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भ्रष्टाचार मामलों में भारी-भरकम और गैरजरूरी सबूत मुकदमे लंबा खींचते हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामलों में बड़ी संख्या में ऐसे सबूत और गवाह पेश किए जाने पर चिंता जताई, जिनका मामले के मूल आरोप से खास संबंध नहीं होता।कोर्ट ने कहा कि भारी-भरकम और गैरजरूरी साक्ष्य अक्सर अदालतों के लिए बोझिल हो जाते हैं और भ्रष्टाचार के मुकदमों के लंबे समय तक लंबित रहने की एक वजह भी यही है। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस विनोद के. चंद्रन की पीठ ने यह टिप्पणी 1993 के फर्जी दवा आपूर्ति बिल मामले में एक पूर्व सरकारी स्टोर प्रभारी को बरी करते हुए की।पीठ ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण...

मां के पैर छूकर अपने पापों के लिए माफी मांगो: संपत्ति विवाद में जस्टिस एससी शर्मा ने बेटे से कहा

मां और बेटे के बीच संपत्ति विवाद की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बेटे को मां के प्रति अपने कर्तव्य और हिंदू धर्म में मां के महत्व की याद दिलाई।मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने बेटे से मौखिक रूप से कहा कि वह अपनी मां के पैर छूकर माफी मांगे और उनका आशीर्वाद ले। जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ ने बेटे की याचिका खारिज करते हुए कहा,“आपको अपनी मां के पास जाकर उनके पैर छूने चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। अपने सभी पापों के लिए क्षमा मांगिए।” जस्टिस शर्मा ने अदालत...

अदाणी-LIC निवेश पर लेख से जुड़े FIR के खिलाफ रवि नायर ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका, आरोपपत्र के बाद फिर उठाएंगे सभी मुद्दे

पत्रकार रवि नायर ने अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड की शिकायत पर गुजरात में दर्ज जालसाजी के मामले को रद्द करने से गुजरात हाईकोर्ट के इनकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका बुधवार को वापस ली।सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें उचित चरण पर उचित मंच के समक्ष अपनी सभी आपत्तियां उठाने की छूट देते हुए याचिका वापस लेने की अनुमति दी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि आरोपपत्र दाखिल होने के बाद नायर मामले से जुड़े सभी कानूनी और तथ्यात्मक मुद्दे...

छात्र प्रदर्शनकारी को नोटिस पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, पूछा- हमारे आदेश के बावजूद मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे की?

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित छात्र विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कथित तौर पर प्रचार करने वाले एक छात्र के खिलाफ 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 130 के तहत जारी नोटिस पर सवाल उठाए।कोर्ट ने पूछा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने छात्र विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी FIR रद्द कर दी हैं और CJP विरोध प्रदर्शनों को लेकर किसी भी छात्र के खिलाफ भविष्य में कोई भी जबरदस्ती वाली कार्रवाई करने पर रोक लगाई है तो...

पेंशन के फ़ायदों के लिए रेगुलर होने से पहले की सर्विस को भी गिना जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रेगुलर होने से पहले कॉन्ट्रैक्ट, एड-हॉक, डेली-वेज़ या वर्क-चार्ज के आधार पर कर्मचारियों द्वारा की गई सर्विस को रिटायरमेंट और पेंशन के फ़ायदों के लिए 'क्वालिफ़ाइंग सर्विस' (पात्र सेवा) के तौर पर गिना जाना चाहिए। ऐसा तब और भी ज़रूरी है जब सर्विस में आया गैप सिर्फ़ कागज़ी या बनावटी हो, या प्रशासनिक हालात या कोर्ट के आदेशों की वजह से हुआ हो।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) की अपील खारिज करते हुए पंजाब एंड हरियाणा...

सुप्रीम कोर्ट ने PhD पर शक के बावजूद असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति सही ठहराई, यूनिवर्सिटी को जांच का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति रद्द करने से इनकार किया, भले ही शुरुआती सबूतों से संकेत मिलता है कि उनकी PhD डिग्री नकली हो सकती है। कोर्ट ने माना कि विवादित डॉक्टरेट डिग्री इस पद के लिए ज़रूरी योग्यता नहीं है, क्योंकि उन्होंने UGC-NET परीक्षा पास करने की अनिवार्य शर्त को अलग से पूरा किया। साथ ही कोर्ट ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी को PhD डिग्री की असलियत की नई जांच करने का निर्देश दिया।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने यह आदेश तब दिया, जब वह रोहतक के सत जिंदा...

Freebies To Doctors | सुप्रीम कोर्ट ने फार्मास्युटिकल मार्केटिंग के तरीकों को रेगुलेट करने की मांग वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने फार्मास्युटिकल मार्केटिंग के तरीकों को कानूनी रूप से रेगुलेट करने की मांग वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार एक तीन-सदस्यीय कमेटी बनाएगी जो यह जांच करेगी कि क्या फार्मास्युटिकल कंपनियों के अनैतिक तरीकों को रेगुलेट करने के लिए किसी कानूनी ढांचे की ज़रूरत है।मेहता ने कोर्ट से कहा,"हालांकि, यह पक्का करने के लिए सिस्टम को मज़बूत करने की ज़रूरत है कि फार्मास्युटिकल कंपनियां किसी भी तरह के अनैतिक तरीकों में शामिल न हों।...

संभल मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा: कानून प्राचीन स्मारक के मूल स्वरूप की रक्षा करता है

संभल जामा मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कानून के तहत किसी प्राचीन स्मारक के मूल धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखा जाना चाहिए। कमेटी ने तर्क दिया कि पूजा-स्थलों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा को, स्मारक में धार्मिक अनुष्ठान करने और प्रार्थना करने की मांग करने वाले दावे से खत्म नहीं किया जा सकता।संभल की जामा मस्जिद की प्रबंधन समिति की ओर से पेश सीनियर वकील हुज़ेफ़ा अहमदी ने जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने दलील दी कि हिंदू वादी 'प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल...

NGT

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के उन तीन सदस्यों का कार्यकाल जारी रखने का निर्देश दिया, जिनका कार्यकाल आज खत्म हो रहा था। कोर्ट ने उन्हें नई नियुक्तियां होने तक अंतरिम उपाय के तौर पर पद पर बने रहने की अनुमति दी।यह निर्देश चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने तब जारी किया, जब NGT बार एसोसिएशन ने कोर्ट को बताया कि सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने से NGT का कामकाज प्रभावित हो सकता है।इन तीन सदस्यों में दो न्यायिक सदस्य और...

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा स्वतंत्र भारद्वाज का मामला, कहा गया- कबूलनामे से पता चलता है कि पुलिस ने हिंसक लोगों को छात्र-प्रदर्शन में घुसने दिया

छात्र विरोध प्रदर्शन के मामले में याचिकाकर्ता पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया। इसमें कहा गया कि स्वतंत्र भारद्वाज ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के एक प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया था। इससे यह साफ होता है कि हिंसक सोच वाले लोगों को जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों में घुसने दिया गया।हलफनामे में कहा गया कि 20 जुलाई को संसद तक निकाला गया विरोध मार्च सरकारी नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध के लिए था। लेकिन दिल्ली पुलिस ने "अराजक"...

मंदिर के चढ़ावे पर विवाद: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- आरती की थाली में आया चढ़ावा पुजारी की निजी आय, संयुक्त परिवार की संपत्ति नहीं

कर्नाटक हाईकोर्ट की कलबुर्गी बेंच ने कहा कि मंगल-आरती (पूजा-अनुष्ठान) की थाली में भक्तों द्वारा वंशानुगत अर्चक (मंदिर के पुजारी) को दिया गया चढ़ावा उनकी व्यक्तिगत आय है, जो 'हिंदू गेन्स ऑफ़ लर्निंग एक्ट, 1930' की धारा 3 के तहत सुरक्षित है और यह संयुक्त परिवार की संपत्ति का हिस्सा नहीं है।जस्टिस आर. नटराज और जस्टिस त्यागराज एन. इनावल्ली की डिवीजन बेंच ने कहा,"भक्तों द्वारा अर्चक को दिया गया चढ़ावा वह पारिश्रमिक है, जो उन्हें पवित्र जीवन जीने और आगम शास्त्र में उनकी विद्वता, क्रियाओं और कैंकर्यों...

दारा सिंह की समयपूर्व रिहाई पर फैसला न लेने से सुप्रीम कोर्ट नाराज, ओडिशा सरकार को फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दारा सिंह उर्फ रवींद्र कुमार पाल की समयपूर्व रिहाई की याचिका पर फैसला नहीं लेने को लेकर ओडिशा सरकार को कड़ी फटकार लगाई।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने सरकार द्वारा चार सप्ताह का समय मांगे जाने पर नाराजगी जताई। राज्य की ओर से यह समय उसके अधिवक्ता के बीमार होने के आधार पर मांगा गया था।जस्टिस मिश्रा ने कहा—“आप इस मामले को इस तरह क्यों टाल रहे हैं?...

सत्या निकेतन पीजी हादसा: सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को करेगा सुनवाई

सात लोगों की मौत के बाद अमाइकस क्यूरी ने दिल्ली के पीजी और निजी छात्रावासों की समयबद्ध सुरक्षा जांच की मांग कीदिल्ली के सत्या निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट और अमाइकस क्यूरी अजीत कुमार सिन्हा के आग्रह पर मामले को सूचीबद्ध किया।सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर दिल्ली के पीजी, निजी छात्रावास और छात्र आवासों की समयबद्ध...

बिना निर्धारित योग्यता के शिक्षक नियुक्त नहीं किए जा सकते: सुप्रीम कोर्ट

शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा जारी रखने के लिए आरटीई अधिनियम, एनसीटीई अधिनियम और यूजीसी अधिनियम के तहत निर्धारित योग्यता जरूरीसुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जिन शिक्षकों के पास संबंधित कानूनों के तहत निर्धारित आवश्यक योग्यता नहीं है, उन्हें न तो नियुक्त किया जाए और न ही उनकी सेवा जारी रखी जाए।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर यह निर्देश...

अनुबंध के पालन के मुकदमे में वादी को सबसे पहले संदिग्ध हालात को स्पष्ट करना होगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब कोई वादी बिक्री के किसी ऐसे समझौते के 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' (अनुबंध के पालन) की मांग करता है, जिसकी असलियत पर संदिग्ध हालात के कारण शक हो, तो सबूत पेश करने की जिम्मेदारी प्रतिवादी पर आने से पहले वादी को उन हालात को संतोषजनक ढंग से समझाना होगा।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट और फर्स्ट अपीलेट कोर्ट के उन फैसलों को रद्द किया, जिन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा प्रतिवादी-वादी के 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' के मुकदमे...