ताज़ा खबरें
जब्त मादक पदार्थ की वीडियो रिकॉर्डिंग ट्रांसक्रिप्ट के बिना भी सबूत के तौर पर मान्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब्त मादक पदार्थ की वीडियो रिकॉर्डिंग ट्रांसक्रिप्ट के बिना भी सबूत मानी जाएगी, बशर्ते भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B के तहत वैध इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि वीडियो को हर गवाह की गवाही के दौरान चलाना आवश्यक नहीं है।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट का वह आदेश रद्द किया जिसमें एनडीपीएस मामले में सिर्फ इसलिए पुनःविचारण का निर्देश दिया गया था क्योंकि वीडियो गवाहों के सामने नहीं चलाया गया और न ही उसका...
सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो मंदिर में खंडित विष्णु प्रतिमा की मरम्मत संबंधी याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने आज मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर समूह स्थित जवारी मंदिर में 7 फीट ऊंची खंडित भगवान विष्णु की प्रतिमा के पुनर्निर्माण की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।चीफी जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खण्डपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई की शुरुआत में ही CJI ने याचिका को 'पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन' करार देते हुए कहा – “यह पूरी तरह से पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन है… जाओ और खुद भगवान से कहो कुछ करने के लिए। अगर आप कह रहे हैं कि आप भगवान विष्णु के प्रबल भक्त हैं, तो...
सुविधाओं की कमी के कारण रिटायर जज ट्रिब्यूनल में नियुक्तियां लेने से इनकार कर रहे हैं, इसके लिए केंद्र सरकार दोषी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को कई रिटायर हाईकोर्ट जजों द्वारा रिटायरमेंट के बाद ट्रिब्यूनल के सदस्य के रूप में नियुक्ति स्वीकार करने में अनिच्छा व्यक्त करने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। न्यायालय ने कहा कि रिटायर जजों की यह अनिच्छा ट्रिब्यूनल में उचित सुविधाओं के अभाव के कारण है, जो केंद्र सरकार की गलती है।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के न्यायिक सदस्यों के रूप में नियुक्तियों को अस्वीकार करने वाले रिटायर जजों के मुद्दे पर विचार कर...
S. 223 CrPC/S. 243 BNSS | सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामलों में जॉइंट ट्रायल के सिद्धांत निर्धारित किए
CrPCC की धारा 223 (अब BNSS की धारा 243) की व्याख्या करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जहां एक ही लेन-देन से उत्पन्न अपराधों में कई अभियुक्त शामिल हों, वहां संयुक्त सुनवाई स्वीकार्य है। अलग सुनवाई तभी उचित होगी जब प्रत्येक अभियुक्त के कृत्य अलग-अलग और पृथक करने योग्य हों।न्यायालय ने संयुक्त सुनवाई के संबंध में निम्नलिखित प्रस्ताव रखे:-(i) CrPC की धारा 218 के अंतर्गत अलग सुनवाई का नियम है। संयुक्त सुनवाई की अनुमति तब दी जा सकती है, जब अपराध एक ही लेन-देन का हिस्सा हों या CrPC की धारा 219-223 की...
सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी कानूनों पर रोक की मांग वाली याचिका पर राज्यों से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को विभिन्न राज्यों को उन याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा, जिनमें धार्मिक धर्मांतरण से संबंधित उनके कानूनों पर रोक लगाने की मांग की गई। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड और कर्नाटक के धर्मांतरण से संबंधित कानूनों की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।खंडपीठ ने राज्यों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए...
राजस्थान की जोजरी नदी में औद्योगिक प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की जोजरी नदी के संबंध में स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि औद्योगिक अपशिष्ट, मुख्यतः कारखानों से, नदी में बहाया जा रहा है। इससे सैकड़ों गाँव प्रभावित हो रहे हैं और पीने का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने का अनुरोध किया और आदेश दिया,"उचित आदेश के लिए मामले को माननीय चीफ जस्टिस के समक्ष रखा जाए।"गौरतलब है कि इसी खंडपीठ ने हाल ही में राजस्थान राज्य में हिरासत में मौतों की ओर इशारा करने वाली...
NDPS Act | जब्ती और सैंपल-ड्राविंग धारा 52ए के अनुसार विधिवत दर्ज हो तो ट्रायल में प्रतिबंधित पदार्थ का न होना घातक नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामलों में अभियोजन पक्ष का मामला केवल इसलिए विफल नहीं हो जाता, क्योंकि जब्त प्रतिबंधित पदार्थ अदालत में पेश नहीं किया गया, बशर्ते कि सूची और सैंपल-ड्राविंग रिकॉर्ड विधिवत तैयार किए गए हों और NDPS Act की धारा 52ए के अनुपालन में रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हों।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें NDPS मामले में केवल...
भीमा कोरेगांव मामला मामले में महेश राउत को मिली अंतरिम ज़मानत
सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले के आरोपी महेश राउत को मेडिकल आधार पर 6 हफ़्तों की अंतरिम ज़मानत दी। महेश राउत को कथित माओवादी संबंधों के आरोप में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत गिरफ़्तार किया गया। जून 2018 में गिरफ़्तारी के बाद से ही वह हिरासत में है।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट सी.यू. सिंह द्वारा राउत को रूमेटाइड अर्थराइटिस (र्यूमेटॉइड अर्थराइटिस) से पीड़ित होने का ज़िक्र किए जाने के बाद ज़मानत दी। यह...
सुप्रीम कोर्ट ने 'अवैध फायरआर्म्स' मामले में एक्सपर्ट कमेटी से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सुझावों पर विचार करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बिना लाइसेंस वाले फायरआर्म्स से संबंधित मामले का निपटारा कर दिया। उसे बताया गया कि केंद्र सरकार ने पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) के महानिदेशक की अध्यक्षता में एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया ताकि देश भर में अवैध आग्नेयास्त्रों और वैध आग्नेयास्त्रों के अनधिकृत उपयोग की समस्या से निपटने और उसे रोकने के लिए योजना सुझाई जा सके।पिछले साल नवंबर में अदालत ने प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में समिति का गठन किया, क्योंकि उसे शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र...
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम के खिलाफ रिट याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के कोंटाई रहमानिया हाई मदरसा की प्रबंध समिति द्वारा दायर रिट याचिका को जुर्माने के साथ खारिज किया। इस याचिका में पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम, 2008 को बरकरार रखने वाले अपने 2020 के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई थी।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने कहा कि याचिका "पूरी तरह से गलत धारणा" वाली है और याचिकाकर्ता पर ₹1,00,000 का जुर्माना लगाया।अदालत ने कहा,"रिट याचिका पूरी तरह से गलत धारणा वाली है। इसलिए इसे ₹1,00,000 के...
मणिपुर हिंसा के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने NIA से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश में शामिल होने के आरोपी मोइरंगथेम आनंद सिंह की याचिका पर नोटिस जारी किया। सिंह ने मुकदमे में देरी और जमानत न मिलने का आरोप लगाया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और मुकदमे की स्थिति जानने के लिए NIA से जवाब मांगा।खंडपीठ ने आदेश दिया,"केवल मुकदमे की स्थिति जानने के लिए नोटिस जारी करें।"याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने दलील दी कि आरोप-पत्र दाखिल होने के बावजूद मुकदमा आगे नहीं बढ़ा और याचिकाकर्ता...
गैर-मुस्लिमों को वक्फ बनाने से रोकना प्रथम दृष्टया मनमाना नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि गैर-मुस्लिम नागरिक वक्फ मानी जाने वाली संपत्ति दान नहीं कर सकते तो यह मनमाना नहीं है, क्योंकि वे एक धर्मार्थ ट्रस्ट बनाकर ऐसा कर सकते हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की धारा 3(1)(आर) सहित कुछ प्रावधानों पर रोक लगाते हुए अंतरिम आदेश पारित किया, जिसके तहत किसी व्यक्ति को संपत्ति वक्फ के रूप में समर्पित करने के लिए कम से कम पांच वर्षों तक इस्लाम का पालन करना आवश्यक है।हालांकि, इसने मूल वक्फ अधिनियम,...
हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संबंधी स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट 23 सितंबर को सुनाएगा अपना आदेश
सुप्रीम कोर्ट 23 सितंबर को उस मामले में अपना आदेश सुनाएगा, जिसमें उसने हिमाचल प्रदेश में अनियंत्रित विकास गतिविधियों के कारण उत्पन्न पर्यावरणीय चिंताओं का स्वतः संज्ञान लिया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल और सीनियर एडवोकेट के. परमेश्वर (एमिक्स क्यूरी) की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। जस्टिस मेहता ने संकेत दिया कि न्यायालय केवल हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र के बारे में चिंतित है।जस्टिस नाथ ने...
कॉलेजों में जातिगत भेदभाव: सुप्रीम कोर्ट ने UGC को सुझावों पर विचार करने और नियम अधिसूचित करने के लिए 8 हफ़्ते का समय दिया
उच्च शिक्षण संस्थानों (HEI) में जातिगत भेदभाव का विरोध करने वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों पर विचार करने और नियमों की अधिसूचना के संबंध में अंतिम निर्णय लेने के लिए 8 हफ़्ते का समय दिया।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और संकेत दिया कि UGC निम्नलिखित पहलुओं पर याचिकाकर्ताओं के सुझावों पर भी विचार कर सकता है:- भेदभावपूर्ण प्रथाओं पर रोक लगाना - अर्थात, भेदभाव के सभी ज्ञात रूपों...
विशेष कानूनों के तहत बिना वारंट तलाशी में कारण दर्ज करना अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर किसी विशेष कानून (Special Enactment) के तहत बिना वारंट तलाशी ली जाती है, तो “कारण दर्ज करना” अनिवार्य है।कोर्ट की मुख्य बातेंदंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 165 (BNSS की धारा 185) कहती है कि अगर वारंट के बिना तलाशी करनी है, तो अधिकारी को यह लिखित रूप से दर्ज करना होगा कि1. अपराध संबंधी सामग्री होने का विश्वास क्यों है, और2. तत्काल तलाशी की ज़रूरत क्यों है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानूनी मापविज्ञान अधिनियम, आयकर अधिनियम, सीमा शुल्क अधिनियम, केंद्रीय...
सह-प्रतिवादी के खिलाफ काउंटर-क्लेम दाख़िल नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑर्डर VIII रूल 6-A (CPC) के तहत काउंटर-क्लेम केवल वादी (Plaintiff) के खिलाफ ही दाख़िल किया जा सकता है, सह-प्रतिवादी (Co-defendant) के खिलाफ नहीं। इसी आधार पर कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें एक प्रतिवादी को सह-प्रतिवादी के खिलाफ काउंटर-क्लेम करने की अनुमति दी गई थी।मामला क्या था?वादी (Plaintiff) ने अपनी भाभी (प्रतिवादी संख्या-1) के खिलाफ एक समझौता-नामा (Agreement to Sell, 21 अक्टूबर 2011) को चुनौती देते हुए वाद दायर किया था।यह समझौता प्रतिवादी...
ASI संरक्षित स्मारकों को वक्फ घोषित नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की धारा 3डी ((संरक्षित स्मारक या संरक्षित क्षेत्र को वक्फ घोषित करना शून्य) पर रोक लगाने से इनकार किया।अधिनियम की धारा 3डी के अनुसार, वक्फ संपत्ति की कोई भी घोषणा या अधिसूचना शून्य होगी यदि वह प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम, 1904 या प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत संरक्षित स्मारक या संरक्षित क्षेत्र था।अधिनियम की धारा 3डी - इस अधिनियम या किसी पूर्व अधिनियम के तहत वक्फ संपत्तियों के संबंध में जारी की गई कोई भी घोषणा या...
'हमें सहानुभूति है, पर पहले हाईकोर्ट जाएं'- गुजरात पुलिस पर हिरासत में यातना मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने आज गुजरात पुलिस पर एक 17 साल के लड़के के साथ कथित यौन उत्पीड़न और हिरासत में हुई यातना की जांच कराने की मांग वाली याचिका सुनने से इनकार कर दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह केस वापस लेने की अनुमति दी और कहा कि पीड़ित की बहन (याचिकाकर्ता) हाईकोर्ट जा सकती हैं। जस्टिस नाथ ने कहा – “आप हाईकोर्ट जाइए, अगर वहां आपका मामला नहीं सुना गया तो फिर हमारे पास आइए, हम विचार करेंगे।”जस्टिस मेहता ने कहा – “हमारी सहानुभूति आपके साथ है, लेकिन सही तरीका यही है कि पहले...
वैवाहिक क्रूरता मामले में MLA उमंग सिंघार को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार किया, जिसमें कांग्रेस विधायक (Congress MLA) उमंग सिंघार के खिलाफ कथित घरेलू हिंसा और अपनी पत्नी के प्रति क्रूरता के आरोप में दर्ज FIR रद्द कर दी गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को राज्य द्वारा दी गई चुनौती पर सुनवाई कर रही थी।प्रतिवादी ने बेंच को बताया कि सिंघार द्वारा अपनी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कराने के बाद ही FIR दर्ज...
Bihar SIR | 'अगर अवैधता है तो फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन हमारे लिए मायने नहीं रखेगा': सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई स्थगित की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (15 सितंबर) को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई 7 अक्टूबर तक के लिए स्थगित की।हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि 1 अक्टूबर से पहले सुनवाई की मांग की थी।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने यह कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया कि 28 सितंबर को दशहरा अवकाश के कारण अदालत एक सप्ताह के लिए बंद रहेगा।अदालत ने कहा कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से मामले के निर्णय पर कोई फर्क...




















