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Motor Accident Claim | माता-पिता के नुकसान का हिसाब गणितीय सटीकता से नहीं लगाया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चे की मौत से माता-पिता को हुए नुकसान को "गणितीय सटीकता" से नहीं मापा जा सकता और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मुआवज़ा तय करना कोई सटीक गणितीय गणना का काम नहीं है।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। कंपनी ने 2013 में दिल्ली में सड़क दुर्घटना में मारे गए 20 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंसी छात्र के माता-पिता को दिए गए मुआवज़े को चुनौती दी थी।कोर्ट ने कहा,"मृतक के माता-पिता को हुए नुकसान को...
अधिनियम के तहत बने नियम कानून में संशोधन की विधायी शक्ति को सीमित नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी अधिनियम के तहत बनाए गए नियम या विनियम (Regulations) विधायिका की उस शक्ति को सीमित नहीं कर सकते, जिसके तहत वह मूल कानून (Parent Act) में संशोधन कर विनियमों को अप्रभावी बना सकती है।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए भ्रष्टाचार के मामले में दोषसिद्ध एक ग्रुप-ए अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने के दिल्ली नगर निगम आयुक्त के अधिकार को बरकरार रखा।मामला नॉर्थ दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के पूर्व कार्यकारी अभियंता राजेश शर्मा से...
निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस सरकारी कॉलेजों के बराबर नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के एक अभ्यर्थी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस को सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बराबर निर्धारित करने की मांग की गई थी।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि स्व-वित्तपोषित (Self-Financing) संस्थानों को सरकारी कॉलेजों जैसी फीस संरचना अपनाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।याचिकाकर्ता, राजस्थान का एक EWS श्रेणी का NEET-UG 2025 अभ्यर्थी, निजी मेडिकल कॉलेजों की 18.9 लाख से 25 लाख...
मामूली गवाही विरोधाभास से पंजीकृत बिक्री विलेख की वैधता पर संदेह नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पंजीकृत बिक्री विलेख (Sale Deed) को कानूनन वैधता और प्रामाणिकता का मजबूत अनुमान प्राप्त होता है। ऐसे में सत्यापनकर्ता (Attesting Witness) के बयान में मामूली विरोधाभास मात्र से विलेख के निष्पादन पर संदेह नहीं किया जा सकता।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने हरिद्वार की कृषि भूमि से जुड़े एक विवाद में यह टिप्पणी की। समेकन अधिकारियों और हाईकोर्ट ने अपीलकर्ताओं के स्वामित्व दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि बिक्री विलेख के एक गवाह के...
NEET-SS | 'सर्विस में मौजूद कैंडिडेट्स के लिए कट-ऑफ कम होनी चाहिए': सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी डॉक्टरों के लिए परसेंटाइल कम करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में तमिलनाडु सरकार को सरकारी डॉक्टरों के लिए आरक्षित 152 खाली 'इन-सर्विस' सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल सीटों (2025-26) को 'ऑल इंडिया कोटा' में सौंपने से रोकने की मांग की गई।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने अधिकारियों से जवाब मांगा। साथ ही उन्होंने मौखिक रूप से कहा कि राज्य के तहत काम कर रहे कैंडिडेट्स के लिए कट-ऑफ कम होनी चाहिए, क्योंकि वे पब्लिक हेल्थ सेक्टर में सेवा देने के साथ-साथ पढ़ाई भी कर रहे हैं।खास बात यह है...
ज़िला कोर्ट को CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि ज़िला कोर्ट (जिसमें सेशन कोर्ट और मजिस्ट्रेट शामिल हैं) के पास किसी अपराध की जांच के लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को आदेश देने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने दोहराया कि यह अधिकार सिर्फ़ संवैधानिक अदालतों के पास है, जो संविधान के आर्टिकल 32 और 226 के तहत अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करती हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि ज़मानत से जुड़े मामले की सुनवाई करते समय सेशन कोर्ट CBI जांच का आदेश नहीं दे सकता।जस्टिस जितेंद्र कुमार की सिंगल जज बेंच CBI की रिट याचिका पर सुनवाई कर...
निजी स्थान पर भी जातिसूचक अपमान सार्वजनिक दृष्टि में माना जा सकता है, यदि कई लोग मौजूद हों: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की व्याख्या करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि किसी निजी स्थान पर की गई जातिसूचक टिप्पणी भी सार्वजनिक दृष्टि के दायरे में आ सकती है, यदि वहां अन्य लोग मौजूद हों और अपमानजनक शब्द सुन सकें।जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने SC/ST Act से जुड़े मामलों की विशेष अदालत, त्रिशूर द्वारा अग्रिम जमानत अर्जी खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर यह फैसला सुनाया।अदालत ने कहा,“यह स्थापित विधिक सिद्धांत है कि 'सार्वजनिक...
राशन से वंचित करने के खिलाफ याचिका वापस, सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट जाने की दी अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों को राशन लाभ नहीं देने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करने की अनुमति दी।जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की अवकाशकालीन पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रसन्ना एस की मौखिक प्रार्थना पर याचिका वापस लेने की अनुमति दी और उचित राहत के लिए हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता प्रदान की।यह याचिका पश्चिम बंगाल के खेतिहर...
मिस्त्री की कटी टांग को 100% कार्यात्मक दिव्यांगता माना जाए: सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 40.29 लाख रुपये किया
सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि किसी मिस्त्री की घुटने के ऊपर से दाहिनी टांग कट जाती है तो उसे केवल शारीरिक दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर नहीं आंका जा सकता। ऐसे मामले में उसकी कार्यात्मक दिव्यांगता 100 प्रतिशत मानी जानी चाहिए, क्योंकि वह अपने पेशे से प्रभावी रूप से वंचित हो जाता है।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की पीठ ने तमिलनाडु के एक मिस्त्री को दिए गए मुआवजे में बढ़ोतरी करते हुए इसे 29.01 लाख रुपये से बढ़ाकर 40.29 लाख रुपये कर दिया।पीठ ने कहा कि...
हाईकोर्ट की 5 जजों की बेंच का अहम फैसला: अपील पेंडिंग होने की वजह से कैदियों की अस्थायी रिहाई को अनिश्चित काल के लिए रोका नहीं जा सकता
मद्रास हाईकोर्ट की 5 जजों की बेंच ने हाल ही में कहा कि छुट्टी (Leave) और अस्थायी रिहाई मानवीय गरिमा का हिस्सा हैं, जिन्हें सिर्फ़ अपील पेंडिंग होने की वजह से अनिश्चित काल के लिए रोका नहीं जा सकता। [2026 LiveLaw (Mad) 276]कोर्ट ने कहा,"हमें फिर से यह दोहराना होगा कि जेल में बंद होने का मतलब यह नहीं है कि मौलिक अधिकार सिर्फ़ 'कागज़ी वादे' बनकर रह जाएं... इन अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनुच्छेद 226 के तहत इस कोर्ट की शक्ति हमारे संविधान के मूल ढांचे का एक अटूट हिस्सा है... इसलिए हमारी...
महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट की धारा 41A के तहत असिस्टेंट चैरिटी कमिश्नर ट्रस्ट के चल रहे चुनावों में दखल नहीं दे सकते: हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट, 1950 की धारा 41A के तहत मिली शक्ति केवल पब्लिक ट्रस्ट के सही कामकाज के लिए निर्देश जारी करने तक सीमित है और इसका इस्तेमाल चल रही चुनाव प्रक्रिया में दखल देने के लिए नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि एक बार चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद असिस्टेंट चैरिटी कमिश्नर धारा 41A का इस्तेमाल करके चुनाव नोटिस को रद्द नहीं कर सकते या इस आधार पर चुनाव नहीं रोक सकते कि मौजूदा मैनेजिंग कमेटी की वैधता पर संदेह है।जस्टिस अनिल एस. किलोर और राज डी....
जुबीन गर्ग मौत मामला: कार्यक्रम आयोजक की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, असम सरकार से मांगा जवाब
असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की सिंगापुर में नौका यात्रा के दौरान हुई मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कार्यक्रम आयोजक श्याम कानू महंत की जमानत याचिका पर असम सरकार को नोटिस जारी किया।जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने मामले में नोटिस जारी करते हुए जवाब जुलाई के अंत तक दाखिल करने को कहा।श्याम कानू महंत की ओर से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल के फरार होने की कोई आशंका नहीं है।उन्होंने कहा, "मृत्यु डूबने से हुई। फरार होने का...
सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के बोबाज़ार ब्लास्ट केस में TADA दोषी की समय से पहले रिहाई पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें 1993 के कोलकाता (बोबाज़ार) ब्लास्ट केस में उम्रकैद की सज़ा काट रहे मोहम्मद राशिद खान को समय से पहले रिहा करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने यह अंतरिम आदेश तब दिया, जब उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें TADA दोषी की रिहाई के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई।सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने हाईकोर्ट के उस फ़ैसले पर...
मतदाता सूची से बाहर लोगों का राशन रोकने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, कहा- कलकत्ता हाईकोर्ट जाएं
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद सूची से बाहर हुए लोगों को राशन लाभ से वंचित किए जाने के पश्चिम बंगाल सरकार के कथित कदम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया।जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की अवकाशकालीन पीठ ने मामले की तत्काल सूचीबद्धता की मांग ठुकराते हुए याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करने की सलाह दी।यह याचिका पश्चिम बंगाल के खेत मजदूर संगठन 'पश्चिम बंग खेत मजदूर समिति' की ओर से दायर की गई। संगठन की ओर से अधिवक्ता...
सरकारी डॉक्टरों का प्राइवेट प्रैक्टिस करना गंभीर मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जांच में दखल देने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार किया, जिसमें मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज से जुड़े सरकारी डॉक्टरों पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने (जिस पर रोक है) और सरकारी अस्पताल के बाहर एक समानांतर हेल्थकेयर सिस्टम चलाने के आरोपों की हाई-लेवल जांच का निर्देश दिया गया।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार सिंह द्वारा दायर SLP (स्पेशल लीव पिटिशन) को वापस लेने की अनुमति दे दी, क्योंकि...
"आप परिवार के सदस्यों द्वारा गोद लेने का विरोध क्यों कर रहे हैं?" सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिका में रहने वाली मौसी द्वारा बच्चे को गोद लेने पर CARA से किया सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) से सवाल किया कि वह अमेरिका में रहने वाली मौसी द्वारा एक नाबालिग लड़की को गोद लेने का विरोध क्यों कर रही है। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि अथॉरिटी ने ऐसे मामलों में नकारात्मक रवैया अपनाया।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य की बेंच एक 13 साल की लड़की और उसके गोद लेने वाले माता-पिता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने CARA के उस स्पष्टीकरण को चुनौती दी थी, जिसमें हिंदू एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट, 1956 (HAMA) के तहत बच्चे को...
UP Police द्वारा अवैध रूप से गिरफ्तार का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने 10 लाख का मुआवजा देने के आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (22 जून) को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें राज्य सरकार को अवैध गिरफ्तारी के बाद तीन महीने से अधिक की अवैध हिरासत के लिए एक व्यक्ति को 10 लाख रुपये का मुआवजा का भुगतान करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ हाईकोर्ट द्वारा प्रतिवादी को दिए गए मुआवजे की मात्रा के सीमित मुद्दे पर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य की अपील पर सुनवाई कर रही थी।राज्य ने मुआवजे की मात्रा के खिलाफ तर्क दिया। साथ ही...
वादी ने जब ऐसी कोई मांग नहीं की हो तो कोर्ट उसे 'इंजंक्शन' के बदले मुआवज़ा लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपीलीय कोर्ट के लिए कानूनी तौर पर यह सही नहीं है कि वह ऐसी राहत दे, जिसके लिए याचिका में कोई मांग नहीं की गई हो। साथ ही अपीलीय कोर्ट डिक्री रद्द करने के बाद मामले को एग्जीक्यूटिंग कोर्ट (फैसला लागू करने वाली अदालत) के पास ऐसे मुद्दों पर फैसले के लिए नहीं भेज सकता जो किसी मौजूदा डिक्री से पैदा नहीं हुए हों।जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया। हाईकोर्ट ने कथित अतिक्रमण हटाने के आदेश वाली डिक्री को बदलकर...
CBSE Class XII Boards: खाड़ी देशों के प्राइवेट छात्रों के मूल्यांकन के लिए CBSE द्वारा फॉर्मूला लाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका निपटाई
सुप्रीम कोर्ट ने खाड़ी देशों में परीक्षा रद्द होने से प्रभावित CBSE कक्षा 12 के निजी विद्यार्थियों से जुड़े मामले का निपटारा किया। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि ऐसे विद्यार्थियों के परिणाम घोषित करने के लिए नई राष्ट्रीय नीति अधिसूचित कर दी गई है, जिसके बाद अदालत ने याचिका समाप्त की।जस्टिस एसवीएन भट्टी और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ के समक्ष केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि पश्चिम एशिया के देशों में क्षेत्रीय संघर्ष के कारण रद्द हुई परीक्षाओं से प्रभावित...
'हाईकोर्ट कॉलेजियम को निर्देश नहीं दिया जा सकता': सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन की मांग करने वाले न्यायिक अधिकारी की याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (22 जून) को हिमाचल प्रदेश के न्यायिक अधिकारी की रिट याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया। अधिकारी ने हाईकोर्ट में प्रमोशन के लिए अपने नाम पर विचार करने की मांग की थी। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि हाई कोर्ट कॉलेजियम को कोई न्यायिक निर्देश नहीं दिया जा सकता।याचिकाकर्ता अरविंद मल्होत्रा अभी धर्मशाला में फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज हैं। उनकी शिकायत थी कि हाई कोर्ट कॉलेजियम ने उनके जूनियर्स के नाम आगे बढ़ाए, जिन्हें बाद में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंज़ूरी दी।याचिकाकर्ता की...



















