ताज़ा खबरें
सुप्रीम कोर्ट मंथली राउंड अप : अक्टूबर, 2025
सुप्रीम कोर्ट में अक्टूबर, 2025 में क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट मंथली राउंड अप। अक्टूबर महीने के सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।ट्रायल कोर्ट केवल निजी गवाह के हलफनामे के आधार पर चार्जशीट में न उल्लिखित अपराध का संज्ञान नहीं ले सकता: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी ट्रायल कोर्ट को केवल निजी गवाहों द्वारा दाखिल किए गए हलफनामों (अफिडेविट्स) के आधार पर चार्जशीट में न उल्लिखित अतिरिक्त अपराधों का संज्ञान नहीं लेना चाहिए, बिना जांच रिकॉर्ड...
'आवारा कुत्तों की लगातार मौजूदगी जन सुरक्षा के लिए ख़तरा': सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से कुत्तों को हटाने के लिए जारी किए दिशा-निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने भारत भर में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी जन सुरक्षा के लिए ख़तरा बनी हुई है। कोर्ट ने कहा कि कुत्तों के काटने की बार-बार होने वाली घटनाएं, खासकर शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, परिवहन केंद्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर, गंभीर प्रशासनिक खामियों और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों के सुरक्षा के अधिकार को सुरक्षित रखने में व्यवस्थागत विफलता को उजागर करती हैं।कई मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए, बेंच ने...
राज्य बार काउंसिलों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एडवोकेट शेहला चौधरी द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें भारत भर की सभी राज्य बार काउंसिलों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने की मांग की गई। इसमें रोटेशन के आधार पर कम से कम एक पदाधिकारी का पद भी शामिल है।याचिका में कहा गया,"भारतीय संविधान में लैंगिक समानता का सिद्धांत इसकी प्रस्तावना, मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों और राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों में निहित है। राज्य बार काउंसिलों की सदस्य न होने वाली महिला वकीलों की अनुपस्थिति में...
BREAKING | सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावों में 'विभाजन गुणक' के इस्तेमाल पर रोक लगाई, मृत्यु के समय की आय को ध्यान में रखना अनिवार्य
सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावों के मामलों में मुआवज़े की गणना पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसमें कहा गया कि 'विभाजन गुणक' पद्धति लागू नहीं की जानी चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुआवज़े की गणना केवल मृतक की मृत्यु के समय की आय के आधार पर की जानी चाहिए।कोर्ट ने कहा,"हमारा मानना है कि मुआवज़े की गणना के लिए मृत्यु की तिथि तक की आय को आधार बनाया जाना चाहिए... दूसरे शब्दों में, विभाजन गुणक मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के लिए एक विदेशी अवधारणा है। इसका उपयोग न्यायाधिकरण और/या न्यायालयों द्वारा...
"मीडिया की चर्चा के दीवाने हो गए हो": संविधान (अनुसूचित जातियाँ) आदेश 1950 को चुनौती देने वाले लॉ स्टूडेंट को सुप्रीम कोर्ट की फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक तीसरे वर्ष के क़ानून के छात्र की याचिका को खारिज करते हुए उसे कड़ी फटकार लगाई। छात्र ने 1950 के संविधान (अनुसूचित जातियाँ) आदेश — जो राष्ट्रपति द्वारा पारित आदेश है और जिसमें अनुसूचित जातियों की सूची निर्धारित की गई है — को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की थी।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्य बागची की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता (जो स्वयं पेश हुए थे) से कहा कि पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय वे “फिजूल की याचिका” दाखिल...
क्रिकेटर मोहम्मद शमी को पत्नी की मासिक गुजारा भत्ता बढ़ाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी को उनकी पत्नी द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने और अपनी बेटी के लिए गुजारा भत्ता बढ़ाने की मांग की।पत्नी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 1 जुलाई, 2025 और 25 अगस्त, 2025 के आदेशों को चुनौती दी, जिसमें उनके अंतरिम गुजारा भत्ता को बढ़ाकर ₹1.5 लाख प्रति माह और उनकी नाबालिग बेटी के लिए ₹2.5 लाख प्रति माह कर दिया गया था। शमी की आर्थिक स्थिति और जीवनशैली को देखते हुए यह राशि बेहद अपर्याप्त बताते हुए, जहां ने अपने लिए गुजारा भत्ता...
BREAKING| अकोला दंगों की जांच के लिए हिंदू-मुस्लिम अधिकारियों वाली SIT के गठन के आदेश के पुनर्विचार पर सुप्रीम कोर्ट का खंडित फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसमें 2023 के अकोला दंगों के दौरान हुए एक हमले की जांच में राज्य सरकार की विफलता से संबंधित आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश देने वाले आदेश की पुनर्विचार की मांग की गई थी।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार की उस याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें 11 सितंबर के अपने आदेश की पुनर्विचार की मांग की गई थी। इस आदेश में हमले की जांच में विफल रहने के लिए महाराष्ट्र...
“हम बार पर भरोसा करते हैं, उसे तोड़ें नहीं” — सुप्रीम कोर्ट ने तथ्य छिपाने पर वकीलों को डांटा
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक मामले में तथ्यों को छिपाने (suppression of facts) के लिए प्रत्येक अपीलकर्ता पर ₹10,000 का उदाहरणीय जुर्माना लगाते हुए कहा कि “अदालत का भरोसा बार (वकीलों) द्वारा कभी टूटना नहीं चाहिए।”यह टिप्पणी जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस विपुल एम. पांचोली की खंडपीठ ने तब की, जब एक वकील ने interlocutory application (IA) सूचीबद्ध करने का उल्लेख किया था। अदालत ने उस समय इसे सूचीबद्ध करने की अनुमति दी, लेकिन बाद में पता चला कि उसी मामले में एक review petition (पुनर्विचार याचिका) लंबित...
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व CM अजीत जोगी के बेटे की बरी होने के खिलाफ CBI की अपील पर फिर से विचार करने का आदेश दिया
एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की उस अपील को बहाल कर दिया है, जिसे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राजनीतिक नेता रामअवतार जग्गी की हत्या मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी की बरी होने के खिलाफ खारिज कर दिया था।अमित जोगी की बरी होने के खिलाफ तीन अपीलें दायर की गई थीं — एक सीबीआई द्वारा, और बाकी दो राज्य सरकार व शिकायतकर्ता द्वारा। हाईकोर्ट ने सीबीआई की अपील देरी के आधार पर खारिज कर दी थी, जबकि अन्य दो अपीलों को अवैध (non-maintainable) मानते हुए खारिज किया था। जस्टिस...
देशभर की सड़कों से हटाए जाए आवारा जानवर: सुप्रीम कोर्ट ने आश्रयों में भेजने का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने आज राष्ट्रीय और राज्य प्राधिकरणों को आदेश दिया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से तुरंत आवारा जानवरों, जिनमें मवेशी भी शामिल हैं, को हटाएं।न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन राजमार्गों और सार्वजनिक स्थानों की पहचान करें जहां आवारा जानवर अक्सर दिखाई देते हैं और उन्हें कानून के अनुसार निर्दिष्ट आश्रयों में स्थानांतरित करें। साथ ही, कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि राजमार्गों और समान स्थलों पर नियमित अंतराल पर हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित...
सुप्रीम कोर्ट ने उज्जैन की तकिया मस्जिद के ध्वस्तिकरण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने आज उज्जैन की तकिया मस्जिद से संबंधित याचिका को खारिज कर दिया, जिसे मध्य प्रदेश प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवज़ा देकर ध्वस्त कर दिया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया, जब याचिकाकर्ताओं ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें कहा गया था कि धर्म का पालन करने का अधिकार किसी विशेष स्थान से जुड़ा नहीं होता और मस्जिद वाली भूमि के अधिग्रहण से यह अधिकार प्रभावित नहीं होता। सीनियर एडवोकेट एम.आर. शमशाद ने याचिकाकर्ताओं की...
BREAKING| 'कुत्तों के काटने के मामलों में खतरनाक वृद्धि': सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों, अस्पतालों, बस अड्डों आदि के परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया
"कुत्तों के काटने की घटनाओं में खतरनाक वृद्धि" को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश दिया कि हर शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, सार्वजनिक खेल परिसरों, बस अड्डों और डिपो, रेलवे स्टेशनों आदि में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए उचित बाड़ लगाई जाए।संबंधित स्थानीय स्व-सरकारी संस्थानों की ज़िम्मेदारी होगी कि वे ऐसे संस्थानों/क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को उठाएं और पशु जन्म नियंत्रण नियमों के अनुसार टीकाकरण और नसबंदी के बाद उन्हें निर्दिष्ट कुत्ता आश्रयों में पहुंचाएं। कोर्ट ने आगे आदेश दिया...
BREAKING| MV Act की धारा 166(3) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरणों और हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि वे किसी भी मोटर दुर्घटना मुआवज़ा याचिका को समय-सीमा समाप्त होने के कारण खारिज न करें।कोर्ट ने यह आदेश मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166(3) को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जिसमें दावा याचिका दायर करने के लिए दुर्घटना की तारीख से 6 महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई। यह प्रावधान 2019 के संशोधन द्वारा जोड़ा गया।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ ने कहा कि...
SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 11 नवंबर को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कई राज्यों में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा की गई विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 11 नवंबर की तारीख तय की।एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए अनुरोध किया कि इस पर सोमवार को सुनवाई की जाए। ADR ने बिहार SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका दायर की थी।उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि देश...
NEET-PG 2025 | 'उत्तर कुंजी प्रकाशित करने संबंधी अपनी नीति का खुलासा करें': सुप्रीम कोर्ट ने NBE से पूछा
पारदर्शिता को महत्वपूर्ण कारक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस बात की जांच करेगा कि क्या NEET-PG परीक्षा की उत्तर कुंजी प्रकाशित करने से परीक्षा की शुचिता प्रभावित होगी। साथ ही न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वह NEET-PG 2025 में विसंगतियों के व्यक्तिगत आरोपों पर विचार नहीं करेगा।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस विपुल एम पंचोली की खंडपीठ ने NEET-PG परीक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों को उठाने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें पारदर्शिता के तौर पर उत्तर कुंजी का खुलासा आदि शामिल हैं।शुरुआत...
उम्मीदवार की दोषसिद्धि को छिपाने से चुनाव रद्द, यह अप्रासंगिक है कि खुलासा न करने से परिणाम प्रभावित हुए या नहीं: सुप्रीम कोर्ट
यह देखते हुए कि 'दोषसिद्धि का खुलासा न करना' महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाना है, जो मतदाताओं के सूचित चुनाव करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (6 नवंबर) को एक पूर्व पार्षद की अयोग्यता बरकरार रखी, जिन्होंने चुनावी हलफनामे में अपने आपराधिक इतिहास का खुलासा नहीं किया था कि उन्हें चेक अनादर मामले में दोषी ठहराया गया और एक साल की कैद हुई।पूर्व पार्षद की अपील खारिज करते हुए जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की खंडपीठ ने चुनावी पारदर्शिता के महत्व पर ज़ोर देते हुए...
Delhi NCR Air Pollution | सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तत्काल सुनवाई का अनुरोध ठुकराया
सुप्रीम कोर्ट ने Delhi-NCR में बिगड़ते वायु प्रदूषण संकट पर सोमवार को तत्काल सुनवाई से इनकार किया।वायु प्रदूषण मामले में पेश हुए वकील ने मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया।उन्होंने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया।राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ते वायु प्रदूषण संकट पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा:"Delhi-NCR में वायु गुणवत्ता बिगड़ रही है, जैसा कि माननीय जज भी जानते होंगे। 3 नवंबर को माननीय जज ने आयोग और CPCB को हलफनामा दाखिल...
Air India Crash At Ahmedabad | 'पायलट को कोई दोष नहीं दे सकता': सुप्रीम कोर्ट ने कहा, विदेशी मीडिया की 'घिनौनी रिपोर्टिंग' की निंदा की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मौखिक रूप से कहा कि इस साल जून में अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के लंदन जाने वाले विमान के पायलट को कोई दोष नहीं दिया जा सकता, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ उस दुर्भाग्यपूर्ण विमान के पायलटों में से एक कमांडर सुमीत सभरवाल के पिता पुष्कर राज सभरवाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इस त्रासदी की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की गई।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने...
कानूनी उत्तराधिकारी का नाम रिकॉर्ड में दर्ज न किए जाने पर सुनवाई से पहले मृत पक्षकार के पक्ष में पारित निर्णय अमान्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (6 नवंबर) को कहा कि किसी ऐसे पक्षकार के पक्ष में दिया गया निर्णय, जिसकी सुनवाई से पहले ही मृत्यु हो गई हो, कानूनी रूप से लागू नहीं होता और कानून में उसका कोई प्रभाव नहीं होता।दूसरे शब्दों में, यदि अपीलकर्ता की अपील की सुनवाई से पहले ही मृत्यु हो जाती है तो अपील रद्द हो जाती है।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की खंडपीठ ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें दो प्रतिवादियों ने वादी के पक्ष में पारित ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए प्रथम अपील दायर की थी।...
गिरफ्तारी के लिखित आधार गिरफ्तार व्यक्ति की समझ में आने वाली भाषा में प्रस्तुत न किए जाने पर गिरफ्तारी और रिमांड अवैध: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को उसकी समझ में आने वाली भाषा में गिरफ्तारी के लिखित आधार उपलब्ध न कराने पर गिरफ्तारी और उसके बाद रिमांड अवैध हो जाती है।कोर्ट ने कहा,"गिरफ्तार व्यक्ति द्वारा न समझी जाने वाली भाषा में आधारों का केवल संप्रेषण ही भारत के संविधान के अनुच्छेद 22 के तहत संवैधानिक आदेश को पूरा नहीं करता। गिरफ्तार व्यक्ति द्वारा समझी जाने वाली भाषा में ऐसे आधार प्रदान न करने से संवैधानिक सुरक्षा उपाय भ्रामक हो जाते हैं और भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 के तहत प्रदत्त...




















