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बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को दशहरा उत्सव में आमंत्रित करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, कल होगी सुनवाई
बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को दशहरा उत्सव में आमंत्रित करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, कल होगी सुनवाई

कर्नाटक हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई, जिसमें मैसूर के चामुंडी मंदिर में दशहरा उत्सव के उद्घाटन समारोह में बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के राज्य सरकार के फैसले को मंजूरी दी गई थी।याचिकाकर्ता के वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) के समक्ष मामले को तत्काल सुनवाई के लिए प्रस्तुत करते हुए कहा,"यह मैसूर में दशहरा के उद्घाटन के लिए चामुंडेश्वरी मंदिर में एक गैर-हिंदू को अग्र पूजा करने की अनुमति देने के कर्नाटक सरकार के फैसले के खिलाफ...

यूनिवर्सिटी ने वकील की डिग्री की प्रामाणिकता से किया इनकार, सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया
यूनिवर्सिटी ने वकील की डिग्री की प्रामाणिकता से किया इनकार, सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक वकील की बी.कॉम डिग्री की प्रामाणिकता सत्यापित करने का निर्देश दिया। संबंधित यूनिवर्सिटी ने इस डिग्री को 'जाली' घोषित किया है और इसे उसके द्वारा जारी नहीं किया गया।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की अनुशासन समिति के उस फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता के पास मौजूद वाणिज्य स्नातक ("बी.कॉम") की डिग्री के जाली होने का सवाल था।सुनवाई की पिछली तारीख पर अदालत ने मगध यूनिवर्सिटी,...

दैवीय या गौ-हस्तक्षेप से निर्णय देने वाले जज संवैधानिक शपथ का उल्लंघन करते हैं: जस्टिस नरीमन
"दैवीय या गौ-हस्तक्षेप" से निर्णय देने वाले जज संवैधानिक शपथ का उल्लंघन करते हैं: जस्टिस नरीमन

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि जो जज कहते हैं कि उन्होंने कोई निर्णय सुनाते समय दैवीय हस्तक्षेप की मांग की, वे वास्तव में संविधान की शपथ का उल्लंघन कर रहे हैं।उन्होंने कहा,"चाहे दैवीय हस्तक्षेप हो या गौ-हस्तक्षेप, या किसी भी अन्य प्रकार का हस्तक्षेप, यदि कोई जज कोई निर्णय देता है तो वह संविधान की शपथ का उल्लंघन कर रहा होता है। आपको केवल संविधान और कानूनों की शपथ पर चलना है और जब आप संविधान और कानूनों की शपथ पर चलते हैं तो आप निश्चित रूप से अपनी नैतिकता भी लाते हैं।...

मूर्ति चोरी के मामलों की गुम फाइलों पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से सवाल किए, केंद्र से भी मांगा जवाब
मूर्ति चोरी के मामलों की गुम फाइलों पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से सवाल किए, केंद्र से भी मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय को तमिलनाडु के विभिन्न मंदिरों से 1985 से चोरी हुई मूर्तियों की बरामदगी से संबंधित मामले में नोटिस जारी किया, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे विदेशी संग्रहालयों में हैं।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने यह आदेश वकील एलिफेंट जी राजेंद्रन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें तमिलनाडु में प्राचीन मंदिरों की मूर्तियों, कलाकृतियों, आभूषणों और अन्य संपत्तियों की चोरी से जुड़ी 41 केस...

Judicial Service | युवा वकीलों की उदासीनता पर सुप्रीम कोर्ट पदोन्नति के अवसरों की कमी की करेगा जांच
Judicial Service | युवा वकीलों की उदासीनता पर सुप्रीम कोर्ट पदोन्नति के अवसरों की कमी की करेगा जांच

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा में प्रवेश स्तर के पदों पर पदोन्नति के अवसरों की कमी के मुद्दे की जांच करने का निर्णय लिया, जिसके कारण कई प्रतिभाशाली युवा वकील सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर सेवा देने से कतरा रहे हैं।यह मुद्दा अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ मामले में एमिक्स क्यूरी रहे सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ भटनागर ने उठाया। उन्होंने कई राज्यों में "विषम स्थिति" पर प्रकाश डाला, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) के रूप में भर्ती किए गए न्यायिक अधिकारी अक्सर हाईकोर्ट जज के पद तक पहुंचना तो...

लॉ स्कूल को प्रत्येक स्टूडेंट में संवैधानिक आदर्शों के प्रति गहरा सम्मान विकसित करना चाहिए: चीफ जस्टिस बीआर गवई
लॉ स्कूल को प्रत्येक स्टूडेंट में संवैधानिक आदर्शों के प्रति गहरा सम्मान विकसित करना चाहिए: चीफ जस्टिस बीआर गवई

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि लॉ एजुकेशन केवल बार और बेंच के लिए पेशेवर तैयार करने से कहीं अधिक है। इसे ऐसे नागरिक भी तैयार करने चाहिए, जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध हों।उन्होंने कहा,"मेरे विचार से लॉ एजुकेशन केवल बार और बेंच के लिए पेशेवर तैयार करने के बारे में नहीं है। यह ऐसे नागरिकों को तैयार करने के बारे में है, जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध हों।"उन्होंने कहा कि संवैधानिक विचारों के प्रति गहरे सम्मान के...

न्यायिक अधिकारियों ने वाहन लोन न देने का आरोप लगाते हुए अवमानना ​​याचिका दायर की; सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया
न्यायिक अधिकारियों ने वाहन लोन न देने का आरोप लगाते हुए अवमानना ​​याचिका दायर की; सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अवमानना ​​याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें न्यायिक अधिकारियों के वाहन/परिवहन भत्ते के संबंध में द्वितीय राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग (SNJPC) की सिफारिशों को स्वीकार करने और राज्य सरकारों को इसे लागू करने का निर्देश देने वाले अदात के आदेश का पालन न करने का आरोप लगाया गया।चीफ जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन, जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट मीनाक्षी अरोड़ा की दलील सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। मीनाक्षी अरोड़ा ने तर्क दिया कि इस मामले में...

सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के दोषी कैथोलिक पादरी की सज़ा निलंबित की
सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के दोषी कैथोलिक पादरी की सज़ा निलंबित की

सुप्रीम कोर्ट ने रोमन कैथोलिक चर्च के पादरी फादर एडविन पिगारेज़ की आजीवन कारावास की सज़ा निलंबित की, जिन्हें एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के लिए दोषी ठहराया गया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने अपीलकर्ता की सज़ा निलंबित करते हुए हाईकोर्ट द्वारा दोषसिद्धि के आदेश के विरुद्ध उनकी अपीलों के लंबित रहने तक ज़मानत दी।फरवरी, 2024 में केरल हाईकोर्ट ने पादरी की अपने ही पल्ली में नाबालिग लड़की के साथ बार-बार बलात्कार और यौन उत्पीड़न के लिए दोषसिद्धि बरकरार...

बाघों के शिकार की CBI जांच मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
बाघों के शिकार की CBI जांच मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

भारत में बाघों के शिकार की CBI जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBI और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NCTA) से जवाब मांगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई और केंद्र सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, CBI और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NCTA) को नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता गौरव कुमार बंसल ने व्यक्तिगत रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि देश में 35% से ज़्यादा बाघ बाघ अभयारण्यों...

पराली जलाने वाले किसानों को जेल भेजने से सही संदेश जाएगा: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से दंडात्मक प्रावधान पर विचार करने को कहा
पराली जलाने वाले किसानों को जेल भेजने से सही संदेश जाएगा: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से दंडात्मक प्रावधान पर विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने उन किसानों पर मुकदमा चलाने की आवश्यकता जताई, जो पराली जलाते हैं, जिससे सर्दियों के मौसम में Delhi-NCR में वायु प्रदूषण बढ़ता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने Delhi-NCR में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए पूछा कि क्या पराली जलाने को अपराध घोषित करने के लिए दंडात्मक प्रावधान हैं।केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने दलील दी कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम में दोषी अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधान शामिल हैं।...

सर्दियों के दौरान Delhi-NCR में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट, कहा- अन्य समाधानों पर विचार किया जाए
सर्दियों के दौरान Delhi-NCR में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट, कहा- अन्य समाधानों पर विचार किया जाए

सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से कहा कि वह सर्दियों के मौसम में निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के बजाय Delhi-NCR में वायु प्रदूषण की समस्या के वैकल्पिक समाधानों पर विचार करे, क्योंकि इससे दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने CAQM को निर्देश दिया कि वह सर्दियों के मौसम में निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के संभावित विकल्प तलाशने के लिए सभी संबंधित हितधारकों के...

आदेश में उल्लिखित न किए गए कारणों पर सीमित परिस्थितियों में विचार किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
आदेश में उल्लिखित न किए गए कारणों पर सीमित परिस्थितियों में विचार किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने 'स्पीकिंग ऑर्डर' नियम में एक अपवाद स्थापित किया, जिसमें कहा गया कि यद्यपि किसी प्रशासनिक आदेश की वैधता का आकलन सामान्यतः केवल उसमें उल्लिखित कारणों से ही किया जाता है, न्यायालय सीमित परिस्थितियों में, अभिलेखों से स्पष्ट विद्यमान, परंतु अघोषित आधारों पर भी भरोसा कर सकता है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा SBI को उधारकर्ता के एकमुश्त निपटान (OTS) प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का निर्देश रद्द करते हुए एक निर्णय सुनाया। हाईकोर्ट ने...

सुप्रीम कोर्ट ने जया शेट्टी हत्याकांड में गैंगस्टर छोटा राजन की ज़मानत रद्द की, कहा- ऐसे व्यक्ति की सज़ा क्यों स्थगित?
सुप्रीम कोर्ट ने जया शेट्टी हत्याकांड में गैंगस्टर छोटा राजन की ज़मानत रद्द की, कहा- 'ऐसे व्यक्ति की सज़ा क्यों स्थगित?'

सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर राजेंद्र सदाशिव निकालजे, उर्फ़ छोटा राजन को बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत रद्द कर दी। उसे 2001 में होटल व्यवसायी जया शेट्टी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू (CBI की ओर से) की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। खंडपीठ ने कहा कि छोटा राजन चार अन्य मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है और 27 साल तक फरार रहा।जस्टिस मेहता ने टिप्पणी की,"चार दोषसिद्धि और 27 साल की...

बैंक की शर्तें पूरी किए बिना चूककर्ता उधारकर्ता OTS लाभ का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट ने SBI की अपील स्वीकार की
बैंक की शर्तें पूरी किए बिना चूककर्ता उधारकर्ता OTS लाभ का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट ने SBI की अपील स्वीकार की

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैंक की एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम का लाभ उठाना उधारकर्ता का अधिकार नहीं है, खासकर तब जब अनिवार्य पूर्व शर्तों, जैसे कि आवश्यक अग्रिम भुगतान, का पालन न किया गया हो।यदि कोई उधारकर्ता OTS लाभ के लिए पात्र भी है तो भी जब तक OTS स्कीम में निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की जातीं, तब तक उसे लाभ प्राप्त करने का कोई निहित अधिकार नहीं है।अदालत ने कहा,"पात्रता की सीमा पार करने पर चूककर्ता उधारकर्ता को अपने आवेदन पर विचार का दावा करने का अधिकार नहीं होगा, जब तक कि आवेदन स्वयं अन्य...

साझा उद्देश्य के लिए दान की गई मगर अप्रयुक्त भूमि मालिकों को लौटाई जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा
साझा उद्देश्य के लिए दान की गई मगर अप्रयुक्त भूमि मालिकों को लौटाई जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा

हरियाणा के भूस्वामियों को राहत प्रदान करते हुए महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को कहा कि पंचायतों में साझा उद्देश्यों के लिए निर्धारित भूमि के उपयोग के बाद बची हुई 'बचत भूमि' या अप्रयुक्त भूमि को मालिकों के बीच उस हिस्से के अनुसार पुनर्वितरित किया जाना चाहिए, जिसमें उन्होंने साझा उद्देश्यों के लिए अपनी भूमि दान की थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के भूस्वामियों-स्वामियों के पक्ष में...

Delhi Ridge Tree Felling : सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिपूरक वनरोपण पर वन विभाग से रिपोर्ट मांगी
Delhi Ridge Tree Felling : सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिपूरक वनरोपण पर वन विभाग से रिपोर्ट मांगी

दिल्ली रिज वृक्ष कटाई अवमानना ​​मामले की अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वन विभाग से प्रतिपूरक वनरोपण/वृक्षारोपण के लिए आवंटित 185 एकड़ भूमि की उपयुक्तता के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की।अदालत ने कहा,"[रिपोर्ट] में उन पौधों की प्रजातियों का भी संक्षेप में उल्लेख किया जाएगा, जिन्हें रोपने का संकल्प लिया गया। वह समय-सीमा जिसके भीतर वृक्षारोपण पूरा हो जाएगा। अन्य निर्देशों के संबंध में भी मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार और उपाध्यक्ष, दिल्ली विकास प्राधिकरण को अपनी-अपनी स्टेटस रिपोर्ट...

विवाह के लिए लिये गए डेब्ट का व्यापक प्रभाव पड़ता है: सुप्रीम कोर्ट ने बेटी की शादी के बाद पारिवारिक संपत्ति बेचने का फैसला सही ठहराया
'विवाह के लिए लिये गए डेब्ट का व्यापक प्रभाव पड़ता है': सुप्रीम कोर्ट ने बेटी की शादी के बाद पारिवारिक संपत्ति बेचने का फैसला सही ठहराया

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) कर्ता को 'कानूनी आवश्यकता' के लिए संयुक्त परिवार की संपत्ति को हस्तांतरित करने का अधिकार है, जिसमें बेटी की शादी भी शामिल है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसा हस्तांतरण तब भी वैध रहता है, जब संपत्ति के हस्तांतरण से पहले ही विवाह हो चुका हो।अदालत ने कर्ता द्वारा अपनी बेटी की शादी में किए गए खर्चों से निपटने के लिए संपत्ति हस्तांतरित करने को उचित ठहराते हुए कहा,"यह सर्वविदित है कि परिवार अपनी बेटियों की शादी के लिए भारी लोन लेते हैं और...

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार पर अधिकारियों के खिलाफ आरोपों वाले स्वतः संज्ञान मामले में हाईकोर्ट से नरमी बरतने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार पर अधिकारियों के खिलाफ आरोपों वाले स्वतः संज्ञान मामले में हाईकोर्ट से नरमी बरतने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कल पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से पत्रकार प्रदीप शर्मा से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले में नरमी बरतने को कहा। मामला 2023 में दिए गए आश्वासन के बाद भी शर्मा द्वारा 2023-25 के बीच 200 से अधिक ईमेल लिखने से जुड़ा है, जिनमें अधिकारियों और न्यायाधीशों पर आरोप लगाए गए थे।सिनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने बताया कि आदेश के बाद से शर्मा ने कोई सार्वजनिक पोस्ट नहीं की, केवल ईमेल भेजे। इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि ईमेल गोपनीय नहीं रह सकते और सुझाव दिया कि आगे से यदि शिकायत हो तो सीलबंद...

UPSC परीक्षाओं में हीमोफीलिया से पीड़ितों को दिव्यांगजन कोटे से क्यों बाहर रखा गया? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा
UPSC परीक्षाओं में हीमोफीलिया से पीड़ितों को दिव्यांगजन कोटे से क्यों बाहर रखा गया? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह हीमोफीलिया से पीड़ित व्यक्तियों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं में बैठने से बाहर रखने से संबंधित मामले की सुनवाई करेगा।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ हीमोफीलिया से पीड़ित UPSC उम्मीदवार द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट जयना कोठारी ने कहा कि यद्यपि हीमोफीलिया दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की अनुसूची के तहत प्रदान की गई मानक दिव्यांगता है। हालांकि, यह मानक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को...