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तथ्य या कानून की मामूली गलती दिखाने मात्र से लेटर्स पेटेंट बेंच सिंगल बेंच के फैसले में दखल नहीं दे सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच अपनी 'लेटर्स पेटेंट' अधिकारिता (Jurisdiction) का इस्तेमाल करते हुए रिट अधिकारिता के तहत दिए गए सिंगल जज के फैसले में केवल इसलिए दखल नहीं दे सकती, क्योंकि उसका मामले को देखने का नजरिया अलग है।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने कहा,"तथ्य या कानून की कोई मामूली गलती दिखाने मात्र से 'लेटर्स पेटेंट बेंच' को रिट कोर्ट के फैसले में दखल देने का अधिकार नहीं है। अगर संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट कोर्ट का फैसला न्याय,...

जघन्य अपराधों के लिए गिरफ्तार लोगों की तुलना में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को कम सुरक्षा मिलती है: सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन

सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे की आलोचना की। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों को वे सुरक्षा उपाय भी नहीं मिलते, जो हत्या और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के लिए गिरफ्तार किए गए लोगों को मिलते हैं।मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में 'लाइवलॉ' (LiveLaw) से बातचीत करते हुए रेबेका जॉन ने कहा कि 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता'...

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: मानव तस्करी विरोधी इकाइयों को पुलिस स्टेशन का दर्जा देने के लिए अधिसूचना जारी करें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे कानून के अनुसार उचित अधिसूचना जारी करके 'मानव तस्करी विरोधी इकाइयों' (ATHUs) को पुलिस स्टेशन का दर्जा दें। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि मानव तस्करी से निपटने के लिए उसकी 'पीड़ित सुरक्षा योजना' (Victim Protection Plan) को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गृह विभागों को इस निर्देश को जल्द-से-जल्द लागू करने का...

बच्चों को सेफ-अनसेफ टच के बारे में सिखाया जाना चाहिए; शिक्षकों को ग्रूमिंग और दुर्व्यवहार की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से सेक्स एजुकेशन और डिजिटल सुरक्षा पाठ्यक्रम के तहत उनके शरीर, 'सेफ' (सुरक्षित) और 'अनसेफ' (असुरक्षित) टच के बीच के अंतर, और 'सहमति' (Consent) के महत्व के बारे में शुरुआती स्तर से ही सिखाया जाना चाहिए।कोर्ट ने स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को यह भी निर्देश दिया कि वे हर क्लासरूम, हॉस्टल, लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब में बाल सुरक्षा हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करें। साथ ही शिक्षकों और अन्य स्टाफ को 'ग्रूमिंग' (बच्चों को बहला-फुसलाकर गलत काम...

राज्य मंदिर की ज़मीन का उपहार स्वीकार नहीं कर सकता; HR&CE Act के तहत सरकार मंदिर की संपत्तियों की केवल संरक्षक, मालिक नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार मंदिर की संपत्तियों की संरक्षक और नियामक (रेगुलेटर) है, न कि उनकी मालिक। इसलिए वह किसी ट्रस्टी से ऐसी संपत्ति का उपहार स्वीकार नहीं कर सकती, भले ही यह हस्तांतरण किसी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए ही क्यों न किया जा रहा हो।मद्रास हाईकोर्ट का फैसला पलटते हुए जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने एक 'गिफ्ट डीड' (उपहार विलेख) को अमान्य घोषित किया। इस डीड के ज़रिए, तमिलनाडु के इरोड ज़िले में स्थित 'नागापालयम मरियम्मन-पोन्नाचियम्मन मंदिर' के अस्थायी...

रेस्तरां में हुक्का बार पर रोक के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब, 27 नवंबर को अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने रेस्तरां में हुक्का बार चलाने और निर्धारित धूम्रपान क्षेत्र में भी हुक्का परोसने पर रोक लगाने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया।कोर्ट ने अंतरिम राहत की मांग पर भी नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने मेसर्स गुड लक फूड एंड बेवरेजेज की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका पर यह आदेश दिया। याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 29 सितंबर के फैसले को...

हाईकोर्ट में सुनवाई की तारीख तय करते समय छुट्टियों की अवधि सामान्यतः नहीं गिनी जाएगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (16 अक्टूबर) को स्पष्ट किया कि यदि हाईकोर्ट किसी मामले को दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश देता है और इस अवधि की गणना के दौरान अदालत में छुट्टियां पड़ती हैं तो रजिस्ट्री को सामान्यतः छुट्टियों की अवधि को छोड़कर दो सप्ताह की गणना करनी चाहिए। हालांकि यह संबंधित हाईकोर्ट के लागू नियमों के अधीन होगा।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने कहा कि यदि हाईकोर्ट की कोई बेंच किसी याचिका को दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश देती है और इस अवधि के समाप्त होने...

बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री हटाने के लिए राष्ट्रीय डेटाबेस बनाए केंद्र सरकार: सुप्रीम कोर्ट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री (CSEAM) का पता लगाने और उसे हटाने के लिए तकनीकी और नियामक व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने केंद्र सरकार को ऐसी सामग्री की पहचान करने और उसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने में मदद के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने को कहा है। अदालत ने यह निर्देश ऐसे समय दिया, जब 2024 में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस एवं अन्य बनाम एस. हरिश एवं अन्य मामले...

CJI सूर्यकांत पर विवादित पोस्ट को लेकर केरल कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ को कानूनी नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

SCBA के संयुक्त सचिव एवं एडवोकेट मीनश दुबे ने सार्वजनिक माफी और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर स्पष्टीकरण मांगा; आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अधिकार सुरक्षित रखासुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के संयुक्त सचिव और एडवोकेट मीनश दुबे ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष सनी जोसेफ को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में चीफ जस्टिस सूर्यकांत को निशाना बनाकर केरल कांग्रेस के आधिकारिक X अकाउंट से किए गए विवादित पोस्ट को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।दुबे ने विशेष...

मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी, दिल्ली की साकेत कोर्ट का आदेश

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने शनिवार को 2018 के मानहानि मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। यह मामला शिकायतकर्ता विकास सांस्कृत्यायन की ओर से दायर शिकायत से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ध्रुव राठी ने उनके खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक वीडियो प्रकाशित और प्रसारित किया था।दक्षिण-पूर्व जिला स्थित साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल जैन ने यह आदेश तब पारित किया, जब अदालत को बताया गया कि ध्रुव राठी को भेजा गया नोटिस तामील कराने के लिए संबंधित परिसर पर...

आर्बिट्रेशन क्लॉज़ होने से आपराधिक मामला दर्ज करने पर रोक नहीं लगती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि किसी समझौते में 'आर्बिट्रेशन क्लॉज़' (मध्यस्थता खंड) होने का मतलब यह नहीं है कि आपराधिक कार्यवाही नहीं की जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि अदालतों को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि क्या लगाए गए आरोपों में अपराध के ज़रूरी तत्व मौजूद हैं या नहीं।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वह गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रहे थे। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने चाय कंपनी के CEO के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला रद्द करने से इनकार...

अगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो हम धरना देंगे: दिल्ली हाईकोर्ट के पास पैदल यात्रियों के लिए क्रॉसिंग न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के पास पैदल यात्रियों के लिए क्रॉसिंग न होने पर फिर से चिंता जताई। कोर्ट ने मौखिक रूप से चेतावनी दी कि अगर अगली सुनवाई तक कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो जजों को खुद वहां आकर धरना देना पड़ेगा।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने मथुरा रोड क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर यह बात कही। इस जगह से कोर्ट आने वाले लोगों और आम जनता की काफी आवाजाही रहती है। 15 सितंबर को सीनियर एडवोकेट और एमिकस (न्याय मित्र) गौरव...

सुप्रीम कोर्ट ने ECI से 2023 के श्रृंगेरी विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी

बुधवार (14 अक्टूबर) को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में वोटों की गिनती का रिकॉर्ड न रखने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को फटकार लगाई। यह मामला कांग्रेस सदस्य टीडी राजेगौड़ा द्वारा दायर एक अपील से जुड़ा है।राजेगौड़ा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा तब खटखटाया, जब कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर वोटों की दोबारा गिनती के बाद उन्हें विधायक पद से हटा दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, बीजेपी के डीएन जीवराज ने उस निर्वाचन क्षेत्र से विधायक के रूप में शपथ ले ली।इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने...

हवाई किराए तय करने के नियम फाइनल, दो हफ्ते में जारी होंगे: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

केंद्र सरकार ने शुक्रवार (16 अक्टूबर) को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हवाई किराए को नियंत्रित करने वाले नियम फाइनल कर लिए गए और इन्हें प्रशासनिक मंजूरी भी मिल गई। ये नियम दो हफ्ते के भीतर जारी कर दिए जाएंगे।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस अपारेश सिंह की बेंच एस. लक्ष्मीनारायणन द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका निजी एयरलाइनों द्वारा मनमाने और बहुत ज्यादा हवाई किराए वसूलने के खिलाफ है।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि नियम फाइनल हो चुके हैं...

ट्विशा शर्मा की मौत का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल कोर्ट में चल रहे ट्रायल पर लगाई रोक, केस दिल्ली ट्रांसफर करने की याचिका पर नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की अप्राकृतिक मौत के मामले में भोपाल की सेशंस कोर्ट में चल रही सुनवाई पर रोक लगाई।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने मामले को मध्य प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया। यह याचिका ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने दाखिल की है। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश में निष्पक्ष सुनवाई को लेकर उन्हें आशंका है, क्योंकि मामले की आरोपी गिरिबाला सिंह...

महुआ मोइत्रा को एक दिन पहले सूचना देने पर प्रोटोकॉल के अनुसार मिले सर्किट हाउस में ठहरने की सुविधा, सुप्रीम कोर्ट का बंगाल प्रशासन को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के प्रशासन को निर्देश दिया कि तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को दौरे से एक दिन पहले सूचना देने पर प्रोटोकॉल के अनुसार सर्किट हाउस में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।कोर्ट ने नदिया के जिला मजिस्ट्रेट के उस पत्र पर भी सवाल उठाए, जिसमें महुआ मोइत्रा और जिले के अन्य विधायकों से सर्किट हाउस में ठहरने के लिए तीन से चार दिन पहले सूचना देने को कहा गया था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि पत्र का लहजा “प्रतिशोधात्मक प्रतीत होता है” और उसमें...

CAPF में कैडर रिव्यू के आदेश का खुले तौर पर उल्लंघन, सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी; केंद्र से कार्रवाई से जुड़ी सभी फाइलें तलब

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में कैडर रिव्यू करने के अपने निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर केंद्र सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए।कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि 2025 के संजय प्रकाश फैसले में दिए गए निर्देशों का स्पष्ट रूप से पालन नहीं किया गया। उस फैसले में केंद्र को छह महीने के भीतर सभी CAPF का कैडर रिव्यू करने और इन बलों में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति रोकने सहित कई निर्देश दिए गए थे। कोर्ट ने केंद्र से आदेश के बाद की गई कार्रवाई...