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पता बदलने की जानकारी न देने वाला कर्मचारी शो-कॉज़ नोटिस न मिलने का तर्क नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट
पता बदलने की जानकारी न देने वाला कर्मचारी 'शो-कॉज़ नोटिस' न मिलने का तर्क नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने लेबर कोर्ट का वह आदेश रद्द किया, जिसमें एक कर्मचारी को बकाया वेतन के साथ नौकरी पर वापस रखने (Reinstatement) को कहा गया था। कोर्ट ने कहा कि जो कर्मचारी बिना इजाज़त के अनुपस्थित रहा और ड्यूटी पर वापस लौटने से रोके जाने के अपने दावों को साबित नहीं कर पाया, वह बिना पुष्टि वाले बयानों के आधार पर राहत नहीं मांग सकता।कर्मचारी का तर्क था कि नोटिस उसे कभी नहीं मिला क्योंकि इसे गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में उसके रहने की जगह के बजाय बिहार में उसके स्थायी पते पर भेजा गया। उसने दावा किया...

ज़मीन पर दशकों तक अवैध कब्ज़े के बाद मालिकों को मुआवज़ा के फ़ैसले को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ पर लगाया ₹2 लाख का जुर्माना
ज़मीन पर दशकों तक अवैध कब्ज़े के बाद मालिकों को मुआवज़ा के फ़ैसले को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ पर लगाया ₹2 लाख का जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार की याचिका खारिज की, जिसमें ज़मीन मालिकों को दिए गए बढ़े हुए मुआवज़े और ब्याज को चुनौती दी गई। इन मालिकों की ज़मीन पर पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने बिना किसी अधिग्रहण प्रक्रिया के लगभग 25 वर्षों तक कब्ज़ा कर रखा। कोर्ट ने राज्य की चुनौती को "पूरी तरह से बेबुनियाद" बताया और ₹2 लाख का जुर्माना लगाया।राज्य की अपील को खारिज करते हुए जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को बरकरार रखा, जिसमें अपीलकर्ता-राज्य को ज़मीन अधिग्रहण...

बीमा कराने वाले मालिक द्वारा सौंपे गए वाहन की चोरी के लिए फाइनेंसर इंश्योरेंस का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
बीमा कराने वाले मालिक द्वारा सौंपे गए वाहन की चोरी के लिए फाइनेंसर इंश्योरेंस का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीमा वाले वाहन को उसके मालिक द्वारा किसी दूसरे व्यक्ति (जिसने वाहन खरीदने के लिए फाइनेंस किया था) को सौंप देना ही फाइनेंसर के लिए वाहन के नुकसान या चोरी होने पर मुआवज़े का दावा करने के लिए काफ़ी नहीं होगा।जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) के फ़ैसले में दखल देने से इनकार किया। कमीशन ने बीमा कंपनियों के पक्ष में फ़ैसला सुनाते हुए माना था कि अपीलकर्ता (वाहन फाइनेंसर) और प्रतिवादी (बीमा कंपनी) के बीच कोई...

सुप्रीम कोर्ट ने TASMAC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की तलाशी को चुनौती देने वाली तमिलनाडु के व्यवसायी की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने TASMAC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की तलाशी को चुनौती देने वाली तमिलनाडु के व्यवसायी की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने व्यवसायी पीआर राजेश कुमार की याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में मई 2025 में उनके आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई तलाशी की वैधता को चुनौती दी थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसने तलाशी की वैधता की जांच करने से इनकार किया था। हाईकोर्ट ने यह निर्णय इसलिए लिया, क्योंकि निर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating...

आर्बिट्रेशन क्लॉज़ होने से कंज्यूमर फोरम का अधिकार क्षेत्र खत्म नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट
आर्बिट्रेशन क्लॉज़ होने से कंज्यूमर फोरम का अधिकार क्षेत्र खत्म नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि किसी एग्रीमेंट में आर्बिट्रेशन क्लॉज़ (मध्यस्थता खंड) होने मात्र से कंज्यूमर फोरम को मामले के गुण-दोष के आधार पर फैसला करने से नहीं रोका जा सकता।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा,"...आर्बिट्रेशन क्लॉज़ अपने आप में कंज्यूमर फोरम के अधिकार क्षेत्र को खत्म नहीं करता है।" बेंच ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन (NCDRC), स्टेट कमीशन और डिस्ट्रिक्ट फोरम के उन फैसलों को रद्द किया, जिनमें रेजिडेंशियल फ्लैट का कब्ज़ा सौंपने में देरी से जुड़े...

बैंक बहुत कम कीमत पर ARC को लोन बेचते हैं: सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों, उधार लेने वालों और एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARC) के बीच मिलीभगत पर चिंता जताई
'बैंक बहुत कम कीमत पर ARC को लोन बेचते हैं': सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों, उधार लेने वालों और एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARC) के बीच मिलीभगत पर चिंता जताई

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि किस तरह पब्लिक सेक्टर के बैंकों के लोन एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARC) को सौंपे जाते हैं। कोर्ट ने कहा कि ARC के कामकाज और उस बड़े सिस्टम की जांच करने की ज़रूरत है, जिसके ज़रिए बड़े लोन का निपटारा उनकी असल कीमत के बहुत छोटे हिस्से पर कर दिया जाता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम (बैंकों के समूह) द्वारा एक कंपनी को दिए गए लोन के...

तेलंगाना हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: पहले स्वतंत्र भारत का नागरिक था में वर्तमान भारतीय नागरिक भी शामिल
तेलंगाना हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: 'पहले स्वतंत्र भारत का नागरिक था' में वर्तमान भारतीय नागरिक भी शामिल

तेलंगाना हाईकोर्ट ने नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5(1)(f) की व्याख्या करते हुए कहा है कि "पहले स्वतंत्र भारत का नागरिक था" (was earlier citizen of independent India) वाक्यांश केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है जिन्होंने भारतीय नागरिकता खो दी हो, बल्कि इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो आज भी भारतीय नागरिक हैं।जस्टिस नागेश भीमापाका की एकल पीठ ने यह फैसला एक यमनी नागरिक और ओसीआई (OCI) कार्डधारक की याचिका पर सुनाया। याचिकाकर्ता की मां हैदराबाद में जन्मी भारतीय नागरिक हैं और उनके पास भारतीय पासपोर्ट है।...

महिला वकीलों के लिए बुनियादी सुविधाएं अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा के अधिकार से जुड़ीं: सुप्रीम कोर्ट
महिला वकीलों के लिए बुनियादी सुविधाएं अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा के अधिकार से जुड़ीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अदालत परिसरों में महिला अधिवक्ताओं के लिए स्वच्छ शौचालय, लेडीज़ बार रूम और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार से सीधे जुड़ी हुई है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ महिला अधिवक्ताओं द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें देशभर की अदालतों में लेडीज़ बार रूम और अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया गया है।अदालत ने कहा कि जब महिला वकील अपने दिन का बड़ा हिस्सा अदालत परिसरों...

युवा वकीलों के लिए सहायता कोष बनाने पर सुप्रीम कोर्ट का सुझाव, महिला वकीलों के लिए बेहतर सुविधाओं की भी मांग
युवा वकीलों के लिए सहायता कोष बनाने पर सुप्रीम कोर्ट का सुझाव, महिला वकीलों के लिए बेहतर सुविधाओं की भी मांग

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को युवा वकीलों के लिए "यंग लॉयर्स प्रोफेशनल असिस्टेंस फंड" बनाने का सुझाव दिया और कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई प्रतिभाशाली अधिवक्ता शुरुआती वर्षों में मुकदमेबाजी का पेशा छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ महिला अधिवक्ताओं द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अदालत परिसरों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और युवा वकीलों की आर्थिक चुनौतियों का मुद्दा उठाया गया है।अदालत ने कहा कि नए वकीलों के पास शुरुआत में न...

जजों और केंद्रीय कानून मंत्री के लंदन बैडमिंटन टूर्नामेंट में शामिल होने की फर्जी खबर पर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई
जजों और केंद्रीय कानून मंत्री के लंदन बैडमिंटन टूर्नामेंट में शामिल होने की फर्जी खबर पर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई

जजों और केंद्रीय क़ानून मंत्री के लंदन में आयोजित कथित बैडमिंटन टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से भाग लेने संबंधी फर्जी खबरों के प्रसार को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दी।यह याचिका भारतीय बैडमिंटन संघ की ओर से दायर की गई। संघ के वकील ने मामले का उल्लेख जस्टिस तेजस करिया के समक्ष करते हुए शीघ्र सुनवाई की मांग की।याचिका की अग्रिम प्रति प्राप्त होने के बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी मामले की तत्काल सुनवाई का समर्थन किया। उन्होंने अदालत को बताया कि इस...

BREAKING| पैदल चलने वालों का फुटपाथ पाने का मौलिक अधिकार; मोटर चलाने वाले पैदल चलने के अधिकार को नकार नहीं सकते: सुप्रीम कोर्ट
BREAKING| पैदल चलने वालों का फुटपाथ पाने का मौलिक अधिकार; मोटर चलाने वाले पैदल चलने के अधिकार को नकार नहीं सकते: सुप्रीम कोर्ट

एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि तय फुटपाथ पर चलने का अधिकार संविधान के आर्टिकल 19(1)(d) के तहत मौलिक अधिकार है, जिसमें सुरक्षित और सही ढंग से बने फुटपाथ तक पहुंचने का अधिकार भी शामिल है। मोटर वाले वाहनों की आवाजाही की तुलना में इस अधिकार को प्राथमिकता दी जाएगी।इसे मौलिक अधिकार इसलिए माना गया, क्योंकि पैदल चलने का अधिकार हमेशा से हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से "अटूट" रूप से जुड़ा रहा है।कोर्ट ने कहा कि फुटपाथ और पैदल चलने वालों के लिए अन्य बुनियादी ढांचे को तय करने, बनाने, उनकी देखभाल...

सुप्रीम कोर्ट ने BCD चुनाव में वोटों की गिनती जारी रखने की इजाज़त दी, कहा- लेकिन उसकी मंज़ूरी के बिना नतीजे घोषित नहीं किए जा सकते
सुप्रीम कोर्ट ने BCD चुनाव में वोटों की गिनती जारी रखने की इजाज़त दी, कहा- लेकिन उसकी मंज़ूरी के बिना नतीजे घोषित नहीं किए जा सकते

सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ़ दिल्ली (BCD) चुनावों में वोटों की गिनती पूरी करने की इजाज़त दी, लेकिन आदेश दिया कि उसकी मंज़ूरी के बिना नतीजे घोषित नहीं किए जाएंगे।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस वी. मोहना की बेंच दिल्ली हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें गिनती के दौरान बैलेट के साथ छेड़छाड़ का पता चलने के बावजूद BCD चुनावों में दोबारा मतदान का आदेश देने से इनकार किया गया था। कोर्ट ने पहले गिनती की प्रक्रिया पर तब तक रोक लगाई थी, जब तक...

TMC के बागी गुट के पास सबसे ज़्यादा संख्या बल: हाईकोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में रिताब्रत बनर्जी की नियुक्ति को सही ठहराया
"TMC के बागी गुट के पास सबसे ज़्यादा संख्या बल": हाईकोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में रिताब्रत बनर्जी की नियुक्ति को सही ठहराया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय को अंतरिम राहत देने से इनकार किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर विरोधी गुट के नेता रिताब्रत बनर्जी की नियुक्ति को चुनौती दी। कोर्ट ने कहा कि रोक (इंजंक्शन) लगाने के लिए कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनता। (2026 LiveLaw (Cal) 251)जस्टिस कृष्णा राव ने कहा कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) विधायक दल के बहुमत ने स्पीकर के सामने विरोधी दावेदार का समर्थन किया। साथ ही चट्टोपाध्याय जिस...

मृत कर्मचारी की हत्या के आरोपियों को अनुकंपा नौकरी पर रोक का नियम नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को खामी दूर करने को कहा
मृत कर्मचारी की हत्या के आरोपियों को अनुकंपा नौकरी पर रोक का नियम नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को खामी दूर करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से अनुकंपा नियुक्ति संबंधी नियमों में मौजूद एक महत्वपूर्ण विसंगति को दूर करने पर विचार करने को कहा।अदालत ने कहा कि वर्तमान नियमों के तहत यदि किसी सरकारी कर्मचारी की हत्या के मामले में उसके परिवार का कोई सदस्य आरोपी हो, तो उसे अनुकंपा वित्तीय सहायता से वंचित किया जा सकता है, लेकिन उसी व्यक्ति को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिलने से रोकने का कोई प्रावधान नहीं है। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह टिप्पणी एक अपील पर सुनवाई के दौरान...

फर्जी वकीलों की पहचान और सोशल मीडिया आचार संहिता की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, बार काउंसिल से मांगा जवाब
फर्जी वकीलों की पहचान और सोशल मीडिया आचार संहिता की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, बार काउंसिल से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में फर्जी वकीलों की पहचान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर वकील सत्यापन व्यवस्था और वकीलों के लिए सोशल मीडिया आचार संहिता बनाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, राज्य बार काउंसिलों और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को नोटिस जारी किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। याचिका बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दायर की।याचिका में भारत के विधिक पेशे के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल रजिस्टर बनाने की मांग की गई, जिसमें...