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BREAKING| सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: कारों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस को 4 साल और दो-पहिया वाहनों के लिए 6 साल तक बढ़ाया जाए
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: कारों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस को 4 साल और दो-पहिया वाहनों के लिए 6 साल तक बढ़ाया जाए

एक अहम घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने नई कारों के लिए थर्ड-पार्टी मोटर वाहन इंश्योरेंस की अवधि को चार साल और नए दो-पहिया वाहनों के लिए छह साल तक बढ़ाने का निर्देश दिया।सुप्रीम कोर्ट के 2018 के निर्देश के बाद यह कारों के लिए 3 साल और दो-पहिया वाहनों के लिए 5 साल है। मंगलवार को कोर्ट ने गौर किया कि आठ साल पहले जारी किए गए इस निर्देश के बावजूद, कई वाहन बिना इंश्योरेंस के हैं। इसलिए कोर्ट ने इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (IRDAI) और जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) की आपत्तियों के...

Bar Council Elections : सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट चीफ जस्टिस को पूर्व जजों या वकीलों में से 2 महिला सदस्यों को को-ऑप्ट करने की इजाज़त दी
Bar Council Elections : सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट चीफ जस्टिस को पूर्व जजों या वकीलों में से 2 महिला सदस्यों को को-ऑप्ट करने की इजाज़त दी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि स्टेट बार काउंसिल में शामिल की जाने वाली दो महिला सदस्यों को हाईकोर्ट की पूर्व महिला जजों या बार में अच्छी प्रतिष्ठा वाली सीनियर महिला वकीलों में से चुना जाए। कोर्ट का मानना ​​है कि इस तरीके से काउंसिल के कामकाज में "निष्पक्षता, स्वतंत्रता और पारदर्शिता" आएगी।कोर्ट ने संबंधित हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को इन दो सदस्यों को नॉमिनेट करने की इजाज़त दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच स्टेट बार काउंसिल...

क्या 2-चाइल्ड पॉलिसी पर फिर से विचार करने की ज़रूरत है? सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा
क्या 2-चाइल्ड पॉलिसी पर फिर से विचार करने की ज़रूरत है? सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में पंचायत और दूसरे लोकल निकायों के चुनाव लड़ने से उन लोगों को रोकने वाली रोक को चुनौती देने वाली याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया, जिनके दो से ज़्यादा बच्चे हैं। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि वह इस बात पर विचार करेगा कि क्या 'जावेद बनाम हरियाणा राज्य (2003)' मामले में दिए गए फ़ैसले पर मौजूदा बेंच को फिर से विचार करने की ज़रूरत है या इसे बड़ी बेंच के पास भेजने की ज़रूरत है।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच काकोडा ग्राम पंचायत की पूर्व सरपंच मंगला...

अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों में नगरपालिकाओं की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सांसद को केंद्र सरकार से संपर्क करने को कहा
अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों में नगरपालिकाओं की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने सांसद को केंद्र सरकार से संपर्क करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों के शहरी इलाकों में नगरपालिकाओं के गठन की मांग वाली याचिका का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता और लोकसभा सांसद राजकुमार रोत को केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय के समक्ष अपनी मांग रखने की स्वतंत्रता दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने कहा कि यह विषय विधायी नीति के दायरे में आता है, इसलिए इस पर निर्णय लेना संसद और सरकार का क्षेत्राधिकार है।सुनवाई के दौरान पीठ ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता स्वयं लोकसभा...

आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं, लेकिन 24 घंटे प्रशिक्षित देखभाल जरूरी : AIIMS ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं, लेकिन 24 घंटे प्रशिक्षित देखभाल जरूरी : AIIMS ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी अपनी मेडिकल रिपोर्ट में कहा कि दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को फिलहाल अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें चौबीसों घंटे प्रशिक्षित देखभाल करने वालों की सहायता की जरूरत है।यह मामला जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ के समक्ष विचाराधीन है। आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी,...

CAPF में IPS प्रतिनियुक्ति संबंधी कानून को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
CAPF में IPS प्रतिनियुक्ति संबंधी कानून को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।याचिका में दावा किया गया कि यह कानून CAPF में IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के पहले दिए गए फैसले को निष्प्रभावी करने का असंवैधानिक प्रयास है। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ 34 अधिकारियों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।याचिकाकर्ताओं ने अधिनियम को संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 21...

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज पर हमले के बाद लापता भारतीय कप्तान को खोजने की मांग, पत्नी पहुंची सुप्रीम कोर्ट
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज पर हमले के बाद लापता भारतीय कप्तान को खोजने की मांग, पत्नी पहुंची सुप्रीम कोर्ट

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में मार्च 2026 में एक व्यापारी जहाज पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमले के बाद लापता हुए भारतीय मर्चेंट नेवी कप्तान आशीष कुमार की पत्नी ने उनके जीवित होने का दावा करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।याचिका में आरोप लगाया गया कि कप्तान आशीष कुमार विदेशी तत्वों की अवैध हिरासत में हैं और केंद्र सरकार को उन्हें खोजकर सुरक्षित वापस लाने के लिए सभी राजनयिक, वाणिज्य दूतावास और खुफिया माध्यमों का उपयोग करने का निर्देश दिया जाए।याचिकाकर्ता ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर विदेश...

NEET-SS : सभी खाली सीटों को राज्य के पास ही रखने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तमिलनाडु मेडिकल ऑफिसर्स, किया यह आग्रह
NEET-SS : सभी खाली सीटों को राज्य के पास ही रखने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तमिलनाडु मेडिकल ऑफिसर्स, किया यह आग्रह

तमिलनाडु मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में 28 जुलाई के आदेश में बदलाव की मांग करते हुए याचिका दायर की। इस आदेश में कहा गया कि अगर काउंसलिंग के दूसरे दौर के बाद NEET-SS क्वालिफाइंग परसेंटाइल कम किया जाता है, तो खाली सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल सीटों में से केवल 50% ही राज्य को वापस की जाएंगी। एसोसिएशन ने मांग की कि बाकी सभी खाली सीटें तमिलनाडु को वापस मिलनी चाहिए ताकि उन्हें योग्य इन-सर्विस उम्मीदवारों को आवंटित किया जा सके।यह याचिका उस आदेश में बदलाव की मांग करती है, जिसमें कहा गया कि अगर...

सुप्रीम कोर्ट ने CEC से हिमाचल प्रदेश से जुड़े पर्यावरण के मुद्दों की जांच करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने CEC से हिमाचल प्रदेश से जुड़े पर्यावरण के मुद्दों की जांच करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश से जुड़े कुछ पर्यावरण के मुद्दों को 'सेंट्रली एम्पावर्ड कमिटी' (CEC) के पास भेजा है, जिसमें शिमला के नोटिफाइड ग्रीन बेल्ट इलाके भी शामिल हैं।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने आदेश दिया कि CEC इन मुद्दों की जांच चरणबद्ध तरीके से करे और एक बार में तीन मुद्दों पर काम करते हुए अंतरिम रिपोर्ट दाखिल करे।इस मकसद के लिए कमिटी राज्य की संस्थाओं के साथ बैठकें करेगी और ज़रूरत पड़ने पर राज्य के अधिकारियों या किसी अन्य एजेंसी से रिकॉर्ड, डेटा वगैरह...

सुप्रीम कोर्ट ने MEA को यूक्रेन के पास जहाज पर ड्रोन हमले के बाद लापता भारतीय नाविक का पता लगाने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने MEA को यूक्रेन के पास जहाज पर ड्रोन हमले के बाद लापता भारतीय नाविक का पता लगाने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विदेश मंत्रालय (MEA) को निर्देश दिया कि वह राजनयिक चैनलों का इस्तेमाल करके उस भारतीय नाविक का पता लगाए, जो यूक्रेन के पास काला सागर (Black Sea) में एक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमले के बाद लापता हो गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच दीपक कुमार गुप्ता से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो MV AGN Ragnar पर साधारण नाविक (ऑर्डिनरी सीमैन) के तौर पर काम कर रहे थे।कोर्ट ने गौर किया कि लापता नाविकों की स्थिति के बारे में...

सुप्रीम कोर्ट ने फ़ार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया को कहा- पुरानी और बेकार संस्था, PCI की जगह कानूनी आयोग बनाने का सुझाव
सुप्रीम कोर्ट ने फ़ार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया को कहा- पुरानी और बेकार संस्था, PCI की जगह कानूनी आयोग बनाने का सुझाव

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि फ़ार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया (PCI) को अपने मौजूदा रूप में काम नहीं करना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्यों इसे नेशनल मेडिकल कमीशन की तर्ज़ पर एक नए कानूनी आयोग (स्टैच्यूटरी कमीशन) से नहीं बदला जा सकता।चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच काउंसिल की उस चुनौती पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले को चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने कहा था कि एक बार फ़ार्मेसी एक्ट, 1948 की धारा 12 के तहत...

छात्र प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्पष्टीकरण, कहा- राज्य कानून के अनुसार FIR बंद करने/वापस लेने के लिए स्वतंत्र
छात्र प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्पष्टीकरण, कहा- राज्य कानून के अनुसार FIR बंद करने/वापस लेने के लिए स्वतंत्र

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि 20 जुलाई के 'चलो संसद' छात्र प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को राज्य सरकारें कानून के अनुसार बंद (Closure Report) करने या आगे की कार्रवाई वापस लेने के लिए स्वतंत्र हैं। कोर्ट ने कहा कि उसके 28 जुलाई के आदेश का उद्देश्य राज्यों को ऐसा करने से रोकना नहीं था।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि 28 जुलाई के आदेश में प्रयुक्त "आपराधिक पृष्ठभूमि (Criminal Antecedents)" से आशय केवल...

बच्चों के मामले में भविष्य पर असर का ध्यान रखें: सुप्रीम कोर्ट ने दिया दुर्घटना में जीवन भर के लिए लकवाग्रस्त हुए शिशु को ₹83.38 लाख का मुआवज़ा
'बच्चों के मामले में भविष्य पर असर का ध्यान रखें': सुप्रीम कोर्ट ने दिया दुर्घटना में जीवन भर के लिए लकवाग्रस्त हुए शिशु को ₹83.38 लाख का मुआवज़ा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (3 अगस्त) को नाबालिग को दिए गए मुआवज़े को ₹45.40 लाख से बढ़ाकर ₹83.38 लाख किया। नाबालिग को रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण 100% फंक्शनल डिसेबिलिटी (काम करने की क्षमता का नुकसान) हुई थी। कोर्ट ने कहा कि मोटर दुर्घटना के मामलों में मुआवज़ा पीड़ित की कमाई की क्षमता पर चोट के असल असर के आधार पर तय होना चाहिए, न कि सिर्फ़ मेडिकल डिसेबिलिटी के प्रतिशत के आधार पर।जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने कहा,"...जब किसी व्यक्ति को चोट के कारण स्थायी विकलांगता हो...

सुप्रीम कोर्ट का अधिकारियों को निर्देश: फुटपाथ की सही निशानदेही करें ताकि पैदल चलने वालों को बिना कब्ज़े वाली जगह मिले
सुप्रीम कोर्ट का अधिकारियों को निर्देश: फुटपाथ की सही निशानदेही करें ताकि पैदल चलने वालों को बिना कब्ज़े वाली जगह मिले

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि फुटपाथ की सही निशानदेही (Demarcation) हो, ताकि पैदल चलने वालों को ऐसे फुटपाथ मिलें जिन पर कोई कब्ज़ा न हो।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच सुरक्षित और सही तरीके से चिह्नित फुटपाथ तक पहुंचने के अधिकार से जुड़े एक स्वतः संज्ञान (Suo M oto) मामले की सुनवाई कर रही थी। 19 जून के अपने आदेश में, कोर्ट ने कहा था कि चिह्नित फुटपाथ पर चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है और कई निर्देश जारी किए।जब मामले पर सुनवाई हुई तो बेंच ने...

नंबर प्लेट छिपाना धोखाधड़ी का अपराध नहीं, बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन: सुप्रीम कोर्ट
नंबर प्लेट छिपाना धोखाधड़ी का अपराध नहीं, बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी का मामला रद्द किया, जिस पर अपनी गाड़ी की पिछली नंबर प्लेट छिपाने का आरोप था। कोर्ट ने कहा कि पुलिस को केवल यह शक होना कि नंबर प्लेट ट्रैफिक चालान से बचने के लिए छिपाई गई थी, धोखाधड़ी का अपराध नहीं माना जा सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा,"पुलिस का यह शक कि पिछली नंबर प्लेट चालान से बचने के लिए छिपाई गई, या यह कि अपराध होने पर अपराधी का पता लगाना मुश्किल होगा, ज़्यादा से ज़्यादा एक अनुमान ही है......

न्यायपालिका पर ही केस लंबित होने का ठीकरा फोड़ दिया जाता है, जबकि देरी के लिए केवल अदालतें जिम्मेदार नहीं: जस्टिस दीपांकर दत्ता
न्यायपालिका पर ही केस लंबित होने का ठीकरा फोड़ दिया जाता है, जबकि देरी के लिए केवल अदालतें जिम्मेदार नहीं: जस्टिस दीपांकर दत्ता

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपांकर दत्ता ने सोमवार को कहा कि मुकदमों के लंबित रहने (Case Pendency) के लिए अक्सर केवल न्यायपालिका को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है, जबकि इसके लिए अदालतें अकेली जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने संसद में लंबित मामलों को लेकर हुई हालिया चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि न्यायपालिका अक्सर आलोचना का सबसे बड़ा निशाना बन जाती है।यह टिप्पणी उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट तेहमुल बुर्जोर सेठना द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) की सुनवाई के दौरान की। याचिका में गुजरात हाईकोर्ट...

पैलेट गन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट बनाएगा प्रोटोकॉल, प्रदर्शनकारियों पर प्रयोग की वैधता और सीमाओं पर होगा फैसला
पैलेट गन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट बनाएगा प्रोटोकॉल, प्रदर्शनकारियों पर प्रयोग की वैधता और सीमाओं पर होगा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर एक स्पष्ट प्रोटोकॉल तैयार करेगा।कोर्ट ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें भीड़ नियंत्रण के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने और दिल्ली में 20 जुलाई को हुए छात्र आंदोलन के दौरान घायल हुए दो प्रदर्शनकारियों को मुआवजा देने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ मामले की सुनवाई कर...

यौन अपराध मामलों में प्रॉसिक्यूट्रिक्स, लज्जा भंग जैसे शब्दों से बचें, पीड़ित-केंद्रित भाषा अपनाएं: NJA समिति
यौन अपराध मामलों में 'प्रॉसिक्यूट्रिक्स', 'लज्जा भंग' जैसे शब्दों से बचें, पीड़ित-केंद्रित भाषा अपनाएं: NJA समिति

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नेशनल ज्यूडिशियल अकादमी (NJA) की विशेषज्ञ समिति ने यौन अपराध मामलों की सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। समिति ने कहा है कि अदालतों को "लज्जा भंग (Outraging Modesty)", "प्रॉसिक्यूट्रिक्स (Prosecutrix)", "वासना (Lust)", "असहाय महिला", "शील भंग", "इज्जत" और "शर्म" जैसे शब्दों के प्रयोग से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसी भाषा पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा देती है और पीड़ितों को दोबारा मानसिक आघात पहुंचा सकती है।पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश...

ट्रांसजेंडर संशोधन 2026 पहले से मिले अधिकारों को खत्म नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट, केंद्र से जवाब मांगा
ट्रांसजेंडर संशोधन 2026 पहले से मिले अधिकारों को खत्म नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट, केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह 'ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम' में 2026 के संशोधन के असर पर विचार करे। यह उन लोगों के लिए है, जो सेक्स रीअसाइनमेंट थेरेपी (जेंडर बदलने की प्रक्रिया) के बीच में हैं या जिन्हें पहले ही ट्रांसजेंडर कार्ड मिल चुके हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मौखिक रूप से कहा कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहले से मिले अधिकारों में कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि,...