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Supreme Court
'वन बार, वन वोट का सख्ती से पालन किया जाए' सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को शुक्रवार, 16 दिसंबर को राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार और 'वन बार, वन वोट' के सिद्धांत का उल्लंघन किए बिना पदाधिकारियों के पद के लिए चुनाव कराने की अनुमति दी। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की खंडपीठ ने यह फैसला लिया, जो बार एसोसिएशन के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आया है, क्योंकि याचिकाकर्ता बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता की कमी के बारे में शिकायत मिलने...

एमबीबीएस : सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा प्रयासों को सीमित करने के एनएमसी नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
एमबीबीएस : सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा प्रयासों को सीमित करने के एनएमसी नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (14 दिसंबर) को स्नातक मेडिकल परीक्षा 1997 के विनियमों में संशोधन के पूर्वव्यापी आवेदन को बरकरार रखने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग करने वाले पांच विशेष रूप से दिव्यांग एमबीबीएस छात्रों द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ द्वारा की गई। स्नातक चिकित्सा शिक्षा विनियम (संशोधन) 2019 को स्नातक चिकित्सा शिक्षा, 1997 पर विनियमों में संशोधन करने के लिए पारित किया गया था।...

यह सुनिश्चित करें कि कोई दिव्यांग उम्मीदवार CLAT में प्रवेश से वंचित नहीं रहे: सुप्रीम कोर्ट ने एनएलयू कंसोर्टियम से कहा
यह सुनिश्चित करें कि कोई दिव्यांग उम्मीदवार CLAT में प्रवेश से वंचित नहीं रहे: सुप्रीम कोर्ट ने एनएलयू कंसोर्टियम से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को CLAT कंसोर्टियम द्वारा स्क्राइब्स की सेवा लेने के इच्छुक दिव्यांग उम्मीदवारों पर लगाई गई कड़ी शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सीजेआई चंद्रचूड़ ने टिप्पणी की कि कंसोर्टियम केवल बेंचमार्क दिव्यांग लोगों को स्क्राइब प्रदान कर रहा है, अदालत की राय में विकास कुमार बनाम संघ लोक सेवा आयोग के फैसले के खिलाफ है। याचिकाकर्ता ने कंसोर्टियम को डिसएबिलिटी सर्टिफिकेट स्वीकार करने का...

जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया बदलने तक उच्च न्यायपालिका में रिक्तियों का मुद्दा उठता रहेगा: कानून मंत्री किरेन रिजिजू
जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया बदलने तक उच्च न्यायपालिका में रिक्तियों का मुद्दा उठता रहेगा: कानून मंत्री किरेन रिजिजू

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि जब तक जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में बदलाव नहीं होता, उच्च न्यायिक रिक्तियों का मुद्दा उठता रहेगा।देश भर में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या के लिए न्यायिक रिक्तियों को जिम्मेदार ठहराते हुए, केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि सरकार के पास न्यायिक रिक्तियों को भरने की सीमित शक्ति है, हालांकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईाकेर्ट के जजों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि वे गुणवत्तापूर्ण जजों के नामों की सिफारिश करें।केंद्रीय...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सीआरपीसी की धारा 313 कोरी औपचारिकता नहीं, आरोपी को परिस्थितियों के बारे में बताना होगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धारा 313 सीआरपीसी के तहत एक आरोपी से पूछताछ करते समय, उसे उसके खिलाफ सबूतों में दिखाई देने वाली परिस्थितियों को स्पष्ट किया जाना चाहिए।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अभय एस ओका की पीठ ने कहा, "यदि अभियुक्त को उन साक्ष्यों में उसके खिलाफ दिखाई देने वाली महत्वपूर्ण परिस्थितियों के बारे में नहीं बताया गया है, जिस पर उसकी दोषसिद्धि आधारित होने की मांग की गई है, तो अभियुक्त अपने खिलाफ रिकॉर्ड में लाई गई उक्त परिस्थितियों को स्पष्ट करने की स्थिति में नहीं होगा। वह उचित तरीके से...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'भ्रष्टाचार राष्ट्र-निर्माण गतिविधियों को धीमा करता है': सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्ट लोक सेवकों को दंडित करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की एक संविधान पीठ ने गुरुवार को माना कि भ्रष्टाचार के मामलों में जहां लोक सेवकों पर आरोप लगाया गया है, शिकायतकर्ताओं और अभियोजन पक्ष को यह देखने के लिए ईमानदारी से प्रयास करना चाहिए कि भ्रष्ट लोक सेवकों को दंडित किया जाए, ताकि प्रशासन से भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सके।कोर्ट ने कहा,"हम आशा कि शिकायतकर्ता और अभियोजन पक्ष यह सुनिश्चित करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करेंगे कि भ्रष्ट लोक सेवकों को सजा दी जाए और उन्हें दोषी ठहराया जाए ताकि प्रशासन और शासन प्रदूषण रहित और...

बीबीएमपी चुनाव : सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट के लिए कर्नाटक सरकार को मार्च 31, 2023 तक का समय दिया
बीबीएमपी चुनाव : सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट के लिए कर्नाटक सरकार को मार्च 31, 2023 तक का समय दिया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कर्नाटक राज्य को स्थानीय निकायों के लिए राजनीतिक आरक्षण और ओबीसी के लिए आरक्षण के सवाल पर हाईकोर्ट के निर्देशों के आधार पर गठित आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के उद्देश्य से 31-03-2023 तक का समय दिया।जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ के समक्ष भारत सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कर्नाटक राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रस्तुत किया कि, "हाईकोर्ट द्वारा निर्देशित अभ्यास पहले से ही चल रहा है। हम 31 मार्च तक विस्तार की मांग कर रहे हैं। अनुभवजन्य डेटा एकत्र...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने ग्राम न्यायालयों की स्थापना के संबंध में सभी राज्यों और हाईकोर्ट्स से स्टेटस रिपोर्ट मांगी

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जस्टिस एस. अब्दुल नज़ीर और जस्टिस हिमा कोहली की खंडपीठ ने देश भर के राज्यों में ग्राम न्यायालय अधिनियम 2008 के तहत "ग्राम न्यायालय" की स्थापना के संबंध में सभी राज्य सरकारों और हाईकोर्ट्स को आज से 8 सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया।पिछली सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने कहा था कि मामले के फैसले के लिए उनकी उपस्थिति आवश्यक है। इसलिए कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट्स और राज्य सरकारों को पक्षकार बनाया था।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने अदालत...

गोधरा ट्रेन जलाने के केस में सुप्रीम कोर्ट ने 17 साल जेल में काटने और भूमिका को देखते हुए उम्रकैद के सजा याफ्ता दोषी को जमानत दी 
गोधरा ट्रेन जलाने के केस में सुप्रीम कोर्ट ने 17 साल जेल में काटने और भूमिका को देखते हुए उम्रकैद के सजा याफ्ता दोषी को जमानत दी 

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गोधरा कांड मामले में आजीवन कारावास की सजा पाने वाले फारूक नाम के एक दोषी को इस तथ्य पर विचार करते हुए जमानत दे दी कि वह 17 साल की सजा काट चुका है और उसकी भूमिका ट्रेन में पथराव की थी।भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित अपील में उनके द्वारा दायर एक हस्तक्षेप आवेदन पर आदेश पारित किया।सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने जमानत आदेश सुनाया और कहा-"मामले के तथ्यों में, आरोपी नंबर 4, फारूक द्वारा दायर जमानत का आवेदन मंजूर...

विशिष्ट अदायगी वाद में न्यायालय स्वतः बयाना राशि की वापसी की राहत नहीं दे सकते, अगर इसके लिए विशेष रूप से प्रार्थना नहीं की गई है : सुप्रीम कोर्ट
विशिष्ट अदायगी वाद में न्यायालय स्वतः बयाना राशि की वापसी की राहत नहीं दे सकते, अगर इसके लिए विशेष रूप से प्रार्थना नहीं की गई है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक विशिष्ट अदायगी वाद में न्यायालय स्वतः बयाना राशि की वापसी की राहत नहीं दे सकते हैं यदि इसके लिए विशेष रूप से प्रार्थना नहीं की गई है।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने कहा कि जब तक कोई वादी विशेष रूप से वाद दायर करने के समय या संशोधन के माध्यम से बयाना राशि की वापसी की मांग नहीं करता है, तब तक उसे ऐसी कोई राहत नहीं दी जा सकती है।इस मामले में, ट्रायल कोर्ट ने, एक विशिष्ट अदायगी वाद में, वादी को अन्यायपूर्ण संवर्धन के सिद्धांत पर बयाना राशि की...

शुभेंदु अधिकारी
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से बर्दवान भगदड़ मामले में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट जाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल में विपक्ष के वर्तमान नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ बंगाल का पश्चिम बर्दवान जिला में कंबल वितरण कार्यक्रम में भगदड़ के संबंध में एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।राज्य ने यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने अधिकारी के खिलाफ उसकी पूर्व अनुमति के बिना एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगाने का आदेश पारित किया है।चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
ब्रेकिंग- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लोक सेवक को दोषी ठहराने के लिए रिश्वत की मांग का प्रत्यक्ष सबूत आवश्यक नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भ्रष्टाचार के मामले में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक लोक सेवक को दोषी ठहराने के लिए रिश्वत की मांग का प्रत्यक्ष सबूत आवश्यक नहीं है और परिस्थितिजन्य सबूत के माध्यम से ऐसी मांग को साबित किया जा सकता है।मृत्यु या अन्य कारणों से शिकायतकर्ता का प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध न होने पर भी पीसी अधिनियम के तहत लोक सेवक को दोषी ठहराया जा सकता है, रिश्वत की मांग परिस्थितियों के आधार पर निष्कर्षात्मक साक्ष्य के माध्यम से सिद्ध की जाती है।संविधान पीठ ने कहा कि...

सुप्रीम कोर्ट ने फॉरेस्ट ऑफिसर पर हमले की घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव मांगे
सुप्रीम कोर्ट ने फॉरेस्ट ऑफिसर पर हमले की घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव मांगे

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति से व्यापक रिपोर्ट मांगी, जिसमें अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए फॉरेस्ट ऑफिसर्स पर हमले की घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव दिए गए हों।जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की खंडपीठ इस मामले (टीएन गोडावर्मन थिरुमलपाद बनाम भारत संघ) में एमिक्स क्यूरी सीनियर एडवोकेट ए.डी.एन. राव द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जहां उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि न्यायालय के आदेशों को लागू करने वाले फॉरेस्ट ऑफिसर्स की हत्या की जा रही है।एमिकस ने...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने माइन डंपिंग गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए गोवा सरकार के अनुरोध को अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गोवा सरकार द्वारा राज्य में माइन डंपिंग गतिविधियों को अंजाम देने के लिए दायर आवेदन को मंजूरी दे दी, बशर्ते कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले गठित विशेषज्ञ समिति द्वारा दी गई सिफारिशों का पालन किया गया हो।जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की खंडपीठ ने यह फैसला राज्य सरकार के लिए बड़ी राहत के रूप में आएं, जिसने 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले दिसंबर, 2021 में खनन कंपनियों को डंपसाइट्स से निकाले गए निम्न-श्रेणी के लौह अयस्क के निर्यात की अनुमति देने के लिए नई नीति को...

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, मध्यस्थता की कार्यवाही में देरी होने पर कारोबार के अनुकूल माहौल कैसे बनेगा?
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, मध्यस्थता की कार्यवाही में देरी होने पर कारोबार के अनुकूल माहौल कैसे बनेगा?

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा शुरू की गई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की कार्यवाही में देरी के प्रयास पर नाराज़गी व्यक्त की और पूछा कि क्या यह व्यापार के अनुकूल माहौल बनाने का तरीका है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता शुरू होने में देरी के मुद्दे का उल्लेख किया। हालांकि दो विदेशी मध्यस्थ भारत में मौजूद हैं।उन्होंने कहा कि पक्षपात के आधार पर मध्यस्थों के...

स्क्राइब्स को बेंचमार्क डिसएबिलिटी तक सीमित न करें: सुप्रीम कोर्ट ने सीएलएटी कंसोर्टियम से कहा
'स्क्राइब्स को बेंचमार्क डिसएबिलिटी तक सीमित न करें': सुप्रीम कोर्ट ने सीएलएटी कंसोर्टियम से कहा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आगामी कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट, 2023 (CLAT 2023) के लिए स्क्राइब लेने के इच्छुक विकलांग व्यक्तियों पर लगाई गई कड़ी शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की।इस मामले की सुनवाई सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने की।याचिकाकर्ता, एक वकील और विकलांगता अधिकार एक्टिविस्ट अर्नब रॉय ने प्रस्तुत किया कि कंसोर्टियम केवल बेंचमार्क विकलांग लोगों को एक स्क्राइब की सेवाएं प्रदान कर रहा है।उन्होंने प्रस्तुत किया कि यह विकास कुमार बनाम संघ लोक सेवा आयोग...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
कल्लाकुरिची स्टूडेंट आत्महत्या: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की जमानत को चुनौती देने वाली मां की याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें कल्लाकुरुची स्टूडेंट आत्महत्या मामले में 5 आरोपियों को जमानत दी गई थी।जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने पीड़िता की मां की याचिका पर जवाब मांगा है। एओआर राहुल श्याम भंडारी की सहायता से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा और एडवोकेट जी प्रियदर्शिनी याचिकाकर्ता के लिए पेश हुए।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि हाईकोर्ट का निर्णय जमानत न्यायशास्त्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
वकीलों को अपने विशेषाधिकार का उपयोग जिम्मेदारी से करना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा में हड़ताली वकीलों के 'उपद्रवी व्यवहार' की निंदा की, सख्त पुलिस कार्रवाई की निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने उड़ीसा हाईकोर्ट की नई पीठों के गठन के लिए हड़ताल कर रहे राज्य के वकीलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया।कोर्ट ने बुधवार को ओडिशा सरकार और राज्य की पुलिस को कड़े शब्दों में कहा कि अदालत परिसर में तोड़फोड़ करने वाले हड़ताली वकीलों को 'नर्म मिज़ाज' का ना समझें ।कोर्ट ने कहा कि वह वकीलों के ऐसे अनियंत्रित हमलों की वेदी पर वादियों के हितों की बलि नहीं चढ़ने देगा। कोर्ट ने वकीलों को यह याद दिलाने का प्रयास किया कि उनका कर्तव्य न्याय पाने में वादियों की सहायता करना है, ना कि एक...

मौत की सजा सुनाने का क्या फायदा, अगर 20-25 साल बाद मौत की सजा दी जानी है? सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने के खिलाफ याचिका पर कहा
"मौत की सजा सुनाने का क्या फायदा, अगर 20-25 साल बाद मौत की सजा दी जानी है?" सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने के खिलाफ याचिका पर कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौत की सजा देने का उद्देश्य क्या है? अगर 20-25 साल बाद मौत की सजा दी जानी है, तो इसका क्या फायदा है? सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी महाराष्ट्र सरकार से की जिसने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें दया याचिकाओं के निस्तारण में अत्यधिक देरी का हवाला देते हुए दो बहनों की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सी टी रविकुमार की पीठ बॉम्बे हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के जनवरी, 2022 के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य की एसएलपी पर सुनवाई कर...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
ई-फाइलिंग और वर्चुअल सुनवाई उपलब्ध होने पर हाईकोर्ट की पीठों की आवश्यकता नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के वकीलों की हड़ताल को नामंजूर किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि वर्तमान में उड़ीसा हाईकोर्ट की नई बेंच बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है, जब तकनीकी का उपयोग, जैसे वर्चुअल कोर्ट और ई-फाइलिंग का व्यापक प्रयोग हो रहा है।कोर्ट ने बार एसोसिएशनों की सेंट्रल एक्शन कमेटी के प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया, जिसमें संबलपुर में बेंच के गठन की मांग पूरी होने पर ही हड़ताल वापस लेने का प्रस्ताव था।शीर्ष अदालत ने समिति को बिना शर्त हड़ताल वापस लेने का निर्देश दिया।आदेश में विशेष रूप से कहा गया, "बेंच के गठन की कोई उम्मीद नहीं...