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मतदाता सूची में शामिल करने के लिए नागरिकता की जांच सकता है ECI, लेकिन उसका फैसला अंतिम नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट
चुनाव आयोग की शक्तियों के दायरे पर अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग (ECI) किसी व्यक्ति की नागरिकता की सीमित जांच करने के लिए अधिकृत है, ताकि यह तय किया जा सके कि वह चुनावी रोल में शामिल होने के योग्य है या नहीं; लेकिन कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इस तरह के फैसले को नागरिकता के सवाल पर अंतिम नहीं माना जा सकता।यह फैसला बिहार में चुनावी रोल के चुनाव आयोग के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) को सही ठहराते हुए आया।इस प्रक्रिया के दौरान नागरिकता की स्थिति की जांच करने के आयोग के फैसले को...
BREAKING| ऑनलाइन गेमिंग पर लगा GST, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यह 'सट्टेबाजी और जुए' के तौर पर टैक्सेबल
सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लगाने को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया। साथ ही सट्टेबाजी और जुए के लेन-देन से पैदा होने वाले 'एक्शनेबल क्लेम' (दावों) पर CGST लगाने के खिलाफ दायर संवैधानिक और कानूनी चुनौती खारिज की।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने फैसला सुनाया कि संगठित ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियां 'एक्शनेबल क्लेम' को जन्म देती हैं। इन गतिविधियों में पूल किए गए दांव और संभावित इनाम वाली फैंटेसी गेम्स शामिल हैं। सट्टेबाजी और जुए के लेन-देन...
बिहार मतदाता सूची पुनर्विचार पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: संदिग्ध नागरिकता वाले नाम केंद्र को भेजने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की वैधता को बरकरार रखते हुए चुनाव आयोग को बड़ा निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि वर्ष 2003 की बिहार मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम संदिग्ध नागरिकता के आधार पर हटाए गए, उनके मामलों को चार सप्ताह के भीतर केंद्र सरकार के सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा जाए ताकि उनकी नागरिकता पर अंतिम फैसला हो सके।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह फैसला बिहार में विशेष गहन पुनर्विचार अभियान को चुनौती देने...
वकीलों को केवल वर्चुअल सुनवाई के लिए मजबूर नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह वकीलों को केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।अदालत ने कहा कि वह केवल बार के सदस्यों से अपील कर सकती है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण पैदा हुए ईंधन संकट को देखते हुए अधिक से अधिक वर्चुअल माध्यम अपनाएं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।याचिका में मांग की गई थी कि ईंधन संकट को देखते हुए तीन महीने तक विविध मामलों की सुनवाई वर्चुअल...
“क्या भ्रष्टाचार चल रहा है वहां?”: NSEL केस की सुनवाई में MPID कोर्ट्स पर CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी
NSEL घोटाले से जुड़ी हरियाणा की एक ज़मीन की नीलामी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने MPID कोर्ट्स के कामकाज पर कड़ी नाराज़गी जताई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कुछ MPID कोर्ट्स का रवैया बेहद “दुस्साहसी” रहा है और वहां हो रहे भ्रष्टाचार पर हाईकोर्ट को ध्यान देना चाहिए।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच क्विकर रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कंपनी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें हरियाणा की 35 एकड़ ज़मीन की नीलामी रद्द करते...
SC की सख्त टिप्पणी: ₹100 करोड़ की ज़मीन ₹10 करोड़ में बेच दी, NSEL केस में HC आदेश पर रोक से इनकार
NSEL घोटाले से जुड़ी हरियाणा की एक ज़मीन की नीलामी पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि करीब ₹100 करोड़ की ज़मीन को “संदिग्ध प्रक्रिया” के जरिए केवल ₹10 करोड़ में बेचा गया।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच क्विकर रियल्टी नामक वैल्यूअर कंपनी की याचिका सुन रही थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंपनी को 5 साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान CJI ने टिप्पणी की:“₹100 करोड़ की संपत्ति को ₹10...
ट्रांसजेंडर संशोधन अधिनियम 2026 को चुनौती: केंद्र सरकार ने की हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग
केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने ट्रांसफर याचिकाएं दायर की, जिनमें मांग की गई कि हाईकोर्ट में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2026 के खिलाफ लंबित विभिन्न चुनौतियों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लाया जाए।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और अनुरोध किया कि ट्रांसफर याचिकाओं को शुक्रवार को सूचीबद्ध किया जाए।मेहता ने कहा,"हमने ट्रांसजेंडर संशोधन अधिनियम को दी गई...
बरी करने का फ़ैसला पलटने वाली अपीलीय अदालत को सज़ा के मामले में दोषी की बात खुद सुननी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (26 मई) को फ़ैसला सुनाया कि अगर कोई अपीलीय अदालत बरी करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी पाती है तो वह सज़ा सुनाने के लिए मामला ट्रायल कोर्ट को वापस नहीं भेज सकती। अपीलीय अदालत को सज़ा के मामले में दोषी की बात खुद सुननी होगी।जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा,"CrPC की धारा 386(a) से यह साफ़ है कि जहां बरी करने के आदेश के ख़िलाफ़ अपील में अपील सुनने वाली अदालत आरोपी को दोषी पाती है, तो उसे क़ानून के मुताबिक़ उस पर...
तीन जजों के पास फिर से पहुंचा एक सवाल
नवंबर 1941 में दूसरे विश्व युद्ध के दूसरे साल में हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स ने रॉबर्ट लिवरसिज नाम के एक आदमी से जुड़े एक मामले पर फ़ैसला सुनाया। उसे गृह सचिव, सर जॉन एंडरसन ने एक युद्धकालीन नियम के तहत जेल में डाल दिया था। इस नियम के तहत अगर सचिव को "यह मानने का कोई उचित कारण" हो कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति किसी दुश्मन गुट से जुड़ा है तो उसे हिरासत में लिया जा सकता था।लिवरसिज ने एक सीधा-सा सवाल पूछा: इसके क्या कारण थे? गृह सचिव ने बताने से मना कर दिया। लॉर्ड्स ने चार के मुकाबले एक वोट से यह फ़ैसला...
9 साल से जेल में बंद विचाराधीन कैदी ज़मानत का हकदार, क्योंकि उसके अनुच्छेद 21 के अधिकार का उल्लंघन हुआ: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक ऐसे विचाराधीन कैदी को ज़मानत दी, जो पिछले 9 सालों से जेल में बंद था। ज़मानत देने का आधार यह था कि उसके अनुच्छेद 21 के अधिकार का उल्लंघन हुआ।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने ज़मानत देते हुए यह दोहराया कि किसी भी विचाराधीन कैदी को अनिश्चित काल तक जेल में बंद नहीं रखा जा सकता।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में ज़मानत देने से इनकार किया था। उस पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 148, 149, 120B और 302...
Judicial Service Recruitment | क्या वाइवा-वोस के लिए कट-ऑफ मनमाना है? सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई की
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट से तीन उम्मीदवारों के मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को कहा। इन उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद, वाइवा-वोस (मौखिक परीक्षा) में न्यूनतम योग्यता अंक हासिल न कर पाने के कारण महाराष्ट्र उच्च न्यायिक सेवा में चयन से बाहर कर दिया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने बड़े पैमाने पर खाली पदों को देखते हुए यह आदेश पारित किया। खंडपीठ ने टिप्पणी की कि जहां 42 पद खाली थे, वहीं केवल 13 उम्मीदवारों...
SCBA ने सीनियर एडवोकेट ख्वाजा मोइज़ुद्दीन की हत्या की निंदा की, निष्पक्ष जांच की मांग की
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने मंगलवार को हैदराबाद में सीनियर एडवोकेट ख्वाजा मोइज़ुद्दीन की हत्या की कड़ी निंदा की। एसोसिएशन ने इसे "सोची-समझी, क्रूर और चौंकाने वाली हत्या" बताया, जिसने वकीलों की सुरक्षा और हिफाज़त को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं।SCBA की मानद सचिव प्रज्ञा बघेल द्वारा जारी एक बयान में एसोसिएशन ने कहा कि इस घटना ने कानूनी बिरादरी को गहरे सदमे में डाल दिया है और अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन करने वाले वकीलों की असुरक्षा को उजागर किया।बयान में कहा गया,"इस घटना ने कानूनी...
'n-Hexane' 'Motor Spirit' नहीं है: कस्टम ड्यूटी पर सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस के खिलाफ रिवेन्यू अपील खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इंपोर्ट किया गया प्रोडक्ट 'n-hexane' - जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से केमिकल बनाने या वनस्पति तेल निकालने में होता है - को सिर्फ इसलिए पेट्रोलियम प्रोडक्ट/मोटर फ्यूल के तौर पर क्लासिफाई नहीं किया जा सकता, ताकि उस पर कम ड्यूटी लगे, क्योंकि उसका फ्लैश पॉइंट कम है।कस्टम डिपार्टमेंट की अपील खारिज करते हुए जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने Reliance Industries Ltd. को राहत दी। बेंच ने Customs Excise and Service Tax Appellate Tribunal (CESTAT) के उस फैसले...
बांके बिहारी मंदिर में पारंपरिक पूजा व्यवस्था बहाल करने और भीड़ प्रबंधन सुधारने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन को पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों को बहाल करने और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने गोस्वामियों के दो समूहों—शयन भोग और राज भोग—से दो-दो प्रतिनिधियों को समिति में शामिल करने की अनुमति दी, ताकि वे मंदिर के दैनिक संचालन और धार्मिक परंपराओं को लेकर सुझाव दे सकें।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने कहा कि समिति इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी। सुप्रीम...
बकरीद से पहले गोहत्या कानून लागू कराने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बकरीद (ईद-उल-अजहा) से पहले गोहत्या विरोधी कानूनों को लागू कराने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मामले को अत्यावश्यक मानने से मना करते हुए कहा कि याचिका आखिरी समय में लाई गई है।एडवोकेट बरुण कुमार सिन्हा ने अदालत के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि बकरीद 28 मई को है, इसलिए मामले की जल्द सुनवाई जरूरी है ताकि अदालत चाहे तो अंतरिम आदेश पारित कर सके।हालांकि, चीफ जस्टिस ने टिप्पणी की, “आपको यह बात एक दिन पहले याद आई… इसमें...
शव मिलने से पहले ही पुलिस ने लगा दी थी हत्या की धाराएं: सुप्रीम कोर्ट ने 4 आरोपियों की बरी बरकरार रखी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 मई) को हत्या के एक मामले में चार आरोपियों को बरी करने के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि मृतक के शव की बरामदगी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी और केवल उसी आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने पाया कि पुलिस ने लापता व्यक्ति की शिकायत को शव मिलने से पहले ही हत्या का मामला मान लिया था, जिससे जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं।मामला अशोक कुमार शर्मा नामक बोलेरो जीप चालक के गायब होने...
'वेटलैंड' की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट में सवाल, 2017 नियमों की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वेटलैंड्स (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 में “वेटलैंड” की परिभाषा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने फिलहाल केवल इस मुद्दे पर नोटिस जारी किया कि नियम 2(g) में दी गई वेटलैंड की परिभाषा “अस्पष्ट” (vague) है या नहीं।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई की।याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि 2017 के नियमों ने वेटलैंड्स को मिलने वाली पर्यावरणीय...
चंबल में अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बिना नंबर वाले वाहनों पर कार्रवाई और CCTV निगरानी के आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (26 मई) को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य (NCGS) में जारी अवैध रेत खनन पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र और संबंधित राज्यों को सख्त निर्देश जारी किए। कोर्ट ने हिंदुस्तान टाइम्स की उस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें मोरेना जिले में बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों से खुलेआम अवैध रेत खनन और परिवहन की बात कही गई थी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू से पूछा कि क्या उन्होंने रिपोर्ट देखी है,...
अटेंडेंस कम होने पर भी परीक्षा देने की छूट? सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (26 मई) को दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें कहा गया था कि न्यूनतम उपस्थिति (minimum attendance) की कमी के आधार पर किसी भी छात्र को परीक्षा देने से नहीं रोका जा सकता। कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के पैराग्राफ 249 पर रोक लगाई, जिसमें यह निर्देश दिए गए थे।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए मामले को लंबित याचिकाओं के साथ टैग कर दिया। ये याचिकाएं BCI के उन सर्कुलरों को चुनौती देती हैं,...
फोन पर दवा बताने से डॉक्टर अपराधी नहीं बन जाता: सुप्रीम कोर्ट ने एनेस्थेटिस्ट को दी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 मई) को एक एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर को मेडिकल लापरवाही के आपराधिक मामले से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ड्यूटी समाप्त होने के बाद फोन पर नर्स को दवा सुझाने मात्र से डॉक्टर को मरीज की मौत के लिए IPC की धारा 304-A के तहत आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें डॉक्टर के खिलाफ मेडिकल नेग्लिजेंस का मामला खत्म करने से इनकार किया गया था।मामला 2002 का है, जब कन्नूर के...




















