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सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट में तलाक और भरण-पोषण के मामले में यूनीफॉर्म लॉ के लिए दायर जनहित याचिका के खिलाफ मुस्लिम महिला ने आवेदन दायर किया

तलाक और भरण-पोषण संबंध‌ित व्यक्तिगत कानूनों में एकरूपता के लिए भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर एक जनहित याचिका के ‌खिलाफ एक मुस्लिम महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।गुड़गांव की निवासी अमीना शेरवानी का दावा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत मुस्लिम शादियों, तलाक, भरण-पोषण आदि को विनियमित करने के प्रावधान फायदेमंद हैं।वह दावा करती है कि मुस्लिम विवाह की संविदात्मक प्रकृति मुस्लिम महिलाओं को विवाह पर ऐसी शर्तें लगाने में मदद करती है, जो वैवाहिक...

यदि आप जो कह रहे हैं वह सही है, तो हमें कानून रद्द करना होगा : सीजेआई ने चुनावी बॉन्ड मामले में प्रशांत भूषण से कहा
"यदि आप जो कह रहे हैं वह सही है, तो हमें कानून रद्द करना होगा" : सीजेआई ने चुनावी बॉन्ड मामले में प्रशांत भूषण से कहा

"यदि आप जो कह रहे हैं वह सही है, तो हमें कानून को रद्द करना होगा," भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण को चुनावी बॉन्ड की वैधता के खिलाफ उनकी दलील पर टिप्पणी करते हुए कहा।हालांकि, सीजेआई ने पूछा कि अंतरिम आदेश में ये कैसे किया जा सकता है।सीजआई ने पूछा,"यह एक अंतरिम आदेश के माध्यम से कैसे किया जा सकता है?" भूषण पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और असम में विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी बॉन्ड के खिलाफ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा दायर आवेदन पर बहस कर रहे...

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया, हाईकोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया, हाईकोर्ट जाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने बुधवार को मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख परम बीर सिंह को महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्री अनिल देशमुख की कथित भ्रष्ट दुर्भावना की सीबीआई जांच की मांग के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा।सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता से दो सवाल किए। पीठ ने पूछा कि उच्च न्यायालय के समक्ष अनुच्छेद 226 याचिका के बजाय अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष याचिका क्यों दायर की गई। अदालत ने याचिकाकर्ता से आगे पूछा कि अनिल...

टेलीफोनिक संदेश जो स्पष्ट रूप से अपराध को निर्दिष्ट नहीं करता है, उसे एफआईआर के तौर पर नहीं माना जा सकताः सुप्रीम कोर्ट
टेलीफोनिक संदेश जो स्पष्ट रूप से अपराध को निर्दिष्ट नहीं करता है, उसे एफआईआर के तौर पर नहीं माना जा सकताः सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक टेलीफोनि संदेश जो स्पष्ट रूप से अपराध को निर्दिष्ट नहीं करता है, उसे एफआईआर के तौर पर नहीं माना जा सकता है।इस मामले में, हत्या के अभियुक्त समधन शिंदे, नेताजी अच्युत शिंदे और बालासाहेब कल्याणराव शिंदे को हाईकोर्ट द्वारा दोषी ठहराया था। ट्रायल कोर्ट ने नेताजी और बालासाहेब को बरी कर दिया था और समधन को दोषी ठहराया था। हाईकोर्ट ने समधन की सजा की पुष्टि की और बाकी दोनों को भी दोषी ठहराया। अपीलार्थी द्वारा दी गई एक दलील यह थी कि घटना के दिन प्रारंभिक जानकारी शाम को 5...

राष्ट्रीय आपदा में मंत्रालयों की शक्तियां और कार्य राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को स्थानांतरित नहीं होते : सुप्रीम कोर्ट
राष्ट्रीय आपदा में मंत्रालयों की शक्तियां और कार्य राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को स्थानांतरित नहीं होते : सुप्रीम कोर्ट

ऋण मोहलत मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा की स्थिति में मंत्रालयों की शक्तियां और कार्य राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को स्थानांतरित नहीं होते हैं।अदालत ने कहा,"... डीएमए 2005 के प्रासंगिक प्रावधानों को पढ़ने पर ... यह नहीं कहा जा सकता है कि सभी मंत्रालयों के कार्यों को एनडीएमए द्वारा निर्वहन किया जाना चाहिए जो प्रत्येक मंत्रालय के लिए योग्यता क्षेत्र में फैसले लेगा।यह भी नहीं हो सकता कि यह कहा जाए कि मंत्रालयों के कार्य एनडीएमए को हस्तांतरित किए जाएंगे और एनडीएमए आपदा...

अटॉर्नी जनरल ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की सहमति देने से इनकार किया
अटॉर्नी जनरल ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की सहमति देने से इनकार किया

भारत के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ न्यायपालिका पर टिप्पणी करने के लिए आपराधिक अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने की सहमति देने से इनकार कर दिया।एजी ने कहा कि राहुल गांधी के बयानों ने "न्यायपालिका" का एक सामान्य संदर्भ दिया और सुप्रीम कोर्ट के लिए कोई विशेष संदर्भ नहीं दिया।उन्होंने कहा कि न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 (Contempt of Courts Act, 1971) की धारा 15 के तहत अटॉर्नी जनरल के पास सुप्रीम कोर्ट की अवमानना ​​के संबंध में अवमानना ​​के लिए...

कोर्ट / ट्रिब्यूनल औपचारिक अर्जी की गैर मौजूदगी में भी लिमिटेशन एक्ट की धारा 5 के तहत विलंब माफ कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट / ट्रिब्यूनल औपचारिक अर्जी की गैर मौजूदगी में भी लिमिटेशन एक्ट की धारा 5 के तहत विलंब माफ कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि औपचारिक अर्जी की गैर मौजूदगी में भी लिमिटेशन एक्ट की धारा 5 के तहत कोर्ट / न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) को विलंब के लिए माफी देने के अपने विशेषाधिकार के इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध नहीं है।न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि कोर्ट विलंब का कारण दर्शाने के लिए अर्जी या कोई हलफनामा दायर करने पर हमेशा जोर दे सकता है।कोर्ट राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के एक फैसले के खिलाफ अपील पर विचार कर रहा था, जिसमें एक...

हाथ से गटर साफ करने के लिए लोगों को नौकरी पर रखने पर आपराधिक कार्रवाई करने की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई अगस्त तक स्थगित की
हाथ से गटर साफ करने के लिए लोगों को नौकरी पर रखने पर आपराधिक कार्रवाई करने की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई अगस्त तक स्थगित की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अधिकारियों, एजेंसियों, ठेकेदारों या किसी अन्य व्यक्ति के हाथ से गटर साफ करने के लिए लोगों को नौकर पर रखने पर आपराधिक कार्रवाई करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई को अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया। पिछले दिनों हाथ से गटर साफ करने वाले (Manual Scavenger) कई लोगों की काम के दौरान मौत हो गई थी।मुख्य न्यायाधीश बोबडे, जस्टिस बोपन्ना और जस्टिस रामसुब्रमण्यम की तीन जजों की बेंच "क्रिमिनल जस्टिस सोसाइटी ऑफ़ इंडिया" द्वारा दायर जनहित याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें...

हाईब्रिड सुनवाई के लिए एसओपी : अगर लॉर्डशिप को लगता है कि जज कानून से ऊपर हैं, तो हमें कानून को अपने हाथों में लेना होगा  : एससीबीए अध्यक्ष विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
हाईब्रिड सुनवाई के लिए एसओपी : "अगर लॉर्डशिप को लगता है कि जज कानून से ऊपर हैं, तो हमें कानून को अपने हाथों में लेना होगा " : एससीबीए अध्यक्ष विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सुनवाई की हाईब्रिड प्रणाली के लिए तैयार एसओपी के मुद्दे पर, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एससीबीए द्वारा दायर रिट याचिका में कार्यवाही को यह देखते हुए बंद कर दिया कि इस मामले को अदालत में न्यायिक पक्ष से नहीं निपटा जा सकता है।जस्टिस एसके कौल और जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने दर्ज किया कि समन्वय समिति ने 3 फरवरी, 4 फरवरी और 13 फरवरी को बैठकें आयोजित की थीं, जिसमें एससीबीए और एससीओआरए के सदस्यों ने भाग लिया था, जहां एसओपी तैयार करनाही मुख्य एजेंडा था।10 फरवरी को सिफारिशें प्राप्त होने के बाद, 13...

National Uniform Public Holiday Policy
टीनेज रिलेशनशिप के मामलों में POCSO अपराधों के कंपाउंडिंग की मांग करते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक विशेष अनुमति याचिका दायर कर यह मुद्दा उठाया गया है कि क्या एक किशोर लड़का, जो 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ संबंध बनाता है, उसको पाॅक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस) के तहत यौन उत्पीड़न के अपराध के लिए दंडित किया जा सकता है?याचिका में कहा गया है कि,''एक ऐसे किशोर को सजा देना,जिनके बीच आपसी सहमति से अफेयर था जो बाद में किसी कारण से खराब हो गया, अधिनियम के उद्देश्य के रूप में नहीं माना जा सकता है और यह केवल अधिनियम की उद्देश्य को पराजित करेगा।...

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा ऑनलाइन मीडिया स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म पर कंटेंट के नियमन से संबंधित मामलों की सुनवाई पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा ऑनलाइन मीडिया स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म पर कंटेंट के नियमन से संबंधित मामलों की सुनवाई पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उच्च न्यायालयों के समक्ष लंबित नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वीडियो, हॉटस्टार आदि जैसे ऑनलाइन मीडिया स्ट्रीमिंग प्लेटफार्मों पर कंटेंट (सामग्री) के नियमन से संबंधित मामलों की कार्यवाही पर रोक लगा दी।जस्टिस चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने ओटीटी प्लेटफार्मों के नियमन के लिए विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों को स्थानांतरित करने की मांग वाली केंद्र सरकार की स्थानांतरण याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश जारी किया।बेंच सरकार द्वारा इन ऑनलाइन मीडिया...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी मुकदमों के पीड़ितों के लिए मुआवजे की याचिका की याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता और बीजेपी नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें फर्जी अभियोजन के पीड़ितों को केंद्र द्वारा मुआवजे के लिए दिशानिर्देश तैयार करने के निर्देश मांगे गए हैं। दलील यह भी है कि न्याय के पतन पर लॉ कमीशन की रिपोर्ट संख्या -277 की सिफारिशों को लागू किया जाए।न्यायमूर्ति यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने भाजपा नेता कपिल मिश्रा द्वारा दायर एक अन्य याचिका को भी इसके साथ टैग किया है, जो इसी तरह का निर्देश मांग रही है। मिश्रा ने सर्वोच्च...

सुप्रीम कोर्ट ने लोन मोहलत अवधि के दौरान बैंकों के ब्याज पर ब्याज या ब्याज पर जुर्माना लगाने पर रोक लगाई, मोहलत अवधि बढ़ाने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने लोन मोहलत अवधि के दौरान बैंकों के ब्याज पर ब्याज या ब्याज पर जुर्माना लगाने पर रोक लगाई, मोहलत अवधि बढ़ाने से इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि लोन की किश्तों में पिछले साल 1 मार्च से 31 अगस्त तक की अवधि के दौरान किसी भी उधारकर्ता पर ब्याज पर ब्याज या ब्याज पर कोई दंड नहीं होना चाहिए, जो लोन की किसी की राशि को लिए हो।यदि इस तरह का ब्याज पहले ही एकत्र किया जा चुका है, तो इसे उधारकर्ता को वापस कर दिया जाना चाहिए या अगली किश्तों में समायोजित कर दिया जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि केवल दो करोड़ रुपये से कम की ऋण श्रेणियों में ब्याज पर छूट का लाभ सीमित करने के लिए केंद्र की नीति में कोई औचित्य नहीं...

डिजिटली हस्ताक्षरित निर्णय/आदेश प्रामाणिकता दिखाते हैं; वॉटरमार्क नेविगेशन किसी दुःस्वप्न की तरह होते हैंः सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट और ट्रिब्यूनल्स के लिए कहा
डिजिटली हस्ताक्षरित निर्णय/आदेश प्रामाणिकता दिखाते हैं; वॉटरमार्क नेविगेशन किसी दुःस्वप्न की तरह होते हैंः सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट और ट्रिब्यूनल्स के लिए कहा

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने सोमवार को कहा कि हाईकोर्ट और न्यायाधिकरणों को अपने आदेशों और निर्णयों पर वाटरमार्क का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे दस्तावेज़ में बाधा उत्पन्न होती है।न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा,"आपको प्रामाणिकता दिखाने के लिए वॉटरमार्क की आवश्यकता नहीं है। आज की तारीख में निर्णयों पर डिजिटल हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।"जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने यह टिप्पणी उस मामले की सुनवाई के दौरान कही जिसमें एनजीटी ने उस फैसले को मानने से इनकार कर दिया जिसमें...

पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, ट्रांसफर को चुनौती दी
पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, ट्रांसफर को चुनौती दी

मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख परमबीर सिंह ने सबूतों को नष्ट करने से पहले महाराष्ट्र सरकार के गृहमंत्री, अनिल देशमुख के कथित भ्रष्ट व्यवहार की निष्पक्ष, सही, बिना दबाव, स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।उन्होंने मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से उन्हें स्थानांतरित करने के सरकार के आदेश को भी चुनौती दी है। सिंह ने कहा है कि देशमुख फरवरी, 2021 में अपने आवास पर क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट, मुंबई के सचिन वज़े, एसीपी सोशल सर्विस ब्रांच, संजय पाटिल सहित पुलिसअधिकारियों के साथ बैठकें कर...

जस्टिस चंद्रचूड़ ने वकीलों को दिया आश्वासन, वकील के संबंधित समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ज्वॉइन नहीं करने पर केस स्वतः डिसमिस नहीं होगा
जस्टिस चंद्रचूड़ ने वकीलों को दिया आश्वासन, वकील के संबंधित समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ज्वॉइन नहीं करने पर केस स्वतः डिसमिस नहीं होगा

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को सभी वकीलों से कहा कि तकनीकी के उपयोग से खुद को परिचित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ई-समिति द्वारा आयोजित ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने की जरूरत होनी चाहिए।ई-समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा,"हम पहले ही देश भर में 1.5 लाख वकीलों को ट्रेंड कर चुके हैं। इस संबंध में, तमिलनाडु कैडर के एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी आर. अरुलमोझीसेलवी हमारे साथ जुड़े हुए हैं। कृपया मेरे कोर्ट मास्टर से संपर्क करें। उनसे संपर्क करें। आपको सब कुछ ऑनलाइन प्रदान किया...

सुप्रीम कोर्ट ने  हाईकोर्ट द्वारा न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी करने की प्रैक्टिस को अनुचित ठहराया
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी करने की प्रैक्टिस को अनुचित ठहराया

सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों द्वारा न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी करने की प्रैक्टिस को अनुचित ठहराया।एक न्यायिक अधिकारी, जिन्होंने मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता की थी, उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा उनके खिलाफ व्यक्तिगत रूप से की गई कुछ टिप्पणियों के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। एमएसीटी जज द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ अपील में फैसले में प्रतिकूल टिप्पणी की गई।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस आर सुभाष रेड्डी ने कहा,"हम अपीलकर्ता के लिए विद्वान वकील...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सीएमए परीक्षा - 2021 : कथित गड़बड़ियों के चलते आईसीएमएआई की ऑनलाइन परीक्षा रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई है, जिसमें इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ( आईसीएमएआई) द्वारा जनवरी-फरवरी 2021 में आयोजित किए गए कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटेंट ( सीएमए) के इंटरमीडिएट और फाइनल स्तर के ऑनलाइन टेस्ट को रद्द करने की मांग की गई है।कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटिंग (सीएमए) फाइनल कोर्स के एक छात्र द्वारा ये याचिका दायर की गई है, जिसने परीक्षा में व्यापक खराबी का आरोप लगाया जिसकी वजह से इसकी विश्वसनीयता और पवित्रता प्रभावित हुई।याचिकाकर्ता के अनुसार, ऑनलाइन आधारित परीक्षाएं...