मांग कर रहे हैं, जिसमें...
सुप्रीम कोर्ट ने NRI के लिए डाक मतपत्र सुविधा की जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस रिट याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें चुनाव के समय अपने मतदान क्षेत्र के बाहर रहने वाले अनिवासी भारतीयों और अन्य लोगों के लिए डाक मतपत्र जैसे तरीकों के जरिए मतदान के अधिकार की मांग की गई है।कोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।केरल के एक राजनीतिक एक्टिविस्ट के सत्यन द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि इन दिनों, बहुसंख्यक आबादी अपने निर्वाचन क्षेत्र से अस्थायी रूप से दूर रहती है, जिनमें पेशा, व्यवसाय, व्यापार, शिक्षा, विवाह आदि...
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोपों के पीछे "बड़ी साजिश" की जांच पर शुरू स्वतः संज्ञान कार्यवाही बंद की
भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के पीछे "बड़ी साजिश" होने की जांच करने के लिए शुरू की गई स्वतः संज्ञान कार्यवाही को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बंद कर दिया।"इन रि : मैटर ऑफ ग्रेट पब्लिक इंपोर्टेंस टचिंग अपॉन द इंडिपेंडेंस ऑफ ज्यूडिशियरी" शीर्षक वाले इस मामले पर 1 साल 9 महीने की अवधि के बाद जस्टिस संजय किशन कौल,जस्टिस, एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने विचार किया।आज न्यायमूर्ति कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ...
जहां धोखाधड़ी, गलतबयानी या गलती से समझौता नष्ट हो गया है वहां सहमति देने वाली डिक्री प्रतिबंध के रूप में काम नहीं करेगी : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि जहां धोखाधड़ी, गलतबयानी, या गलती से समझौता नष्ट हो गया है वहां सहमति देने वाली डिक्री एक प्रतिबंध के रूप में काम नहीं करेगी।यह मामला बेअंत सिंह द्वारा पूर्व में स्वामित्व वाली संपत्ति के भूतल के संबंध में कम्पैक एंटरप्राइजेज पर दायर कब्जे और मध्यवर्ती मुनाफे के लिए दाखिल सूट से निकला था।उच्च न्यायालय ने एक सहमति डिक्री पारित की, जिसमें निर्देश दिया गया कि 'याचिकाकर्ता (कम्पैक) उत्तरदाता (सिंह) को मध्यवर्ती मुनाफे के माध्यम से, हर 12 महीने बाद 10% की वृद्धि के साथ...
RTI : सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस अरुण मिश्रा के सेवानिवृत्ति के बाद भी सरकारी आवास में रहने पर कारण देने से इनकार किया
सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई अधिनियम) के तहत दायर एक आवेदन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण मिश्रा के अपने आधिकारिक बंगले में समय से अधिक रहने के बारे में विवरण मांगने पर, सुप्रीम कोर्ट ने खुलासा किया है कि इस संबंध में जानकारी प्रदान नहीं की जा सकती है क्योंकि इसे आरटीआई अधिनियम की धारा 8 (1) (जे) और धारा 11 (1) के तहत छूट प्राप्त है।यह जवाब शेरिल डिसूजा द्वारा दायर एक आवेदन में सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त रजिस्ट्रार और केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी अजय अग्रवाल ने दिया...
महिला को उत्पीड़न के खिलाफ अवाज उठाने के लिए दंडित नहीं किया जा सकताः प्रिया रमानी का बरी किया जाना 'मी टू' आंदोलन की जीत
पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ मानहानि के मुकदमे में पत्रकार प्रिया रमानी का बरी किया जाना देश में यौन उत्पीड़न के मामले में दिया गया महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के एसीएमएम रवींद्र पांडे ने बुधवार को यह फैसला दिया था।यौन उत्पीड़न के मामले में रमानी का बोलना, पेशकश के बावजूद 'समझौते' से इनकार करना और उनका बचाव - इन सभी बातों ने उस मुद्दे में काफी मदद की, जिसके लिए उन्होंने अपनी आवाज उठाई थी, यानी-सार्वजनिक कल्याण और सार्वजनिक हित। आज भी,...
राज्य उपक्रम और निजी पार्टी के बीच अनुबंध में मध्यस्थता खंड की उपस्थिति अनुच्छेद 226 के तहत लाभ उठाने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक राज्य उपक्रम और एक निजी पार्टी के बीच एक अनुबंध के भीतर मध्यस्थता खंड की उपस्थिति संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत लाभ उठाने के लिए एक पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाती है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने कहा कि राज्य और उसके उपक्रम को केवल इसलिए निष्पक्ष तरीके से कार्य करने के कर्तव्य से छूट नहीं है क्योंकि अपने व्यापारिक व्यवहार में वे अनुबंध के दायरे में आ गए हैं।इस मामले में, तेलंगाना उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने यूनिटेक को 165 करोड़ रुपये की राशि...
'महिलाओं को दशकों बाद भी अपनी शिकायत सामने रखने का अधिकार': दिल्ली कोर्ट ने एमजे अकबर आपराधिक मानहानि केस में प्रिया रमानी को बरी किया
दिल्ली की अदालत ने बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में पत्रकार प्रिया रमानी को बरी कर दिया है। प्रिया द्वारा लगाए गए ''मीटू'' यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद यह अवमानना का केस दायर किया गया था। अदालत ने कहा कि,''महिलाओं को दशकों के बाद भी अपनी शिकायत सामने रखने का अधिकार है।'' यह भी कहा कि सोशल स्टे्टस वाला व्यक्ति भी यौन उत्पीड़न करने वाला हो सकता है। कोर्ट ने माना कि,''यौन शोषण गरिमा और आत्मविश्वास को खत्म कर देता है। प्रतिष्ठा का अधिकार गरिमा के...
चार धाम परियोजना और उत्तराखंड आपदा के बीच कोई लिंक नहीं : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
चार धाम राजमार्ग परियोजना के संबंध में, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उत्तराखंड में आई बाढ़ के मद्देनज़र अदालत द्वारा नियुक्त उच्चाधिकार समिति की रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करने के लिए केंद्र को दो सप्ताह का समय दिया है।जस्टिस आर एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष रक्षा मंत्रालय के लिए पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि उत्तराखंड में हाल ही में दुर्भाग्यपूर्ण आपदा के मद्देनज़र एचपीसी में अध्यक्ष के नेतृत्व में सदस्यों ने परियोजना को इसके लिए दोषी ठहराया है, जो कि सही दावा नहीं...

![अब जेल, नियम और जमानत अपवाद हो गई है; और पत्रकारों को आलेख छापने से पहले कानूनी राय लेनी पड़ती है: सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन [वीडियो] अब जेल, नियम और जमानत अपवाद हो गई है; और पत्रकारों को आलेख छापने से पहले कानूनी राय लेनी पड़ती है: सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन [वीडियो]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/07/18/500x300_378445-378404-rebecca-john.jpg)





![[दिशा रवि टूल किट केस] मीडिया सनसनीखेज तरीके से सूचना का प्रसार नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने चैनल के संपादकों को निर्देश दिया, दिशा को भी पुलिस को बदनाम करने से रोका [दिशा रवि टूल किट केस] मीडिया सनसनीखेज तरीके से सूचना का प्रसार नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने चैनल के संपादकों को निर्देश दिया, दिशा को भी पुलिस को बदनाम करने से रोका](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/02/18/500x300_389360-816jlzuajnlxuuwn8wuskjewcf5isrnyrpz7075367.jpg)











